संसाधन एवं विकास
Class 10 Geography Chapter 1 (RBSE/NCERT) | Full Notes & Map Workपरिभाषा: हमारे पर्यावरण में उपलब्ध प्रत्येक वस्तु जो हमारी आवश्यकताओं को पूरा करने में प्रयुक्त की जा सकती है और जिसे बनाने के लिए प्रौद्योगिकी उपलब्ध है, एक 'संसाधन' है।
1. संसाधनों का वर्गीकरण (Classification)
संसाधनों को समझने के लिए यह चार्ट सबसे महत्वपूर्ण है:
2. सतत पोषणीय विकास (Sustainable Development)
- अर्थ: विकास पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना हो।
- रियो सम्मेलन (1992): ब्राजील में आयोजित। 100+ देश शामिल हुए।
- एजेंडा 21: इसका मुख्य उद्देश्य 'भूमंडलीय सतत पोषणीय विकास' हासिल करना है।
- महात्मा गांधी
3. भारत की मृदा का वितरण (Soil Distribution)
परीक्षा में मानचित्र (Map) भरने को आता है। नीचे दिए गए ग्राफ़िक से समझें कि कौन सी मिट्टी कहाँ पाई जाती है:
| मृदा का प्रकार | विशेषता (Feature) | फसलें (Crops) |
|---|---|---|
| जलोढ़ (Alluvial) | सबसे उपजाऊ। पोटाश व चूना युक्त। (बांगर व खादर)। | गन्ना, चावल, गेहूं। |
| काली (Black) | नमी धारण क्षमता अधिक। गीली होने पर चिपचिपी। | कपास (Cotton)। |
| लैटेराइट (Laterite) | अत्यधिक वर्षा से निक्षालन (Leaching) द्वारा निर्मित। | काजू, चाय, कॉफी। |
| मरुस्थलीय (Arid) | रेतीली और लवणीय। नमी की कमी। | बाजरा (मोटे अनाज)। |
📝 महत्वपूर्ण प्रश्न (Important Questions)
- बांगर: पुरानी जलोढ़ मिट्टी, कंकड़ युक्त, कम उपजाऊ।
- खादर: नई जलोढ़ मिट्टी, महीन कण, अधिक उपजाऊ।
Rapid Fire Questions (One Liners)
Class 10 Geography Chapter 1: संसाधन एवं विकासपरीक्षा से पहले रिवीजन के लिए 45+ महत्वपूर्ण प्रश्न (MCQ & Short Answer)
- Q1. संसाधन किसे कहते हैं? पर्यावरण में उपलब्ध प्रत्येक वस्तु जो हमारी आवश्यकताओं को पूरा करे, जिसे बनाने के लिए तकनीक हो और जो आर्थिक व सांस्कृतिक रूप से मान्य हो।
- Q2. उत्पत्ति के आधार पर संसाधन कितने प्रकार के होते हैं? दो प्रकार - जैव (Biotic) और अजैव (Abiotic)।
- Q3. लौह अयस्क और जीवाश्म ईंधन किस प्रकार के संसाधन हैं? अनवीकरण योग्य (Non-renewable)।
- Q4. सौर और पवन ऊर्जा किस प्रकार के संसाधन हैं? नवीकरण योग्य (Renewable)।
- Q5. तट रेखा से कितनी दूरी तक का क्षेत्र 'राष्ट्रीय संसाधन' कहलाता है? 12 समुद्री मील (लगभग 22.2 किमी) तक।
- Q6. तट रेखा से 200 समुद्री मील से परे का क्षेत्र क्या कहलाता है? अंतर्राष्ट्रीय संसाधन (खुला महासागर)।
- Q7. 'संभावी संसाधन' का एक उदाहरण दें। राजस्थान और गुजरात में पवन और सौर ऊर्जा (जिनका अभी पूर्ण उपयोग नहीं हुआ)।
- Q8. बांधों में जमा जल किस प्रकार का संसाधन है? संचित कोष (Reserves) - जो भविष्य के लिए सुरक्षित है।
- Q9. सतत पोषणीय विकास (Sustainable Development) का क्या अर्थ है? पर्यावरण को नुकसान पहुँचाए बिना विकास करना और भविष्य की पीढ़ियों का ध्यान रखना।
- Q10. प्रथम अंतर्राष्ट्रीय पृथ्वी सम्मेलन कब और कहाँ हुआ? जून 1992, रियो डी जेनेरो (ब्राजील) में।
- Q11. रियो सम्मेलन में किस घोषणा पत्र को अपनाया गया? एजेंडा 21 (Agenda 21)।
- Q12. "हमारे पास हर व्यक्ति की आवश्यकता पूर्ति के लिए बहुत कुछ है, लेकिन लालच के लिए नहीं" - यह किसका कथन है? महात्मा गांधी।
- Q13. 'स्मॉल इज़ ब्यूटीफुल' (Small is Beautiful) पुस्तक के लेखक कौन हैं? शुमेकर (1974)।
- Q14. ब्रंटलैंड आयोग रिपोर्ट (1987) ने किस अवधारणा को प्रस्तुत किया? सतत पोषणीय विकास (Sustainable Development)।
- Q15. भारत के कुल क्षेत्रफल का कितना प्रतिशत भाग 'मैदान' (Plains) है? 43% (कृषि और उद्योग के लिए)।
- Q16. भारत में 'पर्वत' कितने प्रतिशत क्षेत्र पर हैं? 30% (बारहमासी नदियों के लिए)।
- Q17. भारत का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल कितना है? 32.8 लाख वर्ग किमी।
- Q18. शुद्ध बोया गया क्षेत्र (Net Sown Area) किसे कहते हैं? वह क्षेत्र जहाँ वर्ष में एक बार से अधिक खेती की गई हो।
- Q19. परती भूमि (Fallow Land) क्या है? वह भूमि जो 1 से 5 वर्षों तक खाली छोड़ी गई हो ताकि उर्वरता पुनः प्राप्त हो सके।
- Q20. भारत के उत्तरी मैदान किस मृदा से बने हैं? जलोढ़ मृदा (Alluvial Soil)।
- Q21. आयु के आधार पर जलोढ़ मृदा के दो प्रकार कौन से हैं? बांगर (पुरानी) और खादर (नई)।
- Q22. कंकड़ ग्रंथियों की मात्रा किसमें अधिक होती है - बांगर या खादर? बांगर मृदा में।
- Q23. काली मृदा (Black Soil) का दूसरा नाम क्या है? रेगर (Regur) मृदा।
- Q24. काली मृदा किस फसल के लिए सर्वोत्तम है? कपास (Cotton)।
- Q25. लाल मृदा का रंग लाल क्यों होता है? आग्नेय चट्टानों में लौह धातु (Iron) के प्रसार के कारण।
- Q26. लैटेराइट (Laterite) शब्द का शाब्दिक अर्थ क्या है? ईंट (Brick) - यह लैटिन शब्द 'लेटर' से बना है।
- Q27. लैटेराइट मृदा का निर्माण कैसे होता है? भारी वर्षा से निक्षालन (Leaching) द्वारा।
- Q28. काजू की फसल के लिए कौन सी मृदा उपयुक्त है? लाल लैटेराइट मृदा।
- Q29. 'चंबल के बीहड़' (Ravines) किस प्रकार के अपरदन का परिणाम हैं? अवनालिका अपरदन (Gully Erosion)।
- Q30. पहाड़ी क्षेत्रों में मृदा अपरदन रोकने का सबसे अच्छा तरीका क्या है? सीढ़ीदार खेती (Terrace Farming) और समोच्च जुताई।
- Q31. रक्षक मेखला (Shelter Belt) क्या है? पवन की गति कम करने के लिए पेड़ों को कतार में लगाना (शुष्क क्षेत्रों में)।
- Q32. पंजाब और हरियाणा में भूमि निम्नीकरण का मुख्य कारण क्या है? अधिक सिंचाई (Over Irrigation)।
- Q33. झारखंड और छत्तीसगढ़ में भूमि निम्नीकरण का कारण क्या है? खनन (Mining)।
- राष्ट्रीय वन नीति (1952) के अनुसार देश के 33% भाग पर वन होने चाहिए।
- काली मिट्टी गीली होने पर चिपचिपी हो जाती है और सूखने पर उसमें दरारें पड़ जाती हैं, जिसे 'स्वतः जुताई' कहते हैं।
- भारत में लगभग 13 करोड़ हेक्टेयर भूमि निम्नीकृत (Degraded) है।
संसाधन एवं विकास
Class 10 Geography Chapter 1 (RBSE/NCERT) | Full Notes & Map Workसंसाधन (Definition): पर्यावरण में उपलब्ध वह वस्तु जो हमारी आवश्यकताओं को पूरा करती है, जिसे बनाने के लिए तकनीक उपलब्ध है और जो आर्थिक और सांस्कृतिक रूप से मान्य है।
[यहाँ चित्र 1.1 डालें: प्रकृति, प्रौद्योगिकी और संस्थाओं के मध्य संबंध]
(टिप: यह त्रिभुज दर्शाता है कि मानव प्रकृति का उपयोग तकनीक और संस्थाओं के माध्यम से करता है।)
1. संसाधनों का वर्गीकरण (Classification)
जैव और अजैव
नवीकरण और अनवीकरण
व्यक्तिगत, सामुदायिक, राष्ट्रीय
संभावी, विकसित, भंडार
2. सतत पोषणीय विकास (Sustainable Development)
- स्थान: ब्राजील (जून 1992)।
- भागीदारी: 100 से अधिक राष्ट्राध्यक्ष।
- परिणाम: 'एजेंडा 21' (Agenda 21) को अपनाया गया।
- उद्देश्य: समान हितों और जिम्मेदारियों के साथ पर्यावरण क्षति और गरीबी से लड़ना।
3. भारत में संसाधन नियोजन (Resource Planning)
संसाधन नियोजन एक जटिल प्रक्रिया है जिसके तीन प्रमुख सोपान हैं:
- पहचान और तालिका: देश के विभिन्न प्रदेशों में संसाधनों की पहचान करना, सर्वेक्षण, मानचित्र बनाना और गुणात्मक/मात्रात्मक अनुमान लगाना।
- ढांचा तैयार करना: संसाधन विकास योजनाओं को लागू करने के लिए उपयुक्त प्रौद्योगिकी, कौशल और संस्थागत ढांचा तैयार करना।
- समन्वय: संसाधन विकास योजनाओं और राष्ट्रीय विकास योजनाओं के बीच तालमेल बैठाना।
- महात्मा गांधी (संसाधन संरक्षण पर)
4. भूमि निम्नीकरण के कारण (Land Degradation)
| राज्य | निम्नीकरण का मुख्य कारण |
|---|---|
| झारखंड, छत्तीसगढ़, म.प्र. | खनन (Mining) |
| गुजरात, राजस्थान, म.प्र. | अति पशुचारण (Overgrazing) |
| पंजाब, हरियाणा, प. उ.प्र. | अधिक सिंचाई (Over Irrigation) - इससे लवणीयता बढ़ती है। |
5. भारत की प्रमुख मृदाएं (Soil Types of India)
बोर्ड परीक्षा के लिए यह तालिका (Table) सबसे महत्वपूर्ण है:
(टिप: यह मानचित्र परीक्षा में भरने के लिए आता है। काली मिट्टी और जलोढ़ मिट्टी के क्षेत्र ध्यान से देखें।)
| मृदा का नाम | विशेषता (Feature) | क्षेत्र (Area) | मुख्य फसलें |
|---|---|---|---|
| जलोढ़ मृदा (Alluvial) | सबसे उपजाऊ। दो प्रकार: बांगर (पुरानी, कंकड़ वाली) और खादर (नई, महीन)। | उत्तरी मैदान (पंजाब से असम तक), तटीय मैदान। | गन्ना, चावल, गेहूं, दलहन। |
| काली मृदा (Black/Regur) | नमी धारण करने की क्षमता अधिक। गीली होने पर चिपचिपी। लावा जनक शैलों से बनी। | महाराष्ट्र, सौराष्ट्र, मालवा, म.प्र., छत्तीसगढ़। | कपास (Cotton) के लिए सर्वोत्तम। |
| लैटेराइट मृदा (Laterite) | उच्च तापमान और अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में निक्षालन (Leaching) से बनती है। ह्यूमस कम। | कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, ओडिशा। | काजू, चाय, कॉफी। |
| मरुस्थलीय मृदा (Arid) | रंग लाल-भूरा। रेतीली और लवणीय। नमी की कमी। | पश्चिमी राजस्थान। | सिंचाई द्वारा ज्वार-बाजरा। |
6. मृदा अपरदन (Soil Erosion)
- अवनालिका (Gully Erosion): बहता जल मृतिका युक्त मृदा को काटकर गहरी नालियाँ बनाता है। चंबल बेसिन में इसे 'बीहड़' (Ravines) कहते हैं।
- चादर अपरदन (Sheet Erosion): जब जल विस्तृत क्षेत्र को ढके हुए ढाल के साथ नीचे बहता है और ऊपरी मिट्टी घुल जाती है।
- उपाय: सीढ़ीदार खेती (Terrace farming), पट्टी कृषि (Strip cropping), रक्षक मेखला (Shelter belts)।
📝 महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (Board Exam Special)
- बांगर: यह पुरानी जलोढ़ मृदा है, इसमें कंकड़ ग्रंथियां अधिक होती हैं और यह कम उपजाऊ है।
- खादर: यह नई जलोढ़ मृदा है, इसके कण महीन होते हैं और यह कृषि के लिए अधिक उपजाऊ है।
NCERT/RBSE Class 10 Notes Series
📌 Class 10 Geography – समकालीन भारत भाग II (सभी अध्याय लिंक)
- अध्याय 1 – संसाधन एवं विकास
- अध्याय 2 – वन एवं वन्यजीव संसाधन
- अध्याय 3 – जल संसाधन
- अध्याय 4 – कृषि
- अध्याय 5 – खनिज एवं ऊर्जा संसाधन
- अध्याय 6 – विनिर्माण उद्योग
- अध्याय 7 – राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की जीवन रेखाएँ
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