राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 | राजस्थान में क्रियान्वयन 2026

📅 गुरुवार, 23 जुलाई 2026 📖 पूरा लेख

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (National Education Policy 2020, संक्षेप में NEP 2020) भारत सरकार द्वारा 29 जुलाई 2020 को स्वीकृत शिक्षा नीति है, जिसने 1986 की राष्ट्रीय शिक्षा नीति (1992 में संशोधित) का स्थान लिया। यह 34 वर्षों बाद आई पहली व्यापक शिक्षा नीति है। नीति पहुँच, समता, गुणवत्ता, वहनीयता और जवाबदेही — इन पाँच आधारभूत स्तंभों पर आधारित है और स्कूली शिक्षा की 10+2 संरचना को 5+3+3+4 संरचना से प्रतिस्थापित करती है।[1]

राजस्थान में इस नीति के क्रियान्वयन हेतु राज्य सरकार ने छह समितियाँ गठित की हैं तथा समग्र शिक्षा के राज्य परियोजना निदेशक को नोडल अधिकारी नामित किया है।[2] 29 मार्च 2025 को मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान (MSRA) का शुभारंभ किया गया — यह NEP 2020 के लिए भारत का पहला राज्यव्यापी संरचित क्रियान्वयन मॉडल है, जिसमें चार घटकों के अंतर्गत 41 गतिविधियाँ शामिल हैं।[3] राज्य में 45 लाख से अधिक विद्यार्थियों का AI-आधारित मूल्यांकन किया जा चुका है और "पढ़ाई विद AI" पहल के अंतर्गत उत्तीर्ण दर 96.4% दर्ज की गई।[4]

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020
राजस्थान क्रियान्वयन — त्वरित तथ्य
स्वीकृति तिथि29 जुलाई 2020 (केंद्रीय मंत्रिमंडल)
पूर्ववर्ती नीतिराष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986 (संशोधित 1992)
आधारभूत स्तंभपहुँच, समता, गुणवत्ता, वहनीयता, जवाबदेही
नई शैक्षिक संरचना5+3+3+4 (आयु 3–18 वर्ष)
राजस्थान नोडल एजेंसीराज्य परियोजना निदेशक, समग्र शिक्षा
राज्य समितियाँ6
राज्य अभियानमुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान (29 मार्च 2025)
अकादमिक संस्थाRSCERT, उदयपुर
वित्तपोषण योजनासमग्र शिक्षा (₹37,010 करोड़, 2024–25)
विषय-सूची
  1. पृष्ठभूमि एवं परिचय
  2. पाँच आधारभूत स्तंभ
  3. 5+3+3+4 शैक्षिक संरचना
  4. राजस्थान का क्रियान्वयन ढाँचा
  5. मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान
  6. AI-आधारित मूल्यांकन एवं प्रखर 2.0
  7. वित्तपोषण एवं बजट
  8. चुनौतियाँ एवं आलोचना
  9. विद्यालय स्तर पर कार्य-सूची
  10. सरकारी संपर्क
  11. प्रतियोगी परीक्षा दृष्टिकोण
  12. सामान्य प्रश्न
  13. सन्दर्भ

1. पृष्ठभूमि एवं परिचय

स्वतंत्र भारत में राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा नीति तीन बार बनी — 1968, 1986 और 2020। 1986 की नीति में 1992 में संशोधन हुआ, किंतु उसके बाद 28 वर्षों तक कोई नई नीति नहीं आई। इस बीच अर्थव्यवस्था, तकनीक और रोजगार का स्वरूप पूर्णतः बदल गया। NEP 2020 इसी अंतराल को पाटने का प्रयास है।[1]

नीति का केंद्रीय दर्शन रटंत अधिगम (rote learning) से दक्षता-आधारित अधिगम (competency-based learning) की ओर संक्रमण है। इसका अर्थ है कि विद्यार्थी का मूल्यांकन इस आधार पर नहीं होगा कि उसने कितना याद किया, बल्कि इस आधार पर होगा कि वह सीखे हुए ज्ञान का प्रयोग कर पाता है या नहीं।

1.1 दो नीतियों की तुलना

आयाम NEP 1986 NEP 2020
स्कूली संरचना10+25+3+3+4
प्रारंभिक आयु6 वर्ष3 वर्ष (आंगनवाड़ी सहित)
अधिगम का लक्ष्यपाठ्यक्रम पूर्ण करनादक्षता एवं आलोचनात्मक चिंतन
विषय चयनकला/विज्ञान/वाणिज्य में विभाजनविभाजन समाप्त; लचीला चयन
व्यावसायिक शिक्षापृथक धाराकक्षा 6 से मुख्यधारा में एकीकृत
शिक्षा पर व्यय लक्ष्यGDP का 6% (1968 से लक्ष्य)GDP का 6% (पुनःपुष्टि)
भारत की शिक्षा नीतियाँ — समयरेखा 1968 पहली नीति कोठारी आयोग 1986 दूसरी नीति 1992 में संशोधन 2020 NEP 2020 5+3+3+4 संरचना 2025 MSRA राजस्थान अभियान 2030 पूर्ण लक्ष्य 1986 और 2020 के बीच 34 वर्ष का अंतराल

2. पाँच आधारभूत स्तंभ

NEP 2020 स्वयं को पाँच आधारभूत स्तंभों पर स्थापित घोषित करती है। ये स्तंभ नीति के प्रत्येक प्रावधान का आधार हैं।[1]

स्तंभ अर्थ राजस्थान में प्रमुख उपाय
पहुँच (Access)प्रत्येक बच्चा विद्यालय तक पहुँचेघुमंतू बच्चों हेतु "स्कूल ऑन व्हील्स"
समता (Equity)वंचित वर्गों को समान अवसरबालक-बालिका हेतु पृथक शौचालय
गुणवत्ता (Quality)दक्षता-आधारित अधिगमप्रखर 2.0, दक्षता-आधारित आकलन
वहनीयता (Affordability)आर्थिक बाधा न बनेपाठ्यपुस्तक-गणवेश का समय पर वितरण
जवाबदेही (Accountability)परिणाम की पारदर्शी निगरानीडिजिटल मॉनिटरिंग, ऑनलाइन उपस्थिति
NEP 2020 — पाँच आधारभूत स्तंभ पहुँच ACCESS हर बच्चा विद्यालय तक समता EQUITY वंचित वर्गों को समान अवसर गुणवत्ता QUALITY दक्षता-आधारित अधिगम वहनीयता AFFORDABILITY आर्थिक बाधा न बने जवाबदेही ACCOUNTABILITY पारदर्शी निगरानी सबके लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा

3. 5+3+3+4 शैक्षिक संरचना

NEP 2020 की सर्वाधिक दृश्य संरचनात्मक बदलाव यही है। पुरानी 10+2 व्यवस्था कक्षा 1 (आयु 6) से आरंभ होती थी; नई व्यवस्था आयु 3 वर्ष से आरंभ होकर आंगनवाड़ी/प्री-स्कूल को औपचारिक शिक्षा तंत्र में सम्मिलित करती है।[1]

5 + 3 + 3 + 4 — नई शैक्षिक संरचना 5 आधारभूत स्तर आयु 3–8 वर्ष आंगनवाड़ी 3 वर्ष + कक्षा 1–2 3 प्रारंभिक स्तर आयु 8–11 वर्ष कक्षा 3–5 3 मध्य स्तर आयु 11–14 वर्ष कक्षा 6–8 4 माध्यमिक स्तर आयु 14–18 वर्ष कक्षा 9–12 आयु 3 आयु 18 कुल 15 वर्ष की सतत शिक्षा यात्रा पुरानी व्यवस्था: 10 + 2 (आयु 6 से आरंभ) — आंगनवाड़ी वर्ष औपचारिक तंत्र से बाहर थे
व्यावहारिक निहितार्थ: कक्षा 1–2 अब "आधारभूत स्तर" का हिस्सा हैं, प्राथमिक का नहीं। इसका अर्थ है कि इन कक्षाओं में मूल्यांकन का उद्देश्य आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता (FLN) है, न कि विषयवार अंक।

4. राजस्थान का क्रियान्वयन ढाँचा

केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री द्वारा संसद में दी गई जानकारी के अनुसार, राजस्थान सरकार ने NEP 2020 के क्रियान्वयन हेतु छह समितियाँ गठित की हैं। समग्र शिक्षा के राज्य परियोजना निदेशक को राज्य के विद्यालयों में NEP क्रियान्वयन का नोडल अधिकारी नामित किया गया है।[2]

4.1 प्रशासनिक संस्थाएँ — कौन क्या करता है

संस्था स्थान भूमिका
शिक्षा विभाग सचिवालयजयपुरनीति-निर्धारण, बजट
निदेशालय, माध्यमिक शिक्षाबीकानेरकक्षा 9–12 का संचालन
निदेशालय, प्रारंभिक शिक्षाबीकानेरकक्षा 1–8 का संचालन
RSCERTउदयपुरपाठ्यक्रम, पाठ्यपुस्तक, शिक्षक प्रशिक्षण
RBSEअजमेरबोर्ड परीक्षा एवं मूल्यांकन
समग्र शिक्षा (राज्य परियोजना)जयपुरNEP नोडल एजेंसी, केंद्रीय निधि
ध्यान दें: RSCERT का मुख्यालय उदयपुर में है, जयपुर में नहीं। इसकी स्थापना 11 नवंबर 1978 को SIERT के रूप में हुई थी; अगस्त 2018 में राज्य मंत्रिमंडल की संस्तुति पर इसे RSCERT नाम दिया गया।[5] अनेक वेबसाइटों पर इसका स्थान गलत दिया गया है।

5. मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान (MSRA)

29 मार्च 2025 को राजस्थान दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सभी राजकीय विद्यालयों में मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान का शुभारंभ किया गया। यह NEP 2020 के लिए भारत का पहला राज्यव्यापी संरचित क्रियान्वयन मॉडल बताया गया है। अभियान शिक्षा सत्र 2025–26 से चरणबद्ध रूप से लागू है।[3]

5.1 चार घटक एवं 41 गतिविधियाँ

MSRA — चार घटक, 41 गतिविधियाँ मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान विद्यार्थी-केंद्रित (8 कार्य) • ऐप-आधारित उपस्थिति • पठन अभियान • मेगा पीटीएम • स्कूल ऑन व्हील्स • डिजिटल स्वास्थ्य सर्वे विद्यालय-केंद्रित • शून्य-नामांकन   विद्यालयों का एकीकरण • मेंटर स्कूल • ICT लैब • पृथक शौचालय • स्टाफ उपलब्धता शिक्षक-केंद्रित • स्टाफ पुनर्विन्यास • उत्कृष्ट शिक्षकों का   पसंदीदा स्थानांतरण • AI चैटबॉट विश्लेषण • ऑनलाइन उपस्थिति • समयबद्ध पदोन्नति परिणाम-केंद्रित • NEP अनुरूप संरचना • मातृभाषा शिक्षण • आंगनवाड़ी समन्वय • दक्षता-आधारित आकलन • व्यावसायिक शिक्षा • विज्ञान/कंप्यूटर संकाय स्रोत: मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान — शिक्षा विभाग, राजस्थान सरकार

5.2 मेगा पीटीएम एवं सामुदायिक भागीदारी

अभियान के अंतर्गत विद्यालय–अभिभावक साझेदारी को सुदृढ़ करने हेतु मेगा पैरेंट–टीचर मीटिंग आयोजित की गईं। इनमें प्रधानाचार्य, शिक्षक, विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC/SDMC) के सदस्य तथा स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई। पूर्व से संचालित प्रखर एवं निपुण कार्यक्रमों को इसी अभियान में समाहित कर दिया गया।[3]

6. AI-आधारित मूल्यांकन एवं प्रखर 2.0

राजस्थान NEP 2020 के अंतर्गत दक्षता-आधारित मूल्यांकन के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का उपयोग करने वाले अग्रणी राज्यों में है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार 45 लाख से अधिक विद्यार्थियों का AI-सक्षम उपकरणों से मूल्यांकन किया जा चुका है, तथा 26 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने केवल 10 दिनों में AI-आधारित पठन परीक्षण पूर्ण किया।[4]

राजस्थान — AI-आधारित मूल्यांकन के आँकड़े 45 लाख+ विद्यार्थियों का AI-आधारित मूल्यांकन 26 लाख+ विद्यार्थियों का पठन परीक्षण — 10 दिनों में 96.4% "पढ़ाई विद AI" के अंतर्गत उत्तीर्ण दर आँकड़े जुलाई 2026 तक की उपलब्ध रिपोर्टों पर आधारित

6.1 प्रखर 2.0 और ORF प्रणाली

प्रखर 2.0 के अंतर्गत ओरल रीडिंग फ्लुएंसी (ORF) प्रणाली का प्रयोग किया जाता है, जो AI की सहायता से विद्यार्थियों को उनके पठन-स्तर के अनुसार वर्गीकृत करती है। इस वर्गीकरण के आधार पर कमजोर आधारभूत कौशल वाले विद्यार्थियों को संरचित उपचारात्मक शिक्षण (remedial learning) उपलब्ध कराया जाता है।[3]

प्रक्रिया: ORF परीक्षण → AI द्वारा पठन-स्तर वर्गीकरण → स्तर-अनुसार समूह निर्माण → उपचारात्मक शिक्षण सामग्री → पुनर्मूल्यांकन

7. वित्तपोषण एवं बजट

NEP 2020 के धरातलीय क्रियान्वयन का अधिकांश वित्तपोषण समग्र शिक्षा छत्र-योजना से होता है, जिसका 2024–25 का आवंटन ₹37,010 करोड़ था। यह राशि छात्रवृत्ति, अवसंरचना, शिक्षक भर्ती और डिजिटल रोलआउट — सभी मदों में विभाजित होती है।[6]

सूचक आँकड़ा
समग्र शिक्षा आवंटन (2024–25)₹37,010 करोड़
NEP का अनुशंसित लक्ष्यGDP का 6%
राजस्थान का शिक्षा व्यय (2020–21)कुल व्यय का 18% से अधिक
तुलना — तेलंगाना7.4%
तुलना — आंध्र प्रदेश12.1%

दिल्ली, राजस्थान और महाराष्ट्र — इन तीन राज्यों ने 2020–21 में अपने कुल व्यय का 18% से अधिक शिक्षा पर आवंटित किया, जो राज्य औसत से काफी ऊपर है।[6]

8. चुनौतियाँ एवं आलोचना

नीति के छह वर्ष पूर्ण होने पर किए गए स्वतंत्र विश्लेषणों में कुछ महत्वपूर्ण अंतराल चिह्नित किए गए हैं। संतुलित समझ के लिए इन्हें जानना आवश्यक है।[6]

चुनौती विवरण
महत्वाकांक्षा बनाम वित्तGDP का 6% व्यय लक्ष्य नीति लागू होने के वर्षों बाद भी प्राप्त नहीं हुआ
राज्यों में असमानताकुछ राज्य 18%+ व्यय करते हैं, कुछ 7–12% पर सीमित हैं
संस्थागत विलंबउच्च शिक्षा आयोग (HECI) एवं शिक्षक शिक्षा हेतु पाठ्यचर्या रूपरेखा में देरी
संघीय बाधाभारत के लगभग 70% विश्वविद्यालय राज्य अधिनियमों के अधीन — केंद्रीय सुधार एकसमान रूप से लागू नहीं हो सकते
नीति बनाम कक्षानीति-दस्तावेज़ और वास्तविक कक्षा-अभ्यास के बीच अंतर बना हुआ है

9. विद्यालय स्तर पर कार्य-सूची

निम्नलिखित सूची MSRA के चार घटकों से व्युत्पन्न है और विद्यालय स्तर पर तत्काल कार्यान्वयन योग्य है।

उत्तरदायी कार्य
प्रधानाचार्यऐप-आधारित उपस्थिति चालू करना; मेगा पीटीएम का कैलेंडर बनाना; ICT लैब की स्थिति की समीक्षा; बालक-बालिका शौचालय की उपलब्धता सुनिश्चित करना
शिक्षक (कक्षा 1–5)मातृभाषा में शिक्षण; ORF परीक्षण की तैयारी; प्रखर 2.0 के स्तर-अनुसार समूह बनाना; आंगनवाड़ी से समन्वय
शिक्षक (कक्षा 6–12)दक्षता-आधारित प्रश्न-पत्र निर्माण; कार्यपुस्तिकाओं का प्रयोग; व्यावसायिक शिक्षा मॉड्यूल का एकीकरण
SMC/SDMCमेगा पीटीएम में सक्रिय भागीदारी; पाठ्यपुस्तक-गणवेश वितरण की निगरानी
अभिभावकदक्षता-आधारित प्रगति रिपोर्ट को समझना — इसमें केवल अंक नहीं, कौशल-स्तर दर्शाया जाता है

10. सरकारी संपर्क

सत्यापित आधिकारिक संपर्क
RSCERT, उदयपुरदूरभाष: 0294-2415171, 0294-2427115[5]
RSCERT वेबसाइटrscertudai.rajasthan.gov.in
शिक्षा विभाग, राजस्थानeducation.rajasthan.gov.in
RBSE, अजमेरrajeduboard.rajasthan.gov.in
समग्र शिक्षा राजस्थानNEP नोडल एजेंसी — राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय
शिक्षक प्रशिक्षण मंचDIKSHA — diksha.gov.in
अस्वीकरण: सरकारी दूरभाष क्रमांक एवं वेबसाइट पते समय-समय पर बदल सकते हैं। किसी भी आधिकारिक कार्य से पूर्व संबंधित विभागीय वेबसाइट से पुष्टि कर लें। जिला-स्तरीय जानकारी हेतु अपने जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय से संपर्क करें।

11. प्रतियोगी परीक्षा दृष्टिकोण

NEP 2020 और MSRA से संबंधित प्रश्न रीट (REET), आरपीएससी (RPSC) की विभिन्न परीक्षाओं, तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती तथा प्रधानाचार्य साक्षात्कार में नियमित रूप से पूछे जाते हैं।

अभ्यास प्रश्न

प्र.1 मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान कितने घटकों और गतिविधियों पर आधारित है?

(अ) 3 घटक, 20 गतिविधियाँ    (ब) 4 घटक, 41 गतिविधियाँ    (स) 5 घटक, 55 गतिविधियाँ    (द) 6 घटक, 30 गतिविधियाँ

उत्तर: (ब) — चार घटक: विद्यार्थी-केंद्रित, विद्यालय-केंद्रित, शिक्षक-केंद्रित, शैक्षणिक परिणाम-केंद्रित।[3]

प्र.2 अभियान के अंतर्गत AI-आधारित पठन वर्गीकरण किस पहल के माध्यम से किया जाता है?

(अ) निपुण भारत    (ब) प्रखर 2.0    (स) विद्या समीक्षा केंद्र    (द) दीक्षा पोर्टल

उत्तर: (ब) — प्रखर 2.0 के अंतर्गत ORF प्रणाली का उपयोग होता है।[3]

प्र.3 NEP 2020 की नई शैक्षिक संरचना क्या है?

(अ) 10+2    (ब) 5+3+3+4    (स) 4+4+4+3    (द) 6+3+3+3

उत्तर: (ब) — आयु 3 से 18 वर्ष तक, कुल 15 वर्ष।[1]

प्र.4 राजस्थान में NEP 2020 क्रियान्वयन का नोडल अधिकारी कौन है?

(अ) निदेशक, माध्यमिक शिक्षा    (ब) निदेशक, RSCERT    (स) राज्य परियोजना निदेशक, समग्र शिक्षा    (द) सचिव, शिक्षा विभाग

उत्तर: (स)[2]

प्र.5 मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान का शुभारंभ कब हुआ?

(अ) 30 मार्च 2024    (ब) 29 मार्च 2025    (स) 1 जुलाई 2025    (द) 29 जुलाई 2020

उत्तर: (ब) — राजस्थान दिवस के अवसर पर।[3]

12. सामान्य प्रश्न

प्र. NEP 2020 राजकीय विद्यालयों के लिए अनिवार्य है?

राष्ट्रीय शिक्षा नीति स्वयं एक नीति-दस्तावेज़ है, अधिनियम नहीं। किंतु राजस्थान में इसे मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान के माध्यम से विभागीय आदेशों द्वारा सभी राजकीय विद्यालयों में लागू किया गया है — अतः व्यवहार में यह अनिवार्य है।

प्र. कक्षा 1–5 में शिक्षण किस भाषा में होगा?

NEP 2020 प्राथमिक स्तर पर यथासंभव मातृभाषा/स्थानीय भाषा में शिक्षण की अनुशंसा करती है। MSRA के परिणाम-केंद्रित घटक में "प्राथमिक स्तर पर मातृभाषा में शिक्षण" स्पष्ट रूप से सम्मिलित है।

प्र. 5+3+3+4 में "5" का अर्थ पाँच कक्षाएँ हैं?

नहीं, पाँच वर्ष। इसमें आंगनवाड़ी/प्री-स्कूल के तीन वर्ष (आयु 3–6) और कक्षा 1–2 के दो वर्ष सम्मिलित हैं। यही NEP का सबसे बड़ा संरचनात्मक परिवर्तन है — शिक्षा अब 6 वर्ष से नहीं, 3 वर्ष से आरंभ मानी जाती है।

प्र. दक्षता-आधारित मूल्यांकन क्या है?

इसमें यह देखा जाता है कि विद्यार्थी किसी अवधारणा का प्रयोग कर पाता है या नहीं — केवल यह नहीं कि उसने परिभाषा याद की है या नहीं। उदाहरण: "प्रतिशत की परिभाषा लिखो" रटंत प्रश्न है; "इस बिल पर 12% छूट लगाकर देय राशि निकालो" दक्षता-आधारित प्रश्न है।

प्र. प्रखर 2.0 और निपुण भारत में क्या अंतर है?

निपुण भारत आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता का राष्ट्रीय मिशन है। प्रखर राजस्थान का राज्य-स्तरीय पठन कार्यक्रम है, जिसका 2.0 संस्करण AI-आधारित ORF प्रणाली का प्रयोग करता है। MSRA के अंतर्गत दोनों को एकीकृत कर दिया गया है।

प्र. "स्कूल ऑन व्हील्स" किसके लिए है?

घुमंतू एवं अर्द्ध-घुमंतू समुदायों के बच्चों के लिए, जो स्थायी निवास न होने के कारण नियमित विद्यालय से जुड़ नहीं पाते। यह MSRA के विद्यार्थी-केंद्रित घटक की गतिविधि है।

प्र. शून्य-नामांकन विद्यालयों का क्या होगा?

MSRA के विद्यालय-केंद्रित घटक के अंतर्गत ऐसे विद्यालयों का निकटवर्ती विद्यालयों में एकीकरण (merger) किया जा रहा है, ताकि संसाधन और स्टाफ का बेहतर उपयोग हो सके।

प्र. मेंटर स्कूल क्या होते हैं?

पर्याप्त सुविधाओं एवं बेहतर परिणाम वाले विद्यालयों को मेंटर स्कूल बनाया जाता है, जो आसपास के कमजोर विद्यालयों को शैक्षणिक मार्गदर्शन देते हैं।

प्र. क्या NEP से बोर्ड परीक्षा समाप्त हो जाएगी?

नहीं। NEP बोर्ड परीक्षा समाप्त नहीं करती, बल्कि उसका "उच्च-दांव" (high-stakes) स्वरूप घटाने की अनुशंसा करती है — जैसे वर्ष में दो अवसर देना और रटंत के स्थान पर दक्षता जाँचना। राजस्थान बोर्ड में इन प्रावधानों का क्रियान्वयन चरणबद्ध है; नवीनतम स्थिति RBSE की आधिकारिक अधिसूचना से देखें।

प्र. शिक्षक अपनी तैयारी कहाँ से करें?

DIKSHA मंच पर NEP-संबंधी प्रशिक्षण मॉड्यूल उपलब्ध हैं। पाठ्यक्रम एवं पाठ्यपुस्तक संबंधी मार्गदर्शन RSCERT उदयपुर से तथा विभागीय आदेश शिक्षा विभाग की वेबसाइट से प्राप्त किए जा सकते हैं।

यह भी देखें

सन्दर्भ

  1. शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020. नई दिल्ली, 29 जुलाई 2020. उपलब्ध: education.gov.in
  2. "Rajasthan forms six committees for NEP 2020 implementation in state" — शिक्षा समाचार, 8 दिसंबर 2022. केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री द्वारा संसद में दी गई जानकारी पर आधारित।
  3. "Implementation of NEP-2020 through Mukhyamantri Shikshit Rajasthan Abhiyan (MSRA)" — 1 दिसंबर 2025. अभियान का शुभारंभ 29 मार्च 2025, राजस्थान दिवस।
  4. "How NEP 2020 is building future-ready schools through 14 AI initiatives" — जुलाई 2026. राजस्थान में 45 लाख+ AI-आधारित मूल्यांकन, "पढ़ाई विद AI" उत्तीर्ण दर 96.4%, 26 लाख+ विद्यार्थियों का 10 दिनों में पठन परीक्षण।
  5. राजस्थान राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद् (RSCERT), उदयपुर — आधिकारिक वेबसाइट rscertudai.rajasthan.gov.in. स्थापना 11 नवंबर 1978 (SIERT); अगस्त 2018 में RSCERT के रूप में पुनर्गठन।
  6. "Six Years of NEP 2020: The Gap Between Policy Design and Classroom Reality" — नीति विश्लेषण, जुलाई 2026. समग्र शिक्षा आवंटन ₹37,010 करोड़ (2024–25); राज्यवार शिक्षा व्यय तुलना।

बाहरी कड़ियाँ

  • शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार — education.gov.in
  • शिक्षा विभाग, राजस्थान सरकार — education.rajasthan.gov.in
  • RSCERT उदयपुर — rscertudai.rajasthan.gov.in
  • माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान, अजमेर — rajeduboard.rajasthan.gov.in
  • दीक्षा (शिक्षक प्रशिक्षण मंच) — diksha.gov.in

अंतिम अद्यतन: 23 जुलाई 2026

यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध सरकारी दस्तावेज़ों एवं समाचार रिपोर्टों पर आधारित है। योजनाओं के प्रावधान एवं आँकड़े समय के साथ बदल सकते हैं। किसी भी आधिकारिक निर्णय से पूर्व संबंधित विभाग की नवीनतम अधिसूचना अवश्य देखें।

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