Rajasthan Remedial Teaching Guidelines 2026-27 April to June | राजस्थान रेमेडियल शिक्षण निर्देश 2026-27

📅 गुरुवार, 23 अप्रैल 2026 📖 3-5 min read

राजस्थान रेमेडियल शिक्षण निर्देश 2026-27: अप्रैल से जून तक कक्षा 1 से 8 के लिए प्रवेशोत्सव, स्कूल रेडीनेस, उपचारात्मक शिक्षण और ग्रीष्मकालीन अधिगम योजना

राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद, जयपुर द्वारा नवीन शैक्षणिक सत्र 2026-27 में अप्रैल से जून तक संचालित किए जाने वाले रेमेडियल शिक्षण कार्य के संबंध में आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। आदेश में प्रवेशोत्सव, अनामांकित एवं ड्रॉपआउट बच्चों की पहचान, कक्षा 1 के लिए स्कूल रेडीनेस, कक्षा 2 के लिए गतिविधि-आधारित शिक्षण, कक्षा 3 से 5 के लिए 45 दिवसीय उपचारात्मक कार्यक्रम, कक्षा 6 से 8 के लिए अधिगम सहयोग, तथा ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान सीखने की निरंतरता बनाए रखने के लिए गृहकार्य और पठन गतिविधियों का विस्तृत खाका दिया गया है।

आदेश का मूल उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप विद्यार्थियों में बुनियादी साक्षरता एवं संख्याज्ञान को मजबूत करना, प्रारंभिक कक्षाओं में विद्यालय से अनुकूलन सुनिश्चित करना, तथा उच्चतर प्राथमिक स्तर तक विद्यार्थियों को उनके वास्तविक अधिगम स्तर के अनुसार शैक्षणिक सहयोग प्रदान करना है। इस कार्ययोजना में केवल नियमित शिक्षण नहीं, बल्कि सीखने की कमियों की पहचान, समूह-आधारित शिक्षण, बुनियादी कौशलों पर विशेष कार्य, एंडलाइन आकलन और अवकाशकालीन अधिगम निरंतरता को भी शामिल किया गया है।

एक नजर में

  • नवीन सत्र 2026-27 के लिए अप्रैल से जून तक उपचारात्मक एवं आधारभूत शिक्षण की कार्ययोजना जारी की गई है।
  • प्रवेशोत्सव के अंतर्गत HHS सर्वे द्वारा अनामांकित और ड्रॉपआउट बच्चों की पहचान कर प्रवेश सुनिश्चित किया जाएगा।
  • कक्षा 1 के लिए स्कूल रेडीनेस और कक्षा 2 के लिए गतिविधि-आधारित शिक्षण पर बल दिया गया है।
  • कक्षा 3 से 5 के लिए 45 दिवसीय रेमेडियल कार्यक्रम 1 अप्रैल से 16 मई 2026 तक संचालित किया जाएगा।
  • मई के अंतिम सप्ताह में एंडलाइन आकलन किया जाएगा।
  • ग्रीष्मकालीन अवकाश में गृहकार्य, पुस्तक वितरण और जुलाई में पुनरावलोकन का निर्देश दिया गया है।

परिचय

आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि राज्य में प्रारंभिक स्तर पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना एक प्रमुख प्राथमिकता है। विद्यार्थियों को बुनियादी स्तर पर पढ़ना, लिखना और अंकगणितीय क्रियाओं में सक्षम बनाना इस योजना का केंद्रीय उद्देश्य है। इसी संदर्भ में मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान के अंतर्गत विद्यालयों में बाल-केंद्रित शिक्षण, सतत मूल्यांकन, गतिविधि-आधारित अधिगम, दक्षता-आधारित आकलन और उपचारात्मक शिक्षण को व्यवस्थित रूप से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।

आदेश के अनुसार नवीन शैक्षणिक सत्र 1 अप्रैल 2026 से प्रारंभ मानते हुए अप्रैल, मई और जून की शैक्षणिक गतिविधियों को इस प्रकार संचालित किया जाना है कि विद्यार्थियों की सीखने की खाइयों की पहचान हो, समूहवार शिक्षण हो, बुनियादी कौशलों का विकास हो और अवकाश के दौरान भी सीखना बाधित न हो। यह कार्ययोजना विशेष रूप से उन विद्यालयों के लिए महत्वपूर्ण है जहां विद्यार्थियों के अधिगम स्तर में विविधता है और जहां कक्षा-स्तरीय क्षमता प्राप्त कराने के लिए अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग आवश्यक है।

पाठ्यक्रम

1. प्रवेशोत्सव

प्रवेशोत्सव को सत्रारंभ की मूल गतिविधि के रूप में व्यवस्थित करने का निर्देश दिया गया है। इसका उद्देश्य केवल नवप्रवेश नहीं, बल्कि ऐसे सभी बच्चों को विद्यालय से जोड़ना है जो अभी तक नामांकित नहीं हैं या किसी कारणवश विद्यालय से बाहर हो गए हैं।

  • हाउस होल्ड सर्वे (HHS) के माध्यम से अनामांकित एवं ड्रॉपआउट बच्चों की पहचान करना।
  • चिन्हित बच्चों का विद्यालय में प्रवेश सुनिश्चित करना।
  • नवप्रवेशित विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तक, कार्यपुस्तिका और अन्य शिक्षण-अधिगम सामग्री उपलब्ध कराना।

2. कक्षा 1-2 के लिए शिक्षण व्यवस्था

प्रारंभिक कक्षाओं में विद्यालय से अनुकूलन और बुनियादी सीखने की रुचि विकसित करना सबसे महत्वपूर्ण माना गया है। इसलिए कक्षा 1 और 2 के लिए अलग-अलग शिक्षण दृष्टिकोण निर्धारित किए गए हैं।

  • कक्षा 1 के विद्यार्थियों के साथ लगभग 90 दिवस तक स्कूल रेडीनेस की कार्यपुस्तिका पर कार्य कराया जाएगा। इसका उद्देश्य नवप्रवेशित बच्चों को विद्यालय वातावरण के साथ सहज बनाना है।
  • कक्षा 2 के विद्यार्थियों के साथ पाठ्यपुस्तक आधारित एक्टिविटी-आधारित शिक्षण कराया जाएगा।
  • प्रारंभिक दिनों में विद्यालय/नई कक्षा से जुड़ाव बढ़ाने हेतु स्थानीय भाषा में संवाद किया जाएगा।

3. कक्षा 3-5 के लिए 45 दिवसीय उपचारात्मक कार्यक्रम

आदेश का सबसे महत्वपूर्ण भाग कक्षा 3 से 5 के विद्यार्थियों के लिए निर्धारित 45 दिवसीय उपचारात्मक (Remedial) कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को उनके वास्तविक अधिगम स्तर के आधार पर समूहबद्ध कर बुनियादी भाषा और गणित कौशलों में दक्ष बनाना है।

  • अप्रैल एवं मई माह में बुनियादी कौशलों पर आधारित कार्यपुस्तिकाओं और पाठ्यपुस्तकों पर कार्य कराया जाएगा।
  • सीसीई या उपलब्ध मूल्यांकन परिणामों के आधार पर विद्यार्थियों का विषयवार/दक्षतावार समूह निर्माण किया जाएगा।
  • मुख्य लक्ष्य यह है कि विद्यार्थी कक्षा-स्तर का सरल पाठ पढ़ सकें, छोटे वाक्यों में उत्तर दे सकें, तथा जोड़, घटाव, मापन और पठन जैसी मूल दक्षताओं में प्रगति कर सकें।
  • शिक्षण कार्य में कार्यपुस्तिका, एंपावर्ड किट, स्टोरी कार्ड और पाठ्यपुस्तकों का उपयोग किया जाएगा।
  • 1 अप्रैल से 16 मई 2026 तक प्रतिदिन निर्धारित समयखंड में उपचारात्मक शिक्षण कराया जाएगा।
  • मई के अंतिम सप्ताह में ग्रीष्मकालीन अवकाश से पूर्व एंडलाइन आकलन किया जाएगा।

4. कक्षा 6-8 के लिए अधिगम सहयोग

आदेश में कक्षा 6 से 8 के विद्यार्थियों के लिए भी अधिगम-विकास और विषयगत समझ को मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। यहां ध्यान बुनियादी शैक्षणिक कमियों को पहचानकर नियमित कक्षा शिक्षण के साथ उपचारात्मक सहयोग देने पर है।

  • दक्षता-आधारित आकलन (CBA) और सतत प्रतिवेदन के आधार पर गतिविधियों का नियोजन किया जाएगा।
  • विद्यार्थियों की वास्तविक स्थिति के अनुसार सीखने के अंतर को कम करने के लिए सहयोग दिया जाएगा।
  • हिंदी, अंग्रेजी और गणित विषय की साप्ताहिक शिक्षण योजनाओं का उपयोग किया जाएगा।
  • अवकाश के दौरान भी विद्यार्थियों को अध्ययन से जोड़े रखने के लिए गृहकार्य और पठन सामग्री दी जाएगी।

5. ग्रीष्मकालीन अवकाश में शिक्षण गतिविधियां

आदेश में यह स्पष्ट है कि ग्रीष्मकालीन अवकाश को अधिगम-विराम के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। विद्यार्थियों के सीखने की निरंतरता बनाए रखने के लिए अवकाश-पूर्व और अवकाशकालीन कार्य आवश्यक रूप से कराए जाने हैं।

  • कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को पर्याप्त गृहकार्य दिया जाए।
  • पठन संस्कृति के विकास हेतु पुस्तकालय से स्तरानुसार पुस्तकें वितरित की जाएं।
  • जुलाई में विद्यालय पुनः खुलने पर दिए गए गृहकार्य की जांच की जाए।
  • पढ़ी गई पुस्तकों पर प्रार्थना सभा या पठन कालांश में चर्चा कराई जाए।

टाइम टेबल

अवधि / चरण मुख्य कार्य
अप्रैल 2026 प्रवेशोत्सव, HHS सर्वे, अनामांकित/ड्रॉपआउट बच्चों की पहचान, नवप्रवेशित विद्यार्थियों को सामग्री उपलब्ध कराना, कक्षा 1 के लिए स्कूल रेडीनेस और कक्षा 2 के लिए गतिविधि-आधारित शिक्षण प्रारंभ करना।
1 अप्रैल से 16 मई 2026 कक्षा 3 से 5 के लिए 45 दिवसीय उपचारात्मक शिक्षण कार्यक्रम, समूहवार शिक्षण, कार्यपुस्तिका-आधारित कार्य और बुनियादी कौशल विकास।
मई 2026 का अंतिम सप्ताह कक्षा 3 से 5 में किए गए remedial teaching कार्य का एंडलाइन आकलन।
ग्रीष्मकालीन अवकाश गृहकार्य वितरण, पुस्तकालय से पुस्तकें देना, पठन संस्कृति बनाए रखना और अधिगम की निरंतरता सुनिश्चित करना।
जुलाई 2026 में विद्यालय खुलने पर गृहकार्य की जांच, पढ़ी गई पुस्तकों पर चर्चा, तथा अवकाशकालीन अधिगम के परिणाम का पुनरावलोकन।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • यह आदेश केवल अतिरिक्त कक्षाएं चलाने का निर्देश नहीं है, बल्कि कक्षा-स्तर अधिगम सुधार की समग्र कार्ययोजना है।
  • प्रवेशोत्सव, स्कूल रेडीनेस, remedial teaching, एंडलाइन assessment और summer learning — सभी चरण परस्पर जुड़े हुए हैं।
  • समूह निर्माण वास्तविक अधिगम स्तर के आधार पर होना चाहिए।
  • कक्षा 3-5 में भाषा और गणित की बुनियादी क्षमताओं को विशेष प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
  • ग्रीष्मकालीन अवकाश में अधिगम की निरंतरता बनाए रखना इस आदेश का अत्यंत महत्वपूर्ण भाग है।
  • विद्यालयों को उपलब्ध कार्यपुस्तिका, किट, स्टोरी कार्ड और पाठ्यपुस्तकों का उपयोग नियोजित ढंग से करना चाहिए।

विशेष ध्यान दें: आदेश का केंद्र केवल पाठ्यपुस्तक प्रगति नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को उनके कक्षा-स्तर के अपेक्षित अधिगम परिणामों तक पहुंचाना है। इसलिए remedial teaching को समयबद्ध, स्तरानुसार और परिणामोन्मुख तरीके से लागू करना आवश्यक है।

FAQ

1. यह आदेश किस बारे में है?

यह आदेश नवीन शैक्षणिक सत्र 2026-27 में अप्रैल से जून तक रेमेडियल शिक्षण, प्रवेशोत्सव, स्कूल रेडीनेस, कक्षा 3-5 उपचारात्मक कार्यक्रम और ग्रीष्मकालीन अधिगम गतिविधियों के संबंध में है।

2. किन कक्षाओं पर यह निर्देश लागू हैं?

आदेश में कक्षा 1 से 5 की शिक्षण व्यवस्था का विशेष विवरण है, साथ ही कक्षा 6 से 8 के लिए भी अधिगम सहयोग, आकलन और निरंतर अध्ययन की व्यवस्था का उल्लेख है। कुल मिलाकर यह कार्ययोजना कक्षा 1 से 8 तक के लिए महत्वपूर्ण है।

3. कक्षा 3-5 के लिए 45 दिवसीय कार्यक्रम का उद्देश्य क्या है?

इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को कक्षा-स्तर के सरल पाठ पढ़ने, छोटे वाक्यों में उत्तर देने, तथा जोड़, घटाव, मापन और पठन जैसी मूल क्षमताओं में दक्ष बनाना है।

4. कक्षा 1 के विद्यार्थियों के लिए क्या व्यवस्था है?

कक्षा 1 के विद्यार्थियों के लिए स्कूल रेडीनेस कार्यपुस्तिका आधारित गतिविधियां कराई जाएंगी, ताकि वे विद्यालय वातावरण से अनुकूलन स्थापित कर सकें।

5. ग्रीष्मकालीन अवकाश में क्या करना है?

विद्यार्थियों को गृहकार्य दिया जाएगा, पुस्तकालय से पुस्तकें वितरित की जाएंगी, और जुलाई में विद्यालय खुलने पर गृहकार्य तथा पठन कार्य की समीक्षा की जाएगी।

6. क्या यह केवल remedial classes का आदेश है?

नहीं, यह आदेश remedial teaching के साथ-साथ प्रवेशोत्सव, स्कूल रेडीनेस, समूहवार शिक्षण, बुनियादी कौशल विकास, एंडलाइन मूल्यांकन और summer learning continuity की समग्र कार्ययोजना प्रस्तुत करता है।

निष्कर्ष

राजस्थान में अप्रैल से जून 2026 तक रेमेडियल शिक्षण कार्य के संबंध में जारी यह आदेश विद्यालयों के लिए एक स्पष्ट शैक्षणिक दिशा-पत्र है। इसमें प्रवेशोत्सव से लेकर कक्षा-स्तर अधिगम, बुनियादी कौशल विकास, समूहवार शिक्षण, आकलन और अवकाशकालीन अधिगम तक की पूरी शृंखला को एकीकृत रूप में प्रस्तुत किया गया है।

इस आदेश का सफल क्रियान्वयन तभी संभव होगा जब विद्यालय विद्यार्थियों के वास्तविक अधिगम स्तर को पहचानकर शिक्षण की योजना बनाएंगे, कार्यपुस्तिकाओं और उपलब्ध सामग्री का सार्थक उपयोग करेंगे, तथा ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान भी सीखने की निरंतरता बनाए रखेंगे। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के प्रारंभिक तीन महीने विद्यार्थियों की सीखने की नींव मजबूत करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माने गए हैं।

अस्वीकरण: यह लेख उपलब्ध आदेश-पत्र की पठनीय सामग्री के आधार पर तैयार किया गया है। अंतिम एवं बाध्यकारी स्थिति के लिए संबंधित विद्यालय, समग्र शिक्षा कार्यालय तथा सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी मूल आदेश और निर्देशों का अवलोकन किया जाना चाहिए।

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