Dhatu evam Adhatu Class 10 | Metals and Non-Metals Notes RBSE & CBSE

📅 सोमवार, 8 दिसंबर 2025 📖 3-5 min read
धातु एवं अधातु - कक्षा 10 विज्ञान अध्याय 3 | RBSE Notes Hindi
धातु एवं अधातु

विषय: विज्ञान (Science)
कक्षा: 10
बोर्ड: RBSE (राजस्थान)
अध्याय: 3
अंक भार: 8 marks
महत्वपूर्ण: सक्रियता श्रेणी, धातुकर्म, मिश्रधातु

धातु एवं अधातु

हमारे चारों ओर विभिन्न प्रकार के तत्व पाए जाते हैं। इन तत्वों को उनके भौतिक और रासायनिक गुणों के आधार पर धातु, अधातु और उपधातु में वर्गीकृत किया जाता है।

धातु (Metals)

धातुओं के भौतिक गुण

1. चमक (Lustre)

धातुओं की सतह चमकदार होती है। इसे धात्विक चमक कहते हैं।

उदाहरण: सोना, चांदी, तांबा

नोट: सोडियम और पोटैशियम धातुएं मुलायम होती हैं और चाकू से काटी जा सकती हैं। इन्हें केरोसिन में रखा जाता है क्योंकि ये वायु में तुरंत ऑक्सीकृत हो जाती हैं।

2. कठोरता (Hardness)

अधिकांश धातुएं कठोर होती हैं।

  • सबसे कठोर धातु: क्रोमियम
  • अपवाद: सोडियम (Na) और पोटैशियम (K) मुलायम धातुएं हैं

3. आघातवर्ध्यता (Malleability)

धातुओं को पीटकर पतली चादर (Sheet) बनाया जा सकता है।

  • सर्वाधिक आघातवर्ध्य धातु: सोना (1 ग्राम सोने से 1 वर्ग किमी की चादर)
  • उदाहरण: एल्युमिनियम फॉयल (खाना पैक करने में)

4. तन्यता (Ductility)

धातुओं को खींचकर पतला तार बनाया जा सकता है।

  • सर्वाधिक तन्य धातु: सोना (1 ग्राम सोने से 2 किमी लंबा तार)
  • उदाहरण: तांबे और एल्युमिनियम के तार (विद्युत संचालन में)

5. ऊष्मा और विद्युत चालकता

धातुएं ऊष्मा और विद्युत की सुचालक होती हैं।

गुण सर्वश्रेष्ठ चालक अपवाद
विद्युत चालकता चांदी > तांबा > सोना > एल्युमिनियम सीसा (Lead) - कुचालक
ऊष्मा चालकता चांदी > तांबा > एल्युमिनियम पारा, सीसा - खराब चालक
महत्वपूर्ण: बर्तन तांबे या एल्युमिनियम के बनाए जाते हैं क्योंकि ये ऊष्मा के अच्छे चालक हैं। बर्तन के हैंडल लकड़ी या प्लास्टिक के होते हैं (कुचालक)।

6. ध्वानिक गुण (Sonority)

धातुओं को ठोकने पर विशेष ध्वनि (घंटी जैसी आवाज) निकलती है।

उपयोग: स्कूल की घंटी, मंदिर की घंटी (धातु से बनी)

7. घनत्व और गलनांक

  • उच्च घनत्व: अधिकांश धातुओं का घनत्व अधिक होता है
  • अपवाद: सोडियम (Na) और पोटैशियम (K) जल पर तैरते हैं
  • उच्च गलनांक: अधिकांश धातुएं उच्च ताप पर पिघलती हैं
  • अपवाद: गैलियम और सीज़ियम (हाथ की गर्मी से पिघल जाते हैं)
  • सबसे उच्च गलनांक: टंगस्टन (3422°C) - बल्ब के फिलामेंट में उपयोग

धातुओं के रासायनिक गुण

1. वायु/ऑक्सीजन से अभिक्रिया

धातु + ऑक्सीजन → धातु ऑक्साइड

4Na + O₂ → 2Na₂O (सोडियम ऑक्साइड)
2Mg + O₂ → 2MgO (मैग्नीशियम ऑक्साइड)
4Al + 3O₂ → 2Al₂O₃ (एल्युमिनियम ऑक्साइड)
2Cu + O₂ → 2CuO (कॉपर ऑक्साइड - काला)

विशेष:

  • धातु ऑक्साइड क्षारीय प्रकृति के होते हैं
  • Na और K अत्यधिक क्रियाशील - केरोसिन में रखे जाते हैं
  • Mg वायु में जलती है - चमकीली सफेद रोशनी (फोटोग्राफी में)
  • Fe और Cu धीरे-धीरे संक्षारित होते हैं
1. सबसे प्रचुर धातु:
  • पृथ्वी की भूपर्पटी में: एल्युमिनियम (Al) - 8.3%
  • मानव शरीर में: कैल्शियम (Ca)
2. सबसे प्रचुर अधातु:
  • पृथ्वी की भूपर्पटी में: ऑक्सीजन (O) - 46%
  • वायुमंडल में: नाइट्रोजन (N₂) - 78%
3. एकमात्र द्रव धातु: पारा (Hg) - कमरे के ताप पर 4. एकमात्र द्रव अधातु: ब्रोमीन (Br) - कमरे के ताप पर 5. सबसे हल्की धातु: लिथियम (Li) 6. सबसे भारी धातु: ऑस्मियम (Os) 7. सर्वाधिक तन्य: सोना (Au) 8. सर्वाधिक आघातवर्ध्य: सोना (Au) 9. सर्वोत्तम विद्युत चालक: चांदी (Ag) 10. सर्वोत्तम ऊष्मा चालक: चांदी (Ag) 11. सबसे कठोर प्राकृतिक पदार्थ: हीरा (कार्बन का अपररूप) 12. सबसे कठोर धातु: क्रोमियम (Cr) 13. सबसे मुलायम धातु: सोडियम (Na) और पोटैशियम (K) 14. उच्चतम गलनांक: टंगस्टन (W) - 3422°C 15. निम्नतम गलनांक: पारा (Hg) - (-39°C)

आयनिक यौगिक (Ionic Compounds)

आयनिक यौगिक का निर्माण

धातु और अधातु के बीच इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण से आयनिक यौगिक बनते हैं।

उदाहरण: सोडियम क्लोराइड (NaCl)

Na (2, 8, 1) → Na⁺ (2, 8) + e⁻ [इलेक्ट्रॉन त्यागना]
Cl (2, 8, 7) + e⁻ → Cl⁻ (2, 8, 8) [इलेक्ट्रॉन ग्रहण करना]

Na⁺ + Cl⁻ → NaCl (आयनिक बंध)
उदाहरण: मैग्नीशियम ऑक्साइड (MgO)

Mg (2, 8, 2) → Mg²⁺ (2, 8) + 2e⁻
O (2, 6) + 2e⁻ → O²⁻ (2, 8)

Mg²⁺ + O²⁻ → MgO

आयनिक यौगिकों के गुण

गुण विवरण कारण
भौतिक अवस्था कठोर क्रिस्टलीय ठोस प्रबल आयनिक बंध
गलनांक और क्वथनांक उच्च आयनों के बीच प्रबल स्थिर-विद्युत आकर्षण
विद्युत चालकता (ठोस) कुचालक आयन स्थिर रहते हैं
विद्युत चालकता (गलित या जलीय) सुचालक आयन गतिशील हो जाते हैं
जल में घुलनशीलता अधिकांश घुलनशील ध्रुवीय जल अणु आयनों को घेर लेते हैं
कार्बनिक विलायक में अघुलनशील अध्रुवीय विलायक
भंगुरता भंगुर आयनों की परतें खिसकने पर प्रतिकर्षण
महत्वपूर्ण: आयनिक यौगिक ठोस अवस्था में विद्युत के कुचालक होते हैं क्योंकि आयन स्थिर रहते हैं। लेकिन गलित या जलीय विलयन में विद्युत के सुचालक हो जाते हैं क्योंकि आयन गतिशील हो जाते हैं।

महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1: सोडियम और पोटैशियम को केरोसिन में क्यों रखा जाता है?

उत्तर: सोडियम और पोटैशियम अत्यधिक क्रियाशील धातुएं हैं जो वायु में उपस्थित ऑक्सीजन और नमी से तुरंत अभिक्रिया करती हैं। इसलिए इन्हें केरोसिन में डुबोकर रखा जाता है ताकि ये वायु के संपर्क में न आएं।

प्रश्न 2: एल्युमिनियम की वस्तुओं पर जंग नहीं लगती, क्यों?

उत्तर: एल्युमिनियम की सतह पर ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया करके एल्युमिनियम ऑक्साइड (Al₂O₃) की पतली परत बन जाती है। यह परत एल्युमिनियम को आगे संक्षारित होने से बचाती है।

प्रश्न 3: सोने के आभूषण बनाते समय उसमें तांबा क्यों मिलाया जाता है?

उत्तर: शुद्ध सोना (24 कैरेट) बहुत मुलायम होता है और आसानी से मुड़ या टूट सकता है। इसलिए इसमें तांबा या चांदी मिलाकर कठोर बनाया जाता है जिससे आभूषण मजबूत और टिकाऊ बनें।

प्रश्न 4: आयनिक यौगिक ठोस अवस्था में विद्युत के कुचालक होते हैं लेकिन गलित अवस्था में सुचालक, क्यों?

उत्तर: ठोस अवस्था में आयन एक निश्चित स्थान पर स्थिर रहते हैं और गति नहीं कर सकते। लेकिन गलित अवस्था में आयन गतिशील हो जाते हैं और विद्युत धारा का प्रवाह संभव हो जाता है।

प्रश्न 5: थर्मिट प्रक्रिया क्या है और इसका उपयोग कहां होता है?

उत्तर: थर्मिट प्रक्रिया में एल्युमिनियम चूर्ण द्वारा धातु ऑक्साइड (जैसे Fe₂O₃) का अवकरण किया जाता है। यह अत्यधिक ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है।
समीकरण: Fe₂O₃ + 2Al → 2Fe + Al₂O₃ + ऊष्मा
उपयोग: रेल की पटरियों को जोड़ने में, टूटे हुए मशीन पुर्जों को जोड़ने में।

प्रश्न 6: धातुओं को पीटकर पतली चादर बनाया जा सकता है। यह गुण क्या कहलाता है?

उत्तर: आघातवर्ध्यता (Malleability)। सोना सबसे अधिक आघातवर्ध्य धातु है।

प्रश्न 7: किन धातुओं को तनु अम्ल से हाइड्रोजन विस्थापित नहीं करती?

उत्तर: वे धातुएं जो सक्रियता श्रेणी में हाइड्रोजन से नीचे हैं - कॉपर (Cu), सिल्वर (Ag), गोल्ड (Au), प्लेटिनम (Pt), मर्करी (Hg)।

प्रश्न 8: गैल्वनीकरण क्या है?

उत्तर: लोहे या इस्पात पर जिंक की परत चढ़ाने की प्रक्रिया गैल्वनीकरण कहलाती है। यह लोहे को जंग से बचाती है।

प्रश्न 9: एनोडीकरण क्या है?

उत्तर: एल्युमिनियम पर विद्युत अपघटन द्वारा एल्युमिनियम ऑक्साइड की मोटी परत चढ़ाने की प्रक्रिया एनोडीकरण कहलाती है। यह एल्युमिनियम को संक्षारण से बचाती है।

प्रश्न 10: ग्रेफाइट विद्युत का सुचालक क्यों है?

उत्तर: ग्रेफाइट में कार्बन परमाणु षट्कोणीय परतों में व्यवस्थित होते हैं। प्रत्येक परमाणु तीन अन्य परमाणुओं से बंधित होता है और एक इलेक्ट्रॉन मुक्त रहता है। ये मुक्त इलेक्ट्रॉन विद्युत चालन में सहायक होते हैं।

परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण बिंदु

  1. धातुएं इलेक्ट्रॉन त्यागकर धनायन बनाती हैं
  2. अधातुएं इलेक्ट्रॉन ग्रहण करके ऋणायन बनाती हैं
  3. धातु ऑक्साइड क्षारीय प्रकृति के होते हैं
  4. अधातु ऑक्साइड अम्लीय प्रकृति के होते हैं
  5. सक्रियता श्रेणी: K > Na > Ca > Mg > Al > Zn > Fe > Pb > H > Cu > Hg > Ag > Au > Pt
  6. सोना सबसे अधिक तन्य और आघातवर्ध्य धातु है
  7. चांदी विद्युत और ऊष्मा की सर्वोत्तम चालक है
  8. पारा एकमात्र द्रव धातु है (कमरे के ताप पर)
  9. ब्रोमीन एकमात्र द्रव अधातु है (कमरे के ताप पर)
  10. हीरा सबसे कठोर प्राकृतिक पदार्थ है
  11. ग्रेफाइट एकमात्र अधातु है जो विद्युत का सुचालक है
  12. आयोडीन एकमात्र अधातु है जिसमें धात्विक चमक होती है
  13. थर्मिट अभिक्रिया: Fe₂O₃ + 2Al → 2Fe + Al₂O₃ + ऊष्मा
  14. भर्जन - सल्फाइड अयस्क के लिए (वायु में गर्म करना)
  15. निस्तापन - कार्बोनेट अयस्क के लिए (सीमित वायु में गर्म करना)
  16. अत्यधिक क्रियाशील धातुएं (Na, K, Ca, Mg, Al) - विद्युत अपघटन द्वारा निष्कर्षण
  17. मध्यम क्रियाशील धातुएं (Zn, Fe, Pb, Cu) - कार्बन द्वारा अवकरण
  18. कम क्रियाशील धातुएं (Hg, Ag) - केवल गर्म करने से
  19. गैल्वनीकरण - लोहे पर जिंक की परत
  20. एनोडीकरण - एल्युमिनियम पर ऑक्साइड परत

रासायनिक समीकरण - संक्षिप्त सूची

1. धातु + ऑक्सीजन → धातु ऑक्साइड
4Na + O₂ → 2Na₂O
2Mg + O₂ → 2MgO

2. धातु + जल → धातु हाइड्रॉक्साइड + H₂
2Na + 2H₂O → 2NaOH + H₂↑
Ca + 2H₂O → Ca(OH)₂ + H₂↑

3. धातु + अम्ल → लवण + H₂
Zn + H₂SO₄ → ZnSO₄ + H₂↑
Mg + 2HCl → MgCl₂ + H₂↑

4. विस्थापन अभिक्रिया
Zn + CuSO₄ → ZnSO₄ + Cu↓
Fe + CuSO₄ → FeSO₄ + Cu↓

5. भर्जन
2ZnS + 3O₂ → 2ZnO + 2SO₂↑
2Cu₂S + 3O₂ → 2Cu₂O + 2SO₂↑

6. निस्तापन
ZnCO₃ → ZnO + CO₂↑
CaCO₃ → CaO + CO₂↑

7. अवकरण
ZnO + C → Zn + CO↑
Fe₂O₃ + 3C → 2Fe + 3CO↑

8. थर्मिट अभिक्रिया
Fe₂O₃ + 2Al → 2Fe + Al₂O₃ + ऊष्मा

9. जंग
4Fe + 3O₂ + 2xH₂O → 2Fe₂O₃·xH₂O

10. विद्युत अपघटन
2NaCl (गलित) → 2Na + Cl₂↑

प्रयोगात्मक गतिविधियां

गतिविधि 1: धातुओं की अम्ल के साथ अभिक्रिया
सामग्री: Zn, Mg, Fe, Cu, तनु HCl या H₂SO₄, परखनली
प्रक्रिया: प्रत्येक धातु को अलग-अलग परखनली में लें और तनु अम्ल डालें।
प्रेक्षण:
  • Mg और Zn - तेजी से H₂ गैस निकलती है
  • Fe - धीरे-धीरे H₂ गैस निकलती है
  • Cu - कोई अभिक्रिया नहीं
निष्कर्ष: धातुओं की सक्रियता: Mg > Zn > Fe > Cu
गतिविधि 2: विस्थापन अभिक्रिया
सामग्री: Zn की पत्ती, CuSO₄ विलयन (नीला)
प्रक्रिया: CuSO₄ विलयन में Zn की पत्ती डालें और कुछ समय प्रतीक्षा करें।
प्रेक्षण:
  • नीला रंग धीरे-धीरे फीका पड़ता है
  • Zn की पत्ती पर लाल-भूरी परत चढ़ती है (Cu)
समीकरण: Zn + CuSO₄ → ZnSO₄ + Cu↓
निष्कर्ष: Zn, Cu से अधिक क्रियाशील है
गतिविधि 3: धातु ऑक्साइड की प्रकृति
सामग्री: Mg रिबन, लाल लिटमस पेपर
प्रक्रिया:
  1. Mg रिबन को जलाएं - सफेद MgO राख बनती है
  2. राख को जल में घोलें
  3. लाल लिटमस पेपर डुबोएं
प्रेक्षण: लाल लिटमस नीला हो जाता है
निष्कर्ष: धातु ऑक्साइड क्षारीय प्रकृति के होते हैं

आरेख और चित्र

धातुकर्म के चरण चरण 1 अयस्क का सांद्रण चरण 2 भर्जन/निस्तापन (ऑक्साइड में बदलना) चरण 3 अवकरण (धातु प्राप्त करना) चरण 4 परिष्करण (शुद्धिकरण) विधियां सांद्रण: • गुरुत्वीय पृथक्करण • चुंबकीय पृथक्करण • फेन प्लवन अवकरण: • कार्बन द्वारा (Zn, Fe) • विद्युत अपघटन (Na, Al) • स्वः-अवकरण (Cu)

सारांश

धातु और अधातु तत्वों के दो मुख्य वर्ग हैं जो अपने भौतिक और रासायनिक गुणों में एक-दूसरे से भिन्न होते हैं। धातुएं सामान्यतः चमकीली, कठोर, विद्युत और ऊष्मा की सुचालक होती हैं, जबकि अधातुएं इन गुणों से रहित होती हैं। धातुओं की सक्रियता श्रेणी उनकी रासायनिक क्रियाशीलता को दर्शाती है। अयस्कों से धातुओं का निष्कर्षण धातुकर्म कहलाता है जिसमें सांद्रण, भर्जन/निस्तापन, अवकरण और परिष्करण जैसे चरण शामिल हैं। संक्षारण धातुओं के क्षय की प्रक्रिया है जिसे विभिन्न विधियों द्वारा रोका जा सकता है। मिश्रधातुएं दो या अधिक धातुओं के मिश्रण होते हैं जो विशेष गुण प्रदान करते हैं।


© RBSE कक्षा 10 विज्ञान | अध्याय 3: धातु एवं अधातु
यह नोट्स शैक्षिक उद्देश्य के लिए तैयार किए गए हैं।

उदाहरण: लोहे पर जंग (Rusting)
4Fe + 3O₂ + 2xH₂O → 2Fe₂O₃·xH₂O (हाइड्रेटेड आयरन ऑक्साइड - जंग)

एनोडीकरण (Anodising)

एल्युमिनियम पर मोटी ऑक्साइड परत चढ़ाने की प्रक्रिया जो इसे संक्षारण से बचाती है।

2. जल से अभिक्रिया

धातु + जल → धातु हाइड्रॉक्साइड + हाइड्रोजन गैस

2Na + 2H₂O → 2NaOH + H₂↑ (तीव्र अभिक्रिया)
Ca + 2H₂O → Ca(OH)₂ + H₂↑
Mg + H₂O → MgO + H₂↑ (भाप के साथ)
3Fe + 4H₂O → Fe₃O₄ + 4H₂↑ (लाल तप्त लोहा + भाप)

सक्रियता के आधार पर वर्गीकरण:

  • अत्यधिक क्रियाशील: Na, K, Ca (ठंडे जल के साथ)
  • कम क्रियाशील: Mg, Al, Zn (गर्म जल/भाप के साथ)
  • निष्क्रिय: Fe, Pb, Cu (जल के साथ नहीं)

3. अम्लों से अभिक्रिया

धातु + अम्ल → लवण + हाइड्रोजन गैस

Zn + H₂SO₄ → ZnSO₄ + H₂↑
Mg + 2HCl → MgCl₂ + H₂↑
2Al + 6HCl → 2AlCl₃ + 3H₂↑
Fe + 2HCl → FeCl₂ + H₂↑
नोट: Cu, Ag, Au जैसी धातुएं तनु अम्ल से H₂ विस्थापित नहीं करतीं क्योंकि ये हाइड्रोजन से कम क्रियाशील हैं।

विशेष अभिक्रियाएं:

Cu + 2H₂SO₄(सांद्र) → CuSO₄ + SO₂ + 2H₂O
3Cu + 8HNO₃(तनु) → 3Cu(NO₃)₂ + 2NO↑ + 4H₂O

4. धातु ऑक्साइड की अम्ल से अभिक्रिया

धातु ऑक्साइड + अम्ल → लवण + जल

CuO + 2HCl → CuCl₂ + H₂O
Na₂O + 2HCl → 2NaCl + H₂O
Al₂O₃ + 6HCl → 2AlCl₃ + 3H₂O

निष्कर्ष: धातु ऑक्साइड क्षारीय प्रकृति के होते हैं।

5. धातुओं की अन्य धातुओं के यौगिकों से अभिक्रिया

विस्थापन अभिक्रिया: अधिक क्रियाशील धातु कम क्रियाशील धातु को उसके यौगिक से विस्थापित कर देती है।

Zn + CuSO₄ → ZnSO₄ + Cu↓ (लाल-भूरा)
Fe + CuSO₄ → FeSO₄ + Cu↓
Cu + 2AgNO₃ → Cu(NO₃)₂ + 2Ag↓ (चांदी)
Pb + CuSO₄ → PbSO₄ + Cu↓
नियम: जो धातु सक्रियता श्रेणी में ऊपर है, वह नीचे वाली धातु को विस्थापित कर देती है।

धातुओं की सक्रियता श्रेणी (Reactivity Series)

सक्रियता श्रेणी: धातुओं को उनकी रासायनिक सक्रियता के घटते क्रम में व्यवस्थित करना।

धातुओं की सक्रियता श्रेणी K (पोटैशियम) Na (सोडियम) Ca (कैल्शियम) Mg (मैग्नीशियम) Al (एल्युमिनियम) Zn (जिंक) Fe (आयरन) Pb (लेड) H (हाइड्रोजन) Cu (कॉपर) Hg (मर्करी) Ag (सिल्वर) Au (गोल्ड) Pt (प्लेटिनम) अत्यधिक क्रियाशील मध्यम क्रियाशील कम क्रियाशील सक्रियता घटती है ऊपर की धातु → नीचे की धातु को विस्थापित करती है

सक्रियता श्रेणी का महत्व

  1. विस्थापन अभिक्रिया: ऊपर की धातु नीचे की धातु को विस्थापित करती है
  2. हाइड्रोजन से ऊपर: तनु अम्ल से H₂ विस्थापित करती हैं
  3. हाइड्रोजन से नीचे: तनु अम्ल से H₂ विस्थापित नहीं करतीं
  4. धातु निष्कर्षण: ऊपर की धातुओं को निकालना कठिन (अधिक ऊर्जा चाहिए)
याद रखने की ट्रिक:
"Please Send Charlie's Monkeys And Zebras In Lead Hydrogen Cages Heavily Sealed, Gilded, Packed"
P - Potassium (K)
S - Sodium (Na)
C - Calcium (Ca)
M - Magnesium (Mg)
A - Aluminium (Al)
Z - Zinc (Zn)
I - Iron (Fe)
L - Lead (Pb)
H - Hydrogen (H)
C - Copper (Cu)
H - Mercury (Hg)
S - Silver (Ag)
G - Gold (Au)
P - Platinum (Pt)

अधातु (Non-Metals)

अधातुओं के भौतिक गुण

गुण अधातु में अपवाद
चमक चमकहीन (Dull) आयोडीन और ग्रेफाइट में चमक
कठोरता भंगुर (Brittle) हीरा (सबसे कठोर)
आघातवर्ध्यता नहीं (टूट जाते हैं) कोई नहीं
तन्यता नहीं कोई नहीं
विद्युत चालकता कुचालक ग्रेफाइट (सुचालक)
ऊष्मा चालकता कुचालक कोई नहीं
ध्वानिक गुण नहीं कोई नहीं
भौतिक अवस्था ठोस, द्रव या गैस ब्रोमीन (द्रव अधातु)
कार्बन के अपररूप:
  • हीरा: सबसे कठोर, विद्युत कुचालक, पारदर्शी
  • ग्रेफाइट: मुलायम, विद्युत सुचालक, काला (पेंसिल में उपयोग)
  • फुलरीन: C₆₀ (बकमिनस्टर फुलरीन)

अधातुओं के रासायनिक गुण

1. ऑक्सीजन से अभिक्रिया

अधातु + ऑक्सीजन → अधातु ऑक्साइड

C + O₂ → CO₂ (कार्बन डाइऑक्साइड)
S + O₂ → SO₂ (सल्फर डाइऑक्साइड)
4P + 5O₂ → 2P₂O₅ (फॉस्फोरस पेंटाऑक्साइड)

विशेष: अधातु ऑक्साइड अम्लीय प्रकृति के होते हैं।

CO₂ + H₂O → H₂CO₃ (कार्बोनिक अम्ल)
SO₂ + H₂O → H₂SO₃ (सल्फ्यूरस अम्ल)
P₂O₅ + 3H₂O → 2H₃PO₄ (फॉस्फोरिक अम्ल)

2. जल से अभिक्रिया

अधातुएं सामान्यतः जल से अभिक्रिया नहीं करतीं।

3. अम्लों से अभिक्रिया

अधातुएं अम्लों से हाइड्रोजन विस्थापित नहीं करतीं।

4. क्लोरीन से अभिक्रिया

H₂ + Cl₂ → 2HCl (हाइड्रोजन क्लोराइड - अम्लीय)
2Na + Cl₂ → 2NaCl (सोडियम क्लोराइड - उदासीन)

उपधातु (Metalloids)

उपधातु: वे तत्व जिनमें धातु और अधातु दोनों के गुण पाए जाते हैं।

उदाहरण: बोरॉन (B), सिलिकॉन (Si), जर्मेनियम (Ge), आर्सेनिक (As), एंटिमनी (Sb), टेल्यूरियम (Te)

विशेष: सिलिकॉन और जर्मेनियम का उपयोग अर्धचालकों (Semiconductors) में होता है - कंप्यूटर चिप, सोलर सेल, इलेक्ट्रॉनिक्स में।

धातु और अधातु में अंतर

गुण धातु अधातु
भौतिक अवस्था ठोस (पारे को छोड़कर) ठोस, द्रव या गैस
चमक धात्विक चमक चमकहीन (अपवाद: आयोडीन)
कठोरता कठोर (अपवाद: Na, K) भंगुर (अपवाद: हीरा)
आघातवर्ध्यता हां नहीं
तन्यता हां नहीं
विद्युत चालकता सुचालक कुचालक (अपवाद: ग्रेफाइट)
ध्वानिक गुण हां नहीं
ऑक्साइड की प्रकृति क्षारीय अम्लीय
इलेक्ट्रॉन त्यागना इलेक्ट्रॉन त्यागते हैं (धनायन बनाते हैं) इलेक्ट्रॉन ग्रहण करते हैं (ऋणायन बनाते हैं)
आयनिक यौगिक धातु + अधातु अधातु + अधातु (सहसंयोजक)

अयस्क और खनिज (Ores and Minerals)

खनिज (Minerals)

पृथ्वी की भूपर्पटी में पाए जाने वाले प्राकृतिक पदार्थ जिनमें धातु या धातु यौगिक होते हैं।

अयस्क (Ores)

वे खनिज जिनसे धातु का निष्कर्षण आर्थिक रूप से लाभदायक हो।

महत्वपूर्ण: सभी अयस्क खनिज होते हैं, लेकिन सभी खनिज अयस्क नहीं होते।

प्रमुख धातुओं के अयस्क

धातु अयस्क रासायनिक सूत्र
एल्युमिनियम (Al) बॉक्साइट Al₂O₃·2H₂O
कोरंडम Al₂O₃
क्रायोलाइट Na₃AlF₆
आयरन (Fe) हेमेटाइट Fe₂O₃
मैग्नेटाइट Fe₃O₄
आयरन पाइराइट FeS₂
कॉपर (Cu) कॉपर ग्लांस Cu₂S
कॉपर पाइराइट CuFeS₂
जिंक (Zn) जिंक ब्लेंड ZnS
कैलामाइन ZnCO₃
सोडियम (Na) रॉक साल्ट NaCl
कैल्शियम (Ca) लाइमस्टोन CaCO₃
मैग्नीशियम (Mg) मैग्नेसाइट MgCO₃
सीसा (Pb) गैलेना PbS
पारा (Hg) सिनेबार HgS

धातुकर्म (Metallurgy)

धातुकर्म: अयस्क से धातु का निष्कर्षण और शुद्धिकरण करने की प्रक्रिया।

धातुकर्म के चरण

1. अयस्क का सांद्रण (Concentration of Ore)

अयस्क से अशुद्धियों (मिट्टी, रेत आदि) को हटाना।

विधियां:

  • गुरुत्वीय पृथक्करण: भारी अयस्क और हल्की अशुद्धियों को अलग करना
  • चुंबकीय पृथक्करण: चुंबकीय अयस्क (Fe₃O₄) को अलग करना
  • फेन प्लवन विधि: सल्फाइड अयस्कों के लिए

2. अयस्क का भर्जन और निस्तापन

भर्जन (Roasting): सल्फाइड अयस्क को वायु में गर्म करना

2ZnS + 3O₂ --गर्म-→ 2ZnO + 2SO₂↑
2Cu₂S + 3O₂ --गर्म-→ 2Cu₂O + 2SO₂↑
2PbS + 3O₂ --गर्म-→ 2PbO + 2SO₂↑

निस्तापन (Calcination): कार्बोनेट अयस्क को सीमित वायु में गर्म करना

ZnCO₃ --गर्म-→ ZnO + CO₂↑
CaCO₃ --गर्म-→ CaO + CO₂↑
MgCO₃ --गर्म-→ MgO + CO₂↑

3. धातु का निष्कर्षण (Extraction)

धातु ऑक्साइड को शुद्ध धातु में बदलना। यह अवकरण (Reduction) प्रक्रिया है।

क) कार्बन द्वारा अवकरण (मध्यम क्रियाशील धातुओं के लिए)
ZnO + C → Zn + CO↑
Fe₂O₃ + 3C → 2Fe + 3CO↑
PbO + C → Pb + CO↑
SnO₂ + 2C → Sn + 2CO↑
ख) स्वः-अवकरण (कॉपर के लिए)
2Cu₂O + Cu₂S → 6Cu + SO₂↑
ग) विद्युत अपघटनी अवकरण (अत्यधिक क्रियाशील धातुओं के लिए)

उदाहरण: Na, K, Ca, Mg, Al

2NaCl (गलित) --विद्युत अपघटन-→ 2Na (कैथोड पर) + Cl₂↑ (ऐनोड पर)

थर्मिट अभिक्रिया (Thermite Reaction)

एल्युमिनियम द्वारा धातु ऑक्साइड का अवकरण (अत्यधिक ऊष्माक्षेपी)

Fe₂O₃ + 2Al → 2Fe + Al₂O₃ + ऊष्मा
3MnO₂ + 4Al → 3Mn + 2Al₂O₃ + ऊष्मा

उपयोग:

  • रेल की पटरियों को जोड़ने में
  • टूटे हुए मशीन के पुर्जों को जोड़ने में
  • क्रोमियम और मैंगनीज धातु बनाने में

4. धातु का परिष्करण (Refining)

अशुद्ध धातु को शुद्ध करना।

विधियां:

  • विद्युत अपघटनी परिष्करण: Cu, Ag, Au, Zn आदि
  • आसवन: Hg, Zn (वाष्पशील धातुओं के लिए)
  • द्रवण: Sn, Pb (कम गलनांक वाली धातुओं के लिए)

विद्युत अपघटनी परिष्करण (Electrolytic Refining)

कॉपर का विद्युत अपघटनी परिष्करण अशुद्ध कॉपर ऐनोड (+) शुद्ध कॉपर कैथोड (-) CuSO₄ + H₂SO₄ (विद्युत अपघट्य) ऐनोड मड (Ag, Au, Pt) + - बैटरी Cu²⁺

प्रक्रिया:

  • ऐनोड: अशुद्ध कॉपर की मोटी प्लेट
  • कैथोड: शुद्ध कॉपर की पतली प्लेट
  • विद्युत अपघट्य: CuSO₄ + H₂SO₄ का विलयन

अभिक्रियाएं:

ऐनोड पर: Cu → Cu²⁺ + 2e⁻ (ऑक्सीकरण)
कैथोड पर: Cu²⁺ + 2e⁻ → Cu (अवकरण)

परिणाम:

  • शुद्ध कॉपर कैथोड पर जमा होता है
  • अशुद्धियां (Ag, Au, Pt) ऐनोड मड के रूप में नीचे गिरती हैं
  • घुलनशील अशुद्धियां विलयन में रहती हैं

संक्षारण (Corrosion)

संक्षारण: धातुओं की सतह पर वायु, नमी आदि की क्रिया से धातु का क्षय होना।

उदाहरण

1. लोहे पर जंग लगना (Rusting of Iron)

4Fe + 3O₂ + 2xH₂O → 2Fe₂O₃·xH₂O
(लोहा)                (जंग - हाइड्रेटेड फेरिक ऑक्साइड)

आवश्यक शर्तें:

  • ऑक्सीजन की उपस्थिति
  • नमी/जल की उपस्थिति

2. कॉपर पर हरी परत

2Cu + O₂ + CO₂ + H₂O → Cu(OH)₂ + CuCO₃
(कॉपर)                (बेसिक कॉपर कार्बोनेट - हरा)

3. सिल्वर पर काली परत

4Ag + 2H₂S + O₂ → 2Ag₂S + 2H₂O
(चांदी)             (सिल्वर सल्फाइड - काला)

संक्षारण रोकने के उपाय

  1. पेंट या तेल लगाना: लोहे की वस्तुओं पर
  2. ग्रीस लगाना: मशीन के पुर्जों पर
  3. गैल्वनीकरण: लोहे पर जिंक की परत चढ़ाना
  4. क्रोमियम लेपन: सजावटी वस्तुओं पर (Chromium Plating)
  5. एनोडीकरण: एल्युमिनियम पर मोटी ऑक्साइड परत
  6. मिश्रधातु बनाना: स्टेनलेस स्टील (जंगरोधी)
गैल्वनीकरण (Galvanisation): लोहे या इस्पात पर जिंक की परत चढ़ाना। जिंक लोहे से अधिक क्रियाशील है, इसलिए पहले जिंक संक्षारित होता है और लोहे की रक्षा करता है।

उपयोग: लोहे की बाल्टी, पाइप, छत की चादरें

मिश्रधातु (Alloys)

मिश्रधातु: दो या दो से अधिक धातुओं (या धातु और अधातु) का समांगी मिश्रण।

मिश्रधातु बनाने के उद्देश्य

  1. कठोरता बढ़ाना
  2. संक्षारण प्रतिरोध बढ़ाना
  3. गलनांक को परिवर्तित करना
  4. रंग और चमक बढ़ाना
  5. विशेष गुण प्राप्त करना

प्रमुख मिश्रधातुएं

मिश्रधातु संघटक उपयोग
स्टेनलेस स्टील Fe (74%) + Cr (18%) + Ni (8%) बर्तन, चाकू, सर्जिकल उपकरण
पीतल (Brass) Cu (70%) + Zn (30%) बर्तन, सजावटी सामान, संगीत वाद्य
कांस्य (Bronze) Cu (90%) + Sn (10%) मूर्तियां, सिक्के, घंटी
सोल्डर (Solder) Pb (50%) + Sn (50%) धातुओं को जोड़ना, विद्युत तार जोड़ना
मैग्नेलियम (Magnalium) Al (95%) + Mg (5%) हवाई जहाज, बस, कार के हिस्से
ड्यूरालुमिन Al (94%) + Cu (4%) + Mn (1%) + Mg (1%) हवाई जहाज के ढांचे
जर्मन सिल्वर Cu (60%) + Zn (20%) + Ni (20%) बर्तन, सजावटी सामान (चांदी जैसा)
अमलगम Hg + अन्य धातु दांतों की फिलिंग (Dental Amalgam)
सोने के आभूषण Au (22 या 18 कैरेट) + Cu या Ag आभूषण (कठोरता बढ़ाने के लिए)
गन मेटल Cu (88%) + Sn (10%) + Zn (2%) तोप, बंदूक, मशीन के पुर्जे
विशेष नोट:
  • 24 कैरेट सोना: शुद्ध सोना (100%)
  • 22 कैरेट सोना: 22/24 × 100 = 91.6% शुद्ध सोना
  • 18 कैरेट सोना: 18/24 × 100 = 75% शुद्ध सोना
शुद्ध सोना बहुत मुलायम होता है, इसलिए आभूषण बनाने के लिए इसमें कॉपर या चांदी मिलाई जाती है।

दैनिक जीवन में धातु और अधातु

1. विद्युत तार

  • तांबा: विद्युत का अच्छा चालक, तन्य
  • एल्युमिनियम: हल्का, सस्ता, अच्छा चालक

2. बर्तन

  • एल्युमिनियम: हल्का, ऊष्मा का अच्छा चालक, जंगरोधी
  • स्टेनलेस स्टील: मजबूत, संक्षारण प्रतिरोधी

3. निर्माण कार्य

  • लोहा/इस्पात: इमारत, पुल, रेल की पटरी
  • एल्युमिनियम: खिड़की, दरवाजे के फ्रेम

4. आभूषण

  • सोना, चांदी: सुंदर, चमकदार, संक्षारण प्रतिरोधी

5. थर्मामीटर

  • पारा: कमरे के ताप पर द्रव, तापमान के साथ समान रूप से फैलता है

महत्वपूर्ण तथ्य

महत्वपूर्ण तथ्य और प्रश्नोत्तर

महत्वपूर्ण तथ्य (एक पंक्ति बिंदु)

  1. धातुएं सामान्यतः इलेक्ट्रॉन त्यागकर धनायन बनाती हैं, जबकि अधातुएं इलेक्ट्रॉन ग्रहण करके ऋणायन बनाती हैं।
  2. धातु ऑक्साइड प्रायः क्षारीय या उभयधर्मी होते हैं, जबकि अधातु ऑक्साइड अधिकांशतः अम्लीय प्रकृति के होते हैं।
  3. सोना (Au) सबसे अधिक तन्य और आघातवर्ध्य धातु है, इसलिए इससे अत्यंत पतली चादर और बारीक तार बनाए जा सकते हैं।
  4. चांदी (Ag) ऊष्मा और विद्युत की सर्वोत्तम सुचालक धातु मानी जाती है, परंतु तार सामान्यतः तांबे से बनाए जाते हैं क्योंकि यह सस्ता और पर्याप्त सुचालक है।
  5. पारा (Hg) कमरे के ताप पर पाई जाने वाली एकमात्र द्रव धातु है, जबकि ब्रोमीन (Br) एकमात्र द्रव अधातु है।
  6. ग्रेफाइट विद्युत का सुचालक होने वाली एकमात्र अधातु है; इसमें मुक्त इलेक्ट्रॉन परतों के बीच चलायमान रहते हैं।
  7. हीरा कार्बन का अपररूप है और सबसे कठोर प्राकृतिक पदार्थ माना जाता है।
  8. अत्यधिक क्रियाशील धातुएं (K, Na, Ca, Mg, Al) विद्युत अपघटन द्वारा निकाली जाती हैं क्योंकि इन्हें कार्बन द्वारा अवकरित करना संभव नहीं होता।
  9. मध्यम क्रियाशील धातुएं (Zn, Fe, Pb, Sn, Cu) के ऑक्साइडों का अवकरण कोक या कार्बन मोनोऑक्साइड द्वारा किया जाता है।
  10. कम क्रियाशील धातुएं (Hg, Ag, Au, Pt) प्रायः मुक्त अवस्था में मिलती हैं तथा हल्की गर्मी या रोस्टिंग से प्राप्त की जा सकती हैं।
  11. लोहे पर जंग लगने के लिए ऑक्सीजन और जल (या नमी) दोनों की उपस्थिति अनिवार्य है।
  12. गैल्वनीकरण में लोहे पर जिंक की परत चढ़ाई जाती है, जबकि एनोडीकरण में एल्युमिनियम पर मोटी ऑक्साइड परत बनाई जाती है।
  13. मिश्रधातु दो या अधिक धातुओं अथवा धातु और अधातु का समांगी मिश्रण होता है; उदाहरण: स्टेनलेस स्टील, पीतल, कांस्य, सोल्डर।

संक्षिप्त प्रश्नोत्तर (Exam Focus)

प्रश्न 1: धातु और अधातु को उनके आयनिक व्यवहार के आधार पर परिभाषित कीजिए।

उत्तर: धातु ऐसे तत्व हैं जो रासायनिक अभिक्रियाओं में एक या अधिक इलेक्ट्रॉन त्यागकर धनायन बनाते हैं; जैसे Na → Na⁺ + e⁻, Ca → Ca²⁺ + 2e⁻ आदि। अधातु वे तत्व हैं जो इलेक्ट्रॉन ग्रहण करके ऋणायन बनाते हैं; जैसे Cl + e⁻ → Cl⁻, O + 2e⁻ → O²⁻। इसी कारण धातु इलेक्ट्रोपॉजिटिव और अधातु इलेक्ट्रोनिगेटिव कहलाते हैं।

प्रश्न 2: अत्यधिक क्रियाशील, मध्यम क्रियाशील और कम क्रियाशील धातुओं के उदाहरण लिखिए तथा उनके निष्कर्षण की सामान्य विधि बताइए।

उत्तर: (क) अत्यधिक क्रियाशील धातुएं: K, Na, Ca, Mg, Al – इन्हें उनके पिघले हुए लवणों के विद्युत अपघटन द्वारा प्राप्त किया जाता है; जैसे NaCl (गलित) से Na। (ख) मध्यम क्रियाशील धातुएं: Zn, Fe, Pb, Sn, Cu – इनके ऑक्साइडों का अवकरण कोक या CO द्वारा किया जाता है। (ग) कम क्रियाशील धातुएं: Hg, Ag, Au, Pt – इनके अयस्कों को रोस्टिंग या हल्की गर्मी से सीधे धातु में बदला जा सकता है।

प्रश्न 3: धातुओं की सक्रियता श्रेणी का दो महत्वपूर्ण उपयोग लिखिए।

उत्तर: (क) किसी धातु द्वारा अम्ल से हाइड्रोजन विस्थापन की भविष्यवाणी करने के लिए; हाइड्रोजन से ऊपर की धातुएं तनु अम्ल से H₂ गैस निकालती हैं, नीचे वाली नहीं। (ख) यह जानने के लिए कि कौन‑सी धातु किसी अन्य धातु के लवण विलयन से उसे विस्थापित कर पाएगी; सक्रियता श्रेणी में ऊपर स्थित धातु नीचे स्थित धातु को उसके लवण से विस्थापित कर देती है।

प्रश्न 4: जंग रोकने के दो भौतिक तथा दो रासायनिक उपाय लिखिए।

उत्तर: भौतिक उपाय: (क) लोहे की सतह पर पेंट, तेल या ग्रीस लगाना, (ख) प्लास्टिक या एनामेल कोटिंग करना ताकि वायु और नमी सीधे धातु तक न पहुँच सकें। रासायनिक उपाय: (क) गैल्वनीकरण द्वारा लोहे पर जिंक की बलि परत चढ़ाना, (ख) क्रोमियम प्लेटिंग या स्टेनलेस स्टील जैसी मिश्रधातु बनाकर धातु की संक्षारण‑प्रतिरोध क्षमता बढ़ाना।

प्रश्न 5: मिश्रधातु बनाने के दो प्रमुख लाभ उदाहरण सहित समझाइए।

उत्तर: (क) मिश्रधातु बनाने से धातुओं की कठोरता और संक्षारण‑प्रतिरोध बढ़ता है; जैसे स्टेनलेस स्टील (Fe + Cr + Ni) साधारण लोहे से अधिक जंगरोधी और मजबूत है। (ख) विशेष गुण प्राप्त किए जा सकते हैं; जैसे Pb–Sn सोल्डर का गलनांक कम होने से यह विद्युत तारों को जोड़ने के लिए उपयुक्त है, जबकि शुद्ध Pb या Sn उतना प्रभावी नहीं होता।

प्रयोगात्मक गतिविधियां

गतिविधि 1: धातुओं की अम्ल के साथ अभिक्रियाशीलता

उद्देश्य: Mg, Zn, Fe और Cu की तनु HCl के साथ अभिक्रियाशीलता की तुलना करना।

सामग्री: मैग्नीशियम रिबन, जिंक ग्रैन्यूल, लोहे की कील, तांबे की तार, तनु HCl, चार परखनलियाँ, डिलीवरी ट्यूब, साबुन घोल, स्टैंड।

प्रक्रिया: प्रत्येक परखनली में अलग‑अलग धातु का छोटा टुकड़ा लें। सभी में समान मात्रा में तनु HCl डालें। निकलती गैस को डिलीवरी ट्यूब द्वारा साबुन घोल में प्रवाहित करें और बने बुलबुलों के पास जलती माचिस/तीली ले जाकर H₂ गैस की पहचान कीजिए।

प्रेक्षण: मैग्नीशियम में सबसे तीव्र गति से गैस निकलती है और अधिक ऊष्मा उत्पन्न होती है। जिंक में उससे कम, लोहे में और मंद गैस निकलती है, जबकि तांबे के साथ कोई दृश्यमान अभिक्रिया नहीं होती।

निष्कर्ष: सक्रियता क्रम: Mg > Zn > Fe > Cu। जितनी अधिक सक्रिय धातु होगी, उतनी ही तीव्रता से HCl के साथ अभिक्रिया करके H₂ गैस उत्पन्न करेगी।

गतिविधि 2: विस्थापन अभिक्रिया द्वारा सक्रियता श्रेणी का प्रदर्शन

उद्देश्य: यह दिखाना कि अधिक क्रियाशील धातु कम क्रियाशील धातु को उसके लवण विलयन से विस्थापित कर देती है।

सामग्री: CuSO₄ का नीला विलयन, Zn की पट्टी, Fe की कील, दो परखनलियाँ।

प्रक्रिया: पहली परखनली में CuSO₄ विलयन लें और उसमें जिंक की पट्टी डालें। दूसरी परखनली में CuSO₄ विलयन लेकर उसमें लोहे की कील डालें। दोनों को कुछ समय तक स्थिर रखें और रंग तथा धातु की सतह के परिवर्तन को देखें।

प्रेक्षण: Zn वाली परखनली में नीला रंग धीरे‑धीरे फीका होता है और Zn पर लाल‑भूरे रंग की कॉपर की परत जम जाती है। Fe वाली परखनली में भी समय के साथ Cu की परत दिखती है। Cu को ZnSO₄ या FeSO₄ में डालने पर कोई परिवर्तन नहीं होता।

निष्कर्ष: Zn और Fe, Cu से अधिक क्रियाशील हैं, इसलिए वे Cu²⁺ आयन को विस्थापित कर सकते हैं। सक्रियता श्रेणी में ऊपर की धातु नीचे की धातु को उसके लवण विलयन से विस्थापित कर देती है।

गतिविधि 3: धातु ऑक्साइड की प्रकृति की जाँच

उद्देश्य: MgO जैसे धातु ऑक्साइड के विलयन की अम्ल‑क्षार प्रकृति निर्धारित करना।

सामग्री: मैग्नीशियम रिबन, बन्सन बर्नर/स्पिरिट लैम्प, क्रूसिबल या चीनी प्लेट, जल, बीकर, कांच की रॉड, लाल और नीला लिटमस पेपर।

प्रक्रिया: मैग्नीशियम रिबन को ज्वाला में जलाएँ और बनने वाली सफेद MgO राख को चीनी प्लेट पर इकट्ठा करें। इसे थोड़े से जल में घोलकर Mg(OH)₂ का विलयन तैयार करें। अब इसमें लाल और नीले लिटमस पेपर डुबोकर रंग परिवर्तन देखें।

प्रेक्षण: लाल लिटमस नीला हो जाता है, जबकि नीले लिटमस पर कोई प्रभाव नहीं होता। इससे विलयन क्षारीय सिद्ध होता है।

निष्कर्ष: धातु ऑक्साइड प्रायः क्षारीय प्रकृति के होते हैं और जल में घुलकर धातु हाइड्रॉक्साइड बनाते हैं, जो क्षार हैं।

रासायनिक समीकरणों की संपूर्ण सूची

1. धातु + ऑक्सीजन → धातु ऑक्साइड
2Mg + O₂ → 2MgO
4Al + 3O₂ → 2Al₂O₃
4Na + O₂ → 2Na₂O
2Cu + O₂ → 2CuO

2. धातु + जल → धातु हाइड्रॉक्साइड/ऑक्साइड + हाइड्रोजन
2Na + 2H₂O → 2NaOH + H₂↑
Ca + 2H₂O → Ca(OH)₂ + H₂↑
Mg + H₂O (भाप) → MgO + H₂↑
3Fe + 4H₂O (भाप) → Fe₃O₄ + 4H₂↑

3. धातु + तनु अम्ल → लवण + हाइड्रोजन
Zn + H₂SO₄ (तनु) → ZnSO₄ + H₂↑
Mg + 2HCl → MgCl₂ + H₂↑
Fe + 2HCl → FeCl₂ + H₂↑
2Al + 6HCl → 2AlCl₃ + 3H₂↑

4. विशेष अम्ल अभिक्रियाएं
Cu + 2H₂SO₄ (सांद्र) → CuSO₄ + SO₂↑ + 2H₂O
3Cu + 8HNO₃ (तनु) → 3Cu(NO₃)₂ + 2NO↑ + 4H₂O
Cu + 4HNO₃ (सांद्र) → Cu(NO₃)₂ + 2NO₂↑ + 2H₂O

5. धातु ऑक्साइड + अम्ल → लवण + जल
CuO + 2HCl → CuCl₂ + H₂O
Na₂O + 2HCl → 2NaCl + H₂O
Al₂O₃ + 6HCl → 2AlCl₃ + 3H₂O

6. विस्थापन अभिक्रियाएं
Zn + CuSO₄ → ZnSO₄ + Cu↓
Fe + CuSO₄ → FeSO₄ + Cu↓
Cu + 2AgNO₃ → Cu(NO₃)₂ + 2Ag↓
Pb + CuSO₄ → PbSO₄ + Cu↓

7. भर्जन (Roasting – सल्फाइड अयस्क)
2ZnS + 3O₂ → 2ZnO + 2SO₂↑
2Cu₂S + 3O₂ → 2Cu₂O + 2SO₂↑
2PbS + 3O₂ → 2PbO + 2SO₂↑

8. निस्तापन (Calcination – कार्बोनेट अयस्क)
ZnCO₃ → ZnO + CO₂↑
CaCO₃ → CaO + CO₂↑
MgCO₃ → MgO + CO₂↑

9. कार्बन/CO द्वारा अवकरण
ZnO + C → Zn + CO↑
Fe₂O₃ + 3C → 2Fe + 3CO↑
PbO + C → Pb + CO↑
SnO₂ + 2C → Sn + 2CO↑

10. स्वः‑अवकरण (Self‑reduction)
2Cu₂O + Cu₂S → 6Cu + SO₂↑

11. थर्मिट अभिक्रिया
Fe₂O₃ + 2Al → 2Fe + Al₂O₃ + ऊष्मा
3MnO₂ + 4Al → 3Mn + 2Al₂O₃ + ऊष्मा

12. विद्युत अपघटन
2NaCl (गलित) → 2Na + Cl₂↑
Al₂O₃ (क्रायोलाइट में घुला) --विद्युत अपघटन→ Al + O₂↑

13. संक्षारण
4Fe + 3O₂ + 2xH₂O → 2Fe₂O₃·xH₂O (जंग)
2Cu + O₂ + CO₂ + H₂O → Cu(OH)₂ + CuCO₃ (हरा आवरण)
4Ag + 2H₂S + O₂ → 2Ag₂S + 2H₂O (काली परत)

धातु एवं अधातु – प्रश्न बैंक (कक्षा 10 विज्ञान)


📌 कुल प्रश्न: 18 | उत्तर सहित | बोर्ड परीक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण

Q1. धातु किसे कहते हैं?

Ans: वे तत्व जो ऊष्मा एवं विद्युत के अच्छे सुचालक होते हैं तथा हथौड़े से पीटे जाने पर चादर बनाते हैं, धातु कहलाते हैं।

Q2. अधातु किसे कहते हैं?

Ans: वे तत्व जो ऊष्मा एवं विद्युत के कुचालक होते हैं तथा भंगुर होते हैं, अधातु कहलाते हैं।

Q3. धातुओं का विशिष्ट भौतिक गुण बताइए।

Ans: तन्यता एवं आघातवर्धनीयता (ductile & malleable) – जैसे ताँबा तार तथा एल्युमिनियम फॉइल।

Q4. कौन-सी धातु तरल अवस्था में पाई जाती है?

Ans: पारा (Hg)।

Q5. कौन-सी अधातु विद्युत की अच्छी सुचालक है?

Ans: ग्रेफाइट (Carbon का एक रूप)।

Q6. धातु अम्ल के साथ अभिक्रिया कर क्या बनाती है?

Ans: लवण एवं हाइड्रोजन गैस। (उदाहरण: Zn + HCl → ZnCl₂ + H₂ ↑)

Q7. सोडियम और पोटैशियम को मिट्टी के तेल में क्यों रखा जाता है?

Ans: ये वायु से अत्यधिक अभिक्रियाशील होते हैं और स्वतः आग पकड़ सकते हैं।

Q8. धातुओं के जंग लगने की प्रक्रिया को क्या कहते हैं?

Ans: ऑक्सीकरण या संक्षारण (Corrosion)।

Q9. जंग का रासायनिक सूत्र बताइए।

Ans: Fe₂O₃·xH₂O (Hydrated iron oxide)।

Q10. संक्षारण को रोकने की दो विधियाँ लिखिए।

Ans: पेंटिंग, तेल/ग्रीस लगाना, गैल्वेनाइजेशन, ब्लूइंग।

Q11. मिश्रधातु क्या है?

Ans: दो या अधिक धातुओं (या धातु + अधातु) को मिलाकर बनाया गया ठोस समान मिश्रण मिश्रधातु कहलाता है।

Q12. पीतल किस मिश्रधातु का नाम है?

Ans: ताँबा (Cu) + जस्ता (Zn)।

Q13. धात्विक अभिक्रियाशीलता श्रेणी किसे दर्शाती है?

Ans: धातुओं की सक्रियता का क्रम — कौन सी धातु कितनी तेजी से इलेक्ट्रॉन छोड़कर आयन बनाती है।

Q14. कौन-सी धातु पानी के साथ विस्फोटक रूप से प्रतिक्रिया करती है?

Ans: सोडियम (Na) व पोटैशियम (K)।

Q15. धातुओं की कठोरता का एक अपवाद लिखिए।

Ans: सोडियम बहुत मुलायम होता है, चाकू से काटा जा सकता है।

Q16. सोना और प्लेटिनम को सुशोभन धातु क्यों कहा जाता है?

Ans: क्योंकि ये संक्षारण नहीं करतीं और अपनी चमक लंबे समय तक बनाए रखती हैं।

Q17. धातुओं का विद्युत सुचालक होने का कारण?

Ans: मुक्त इलेक्ट्रॉनों की उपस्थिति के कारण।

Q18. धातु + ऑक्सीजन → ?

Ans: धातु ऑक्साइड। (उदाहरण: 2Mg + O₂ → 2MgO)


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धातु एवं अधातु – MCQ प्रश्न उत्तर सहित (कक्षा 10 विज्ञान)


📌 कुल MCQ: 25 | उत्तर सहित | बोर्ड परीक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण

Q1. निम्न में से कौन सा धातु है?

  • a) सल्फर
  • b) कार्बन
  • c) लोहा
  • d) आयोडीन

Correct Ans: c) लोहा

Q2. कौन सा पदार्थ ऊष्मा और विद्युत का अच्छा सुचालक है?

  • a) फॉस्फोरस
  • b) सोडियम
  • c) सल्फर
  • d) कार्बन डाइऑक्साइड

Correct Ans: b) सोडियम

Q3. कौन-सा अधातु विद्युत का सुचालक है?

  • a) ग्रेफाइट
  • b) सल्फर
  • c) फॉस्फोरस
  • d) क्लोरीन

Correct Ans: a) ग्रेफाइट

Q4. पारा (Hg) किस रूप में पाया जाता है?

  • a) गैस
  • b) ठोस
  • c) द्रव
  • d) प्लाज्मा

Correct Ans: c) द्रव

Q5. धातु अम्ल के साथ अभिक्रिया कर बनाती है –

  • a) लवण + CO₂
  • b) लवण + H₂ गैस
  • c) जल + H₂ गैस
  • d) CO₂ + पानी

Correct Ans: b) लवण + H₂ गैस

Q6. कौन-सी धातु चाकू से काटी जा सकती है?

  • a) लोहा
  • b) पोटैशियम
  • c) तांबा
  • d) एल्यूमिनियम

Correct Ans: b) पोटैशियम

Q7. धातुओं के जंग लगने की प्रक्रिया क्या कहलाती है?

  • a) अपचयन
  • b) ऑक्सीकरण / संक्षारण
  • c) विस्थापन
  • d) संश्लेषण

Correct Ans: b) ऑक्सीकरण / संक्षारण

Q8. जंग का रासायनिक सूत्र है –

  • a) FeO
  • b) Fe₃O₄
  • c) Fe₂O₃·xH₂O
  • d) FeCl₂

Correct Ans: c) Fe₂O₃·xH₂O

Q9. संक्षारण रोकने की उपयुक्त विधि कौन सी है?

  • a) केवल धातु को मोड़ना
  • b) पेंटिंग / तेल लगाना
  • c) धातु को काटना
  • d) गर्म करना

Correct Ans: b) पेंटिंग / तेल लगाना

Q10. मिश्रधातु क्या है?

  • a) अपरिष्कृत धातु
  • b) दो या अधिक धातुओं का मिश्रण
  • c) अधातु का यौगिक
  • d) प्राकृतिक धातु

Correct Ans: b) दो या अधिक धातुओं का मिश्रण

Q11. पीतल किसकी मिश्रधातु है?

  • a) Fe + Ag
  • b) Cu + Sn
  • c) Cu + Zn
  • d) Al + Zn

Correct Ans: c) Cu + Zn

Q12. कौन-सी धातु पानी में विस्फोटक रूप से प्रतिक्रिया करती है?

  • a) Mg
  • b) Na
  • c) Fe
  • d) Zn

Correct Ans: b) Na

Q13. धातुओं के सुचालक होने का कारण–

  • a) प्रोटॉनों की उपस्थिति
  • b) मुक्त इलेक्ट्रॉनों की उपस्थिति
  • c) न्यूट्रॉनों की उपस्थिति
  • d) नाभिक का आकार

Correct Ans: b) मुक्त इलेक्ट्रॉनों की उपस्थिति

Q14. सोना और प्लेटिनम संक्षारण नहीं करते क्योंकि –

  • a) ये नरम तत्व हैं
  • b) ये मिश्रधातु हैं
  • c) ये सुशोभन धातुएँ हैं
  • d) ये अत्यंत कम अभिक्रियाशील हैं

Correct Ans: d) ये अत्यंत कम अभिक्रियाशील हैं

Q15. धातु + ऑक्सीजन →

  • a) लवण
  • b) अम्ल
  • c) क्षार
  • d) धातु ऑक्साइड

Correct Ans: d) धातु ऑक्साइड

Q16. गतिविधि श्रेणी में सबसे अधिक अभिक्रियाशील धातु कौन है?

  • a) Ca
  • b) K
  • c) Mg
  • d) Zn

Correct Ans: b) K

Q17. जल में न डूबने वाली धातु है –

  • a) एल्यूमिनियम
  • b) तांबा
  • c) सोडियम
  • d) पोटैशियम

Correct Ans: c) सोडियम

Q18. कौन सा धातु तार बनाने में उपयोग होता है?

  • a) सल्फर
  • b) कार्बन
  • c) तांबा
  • d) क्लोरीन

Correct Ans: c) तांबा

Q19. धातु को हवा में चमक बनाए रखने हेतु किससे कवर किया जाता है?

  • a) पेंट
  • b) तेल
  • c) गैल्वेनाइजेशन
  • d) उपर्युक्त सभी

Correct Ans: d) उपर्युक्त सभी

Q20. स्टील किस मिश्रधातु का उदाहरण है?

  • a) Cu + Zn
  • b) Fe + C
  • c) Na + K
  • d) Mg + Al

Correct Ans: b) Fe + C

Q21. पिटाई करने पर चादर बन सकने का गुण कहलाता है?

  • a) तन्यता
  • b) आघातवर्धनीयता
  • c) विद्युत चालकता
  • d) संपीड्यता

Correct Ans: b) आघातवर्धनीयता

Q22. तन्यता का अर्थ –

  • a) तार बनाए जा सकना
  • b) मोड़ा जा सकना
  • c) पिघलाया जा सकना
  • d) काटा जा सकना

Correct Ans: a) तार बनाए जा सकना

Q23. धातु + जल →

  • a) अम्ल + लवण
  • b) धातु ऑक्साइड + हाइड्रोजन गैस
  • c) जल + अम्ल
  • d) अम्ल + क्षार

Correct Ans: b) धातु ऑक्साइड + हाइड्रोजन गैस

Q24. कौन-सी धातु बिजली के तारों में सबसे अधिक उपयोग होती है?

  • a) लोहा
  • b) तांबा
  • c) सोडियम
  • d) निकेल

Correct Ans: b) तांबा

Q25. प्लैटिनम किस उपयोग में प्रमुखता से आता है?

  • a) विद्युत मोटर
  • b) जेवरात
  • c) लोहे की चादर
  • d) बैटरी

Correct Ans: b) जेवरात


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धातु vs अधातु – तुलना

Metals vs Non-Metals Metals Non-Metals Good conductors Poor conductors Malleable & Ductile Brittle Form Basic Oxides Form Acidic Oxides

व्याख्या: धातु ऊष्मा व विद्युत के अच्छे सुचालक, तन्य तथा आघातवर्धनीय होती हैं; अधातु इन गुणों में विपरीत होती हैं।

धात्विक अभिक्रियाशीलता श्रेणी (Activity Series)

Activity / Reactivity Series K > Na > Ca > Mg > Al > Zn > Fe > Pb > H > Cu > Hg > Ag > Au ↑ Most Reactive ↓ Least Reactive (Noble Metals)

व्याख्या: इस श्रेणी से पता चलता है कि कौन-सी धातु अधिक सक्रिय है तथा कौन-सी धातु विस्थापन अभिक्रिया में किसे विस्थापित कर सकती है।

लोहा में जंग लगने की प्रक्रिया (Corrosion of Iron)

Rusting of Iron (Fe) Iron (Fe) + O₂ + Moisture Fe₂O₃·xH₂O (Rust) Prevention: Painting • Oiling • Galvanisation

व्याख्या: लोहा नमी व ऑक्सीजन के संपर्क में आने पर हाइड्रेटेड आयरन ऑक्साइड (जंग) बनाता है। इससे धातु कमजोर हो जाती है।

मिश्रधातु – संकल्पना एवं उदाहरण (Alloys)

Alloys (Concept & Uses) ❖ Brass = Copper + Zinc → Electrical fittings ❖ Steel = Iron + Carbon → Construction & tools ❖ Solder = Lead + Tin → Joining wires ❖ Bronze = Copper + Tin → Sculptures • Coins

व्याख्या: दो या अधिक धातुओं को मिलाकर प्राप्त ठोस समांगी मिश्रण मिश्रधातु कहलाता है। मिश्रधातु धातुओं के गुणों को बेहतर बनाते हैं।

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