Rajasthan Pension Rules 2026: पेंशन प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश
राजस्थान सिविल सेवा (पेंशन) नियम के तहत राजस्थान सरकार के वित्त (पेंशन) विभाग द्वारा 9 मार्च 2026 को राज्य के अधिकारियों और कर्मचारियों के पेंशन प्रकरणों (Pension Cases) को समय पर निपटाने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इन नियमों का मुख्य उद्देश्य सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को बिना किसी विलंब के उनके परिलाभ प्रदान करना तथा IFMS 3.0 के माध्यम से प्रक्रिया को पूरी तरह से पेपरलेस (Paperless) बनाना है। देरी होने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों पर राजस्थान लोक सेवाओं के प्रदान की गारन्टी अधिनियम 2011 के तहत अर्थदंड का भी प्रावधान किया गया है।
1. मुख्य विशेषताएं (Key Highlights)
सरकार द्वारा जारी किए गए नए निर्देशों की प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
- आर्थिक दंड (Penalty): पेंशन प्रकरणों को "राजस्थान लोक सेवाओं के प्रदान की गारन्टी अधिनियम 2011" में शामिल किया गया है। समय पर निस्तारण न होने पर दोषी अधिकारी पर ₹250 से ₹500 प्रतिदिन का अर्थदंड लगाया जाएगा।
- प्रक्रिया की शुरुआत: कर्मचारी के अधिवार्षिकी आयु पूर्ण कर सेवानिवृत्त होने की दिनांक से ठीक 2 वर्ष पूर्व पेंशन प्रकरण तैयार करने का कार्य आरंभ किया जाएगा।
- दस्तावेज़ पूर्ति: सेवानिवृत्ति दिनांक से 8 माह पूर्व पेंशन प्रपत्र-5 व 5(क) भरवा कर सभी सूचनाएं प्राप्त कर ली जाएंगी।
- IFMS 3.0 पोर्टल: पेंशन की संपूर्ण प्रक्रिया को IFMS 3.0 पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन एवं पेपरलेस किया गया है।
- ब्याज वसूली: विभागीय लापरवाही के कारण न्यायालय द्वारा ब्याज चुकाने का आदेश होने पर, संबंधित लापरवाह अधिकारी/कर्मचारी से उस ब्याज राशि की वसूली की जाएगी।
2. विभागीय आदेश (मूल पाठ)
राजस्थान सरकार के वित्त (पेंशन) विभाग द्वारा दिनांक 09.03.2026 (क्रमांक प.10(3)वित्त/पेंशन/2025 लूज) को जारी मूल आदेश का शब्दशः विवरण इस प्रकार है:
राजस्थान सरकार
वित्त (पेंशन) विभाग
क्रमांक प.10(3)वित्त / पेंशन / 2025 लूज जयपुर, दिनांक 09.03.2026
समस्त विभागाध्यक्ष / जिला कलक्टर,
विषय:- पेंशन प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण हेतु कार्यालयाध्यक्षों को दिशा-निर्देश प्रसारित करने के संबंध में।
राज्य सरकार के अधिकारियों/कर्मचारियों को समय पर पेंशन स्वीकृत करने के संबंध में राजस्थान सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1996 के नियमों में स्पष्ट प्रावधान होने एवं वित्त विभाग के पत्रांक प.10 (13) वित्त/राजस्व/2013/पार्ट दिनांक 09.10.2014 एवं प. 10 (12) वित्त/राजस्व/2010/पार्ट दिनांक 01.03.2017 के द्वारा इस संबंध में निर्देश जारी किये जाने के बावजूद कतिपय मामलों में संबंधित विभागों द्वारा निर्धारित प्रक्रिया की पालना नहीं किये जाने के कारण पेंशन एवं पारिवारिक पेंशन प्रकरणों के निस्तारण में अनावश्यक विलम्ब हो रहा है, जिसके फलस्वरूप संबंधित व्यक्तियों को पेंशन/पारिवारिक पेंशन का भुगतान समय पर नहीं होने के परिणामस्वरूप जहाँ एक ओर उन्हें आर्थिक कठिनाई होती है, वहीं दूसरी ओर इस संबंध में न्यायालयों में वाद भी बढ़ रहे हैं। पेंशन प्रकरणों के विलम्ब से निस्तारण के कारण कई मामलों में राज्य सरकार को ब्याज का अनावश्यक भुगतान भी करना पड़ रहा है।
सेवानिवृत्त अधिकारियों/कर्मचारियों के पेंशन प्रकरणों के निस्तारण की सेवा को समयबद्ध प्रदायगी के लिए "राजस्थान लोक सेवाओं के प्रदान की गारन्टी अधिनियम 2011" की धारा 3 के अन्तर्गत सम्मिलित किया जा चुका है। इस अधिनियम में पेंशन प्रकरण का समय पर निस्तारण नहीं होने पर दोषी पर 250/- रुपये प्रतिदिन की दर से न्यूनतम 500/- रुपये अर्थदण्ड का प्रावधान है।
इस हेतु वर्तमान नियमों का सरलीकरण करते हुए पेपरलेस एवं समयबद्ध तरीके से कार्मिकों को सेवानिवृत्ति दिवस को ही समस्त पेंशन परिलाभों की स्वीकृति हेतु (IFMS 3.0) पर सिस्टम लागू करते हुए वित्त (कोष एवं लेखा) विभाग के परिपत्र क्रमांक एफ.5(थ.75)डीटीए/IFMS 3.0/1112-1311 दिनांक 01.06.2023 (प्रति संलग्न) के तहत कार्मिकों एवं विभागाध्यक्षों के लिए विस्तृत दिशा निर्देश जारी किये गए हैं जिसमें चरणबद्ध रूप से समस्त प्रक्रिया को स्पष्ट किया गया है।
महत्वपूर्ण निर्देश:
1. (क) राजस्थान सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1996 के नियम 80 के अनुसार जिस दिनांक को कोई सरकारी कर्मचारी अधिवार्षिकी आयु पूर्ण करने के कारण सेवानिवृत होने वाला है, उससे दो वर्ष पूर्व कर्मचारी के पेंशन प्रकरण को तैयार करने का कार्य प्रारम्भ कर दिया जावे।
(ख) लघु शास्तियों के लिए प्रारम्भ की गई कार्यवाहियों का, पेंशन को कम करने या रोकने के मामलों में, उसकी पेंशन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।
(ग) सरकारी कर्मचारी की सेवानिवृत्ति से पूर्व उनसे जो अपेक्षाएं हैं उनकी एक चैक लिस्ट तैयार कराई जावे।
(ङ) कार्यालय अध्यक्ष का यह दायित्व होगा कि वह यह सुनिश्चित करें कि पेंशन प्रकरण की तैयारी हेतु संबंधित सरकारी कर्मचारी से पेंशन प्रपत्र-5 व 5(क) में वांछित सूचनाएँ एवं अपेक्षित पूर्तियाँ सेवानिवृत्ति की दिनांक से 8 माह पूर्व पूर्ण करा ली गई है।
(छ) किसी प्रकरण में कुछ सूचना उपलब्ध होने में देरी की संभावना हो या सेवाभिलेख अपूर्ण हो, तो... प्रोविजनल पेंशन एवं प्रोविजनल ग्रेच्युटी की अधिकृतियां जारी करावे।
2. प्राय: यह देखने में आया है कि पेंशन प्रकरण समय पर स्वीकृत नहीं होने का एक मुख्य कारण सेवा संबंधी मामलों में विभाग द्वारा समय पर उचित निर्णय नहीं लेना है। गैर हाजिर अवधि का नियमितिकरण, ए.सी.पी./एम.ए.सी.पी. एवं अन्य फिक्सेशन संबंधी मामले... सेवानिवृत्ति से पूर्व कराया जाना सुनिश्चित करें।
7. यदि किसी प्रकार की विभागीय स्तर पर औपचारिक कार्यवाही अपूर्ण होने की वजह से पेंशन प्रकरण की स्वीकृति में अनावश्यक विलम्ब होता है तो उसके लिए पड़ने वाले विपरीत प्रभाव के लिए उत्तरदायित्व निर्धारित कर उत्तरदायी अधिकारी/कर्मचारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जायेगी तथा पेंशन स्वीकृति में विलम्ब होने पर संबंधित अधिकारियों से नियमानुसार ब्याज की वसूली की जावेगी।
(राजन विशाल)
शासन सचिव, वित्त (बजट)
3. आधिकारिक पीडीएफ डाउनलोड
विभागीय आदेश की मूल प्रति (PDF) डाउनलोड करने के लिए नीचे दिए गए बाहरी लिंक का संदर्भ लें:
4. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
- प्रश्न 1: राजस्थान में पेंशन प्रकरण निस्तारित करने में देरी होने पर कितना जुर्माना है?
- उत्तर: "राजस्थान लोक सेवाओं के प्रदान की गारन्टी अधिनियम 2011" के तहत पेंशन प्रकरण में देरी होने पर दोषी अधिकारी/कर्मचारी पर ₹250 से लेकर अधिकतम ₹500 प्रतिदिन तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान है।
- प्रश्न 2: नए नियमों के अनुसार कर्मचारी की पेंशन प्रक्रिया कब शुरू की जानी चाहिए?
- उत्तर: राजस्थान सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1996 के नियम 80 के अनुसार, कर्मचारी के रिटायर होने की तारीख से 2 वर्ष पूर्व ही पेंशन प्रकरण तैयार करने का कार्य शुरू कर दिया जाना चाहिए।
- प्रश्न 3: राजस्थान में पेंशन स्वीकृति के लिए अब कौन सा पोर्टल उपयोग किया जा रहा है?
- उत्तर: राजस्थान सरकार ने पेंशन स्वीकृति की पूरी प्रक्रिया को पेपरलेस और समयबद्ध बनाने के लिए IFMS 3.0 पोर्टल लागू किया है।




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