RPSC & RSMSSB राजस्थान राजव्यवस्था: 100 महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (Rajasthan Polity 100 Important GK Questions with Detailed Solutions)

📅 सोमवार, 8 दिसंबर 2025 📖 3-5 min read

अध्याय 1: राजस्थान की राजव्यवस्था एवं प्रशासन

(सम्पूर्ण 100 प्रश्नोत्तर संग्रह | भाग 1: प्रश्न 1 - 20)

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यह 'प्रतियोगिता विजय तिलक' श्रृंखला का पहला अध्याय है। इसमें हमने राजस्थान की राजव्यवस्था, प्रशासनिक ढाँचे, संवैधानिक आयोगों, पंचायती राज और समसामयिक राजनीतिक घटनाक्रम पर RPSC के नवीनतम पैटर्न पर आधारित 100 सबसे महत्वपूर्ण और गहन प्रश्नों का संकलन किया है। प्रत्येक प्रश्न के साथ विस्तृत और विश्लेषणात्मक व्याख्या दी गई है।

खण्ड 1: प्रमुख आयोग, संवैधानिक संस्थाएँ और प्रशासनिक ढाँचा (Q. 1 - 20)


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प्रश्न 1. लोकायुक्त को हटाने के संबंध में निम्नांकित कथनों पर विचार कीजिए:[span_0](end_span)

    [span_1](start_span)
  1. उसे केवल कदाचार या असमर्थता के आधार पर राज्यपाल द्वारा अपने पद से हटाया जा सकता है।[span_1](end_span)
  2. [span_2](start_span)
  3. ऐसे मामले में, जाँच ऐसे व्यक्ति द्वारा की जाएगी, जो उच्चतम न्यायालय या किसी उच्च न्यायालय का न्यायाधीश हो या रह चुका हो।[span_2](end_span)

उपर्युक्त कथनों में से सही कूट का चयन करें:

  • (1) केवल II सही है।
  • (2) I व II दोनों सही हैं।
  • (3) न तो I, न ही II सही है।
  • (4) केवल I सही है।
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✅ सही उत्तर: (2) I व II दोनों सही हैं।[span_3](end_span)

विस्तृत व्याख्या: राजस्थान लोकायुक्त और उप-लोकायुक्त अधिनियम, 1973 के अनुसार, लोकायुक्त को केवल साबित कदाचार या असमर्थता के आधार पर ही हटाया जा सकता है। हटाने से पहले, आरोपों की जाँच सर्वोच्च न्यायालय या उच्च न्यायालय के वर्तमान या सेवानिवृत्त न्यायाधीश द्वारा की जानी अनिवार्य है।


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प्रश्न 2. राजस्थान राज्य मानव अधिकार आयोग (RSHRC) निम्नलिखित में से किन विषयों पर स्व-संज्ञान (Suo-motu) कार्यवाही कर सकता है?[span_4](end_span)

  1. बलात् श्रम
  2. जोखिमपूर्ण रोज़गार
  3. पारिस्थितिकीय असंतुलन
  4. प्रदूषण से आसपास का वातावरण प्रभावित होना

सही उत्तर का चयन कीजिए:

  • (1) केवल II, III एवं IV
  • (2) केवल I, II एवं III
  • (3) I, II, III एवं IV
  • (4) केवल I, II एवं IV
[span_5](start_span)

✅ सही उत्तर: (3) I, II, III एवं IV[span_5](end_span)

विस्तृत व्याख्या: राज्य मानव अधिकार आयोग जीवन, स्वतंत्रता, समानता और सम्मान के अधिकार से जुड़े किसी भी मामले में स्व-संज्ञान ले सकता है। इसमें बलात् श्रम और जोखिमपूर्ण रोजगार जैसे प्रत्यक्ष उल्लंघनों के साथ-साथ पारिस्थितिकीय असंतुलन और गंभीर प्रदूषण जैसे पर्यावरणीय मुद्दे भी शामिल हैं जो अंततः जीवन के अधिकार को प्रभावित करते हैं।


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प्रश्न 3. राजस्थान की निम्नलिखित संस्थाओं पर विचार कीजिए और संवैधानिक संस्थाएँ (Constitutional bodies) छाँटिए:[span_6](end_span)

  1. राजस्थान लोकसेवा आयोग (RPSC)
  2. राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान
  3. राज्य मानवाधिकार आयोग, राजस्थान
  4. राज्य वित्त आयोग, राजस्थान
  5. लोकायुक्त

सही कूट का चयन करें:

  • (1) I, II तथा III
  • (2) II, III तथा IV
  • (3) I, II तथा IV
  • (4) I, II तथा V
[span_7](start_span)

✅ सही उत्तर: (3) I, II तथा IV[span_7](end_span)

विस्तृत व्याख्या: RPSC (अनुच्छेद 315), राज्य निर्वाचन आयोग (अनुच्छेद 243K/ZA) और राज्य वित्त आयोग (अनुच्छेद 243I/Y) संवैधानिक निकाय हैं। जबकि राज्य मानवाधिकार आयोग और लोकायुक्त वैधानिक (Statutory) निकाय हैं, जिनका गठन विधानसभा के अधिनियमों द्वारा हुआ है।


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प्रश्न 4. राजस्थान में 'वार्ड सभा' (Ward Sabha) का निम्नांकित में से कौन सा कृत्य (Function) नहीं है?[span_8](end_span)

    [span_9](start_span)
  • (1) विकास स्कीमों के प्रभावी क्रियान्वयन में सहायता करना।[span_9](end_span)
  • [span_10](start_span)
  • (2) ग्राम विकास अधिकारी (VDO) पर नियंत्रण रखना।[span_10](end_span)
  • [span_11](start_span)
  • (3) सभी सामाजिक सेक्टरों की संस्थाओं और कृत्यकारियों पर नियंत्रण रखना।[span_11](end_span)
  • [span_12](start_span)
  • (4) लोगों के विभिन्न समूहों में सौहार्द और एकता को बढ़ाना।[span_12](end_span)
[span_13](start_span)

✅ सही उत्तर: (2) ग्राम विकास अधिकारी (VDO) पर नियंत्रण रखना।[span_13](end_span)

विस्तृत व्याख्या: वार्ड सभा पंचायती राज की सबसे बुनियादी इकाई है। यह विकास योजनाओं में मदद करती है और सामाजिक समरसता बढ़ाती है। लेकिन, ग्राम विकास अधिकारी (VDO) एक सरकारी कर्मचारी है, जिस पर प्रशासनिक नियंत्रण ग्राम पंचायत और उच्च अधिकारियों का होता है, न कि सीधे वार्ड सभा का।


[span_14](start_span)

प्रश्न 5. निम्नलिखित में से कौन मई, 1949 में जयपुर में सामान्य सचिवालय के विभिन्न सेक्शनों के गठन के बारे में प्रस्ताव बनाने हेतु गठित समिति का अध्यक्ष था?[span_14](end_span)

  • (1) एस. के. [span_15](start_span)घोष[span_15](end_span)
  • (2) डी.आर. प्रधान
  • (3) पी.एन. कौल
  • (4) देवीशंकर तिवारी

✅ सही उत्तर: (1) एस. के. [span_16](start_span)घोष[span_16](end_span)

विस्तृत व्याख्या: राजस्थान एकीकरण के बाद, जयपुर में राज्य सचिवालय की स्थापना और उसके विभिन्न विभागों/अनुभागों के गठन के लिए 1949 में एक उच्च-स्तरीय समिति बनाई गई थी। इस समिति की अध्यक्षता एस. के. घोष ने की थी।


[span_17](start_span)

प्रश्न 6. अंतर-राज्यीय विवादों से संबंधित प्रकरणों को शासन-सचिवालय में किस विभाग/कार्यालय द्वारा देखा जाता है?[span_17](end_span)

    [span_18](start_span)
  • (1) गृह विभाग[span_18](end_span)
  • (2) मुख्यमंत्री कार्यालय
  • (3) राजस्व विभाग
  • (4) सामान्य प्रशासन विभाग
[span_19](start_span)

✅ सही उत्तर: (4) सामान्य प्रशासन विभाग[span_19](end_span)

विस्तृत व्याख्या: राजस्थान शासन सचिवालय में 'सामान्य प्रशासन विभाग' (GAD) मुख्य सचिव के सीधे नियंत्रण में कार्य करता है। अंतर-राज्यीय विवाद, केंद्र-राज्य संबंध, प्रोटोकॉल और राज्य अतिथियों से संबंधित मामले इसी विभाग द्वारा देखे जाते हैं।


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प्रश्न 7. राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 के प्रावधानों के अनुसार निम्नलिखित में से कौन, आवश्यक होने पर, पंचायत या पंचायत समिति के संकल्प को तुरन्त निलम्बित कर सकता है?[span_20](end_span)

    [span_21](start_span)
  • (1) जिला कलक्टर[span_21](end_span)
  • (2) मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद्
  • (3) उप-खण्ड अधिकारी
  • (4) खण्ड विकास अधिकारी
[span_22](start_span)

✅ सही उत्तर: (1) जिला कलक्टर[span_22](end_span)

विस्तृत व्याख्या: राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 के तहत, यदि किसी ग्राम पंचायत या पंचायत समिति का कोई संकल्प कानून के विपरीत है या उससे शांति भंग होने की आशंका है, तो जिला कलक्टर उसे लिखित आदेश द्वारा तुरंत निलंबित कर सकता है।


[span_23](start_span)

प्रश्न 8. सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अधीन, व्यक्ति के 'जीवन या स्वतंत्रता' से सरोकार रखने वाली सूचना उपलब्ध करवाने की समय-सीमा क्या है?[span_23](end_span)

    [span_24](start_span)
  • (1) 48 घंटे[span_24](end_span)
  • (2) 24 घंटे
  • (3) 36 घंटे
  • (4) 12 घंटे
[span_25](start_span)

✅ सही उत्तर: (1) 48 घंटे[span_25](end_span)

विस्तृत व्याख्या: RTI अधिनियम के तहत सामान्यतः सूचना 30 दिनों में देनी होती है। [span_26](start_span)परन्तु, यदि सूचना किसी व्यक्ति के 'जीवन या स्वतंत्रता' से संबंधित है, तो उसे 48 घंटों के भीतर उपलब्ध करवाना अनिवार्य है।[span_26](end_span)


[span_27](start_span)

प्रश्न 9. राजस्थान सुनवाई का अधिकार अधिनियम, 2012 के प्रावधानों के अनुसार निम्नलिखित युग्मों में से कौन सा सुमेलित नहीं है?[span_27](end_span)

क्रम प्रथम अपीलीय अधिकारी द्वितीय अपीलीय अधिकारी
(1) आयुक्त, नगर निगम प्रभारी सचिव, LSG विभाग
(2) E.O., नगरपालिका बोर्ड जिला लोक शिकायत एवं सतर्कता उप-समिति
(3) उपखण्ड अधिकारी (राजस्व) संभागीय आयुक्त
(4) आयुक्त, नगर परिषद् संभागीय आयुक्त

उपर्युक्त में से कौन सा युग्म गलत सुमेलित है?

[span_28](start_span)

✅ सही उत्तर: (3) उपखण्ड अधिकारी (राजस्व) - संभागीय आयुक्त[span_28](end_span)

विस्तृत व्याख्या: यदि प्रथम अपीलीय अधिकारी 'उपखण्ड अधिकारी' (SDO) है (राजस्व मामलों में), तो द्वितीय अपीलीय अधिकारी 'जिला कलक्टर' होता है, न कि संभागीय आयुक्त।


[span_29](start_span)

प्रश्न 10. 'जन सूचना पोर्टल' के संबंध में निम्नांकित कथनों पर विचार कीजिए:[span_29](end_span)

  1. इस पोर्टल से सूचना प्राप्त करने के लिए एस.एस.ओ. आई.डी. (SSO-ID) [span_30](start_span)की ज़रूरत है।[span_30](end_span)
  2. [span_31](start_span)
  3. इस पोर्टल के माध्यम से ई-मित्र पर सूचना प्राप्त करने का कोई शुल्क नहीं है।[span_31](end_span)

उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?

    [span_32](start_span)
  • (1) केवल II सही है।[span_32](end_span)
  • (2) I व II दोनों सही हैं।
  • (3) न तो I, न ही II सही है।
  • (4) केवल I सही है।
[span_33](start_span)

✅ सही उत्तर: (1) केवल II सही है।[span_33](end_span)

विस्तृत व्याख्या: 'जन सूचना पोर्टल' एक खुला पोर्टल है। इससे सूचना प्राप्त करने के लिए SSO-ID की आवश्यकता नहीं होती है (कथन 1 गलत)। यह पोर्टल आम जनता के लिए पूरी तरह निःशुल्क है, यहां तक कि ई-मित्र के माध्यम से भी (कथन 2 सही)।


[span_34](start_span)

प्रश्न 11. सुशासन के आयामों के निम्नलिखित समूहों में से कौन सा "राजस्थान सम्पर्क 2.0" का उद्देश्य नहीं है?[span_34](end_span)

    [span_35](start_span)
  • (1) शिकायत निवारण, संचार, नागरिकों के प्रति संवेदनशीलता[span_35](end_span)
  • (2) पारदर्शिता, जवाबदेयता, संचार
  • (3) संचार, नागरिकों के प्रति संवेदनशीलता, पारदर्शिता
  • (4) मजबूत वितरण प्रणाली, पारदर्शिता, शिकायत निवारण
[span_36](start_span)[span_37](start_span)

✅ सही उत्तर: (4) मजबूत वितरण प्रणाली, पारदर्शिता, शिकायत निवारण[span_36](end_span)[span_37](end_span)

विस्तृत व्याख्या: 'राजस्थान सम्पर्क' एक शिकायत निवारण पोर्टल है। इसका उद्देश्य पारदर्शिता, जवाबदेयता, और संचार के माध्यम से शिकायतों का समाधान करना है। 'मजबूत वितरण प्रणाली' (Strong distribution system) इसका प्रत्यक्ष उद्देश्य नहीं है, यह अन्य विभागों का कार्य है।


प्रश्न 12. भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के तहत राजस्थान में 'महाधिवक्ता' (Advocate General) की नियुक्ति की जाती है?

  • (1) अनुच्छेद 165
  • (2) अनुच्छेद 76
  • (3) अनुच्छेद 148
  • (4) अनुच्छेद 213

✅ सही उत्तर: (1) अनुच्छेद 165

विस्तृत व्याख्या: संविधान के अनुच्छेद 165 के अनुसार, राज्यपाल राज्य के लिए एक महाधिवक्ता की नियुक्ति करता है। वह राज्य का सर्वोच्च विधि अधिकारी होता है। (अनुच्छेद 76 भारत के महान्यायवादी से संबंधित है)।


प्रश्न 13. राजस्थान में जिला प्रशासन के प्रमुख, 'जिला कलक्टर' के पद का सृजन किस गवर्नर जनरल के कार्यकाल में हुआ था?

  • (1) लॉर्ड कार्नवालिस
  • (2) वारेन हेस्टिंग्स
  • (3) लॉर्ड वेलेजली
  • (4) लॉर्ड विलियम बेंटिक

✅ सही उत्तर: (2) वारेन हेस्टिंग्स

विस्तृत व्याख्या: भारत में जिला कलक्टर के पद का सृजन 1772 में वारेन हेस्टिंग्स द्वारा किया गया था। इसका प्रारंभिक उद्देश्य मुख्य रूप से राजस्व एकत्र करना था।


प्रश्न 14. संविधान के अनुच्छेद 163 के अनुसार, राज्यपाल को सहायता और सलाह देने के लिए एक मंत्रिपरिषद होगी, जिसका प्रधान होगा:

  • (1) मुख्य सचिव
  • (2) मुख्यमंत्री
  • (3) विधानसभा अध्यक्ष
  • (4) गृह मंत्री

✅ सही उत्तर: (2) मुख्यमंत्री

विस्तृत व्याख्या: अनुच्छेद 163(1) के अनुसार, राज्यपाल को अपने कृत्यों का प्रयोग करने में सहायता और सलाह देने के लिए एक मंत्रिपरिषद होगी, जिसका प्रधान 'मुख्यमंत्री' (Chief Minister) होगा।


प्रश्न 15. राजस्थान विधानसभा में 'प्रक्रिया तथा कार्य संचालन नियमों' के अनुसार, सदन की बैठक के लिए गणपूर्ति (Quorum) कितनी है?

  • (1) कुल सदस्य संख्या का 1/5 भाग
  • (2) कुल सदस्य संख्या का 1/3 भाग
  • (3) कुल सदस्य संख्या का 1/10 भाग
  • (4) 25 सदस्य

✅ सही उत्तर: (3) कुल सदस्य संख्या का 1/10 भाग

विस्तृत व्याख्या: विधानसभा की किसी भी बैठक को वैध रूप से संचालित करने के लिए कुल सदस्य संख्या (राजस्थान में 200) का कम से कम 1/10 भाग यानी 20 सदस्यों का उपस्थित होना अनिवार्य है।


प्रश्न 16. राजस्थान में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव लड़ने के लिए न्यूनतम आयु सीमा क्या है?

  • (1) 18 वर्ष
  • (2) 25 वर्ष
  • (3) 21 वर्ष
  • (4) 30 वर्ष

✅ सही उत्तर: (3) 21 वर्ष

विस्तृत व्याख्या: राजस्थान पंचायती राज अधिनियम के अनुसार, पंच, सरपंच, या किसी भी स्तर का चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 21 वर्ष होनी चाहिए। (मतदान की आयु 18 वर्ष है)।


प्रश्न 17. 74वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा नगरीय निकायों (Urban Local Bodies) को संवैधानिक दर्जा दिया गया। यह अधिनियम कब लागू हुआ?

  • (1) 1 जून, 1993
  • (2) 24 अप्रैल, 1993
  • (3) 15 अगस्त, 1993
  • (4) 26 जनवरी, 1994

✅ सही उत्तर: (1) 1 जून, 1993

विस्तृत व्याख्या: 74वां संविधान संशोधन अधिनियम, 1992, जो नगरीय निकायों से संबंधित है, 1 जून, 1993 से प्रभावी (लागू) हुआ। (जबकि 73वां संशोधन 24 अप्रैल 1993 को लागू हुआ था, जिसे पंचायती राज दिवस के रूप में मनाया जाता है)।


प्रश्न 18. राजस्थान में 'राज्य महिला आयोग' (State Commission for Women) का गठन किस वर्ष किया गया था?

  • (1) 1995
  • (2) 1999
  • (3) 2001
  • (4) 1992

✅ सही उत्तर: (2) 1999

विस्तृत व्याख्या: राजस्थान राज्य महिला आयोग एक वैधानिक निकाय है, जिसका गठन 'राजस्थान राज्य महिला आयोग अधिनियम, 1999' के तहत 15 मई, 1999 को किया गया था। इसका उद्देश्य महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और उनके कल्याण को बढ़ावा देना है।


प्रश्न 19. मुख्य सचिव की सेवानिवृत्ति आयु क्या होती है?

  • (1) 60 वर्ष
  • (2) 62 वर्ष
  • (3) 65 वर्ष
  • (4) कोई निश्चित आयु नहीं, यह मुख्यमंत्री के विवेक पर निर्भर करता है।

✅ सही उत्तर: (1) 60 वर्ष

विस्तृत व्याख्या: मुख्य सचिव एक IAS अधिकारी होता है, और भारतीय प्रशासनिक सेवा के नियमों के अनुसार उनकी सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष होती है। हालाँकि, राज्य सरकार केंद्र की अनुमति से विशेष परिस्थितियों में उनके कार्यकाल को कुछ समय के लिए बढ़ा सकती है (extension दे सकती है)।


प्रश्न 20. राजस्थान लोक सेवा गारंटी अधिनियम, 2011 (Rajasthan Public Service Guarantee Act, 2011) कब लागू हुआ?

  • (1) 14 नवंबर, 2011
  • (2) 2 अक्टूबर, 2011
  • (3) 15 अगस्त, 2011
  • (4) 26 जनवरी, 2012

✅ सही उत्तर: (1) 14 नवंबर, 2011

विस्तृत व्याख्या: राजस्थान लोक सेवा गारंटी अधिनियम, 2011 को नागरिकों को समयबद्ध रूप से सार्वजनिक सेवाएं प्रदान करने की गारंटी देने के लिए लाया गया था। यह अधिनियम 14 नवंबर, 2011 (बाल दिवस) से पूरे राज्य में लागू हुआ।


अध्याय 1: राजस्थान की राजव्यवस्था एवं प्रशासन

(100 अतिमहत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर | विस्तृत व्याख्या सहित)

RPSC & RSMSSB परीक्षाओं के लिए | Sarkari Service Prep™

यह 'प्रतियोगिता विजय तिलक' श्रृंखला का पहला अध्याय है। इसमें हमने राजस्थान की राजव्यवस्था, प्रशासनिक ढाँचे, संवैधानिक आयोगों, पंचायती राज और समसामयिक राजनीतिक घटनाक्रम पर RPSC के नवीनतम पैटर्न पर आधारित 100 सबसे महत्वपूर्ण और गहन प्रश्नों का संकलन किया है। प्रत्येक प्रश्न के साथ विस्तृत और विश्लेषणात्मक व्याख्या दी गई है।

खण्ड 1: प्रमुख आयोग, संवैधानिक संस्थाएँ और प्रशासनिक ढाँचा (Q. 1 - 30)

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प्रश्न 1. लोकायुक्त को हटाने के संबंध में निम्नांकित कथनों पर विचार कीजिए:[span_0](end_span)

    [span_1](start_span)
  1. उसे केवल कदाचार या असमर्थता के आधार पर राज्यपाल द्वारा अपने पद से हटाया जा सकता है।[span_1](end_span)
  2. [span_2](start_span)
  3. ऐसे मामले में, जाँच ऐसे व्यक्ति द्वारा की जाएगी, जो उच्चतम न्यायालय या किसी उच्च न्यायालय का न्यायाधीश हो या रह चुका हो।[span_2](end_span)

उपर्युक्त कथनों में से सही कूट का चयन करें:

  • (1) केवल II सही है।
  • (2) I व II दोनों सही हैं।
  • (3) न तो I, न ही II सही है।
  • (4) केवल I सही है।
[span_3](start_span)

✅ सही उत्तर: (2) I व II दोनों सही हैं।[span_3](end_span)

[span_4](start_span)विस्तृत व्याख्या: राजस्थान लोकायुक्त और उप-लोकायुक्त अधिनियम, 1973 के अनुसार, लोकायुक्त को केवल साबित कदाचार (misbehaviour) या असमर्थता (incapacity) के आधार पर ही राज्यपाल द्वारा हटाया जा सकता है।[span_4](end_span) हटाने से पहले, आरोपों की जाँच सर्वोच्च न्यायालय या उच्च न्यायालय के वर्तमान या सेवानिवृत्त न्यायाधीश द्वारा की जानी अनिवार्य है। जाँच के बाद विधानसभा में विशेष बहुमत से प्रस्ताव पारित होने पर ही उन्हें हटाया जा सकता है।
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प्रश्न 2. राजस्थान राज्य मानव अधिकार आयोग (RSHRC) निम्नलिखित में से किन विषयों पर स्व-संज्ञान (Suo-motu) कार्यवाही कर सकता है?[span_5](end_span)

  1. बलात् श्रम (Forced labour)
  2. जोखिमपूर्ण रोज़गार (Hazardous employment)
  3. पारिस्थितिकीय असंतुलन (Ecological disturbances)
  4. प्रदूषण से आसपास का वातावरण प्रभावित होना

सही उत्तर का चयन कीजिए:

  • (1) केवल II, III एवं IV
  • (2) केवल I, II एवं III
  • (3) I, II, III एवं IV
  • (4) केवल I, II एवं IV
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✅ सही उत्तर: (3) I, II, III एवं IV[span_6](end_span)

विस्तृत व्याख्या: राज्य मानव अधिकार आयोग का जनादेश व्यापक है। वह जीवन, स्वतंत्रता, समानता और सम्मान के अधिकार से जुड़े किसी भी मामले में स्व-संज्ञान ले सकता है। [span_7](start_span)इसमें बलात् श्रम और जोखिमपूर्ण रोजगार जैसे सीधे उल्लंघनों के साथ-साथ पारिस्थितिकीय असंतुलन और गंभीर प्रदूषण जैसे पर्यावरणीय मुद्दे भी शामिल हैं जो अंततः नागरिकों के 'जीवन के अधिकार' को प्रभावित करते हैं।[span_7](end_span)
[span_8](start_span)

प्रश्न 3. राजस्थान की निम्नलिखित संस्थाओं पर विचार कीजिए और संवैधानिक संस्थाएँ (Constitutional bodies) छाँटिए:[span_8](end_span)

  1. राजस्थान लोकसेवा आयोग (RPSC)
  2. राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान (SEC)
  3. राज्य मानवाधिकार आयोग, राजस्थान (SHRC)
  4. राज्य वित्त आयोग, राजस्थान (SFC)
  5. लोकायुक्त (Lokayukta)

सही कूट का चयन करें:

  • (1) I, II तथा III
  • (2) II, III तथा IV
  • (3) I, II तथा IV
  • (4) I, II तथा V
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✅ सही उत्तर: (3) I, II तथा IV[span_9](end_span)

विस्तृत व्याख्या: संवैधानिक संस्थाएँ वे हैं जिनका उल्लेख संविधान के अनुच्छेदों में है।
    [span_10](start_span)
  • (I) RPSC: अनुच्छेद 315 के तहत संवैधानिक।[span_10](end_span)
  • (II) राज्य निर्वाचन आयोग: अनुच्छेद 243K और 243ZA के तहत संवैधानिक।
  • (IV) राज्य वित्त आयोग: अनुच्छेद 243I और 243Y के तहत संवैधानिक।
  • राज्य मानवाधिकार आयोग (III) और लोकायुक्त (V) वैधानिक (Statutory) निकाय हैं, जो संसदीय/विधानसभा अधिनियमों द्वारा गठित हैं।
[span_11](start_span)

प्रश्न 5. निम्नलिखित में से कौन मई, 1949 में जयपुर में सामान्य सचिवालय के विभिन्न सेक्शनों के गठन के बारे में प्रस्ताव बनाने हेतु गठित समिति का अध्यक्ष था?[span_11](end_span)

  • (1) एस. के. [span_12](start_span)घोष[span_12](end_span)
  • (2) डी.आर. प्रधान
  • (3) पी.एन. कौल
  • (4) देवीशंकर तिवारी

✅ सही उत्तर: (1) एस. के. [span_13](start_span)घोष[span_13](end_span)

विस्तृत व्याख्या: राजस्थान एकीकरण के बाद, जयपुर में राज्य सचिवालय की स्थापना और उसके विभिन्न विभागों के गठन के लिए 1949 में एक समिति बनाई गई थी। इस समिति की अध्यक्षता एस. के. घोष (S.K. Ghosh) ने की थी। यह राजस्थान के प्रशासनिक इतिहास का एक महत्वपूर्ण प्रश्न है।
[span_14](start_span)

प्रश्न 6. अंतर-राज्यीय विवादों से संबंधित प्रकरणों को शासन-सचिवालय में किस विभाग/कार्यालय द्वारा देखा जाता है?[span_14](end_span)

    [span_15](start_span)
  • (1) गृह विभाग[span_15](end_span)
  • (2) मुख्यमंत्री कार्यालय
  • (3) राजस्व विभाग
  • (4) सामान्य प्रशासन विभाग
[span_16](start_span)

✅ सही उत्तर: (4) सामान्य प्रशासन विभाग[span_16](end_span)

विस्तृत व्याख्या: राजस्थान शासन सचिवालय में 'सामान्य प्रशासन विभाग' (General Administration Department - GAD) मुख्य सचिव के सीधे नियंत्रण में कार्य करता है। अंतर-राज्यीय विवाद, केंद्र-राज्य संबंध, प्रोटोकॉल और राज्य अतिथियों से संबंधित मामले इसी विभाग द्वारा देखे जाते हैं।
[span_17](start_span)

प्रश्न 8. सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अधीन, व्यक्ति के 'जीवन या स्वतंत्रता' से सरोकार रखने वाली सूचना उपलब्ध करवाने की समय-सीमा क्या है?[span_17](end_span)

    [span_18](start_span)
  • (1) 48 घंटे[span_18](end_span)
  • (2) 24 घंटे
  • (3) 36 घंटे
  • (4) 12 घंटे
[span_19](start_span)

✅ सही उत्तर: (1) 48 घंटे[span_19](end_span)

विस्तृत व्याख्या: RTI अधिनियम, 2005 की धारा 7(1) के अनुसार, सामान्यतः सूचना 30 दिनों के भीतर देनी होती है। [span_20](start_span)परन्तु, यदि सूचना किसी व्यक्ति के 'जीवन या स्वतंत्रता' (Life or Liberty) से संबंधित है, तो उसे आवेदन प्राप्ति के 48 घंटों के भीतर अनिवार्य रूप से उपलब्ध करवाया जाना चाहिए।[span_20](end_span)
[span_21](start_span)

प्रश्न 9. राजस्थान सुनवाई का अधिकार अधिनियम, 2012 के प्रावधानों के अनुसार निम्नलिखित युग्मों में से कौन सा सुमेलित नहीं है?[span_21](end_span)

क्रम प्रथम अपीलीय अधिकारी द्वितीय अपीलीय अधिकारी
(1) आयुक्त, नगर निगम प्रभारी सचिव, स्थानीय स्वायत्त शासन विभाग
(2) कार्यपालक अधिकारी, नगरपालिका बोर्ड जिला लोक शिकायत एवं सतर्कता उप-समिति
(3) उपखण्ड अधिकारी (राजस्व मामले) संभागीय आयुक्त
(4) आयुक्त, नगर परिषद् संभागीय आयुक्त

उपर्युक्त में से कौन सा युग्म गलत सुमेलित है?

[span_22](start_span)

✅ सही उत्तर: (3) उपखण्ड अधिकारी (राजस्व मामले) - संभागीय आयुक्त[span_22](end_span)

विस्तृत व्याख्या: राजस्थान सुनवाई का अधिकार अधिनियम के तहत, यदि प्रथम अपीलीय अधिकारी 'उपखण्ड अधिकारी' (SDO) है (राजस्व मामलों में), तो द्वितीय अपीलीय अधिकारी 'जिला कलक्टर' (District Collector) होता है, न कि संभागीय आयुक्त। अतः युग्म (3) गलत है।
[span_23](start_span)

प्रश्न 10. 'जन सूचना पोर्टल' के संबंध में निम्नांकित कथनों पर विचार कीजिए:[span_23](end_span)

  1. इस पोर्टल से सूचना प्राप्त करने के लिए एस.एस.ओ. आई.डी. (SSO-ID) [span_24](start_span)की ज़रूरत है।[span_24](end_span)
  2. [span_25](start_span)
  3. इस पोर्टल के माध्यम से ई-मित्र पर सूचना प्राप्त करने का कोई शुल्क नहीं है।[span_25](end_span)

उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?

    [span_26](start_span)
  • (1) केवल II सही है।[span_26](end_span)
  • (2) I व II दोनों सही हैं।
  • (3) न तो I, न ही II सही है।
  • (4) केवल I सही है।
[span_27](start_span)

✅ सही उत्तर: (1) केवल II सही है।[span_27](end_span)

विस्तृत व्याख्या: 'जन सूचना पोर्टल' RTI अधिनियम की धारा 4(2) के तहत स्वैच्छिक प्रकटीकरण के लिए बनाया गया है।
  • कथन I गलत है: यह एक खुला पोर्टल है और इससे सूचना प्राप्त करने के लिए किसी भी प्रकार की लॉग-इन या SSO-ID की आवश्यकता नहीं होती है।
  • कथन II सही है: यह पोर्टल आम जनता के लिए पूरी तरह निःशुल्क है। ई-मित्र कियोस्क पर भी इसके उपयोग का कोई शुल्क नहीं लगता।

खण्ड 2: राज्य कार्यपालिका (राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मंत्रिपरिषद) (Q. 31 - 50)

[span_28](start_span)

प्रश्न 31. राजस्थान के राज्यपाल और उनके द्वारा पद व गोपनीयता की शपथ दिलवाए हुए मुख्यमंत्री के त्रुटिपूर्ण युग्म को पहचानिए :[span_28](end_span)

क्रम राज्यपाल मुख्यमंत्री (जिन्हें शपथ दिलाई)
(1) जोगिन्दर सिंह हरिदेव जोशी
(2) रघुकुल तिलक भैरोंसिंह शेखावत
(3) ओ.पी. मेहरा हीरालाल देवपुरा
(4) संपूर्णानंद मोहनलाल सुखाड़िया

उपर्युक्त में से गलत युग्म कौन सा है?

[span_29](start_span)

✅ सही उत्तर: (1) जोगिन्दर सिंह - हरिदेव जोशी[span_29](end_span)

विस्तृत व्याख्या: हरिदेव जोशी जब 1973 में पहली बार मुख्यमंत्री बने, तो उन्हें शपथ तत्कालीन राज्यपाल सरदार जोगिन्दर सिंह ने नहीं दिलाई थी। यद्यपि जोगिन्दर सिंह का कार्यकाल (1972-77) जोशी जी के कार्यकाल के दौरान रहा, लेकिन शपथ ग्रहण समारोह के तथ्य मेल नहीं खाते। अन्य सभी युग्म सही हैं।
[span_30](start_span)

प्रश्न 32. राजस्थान के मुख्यमंत्रियों के उस समूह को पहचानिए, जिन्होंने यह पद केवल दो बार (Only Twice) ग्रहण किया :[span_30](end_span)

  • (1) मोहनलाल सुखाड़िया, बरकतुल्लाह खान, जयनारायण व्यास
  • (2) वसुंधरा राजे, हरिदेव जोशी, टीकाराम पालीवाल
  • (3) जयनारायण व्यास, शिवचरण माथुर, वसुंधरा राजे
  • (4) हरिदेव जोशी, शिवचरण माथुर, अशोक गहलोत
[span_31](start_span)

✅ सही उत्तर: (3) जयनारायण व्यास, शिवचरण माथुर, वसुंधरा राजे[span_31](end_span)

विस्तृत व्याख्या: हमें उन मुख्यमंत्रियों को चुनना है जो ठीक दो बार सीएम बने।
  • जयनारायण व्यास: दो बार (एक बार मनोनीत, दूसरी बार निर्वाचित)।
  • शिवचरण माथुर: दो बार (पहला कार्यकाल 1981-85, दूसरा 1988-89)।
  • वसुंधरा राजे: दो बार (पहला कार्यकाल 2003-08, दूसरा 2013-18)।
  • अन्य विकल्प गलत हैं क्योंकि सुखाड़िया (4 बार), जोशी और गहलोत (3-3 बार), और पालीवाल/खान (1 बार) सीएम बने।
[span_32](start_span)

प्रश्न 33. यदि राजस्थान विधानसभा का कोई सदस्य अपनी सदस्यता से त्यागपत्र देता है तो नियमानुसार राजस्थान विधान-सभाध्यक्ष (Speaker) कितनी समय सीमा में त्यागपत्र स्वीकार करने हेतु बाध्य है ?[span_32](end_span)

  • (1) 45 दिवस
  • (2) 60 दिवस
  • (3) समय सीमा निश्चित नहीं है।
  • (4) 30 दिवस
[span_33](start_span)

✅ सही उत्तर: (3) समय सीमा निश्चित नहीं है।[span_33](end_span)

विस्तृत व्याख्या: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 190(3)(b) और विधानसभा के प्रक्रिया नियमों के अनुसार, अध्यक्ष के लिए किसी सदस्य का त्यागपत्र स्वीकार करने की कोई बाध्यकारी समय-सीमा (mandatory time limit) निर्धारित नहीं है। अध्यक्ष को पहले यह संतुष्टि करनी होती है कि त्यागपत्र स्वैच्छिक और वास्तविक है।
[span_34](start_span)

प्रश्न 34. कारखाना (राजस्थान संशोधन) विधेयक, 2025 के तहत् श्रमिक का ओवरटाइम प्रति तिमाही 75 घंटे से बढ़ाकर कितने घंटे कर दिया गया है?[span_34](end_span)

  • (1) 156 घंटे
  • (2) 80 घंटे
  • (3) 120 घंटे
  • (4) 144 घंटे
[span_35](start_span)

✅ सही उत्तर: (3) 120 घंटे[span_35](end_span)

विस्तृत व्याख्या: राजस्थान सरकार द्वारा 2025 में लाए गए 'कारखाना (राजस्थान संशोधन) विधेयक' के माध्यम से, श्रमिकों के लिए प्रति तिमाही (per quarter) अधिकतम ओवरटाइम की सीमा को 75 घंटों से बढ़ाकर 120 घंटे कर दिया गया है। यह एक महत्वपूर्ण श्रम सुधार है।

खण्ड 3: राज्य विधायिका, न्यायपालिका और स्थानीय स्वशासन (Q. 61 - 100)

[span_36](start_span)

प्रश्न 61. राज्य निर्वाचन आयोग के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:[span_36](end_span)

    [span_37](start_span)
  1. राज्य के पंचायतों एवं नगरपालिकाओं के चुनावों के लिए मतदाता सूचियों को तैयार करना।[span_37](end_span)
  2. [span_38](start_span)
  3. राज्य की पंचायतों एवं नगरपालिकाओं के लिए निर्वाचन करवाना।[span_38](end_span)
  4. राज्यपाल के निर्देशों के अनुरूप अन्य निकायों के लिए निर्वाचन करवाना।
  5. भारत के निर्वाचन आयोग द्वारा सौंपे गए कार्य करना।

उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?

    [span_39](start_span)
  • (1) केवल I और II सही हैं।[span_39](end_span)
  • (2) केवल III और IV सही हैं।
  • (3) केवल I, II और IV सही हैं।
  • (4) सभी सही हैं।
[span_40](start_span)

✅ सही उत्तर: (1) केवल I और II सही हैं।[span_40](end_span)

विस्तृत व्याख्या: राज्य निर्वाचन आयोग एक संवैधानिक निकाय है (अनुच्छेद 243K/ZA)। इसका एकमात्र कार्य स्थानीय निकायों (पंचायतों और नगरपालिकाओं) के लिए मतदाता सूची तैयार करना और उनके चुनाव संपन्न कराना है। यह भारत निर्वाचन आयोग के अधीन नहीं है और अन्य चुनाव नहीं कराता।
[span_41](start_span)

प्रश्न 66. 'जिला योजना समिति' (DPC) के संदर्भ में, अनुच्छेद 243 ZD के अनुसार, समिति के कुल सदस्यों का कितना भाग निर्वाचित सदस्यों द्वारा चुना जाता है?[span_41](end_span)

  • (1) कुल सदस्यों का 2/3 भाग
  • (2) कुल सदस्यों का 3/4 भाग
  • (3) कुल सदस्यों का 4/5 भाग
  • (4) कुल सदस्यों का 1/2 भाग
[span_42](start_span)

✅ सही उत्तर: (3) कुल सदस्यों का 4/5 भाग[span_42](end_span)

विस्तृत व्याख्या: संविधान के अनुच्छेद 243 ZD के अनुसार, जिला योजना समिति के कुल सदस्यों का कम से कम चार-पांचवां (4/5th) भाग, जिला परिषद और नगरपालिकाओं के निर्वाचित सदस्यों द्वारा अपने में से चुना जाना अनिवार्य है। राजस्थान में DPC में कुल 25 सदस्य होते हैं, जिनमें से 20 निर्वाचित होते हैं।
[span_43](start_span)

प्रश्न 71. राजस्थान विधानसभा की 'जनलेखा समिति' (PAC) के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही नहीं है?[span_43](end_span)

    [span_44](start_span)
  • (1) इसका कार्य सरकार के लेखों और CAG रिपोर्ट की जाँच करना है।[span_44](end_span)
  • [span_45](start_span)
  • (2) इसमें कुल 15 सदस्य होते हैं।[span_45](end_span)
  • [span_46](start_span)
  • (3) समिति का अध्यक्ष परम्परागत रूप से सत्ता पक्ष से होता है।[span_46](end_span)
  • [span_47](start_span)
  • (4) कोई भी मंत्री इसका सदस्य नहीं हो सकता।[span_47](end_span)
[span_48](start_span)

✅ सही उत्तर: (3) समिति का अध्यक्ष परम्परागत रूप से सत्ता पक्ष से होता है।[span_48](end_span)

विस्तृत व्याख्या: जनलेखा समिति (PAC) का अध्यक्ष संसदीय परंपरा के अनुसार हमेशा विपक्ष (Opposition) के किसी वरिष्ठ सदस्य को नियुक्त किया जाता है, न कि सत्ता पक्ष के। यह सरकार के वित्तीय कार्यों की निष्पक्ष जाँच सुनिश्चित करने के लिए है। बाकी तीनों कथन सही हैं।
[span_49](start_span)

प्रश्न 82. जब जिला कलक्टर, 'जिला मजिस्ट्रेट' (DM) के रूप में कार्य करता है, तो उसका प्रमुख कार्य क्या होता है?[span_49](end_span)

  • (1) भू-राजस्व एकत्र करना
  • (2) कानून और व्यवस्था बनाए रखना
  • (3) विकास कार्यों का समन्वय करना
  • (4) जनगणना कार्य का पर्यवेक्षण करना
[span_50](start_span)

✅ सही उत्तर: (2) कानून और व्यवस्था बनाए रखना[span_50](end_span)

विस्तृत व्याख्या: जब जिला कलक्टर 'जिला मजिस्ट्रेट' (DM) की भूमिका में होता है, तो उसका सबसे प्राथमिक और महत्वपूर्ण कार्य जिले में कानून और व्यवस्था (Law and Order) बनाए रखना होता है। इस कार्य में पुलिस प्रशासन उसके अधीन होता है। राजस्व एकत्र करना उसका 'कलक्टर' के रूप में कार्य है।
[span_51](start_span)

प्रश्न 84. 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 के द्वारा भारतीय संविधान में कौन सा नया 'भाग' और नई 'अनुसूची' जोड़ी गई?[span_51](end_span)

  • (1) भाग IX और 11वीं अनुसूची
  • (2) भाग IX-A और 12वीं अनुसूची
  • (3) भाग X और 11वीं अनुसूची
  • (4) भाग IX और 10वीं अनुसूची
[span_52](start_span)

✅ सही उत्तर: (1) भाग IX और 11वीं अनुसूची[span_52](end_span)

विस्तृत व्याख्या: 73वें संविधान संशोधन (1992) ने पंचायती राज को संवैधानिक दर्जा दिया। [span_53](start_span)इसके तहत संविधान में एक नया भाग IX ('पंचायतें') और एक नई 11वीं अनुसूची जोड़ी गई, जिसमें पंचायतों के लिए 29 विषयों का उल्लेख है।[span_53](end_span)
[span_54](start_span)

प्रश्न 88. राजस्थान में 'जिला योजना समिति' (DPC) का अध्यक्ष कौन होता है?[span_54](end_span)

  • (1) जिला कलक्टर
  • (2) जिला प्रमुख
  • (3) जिले का प्रभारी मंत्री
  • (4) CEO, जिला परिषद
[span_55](start_span)

✅ सही उत्तर: (2) जिला प्रमुख[span_55](end_span)

विस्तृत व्याख्या: राजस्थान में अनुच्छेद 243 ZD के तहत गठित 'जिला योजना समिति' (DPC) का पदेन अध्यक्ष (Ex-officio Chairperson) जिला परिषद का 'जिला प्रमुख' (Zila Pramukh) होता है। [span_56](start_span)जिला कलक्टर इसका सदस्य-सचिव होता है।[span_56](end_span)
[span_57](start_span)

प्रश्न 99. राजस्थान उच्च न्यायालय की जयपुर पीठ (Jaipur Bench) को किस वर्ष पुनः स्थापित किया गया था?[span_57](end_span)

  • (1) 1958 में
  • (2) 1977 में
  • (3) 1965 में
  • (4) 1985 में
[span_58](start_span)

✅ सही उत्तर: (2) 1977 में[span_58](end_span)

विस्तृत व्याख्या: 1958 में सत्यनारायण राव समिति की सिफारिश पर जयपुर पीठ को समाप्त कर दिया गया था। [span_59](start_span)बढ़ती मांग को देखते हुए, राष्ट्रपति के आदेश द्वारा 31 जनवरी 1977 को जयपुर में राजस्थान उच्च न्यायालय की एक स्थायी पीठ को पुनः स्थापित किया गया।[span_59](end_span)
[span_60](start_span)

प्रश्न 100. भारतीय संविधान का कौन सा अनुच्छेद पंचायतों में अनुसूचित जातियों (SC), अनुसूचित जनजातियों (ST) और महिलाओं के लिए सीटों के आरक्षण का प्रावधान करता है?[span_60](end_span)

  • (1) अनुच्छेद 243 B
  • (2) अनुच्छेद 243 C
  • (3) अनुच्छेद 243 D
  • (4) अनुच्छेद 243 E
[span_61](start_span)

✅ सही उत्तर: (3) अनुच्छेद 243 D[span_61](end_span)

विस्तृत व्याख्या: संविधान का अनुच्छेद 243 D (Article 243 D) पंचायतों में आरक्षण का आधार है। [span_62](start_span)इसके तहत SC/ST को जनसंख्या के अनुपात में और महिलाओं के लिए कुल सीटों का कम से कम एक-तिहाई आरक्षण अनिवार्य है।[span_62](end_span)

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