IFMS 3.0 Rajasthan: पेपरलेस पेंशन प्रक्रिया के विस्तृत दिशा-निर्देश (मूल आदेश)
IFMS 3.0 (Integrated Financial Management System) के अन्तर्गत राजस्थान सरकार के वित्त (कोष एवं लेखा) विभाग द्वारा सेवानिवृत्त होने वाले कार्मिकों को सेवानिवृत्ति दिवस को ही समस्त पेंशन परिलाभ उपलब्ध करवाने हेतु विस्तृत दिशा-निर्देश (परिपत्र क्रमांक 1112-1311, दिनांक 01.06.2023) जारी किए गए थे। इस प्रणाली का मुख्य उद्देश्य पेंशन प्रक्रिया को पूरी तरह से पेपरलेस (Paperless) और समयबद्ध बनाना है।
1. मुख्य विशेषताएं (Key Highlights)
- Self Service: पेंशन से संबंधित सूचनाएं कर्मचारी की सेवानिवृत्ति से 180 दिन पूर्व सिस्टम पर स्वतः प्रदर्शित होने लगेंगी।
- 60 दिन पूर्व की अनिवार्यता: कार्मिक को कम्युटेशन विकल्प, बैंक अकाउंट और संयुक्त फोटोग्राफ सेवानिवृत्ति से 60 दिन पूर्व सिस्टम पर प्रस्तुत करना होगा।
- Deemed Approval: यदि कार्यालयाध्यक्ष द्वारा समय पर ई-पेंशन सेट आगे नहीं भेजा जाता है, तो फाइल स्वतः ऑटो-प्रोसेस हो जाएगी।
- जीवन प्रमाण पत्र: सभी पेंशनर्स को अपना जीवन प्रमाण पत्र प्रतिवर्ष नवम्बर माह में ऑनलाइन जमा करवाना होगा।
2. विभागीय आदेश (Word-by-Word मूल पाठ)
राजस्थान सरकार के वित्त (कोष एवं लेखा) विभाग द्वारा जारी परिपत्र (दिनांक 01.06.2023) का शब्दशः (Word-by-word) विवरण निम्नलिखित है:
राजस्थान सरकार
वित्त (कोष एवं लेखा) विभाग
क्रमांक: एफ.5(थ-75)डीटीए/IFMS 3.0/ 1112 - 1311 दिनांक 1/6/2023
परिपत्र
माननीय मुख्यमंत्री महोदय द्वारा प्रदेश में कुशल वित्तीय एवं बजटीय प्रबन्धन के लिए की गई बजट घोषणाओं के क्रम में Integrated Financial Management System (IFMS 3.0) के अन्तर्गत सेवानिवृत्त होने वाले कार्मिकों को सेवानिवृति दिवस को ही समस्त पेंशन परिलाभों की स्वीकृति उपलब्ध करवायी जायेगी।
इस हेतु वर्तमान नियमों का सरलीकरण करते हुए पेपरलेस एवं समयबद्ध प्रक्रियाओं को संयोजित किया गया है, जिसमें मुख्यतया कार्मिकों के संवेतन भुगतान हेतु उपलब्ध डाटा का उपयोग करते हुए सिस्टम आधारित नियंत्रणों के साथ अतिआवश्यक एवं न्यूनतम औपचारिकताओं के स्तरों को ही रखा गया है। अतः सम्बद्ध कार्मिकों एवं प्राधिकारियों से यह अपेक्षा की जाती है कि सिस्टम पर कार्मिकों के संवेतन भुगतान हेतु उपलब्ध डाटा एवं पेंशन गणना हेतु आवश्यक डाटा को अद्यतन रखा जाये।
उक्त प्रक्रिया के अन्तर्गत विभिन्न प्राधिकारियों/सेवानिवृत्त होने वाले कार्मिकों के द्वारा पेंशन परिलाभों की स्वीकृति हेतु निम्नानुसार कार्यवाही की जानी है:-
1. विभागाध्यक्ष/कार्यालयाध्यक्ष :-
(i) आई.एफ.एम.एस. 3.0 का उपयोग करने हेतु https://ifms.rajasthan.gov.in पर क्लिक करने के बाद की जाने वाली प्रक्रियाओं का चरणबद्ध विवरण Annexure 'A' पर संलग्न है। नवीन प्रक्रिया एस.एस.ओ. लॉगिन से सम्बद्ध होकर Work Flow Based Architecture पर आधारित है जिसमें प्रत्येक स्तर पर Maker, Checker, Approver के दायित्व सिस्टम से संयोजित किए गए हैं। सभी स्तरों पर Checker का Role प्रमुखतया विभाग में पदस्थापित लेखा संवर्ग के कार्मिकों को दिया जाये।
(ii) समस्त विभागाध्यक्ष यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके अधीनस्थ कार्यालयाध्यक्ष द्वारा कर्मचारी से संबंधित समस्त डाटा सेवापुस्तिका के आधार पर सिस्टम पर अद्यतन कर दिया गया है। इसके लिए कर्मचारी की पेंशन योग्य सेवा एवं पेंशन अयोग्य सेवा की गणना कर सिस्टम पर अपडेट की जायेगी।
(iii) कर्मचारी से सम्बद्ध लंबित देयताओं का अंकन कार्यालयाध्यक्ष द्वारा सिस्टम पर लंबित राशि एवं संबंधित जमा मद के साथ किया जाये। देयता लंबित न होने की स्थिति में अदेयता प्रमाण पत्र के स्थान पर सिस्टम जनरेटेड सर्टिफिकेट अंकित किया जाये।
(iv) कर्मचारी से सम्बद्ध सेवानिवृत्ति आदेश/न्यायिक कार्यवाही/लंबित विभागीय जांच का अंकन कार्यालयाध्यक्ष द्वारा सिस्टम पर अधिकृति के साथ (जहां पर विभागीय जांच लंबित है) किया जायेगा। विभागीय जांच लंबित न होने की स्थिति में प्रमाण पत्र के स्थान पर सिस्टम जनरेटेड सर्टिफिकेट अंकित किया जायेगा। कार्यालयाध्यक्ष के स्तर पर संपादित उक्त प्रक्रिया में Checker (लेखा संवर्ग) द्वारा भी पेंशन गणना संबंधी जांच का सर्टिफिकेट सिस्टम से सम्बद्ध होगा।
(v) विभागाध्यक्ष, कार्यालयाध्यक्ष एवं अन्य संबंधित प्राधिकारी, जिनके द्वारा पेंशन सेट के लिए आवश्यक प्रपत्र/अदेय प्रमाण पत्र/विभागीय जांच नहीं होने का प्रमाण पत्र इत्यादि जारी किये जाने अपेक्षित हैं, कार्मिक की सेवानिवृत्ति से छः माह पूर्व जारी किया जाना सुनिश्चित करेंगे परन्तु सिस्टम पर इस उद्देश्य का अंकन कार्यालयाध्यक्ष के स्तर पर बिन्दु संख्या 1 के (iii) एवं (iv) के क्रम में किया जायेगा।
(vi) यदि ई-पेंशन सेट पेंशन विभाग को अग्रेषित करने के बाद अथवा जीपीओ/सीपीओ/पीपीओ/अधिकृतियां जारी होने के बाद कार्मिक के सेवानिवृत्ति दिनांक तक कार्मिक के विरुद्ध विभागीय जांच/न्यायिक कार्यवाही नियम अनुसार प्रारम्भ होने पर इसकी सूचना कार्यालयाध्यक्ष द्वारा सिस्टम से ऑनलाइन पेंशन विभाग/पेंशन भुगतान अधिकारी को तुरन्त दी जाएगी। यदि यह सूचना नहीं दी जाती है तो पेंशन वितरण प्राधिकारी द्वारा कार्मिक के सेवानिवृत्ति परिलाभों का भुगतान यह मानते हुए स्वतः कर दिया जाएगा कि ऐसी कोई कार्यवाही लम्बित नहीं है। समय पर सूचना नहीं देने की सम्पूर्ण जिम्मेदारी विभागाध्यक्ष/कार्यालयाध्यक्ष की होगी।
(vii) सेवानिवृत्त होने वाले कार्मिकों के समस्त वेतन नियतन, पेंशन योग्य सेवा का सत्यापन, बकाया ऋण/अग्रिम या अन्य देयता की वसूली अथवा अदेयता प्रमाण पत्र, विभागीय जांच बकाया होने या ना होने संबंधित प्रमाण पत्र, संबंधित कार्मिकों से प्राप्त की जाने वाली सूचना एवं सिस्टम पर ई-पेंशन सेट से संबंधित समस्त सूचनाओं की पूर्ति कर कार्मिक के सेवानिवृत्ति माह की 15 तारीख तक पेंशन विभाग को अग्रेषित करेगें। कार्यालयाध्यक्ष स्तर पर जाँच एवं ई-पेंशन सेट तैयार करने हेतु सिस्टम पर मेकर, चेकर अप्रूवर के स्तर उपलब्ध रहेंगे।
(viii) यदि कार्यालयाध्यक्ष द्वारा यथा समय सिस्टम पर पेंशन सेट से संबंधित सूचना अद्यतन नहीं की जाती है तो Deemed Approval मानते हुये कि कार्यालयाध्यक्ष द्वारा उपलब्ध डाटा की जांच कर ली गई है और समस्त वेतन संबंधित सूचना और प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवानिवृत तिथि की अवधि पेंशन योग्य सेवा मानते हुये ई-पेंशन सेट ऑटो प्रोसेस द्वारा पेंशन विभाग को पेंशन और ग्रेच्युटी (जहां लागू हो) के लिए अग्रेषित होगा। इस स्थिति में सेवानिवृत्त होने वाले कार्मिक को किए जाने वाले भुगतान को कार्यालयाध्यक्ष द्वारा अधिकृत मानते हुए अग्रेषित किया हुआ माना जायेगा।
(ix) समस्त विभागाध्यक्ष, विभाग के वरिष्ठतम लेखाधिकारी अपने अधीनस्थ कार्यालयों को निर्देशित कर अधिवार्षिकी आयु से सेवानिवृत होने वाले कर्मचारियों का ई-पेंशन सेट कार्यालयाध्यक्ष के माध्यम से निर्धारित समयावधि में पेंशन विभाग के सम्बन्धित क्षेत्रीय कार्यालय को अग्रेषित करना सुनिश्चित करेंगे।
(x) ई-पेंशन सेट प्रस्तुतीकरण हेतु कार्यालयाध्यक्ष/विभागाध्यक्ष/प्रशासनिक विभाग/संयुक्त शासन सचिव सक्षम होगें जिन्हे इस हेतु नियमों अथवा विभिन्न आदेशों से अधिकृत किया हुआ है।
(xi) AIS, RJS, RHJS, TAX Board, RPSC, Revenue Board, Election Commission Staff Selection Board के प्रकरण क्षेत्रीय कार्यालय जयपुर को सम्बन्धित कार्यालयाध्यक्ष/विभागाध्यक्ष/प्रशासनिक विभाग द्वारा प्रेषित किये जाएंगे। ये प्रकरण क्षेत्रीय कार्यालय जयपुर के अतिरिक्त निदेशक से अनुमोदन उपरान्त सहायक निदेशक/उप निदेशक के डिजिटल साइन से जारी किये जाएंगे।
(xii) सम्बन्धित क्षेत्रीय कार्यालय के सहायक निदेशक/उप निदेशक स्तर पर पेंशन प्रकरणों का अनुमोदन कर उसके ई-साइन/सर्वर सर्टिफिकेशन साइन/डिजिटल साइन के साथ अधिकृतियां जारी की जाएगी। सम्बन्धित क्षेत्रीय कार्यालय के क्षेत्राधिकार में स्थित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष के पेंशन प्रकरण में पेंशन विभाग के सम्बन्धित अतिरिक्त निदेशक स्तर से अनुमोदन उपरांत सहायक निदेशक/उप निदेशक के डिजिटल साइन से अधिकृतियां जारी की जाएगी।
(xiii) कार्यालयाध्यक्ष द्वारा सेवानिवृति दिवस पर कार्यालय समय समाप्ति के उपरान्त कार्मिक को सिस्टम पर रिलीव किया जायेगा यदि कार्यालयाध्यक्ष द्वारा निर्धारित समयावधि में कार्मिक को सिस्टम पर रिलीव नहीं किया जाता है तो स्वतः ही रिलीविंग जारी होकर पेंशन भुगतानकर्ता एकल आहरण एवं वितरण अधिकारी को प्रदर्शित होगी।
(xiv) कार्यालयाध्यक्ष के स्तर पर एक निर्धारित समयावधि तक सेवानिवृत होने वाले कार्मिकों का डेटा Upcoming Pensioner में स्वतः प्रदर्शित होगा। यदि किसी कार्मिक की मृत्यु/वी.आर.एस./Compulsory retirement इत्यादि के कारण समय पूर्व पेंशन सेट प्रस्तुतीकरण आवश्यक है तो यह सिस्टम पर Work Flow Based Architecture पर आधारित होगा। कार्मिक की मृत्यु के प्रकरण में उसके Spouse/Family member को सिस्टम पर आवश्यक दस्तावेज प्रेषण हेतु एस.एस.ओ. आधारित लॉगिन आई.एफ.एम.एस. 3.0 पर स्वतः उपलब्ध करवाया जायेगा।
(xv) इस प्रक्रिया में कार्य करने हेतु सेवानिवृत्त होने वाले कार्मिक, कार्यालयाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, नियुक्ति प्राधिकारी, पेंशन स्वीकृतकर्ता अधिकारी, (कार्यालयाध्यक्ष) पेंशन अधिकृता प्राधिकारी (पेंशन विभाग), पेंशन भुगतान अधिकारी इत्यादि के दायित्वों की सूची Annexure 'B' पर संलग्न है।
2. सेवानिवृत्त होने वाले कार्मिक :-
(i) पेंशन से संबंधित प्रक्रियाओं/ई-पेंशन सेट हेतु आई.एफ.एम.एस. 3.0 के अन्तर्गत Self Service में कार्मिकों की आवश्यक सूचनाऐं उसकी सेवानिवृत्ति से 180 दिन पूर्व स्वतः प्रदर्शित होगी, जिसको कार्मिक द्वारा निर्धारित समयावधि में अद्यतन करना होगा।
(ii) कम्युटेशन प्राप्ति के विकल्प का चयन, विभिन्न नोमिनेशन एवं उनकी प्रतिशतता का निर्धारण, बैंक अकाउन्ट अपडेशन (यदि कार्मिक वेतन के बैंक खाते से भिन्न किसी अन्य बैंक अकाउन्ट में पेंशन प्राप्त करना चाहता है) एवं संयुक्त फोटोग्राफ/फोटोग्राफ अपलोड कर कार्मिक अपने पेंशन सेट को सिस्टम से कार्यालयाध्यक्ष को सेवानिवृत्ति से 60 दिवस पूर्व प्रस्तुत कर सकेगा। यदि कार्मिक अपनी सूचना अद्यतन नहीं करता है तो यह माना जायेगा कि कार्मिक प्रथम पेंशन के समय कम्युटेशन प्राप्त नहीं करना चाहता है एवं सभी प्रकार से उसकी सहमति मानते हुए उपलब्ध डाटा ही कार्यालयाध्यक्ष को ऑटो प्रोसेस होकर अग्रिम कार्यवाही हेतु उपलब्ध होगा। कार्मिक द्वारा Communication detail/Nominee detail एवं बैंक डिटेल ओ.टी.पी. आधारित Authentication से स्वतः परिवर्तित की जा सकेगी।
(iii) पेंशन विभाग में प्रकरण प्राप्त होने पर कार्मिक को एक यूनिक नम्बर सिस्टम द्वारा आवंटित किया जाएगा।
(iv) कार्मिक/पेंशनर को Self Service में पेंशन किट एवं पेंशन स्वीकृति आदेश (पीपीओ), उपादान स्वीकृति आदेश (जीपीओ) एवं कम्युटेशन स्वीकृति आदेश (सीपीओ) तथा अन्य भुगतान संबंधी सूचनाऐं स्वतः प्रदर्शित होगी।
3. कोषाधिकारी :-
किसी कर्मचारी द्वारा यदि दीर्घकालीन ऋण (दिनांक 01.04.2004 से पूर्व - भवन अग्रिम ऋण/वाहन अग्रिम ऋण) प्राप्त किया गया है तो संबंधित कोषाधिकारी द्वारा कार्यालयाध्यक्ष से प्राप्त सूचना के आधार पर तुरन्त बकाया दीर्घकालीन ऋण की देयता अथवा अदेयता की गणना कर प्रमाण पत्र कोषालय के रिकार्ड से जांच कर जारी किया जाना सुनिश्चित किया जायेगा।
4. पेंशन कार्यालय :-
(i) कार्यालयाध्यक्ष/विभागाध्यक्ष/प्रशासनिक विभाग/संयुक्त शासन सचिव से प्राप्त ई-पेंशन सेट संबंधित क्षेत्रीय पेंशन कार्यालय में रिसीवर/अप्रूवर को प्राप्त होंगे। पेंशन विभाग द्वारा एक निर्धारित अवधि में अपनी कार्रवाई सम्पन्न करनी आवश्यक होगी। इस अवधि में पेंशन कार्यालय में रिसीवर/अप्रूवर अपने मेकर अथवा चेकर से सिस्टम पर जांच की कार्यवाही करवा सकता है। मेकर, चेकर, एप्रूवर के स्तर पर निर्धारित अवधि में यदि संबंधित द्वारा कार्रवाई नहीं की जाती है, तो पेंशन प्रकरण स्वतः अग्रिम स्तर पर ऑटो प्रोसेस से अग्रेषित हो जाएगा एवं निर्धारित अवधि के बाद पेंशन प्राधिकरण आदेश (पीपीओ), उपादान स्वीकृति आदेश (जीपीओ) एवं कम्युटेशन स्वीकृति आदेश (सीपीओ) सिस्टम से स्वतः जारी कर दिये जाऐंगे। इस प्रकार जारी अधिकृतियों को पेंशन विभाग के सम्बन्धित कार्मिक/अधिकारी द्वारा अधिकृत की गई माना जायेगा। पेंशन विभाग के स्तर पर की जाने वाली कार्यवाही का विवरण भी Annexure 'B' पर ही उपलब्ध है।
(ii) पेंशन विभाग द्वारा जारी प्रत्येक पेंशनर को एक यूनिक आई.डी. दिया जायेगा जिसके साथ पेंशन स्वीकृति आदेश (पीपीओ), उपादान स्वीकृति आदेश (जीपीओ) एवं कम्युटेशन स्वीकृति आदेश (सीपीओ) सम्बद्ध होंगे। यह समस्त आदेश सिस्टम पर पेंशन विभाग के एकल आहरण वितरण अधिकारी को भुगतान हेतु मय बिल स्वतः प्रदर्शित होंगे। इसकी प्रति कार्मिक द्वारा चयनित कोष कार्यालय को भी सिस्टम पर स्वतः प्रदर्शित होगी। उपादान स्वीकृति आदेश (जीपीओ) एवं कम्युटेशन स्वीकृति आदेश (सीपीओ) के बिल भुगतान हेतु एकल आहरण वितरण अधिकारी के ई-साइन/सर्वर सर्टिफिकेट साइन/डिजीटल साइन के साथ सिस्टम से सम्बद्ध एकल कोषालय को प्रेषित किए जायेंगे। एकल कोष के स्तर पर यह बिल ऑटो पास होंगे जिन पर कोषाधिकारी के सर्वर सर्टिफिकेट से साईन होगें।
(iii) पेंशन अधिकृत प्राधिकारी (पेंशन विभाग), विभागाध्यक्ष, प्रशासनिक विभाग, नियुक्ति अधिकारी, कोषाधिकारी, सम्बद्ध कार्यालयाध्यक्ष को यदि पेंशन अधिकृति आदेश (पीपीओ), उपादान अधिकृति आदेश (जीपीओ) एवं कम्युटेशन अधिकृति आदेश (सीपीओ) जारी होने एवं भुगतान किए जाने से पूर्व की अवधि के मध्य कार्मिक/पेंशनर के संबंध में मृत्यु प्रमाण पत्र/कोर्ट निर्णय/विभागीय जाँच आदेश इत्यादि से सम्बद्ध कोई सूचना प्राप्त होती है तो वह उसे सिस्टम पर ऑनलाइन पेंशन अधिकृत प्राधिकारी या एकल आहरण वितरण अधिकारी (जहाँ भी प्रकरण तत्समय प्रक्रियाधीन है) को प्रेषित की जाएगी। पेंशन विभाग या एकल आहरण वितरण अधिकारी या कोषाधिकारी द्वारा भी सिस्टम पर उक्त संदर्भ में सूचना मार्क किए जाने का प्रावधान उपलब्ध रहेगा।
(iv) उपरोक्त में से किसी भी एक अधिकारी द्वारा उक्त सूचना मार्क किए जाने के उपरान्त पेंशन अधिकृति आदेश (पीपीओ), उपादान अधिकृति आदेश (जीपीओ) एवं कम्युटेशन अधिकृति आदेश (सीपीओ) के निरस्त होने की सूचना अन्य सभी सम्बद्ध अधिकारियों को सिस्टम पर स्वतः प्रदर्शित होगी।
(v) सभी प्रमाण पत्र अर्थात् जीवन प्रमाण पत्र, विवाह/पुनर्विवाह प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र/रोजगार प्रमाण पत्र (जहां लागू हो) प्रतिवर्ष नवम्बर माह में पेंशनर्स सेल्फ सर्विस के माध्यम से आई.एफ.एम.एस. पर पेंशनर्स से एक बार लिया जाएगा। मानसिक या शारीरिक विकलांगता (जहां लागू हो) के संबंध में नियमानुसार निर्धारित प्रमाण पत्र प्रत्येक तीन साल में एक बार लिया जाएगा। मृत्यु प्रमाण पत्र को सिस्टम से सम्बद्ध किया जायेगा।
उपरोक्त समस्त प्रक्रिया एवं समयबद्धता वर्तमान में राज्य सरकार में अधिवार्षिकी आयु से सेवानिवृत्त होने वाले कार्मिकों के संदर्भ में प्रारम्भ की गई है। इसकी क्रियान्विति हेतु सम्बन्धित नियमों में स्वतः संशोधन माना जायेगा। भविष्य में निदेशक, पेंशन एवं पेंशनर्स कल्याण विभाग द्वारा राजस्थान सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1996 में आवश्यक संशोधन हेतु प्रस्ताव प्रस्तुत किये जायेंगे।
उक्त निर्देशों की पालना अक्षरशः किया जाना सुनिश्चित किया जाये।
यह व्यवस्था तुरन्त प्रभाव से लागू होगी।
(रोहित गुप्ता)
शासन सचिव, वित्त (बजट)
3. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
- प्रश्न 1: IFMS 3.0 में पेंशनर सेल्फ सर्विस (Self Service) पर सूचनाएं कब दिखने लगती हैं?
- उत्तर: IFMS 3.0 के नियमानुसार, सेवानिवृत्त होने वाले कार्मिक को पेंशन संबंधी आवश्यक सूचनाएं उसकी सेवानिवृत्ति तिथि से 180 दिन (6 माह) पूर्व सिस्टम पर स्वतः प्रदर्शित होने लगती हैं।
- प्रश्न 2: कर्मचारी को अपनी संयुक्त फोटो और कम्युटेशन विकल्प कब तक अपलोड करना होता है?
- उत्तर: कर्मचारी को अपनी बैंक डिटेल, नोमिनेशन, कम्युटेशन विकल्प और संयुक्त फोटोग्राफ सेवानिवृत्ति से कम से कम 60 दिवस पूर्व सिस्टम (IFMS 3.0) पर सबमिट करना अनिवार्य है।
- प्रश्न 3: Deemed Approval (डीम्ड अप्रूवल) क्या है?
- उत्तर: यदि कार्यालयाध्यक्ष द्वारा समय पर ई-पेंशन सेट आगे नहीं भेजा जाता है, तो सिस्टम स्वतः मान लेता है कि डाटा सही है और फाइल को पेंशन विभाग को ऑटो-प्रोसेस कर देता है। इसे ही Deemed Approval कहा गया है।
- प्रश्न 4: पेंशनर्स को जीवन प्रमाण पत्र (Life Certificate) कब और कैसे जमा करना होगा?
- उत्तर: सभी पेंशनर्स को अपना जीवन प्रमाण पत्र प्रतिवर्ष नवम्बर माह में 'पेंशनर्स सेल्फ सर्विस' के माध्यम से ऑनलाइन (IFMS पोर्टल पर) जमा करवाना होगा।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
कृपया टिप्पणी करते समय मर्यादित भाषा का प्रयोग करें। किसी भी प्रकार का स्पैम, अपशब्द या प्रमोशनल लिंक हटाया जा सकता है। आपका सुझाव हमारे लिए महत्वपूर्ण है!