प्रकाश परावर्तन तथा अपवर्तन कक्षा 10 विज्ञान नोट्स | Light Reflection Refraction Class 10 Science Chapter 10 Notes Hindi 2025

📅 बुधवार, 10 दिसंबर 2025 📖 पूरा लेख
प्रकाश परावर्तन तथा अपवर्तन कक्षा 10 विज्ञान नोट्स | Light Reflection Refraction Class 10 Notes Hindi 2025
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प्रकाश - परावर्तन तथा अपवर्तन

Light - Reflection and Refraction

📚 कक्षा 10 विज्ञान | अध्याय 10 | RBSE/CBSE 2025
💡 अध्याय 10: Quick Facts
📚 अध्याय10 - प्रकाश परावर्तन अपवर्तन
📖 EnglishLight: Reflection & Refraction
📝 बोर्डRBSE, CBSE, UP Board
🔬 विषयभौतिक विज्ञान (Physics)
💨 प्रकाश वेग3 × 10⁸ m/s (निर्वात)
🔍 दर्पण सूत्र1/v + 1/u = 1/f
🔎 लेंस सूत्र1/v - 1/u = 1/f
📐 आवर्धनm = -v/u = h'/h
⚡ महत्वपरीक्षा में 10-12 अंक
📊 संख्यात्मक2-3 प्रश्न अपेक्षित

1. परिचय - प्रकाश क्या है? (Introduction to Light)

📘 प्रकाश (Light): प्रकाश एक विद्युत चुंबकीय तरंग (Electromagnetic Wave) है जो हमें वस्तुओं को देखने में सहायता करता है। प्रकाश सीधी रेखा में गमन करता है।

1.1 प्रकाश के मूलभूत गुण

गुणविवरणमान/उदाहरण
प्रकृतिविद्युत चुंबकीय तरंगदोहरी प्रकृति (तरंग + कण)
वेग (निर्वात में)c = 3 × 10⁸ m/sसबसे तीव्र गति
वेग (जल में)2.25 × 10⁸ m/sनिर्वात से धीमा
वेग (काँच में)2 × 10⁸ m/sऔर भी धीमा
गमनसीधी रेखा मेंकिरण पुंज
माध्यमआवश्यक नहींनिर्वात में भी चलता है
तरंगदैर्ध्य400-700 nmदृश्य प्रकाश

1.2 प्रकाश स्रोत के प्रकार

प्रकारविवरणउदाहरण
स्वयं प्रदीप्तस्वयं प्रकाश उत्सर्जित करने वालेसूर्य, तारे, बल्ब, मोमबत्ती
अप्रदीप्तस्वयं प्रकाश नहीं देतेचंद्रमा, पृथ्वी, पुस्तक
बिंदु स्रोतएक बिंदु से प्रकाशतारे, दूर का बल्ब
विस्तृत स्रोतबड़े क्षेत्र से प्रकाशसूर्य, ट्यूबलाइट

1.3 प्रकाश की किरण और किरण पुंज

📝 महत्वपूर्ण परिभाषाएँ:
प्रकाश किरण (Light Ray): प्रकाश के गमन की दिशा को दर्शाने वाली सीधी रेखा
किरण पुंज (Beam of Light): प्रकाश किरणों का समूह
समांतर किरण पुंज: सभी किरणें समांतर (सूर्य का प्रकाश)
अपसारी किरण पुंज: किरणें एक बिंदु से फैलती हैं
अभिसारी किरण पुंज: किरणें एक बिंदु पर मिलती हैं

2. प्रकाश का परावर्तन (Reflection of Light)

📘 परावर्तन (Reflection): जब प्रकाश किरण किसी चमकदार सतह (दर्पण) से टकराकर उसी माध्यम में वापस लौट जाती है, तो इस घटना को प्रकाश का परावर्तन कहते हैं।

2.1 परावर्तन संबंधी शब्दावली

📊 परावर्तन के नियम - किरण आरेख
अभिलंब (N) आपतित किरण परावर्तित किरण ∠i ∠r आपतन बिंदु (O) दर्पण (Mirror) परावर्तन के नियम: ∠i = ∠r (आपतन कोण = परावर्तन कोण) तीनों एक तल में
शब्दपरिभाषा
आपतित किरणदर्पण पर पड़ने वाली प्रकाश किरण
परावर्तित किरणदर्पण से वापस लौटने वाली किरण
आपतन बिंदुजहाँ आपतित किरण दर्पण से टकराती है
अभिलंब (Normal)आपतन बिंदु पर दर्पण के लंबवत रेखा
आपतन कोण (∠i)आपतित किरण और अभिलंब के बीच का कोण
परावर्तन कोण (∠r)परावर्तित किरण और अभिलंब के बीच का कोण

2.2 परावर्तन के नियम (Laws of Reflection)

⚡ परावर्तन के दो नियम:

प्रथम नियम: आपतन कोण सदैव परावर्तन कोण के बराबर होता है।
∠i = ∠r
द्वितीय नियम: आपतित किरण, परावर्तित किरण और अभिलंब तीनों एक ही तल में होते हैं।

2.3 परावर्तन के प्रकार

प्रकारसतहपरावर्तनउदाहरण
नियमित परावर्तनचिकनी, समतलसमांतर किरणें समांतर ही रहती हैंदर्पण, शांत जल
विसरित/अनियमित परावर्तनखुरदरी, असमतलकिरणें विभिन्न दिशाओं में फैलती हैंदीवार, कागज, लकड़ी
⚡ याद रखें: विसरित परावर्तन के कारण ही हम अप्रदीप्त वस्तुओं को देख पाते हैं। यदि सभी सतहें नियमित परावर्तन करतीं तो हम केवल प्रकाश स्रोतों को ही देख पाते!

3. गोलीय दर्पण (Spherical Mirrors)

📘 गोलीय दर्पण: वह दर्पण जिसकी परावर्तक सतह किसी खोखले गोले का भाग हो, गोलीय दर्पण कहलाता है।

3.1 गोलीय दर्पण के प्रकार

📊 अवतल और उत्तल दर्पण की तुलना
अवतल दर्पण (Concave) P C F परावर्तक सतह अंदर किरणें F पर मिलती हैं विशेषताएँ: • अभिसारी दर्पण • वास्तविक फोकस • वास्तविक/आभासी प्रतिबिंब उत्तल दर्पण (Convex) P C F परावर्तक सतह बाहर किरणें F से आती प्रतीत विशेषताएँ: • अपसारी दर्पण • आभासी फोकस • सदैव आभासी प्रतिबिंब

3.2 गोलीय दर्पण की शब्दावली

शब्दसंकेतपरिभाषा
ध्रुव (Pole)Pदर्पण की परावर्तक सतह का मध्य बिंदु
वक्रता केंद्र (Centre of Curvature)Cउस गोले का केंद्र जिसका दर्पण भाग है
वक्रता त्रिज्या (Radius of Curvature)Rगोले की त्रिज्या (P से C की दूरी)
मुख्य अक्ष (Principal Axis)-P और C से गुजरने वाली सीधी रेखा
मुख्य फोकस (Principal Focus)Fसमांतर किरणों के अभिसरण/अपसरण का बिंदु
फोकस दूरी (Focal Length)fP से F की दूरी
द्वारक (Aperture)-दर्पण का प्रभावी व्यास
🔢 महत्वपूर्ण संबंध:

R = 2f   या   f = R/2

वक्रता त्रिज्या = 2 × फोकस दूरी

3.3 अवतल और उत्तल दर्पण की तुलना

आधारअवतल दर्पण (Concave)उत्तल दर्पण (Convex)
परावर्तक सतहअंदर की ओर (गड्ढे जैसी)बाहर की ओर (उभरी हुई)
फोकसवास्तविक (दर्पण के सामने)आभासी (दर्पण के पीछे)
किरणों का व्यवहारअभिसारी (Converging)अपसारी (Diverging)
प्रतिबिंबवास्तविक या आभासीसदैव आभासी
प्रतिबिंब का आकारआवर्धित, समान या छोटासदैव छोटा
f और R का चिह्नऋणात्मक (-)धनात्मक (+)
उपयोगटॉर्च, हेडलाइट, शेविंग, दंत चिकित्सावाहनों के साइड मिरर, सुरक्षा दर्पण

4. अवतल दर्पण द्वारा प्रतिबिंब निर्माण (Image Formation by Concave Mirror)

4.1 किरण आरेख बनाने के नियम

📝 किरण आरेख बनाने के लिए तीन महत्वपूर्ण किरणें:

1. मुख्य अक्ष के समांतर किरण → F से गुजरती है (अवतल) / F से आती प्रतीत होती है (उत्तल)
2. F से गुजरने वाली किरण → मुख्य अक्ष के समांतर हो जाती है
3. C से गुजरने वाली किरण → उसी पथ पर वापस लौटती है

4.2 अवतल दर्पण - प्रतिबिंब की स्थितियाँ (6 Cases)

📊 Case 1: बिंब अनंत पर (Object at Infinity)
P C F प्रतिबिंब प्रतिबिंब की विशेषताएँ: • स्थिति: F पर • प्रकृति: वास्तविक, उलटा • आकार: अत्यंत छोटा (बिंदु)
📊 Case 2: बिंब C से परे (Object beyond C)
P C F बिंब प्रतिबिंब प्रतिबिंब की विशेषताएँ: • स्थिति: F और C के बीच • प्रकृति: वास्तविक, उलटा • आकार: छोटा (diminished)
📊 Case 3: बिंब C पर (Object at C)
P C F बिंब प्रतिबिंब प्रतिबिंब की विशेषताएँ: • स्थिति: C पर ही • प्रकृति: वास्तविक, उलटा • आकार: बिंब के बराबर
📊 Case 4: बिंब C और F के बीच (Object between C and F)
P C F बिंब प्रतिबिंब (बड़ा) प्रतिबिंब की विशेषताएँ: • स्थिति: C से परे • प्रकृति: वास्तविक, उलटा • आकार: बड़ा (magnified)
📊 Case 5: बिंब F पर (Object at F)
P C F बिंब अनंत की ओर ∞ प्रतिबिंब की विशेषताएँ: • स्थिति: अनंत पर (∞) • प्रकृति: वास्तविक, उलटा • आकार: अत्यधिक बड़ा
📊 Case 6: बिंब P और F के बीच (Object between P and F) - आभासी प्रतिबिंब
P C F बिंब आभासी प्रतिबिंब (सीधा, बड़ा) प्रतिबिंब की विशेषताएँ: • स्थिति: दर्पण के पीछे • प्रकृति: आभासी, सीधा • आकार: बड़ा (magnified)

4.3 अवतल दर्पण - प्रतिबिंब सारणी

क्रमबिंब की स्थितिप्रतिबिंब की स्थितिप्रकृतिआकार
1अनंत पर (∞)F परवास्तविक, उलटाअत्यंत छोटा (बिंदु)
2C से परेF और C के बीचवास्तविक, उलटाछोटा
3C परC परवास्तविक, उलटासमान आकार
4C और F के बीचC से परेवास्तविक, उलटाबड़ा
5F परअनंत पर (∞)वास्तविक, उलटाअत्यधिक बड़ा
6P और F के बीचदर्पण के पीछेआभासी, सीधाबड़ा
⚡ याद रखने की ट्रिक:
• बिंब C से परे → प्रतिबिंब F और C के बीच (और उलटा)
• बिंब F और C के बीच → प्रतिबिंब C से परे (और उलटा)
केवल P और F के बीच बिंब रखने पर आभासी, सीधा और बड़ा प्रतिबिंब बनता है!

4.4 अवतल दर्पण के उपयोग

उपयोगकारण
टॉर्च, हेडलाइट, सर्चलाइटF पर बल्ब रखने से समांतर किरण पुंज मिलता है
शेविंग दर्पणP और F के बीच चेहरा रखने से बड़ा प्रतिबिंब
दंत चिकित्सादाँतों का बड़ा प्रतिबिंब देखने के लिए
सोलर कुकरसूर्य की किरणों को F पर केंद्रित करना
परावर्तक दूरदर्शीदूर की वस्तुओं का प्रतिबिंब बनाना

5. उत्तल दर्पण द्वारा प्रतिबिंब (Image by Convex Mirror)

📊 उत्तल दर्पण - प्रतिबिंब निर्माण (सभी स्थितियों में समान)
P C F बिंब प्रतिबिंब (आभासी, सीधा, छोटा) उत्तल दर्पण की विशेषता: • प्रतिबिंब सदैव P और F के बीच • सदैव आभासी, सीधा और छोटा • बिंब कहीं भी हो, परिणाम समान
⚠️ उत्तल दर्पण का नियम:
उत्तल दर्पण द्वारा बना प्रतिबिंब सदैव:
  • P और F के बीच (दर्पण के पीछे)
  • आभासी (Virtual)
  • सीधा (Erect)
  • छोटा (Diminished)

5.1 उत्तल दर्पण के उपयोग

उपयोगकारण/लाभ
वाहनों के साइड मिररविस्तृत दृश्य क्षेत्र (wide field of view), छोटा सीधा प्रतिबिंब
सुरक्षा दर्पण (दुकानों में)बड़े क्षेत्र की निगरानी संभव
ATM मेंपीछे खड़े व्यक्तियों को देखना
सड़क के मोड़ परआने वाले वाहनों को देखना
📝 "Objects in the mirror are closer than they appear"
वाहनों के साइड मिरर पर यह चेतावनी इसलिए लिखी होती है क्योंकि उत्तल दर्पण में प्रतिबिंब छोटा बनता है, जिससे वस्तु दूर प्रतीत होती है जबकि वह वास्तव में पास होती है।
d>वक्रता त्रिज्याRऋणात्मक (-)धनात्मक (+) बिंब ऊँचाईhसदैव धनात्मक (+)सदैव धनात्मक (+) प्रतिबिंब ऊँचाईh'सीधा: (+), उलटा: (-)सदैव धनात्मक (+)

7. दर्पण सूत्र एवं आवर्धन (Mirror Formula & Magnification)

🔢 दर्पण सूत्र (Mirror Formula):

1/v + 1/u = 1/f

जहाँ: v = प्रतिबिंब दूरी, u = बिंब दूरी, f = फोकस दूरी

🔢 आवर्धन (Magnification):

m = h'/h = -v/u

जहाँ: m = आवर्धन, h' = प्रतिबिंब ऊँचाई, h = बिंब ऊँचाई

7.1 आवर्धन का अर्थ

आवर्धन (m) का मानप्रतिबिंब की प्रकृतिप्रतिबिंब का आकार
m > 1बड़ा प्रतिबिंबबिंब से बड़ा
m = 1समान आकारबिंब के बराबर
m < 1छोटा प्रतिबिंबबिंब से छोटा
m = धनात्मक (+)सीधा प्रतिबिंबआभासी
m = ऋणात्मक (-)उलटा प्रतिबिंबवास्तविक

8. प्रकाश का अपवर्तन (Refraction of Light)

📘 अपवर्तन (Refraction): जब प्रकाश एक पारदर्शी माध्यम से दूसरे पारदर्शी माध्यम में जाता है, तो दोनों माध्यमों के अंतरापृष्ठ पर प्रकाश किरण की दिशा में परिवर्तन हो जाता है। इस घटना को प्रकाश का अपवर्तन कहते हैं।

8.1 अपवर्तन का कारण

📝 अपवर्तन क्यों होता है?
अपवर्तन का मुख्य कारण विभिन्न माध्यमों में प्रकाश की चाल में अंतर है।
• विरल माध्यम (जैसे वायु) में प्रकाश तेज चलता है
• सघन माध्यम (जैसे काँच, जल) में प्रकाश धीमा चलता है
📊 प्रकाश का अपवर्तन - काँच स्लैब में
वायु (Air) - विरल माध्यम वेग: 3 × 10⁸ m/s काँच (Glass) - सघन माध्यम वेग: 2 × 10⁸ m/s वायु (Air) - विरल माध्यम N₁ N₂ आपतित किरण अपवर्तित किरण निर्गत किरण ∠i ∠r पार्श्व विस्थापन (d) नियम: विरल → सघन: अभिलंब की ओर मुड़ती है नियम: सघन → विरल: अभिलंब से दूर मुड़ती है

8.2 अपवर्तन के नियम (Laws of Refraction)

⚡ अपवर्तन के दो नियम:

प्रथम नियम: आपतित किरण, अपवर्तित किरण और अभिलंब तीनों एक ही तल में होते हैं।

द्वितीय नियम (स्नेल का नियम): आपतन कोण की sine और अपवर्तन कोण की sine का अनुपात स्थिर होता है।
sin i / sin r = n₂₁ = n₂/n₁ = v₁/v₂

9. स्नेल का नियम और अपवर्तनांक (Snell's Law & Refractive Index)

📘 अपवर्तनांक (Refractive Index): किसी माध्यम का अपवर्तनांक, निर्वात (या वायु) में प्रकाश की चाल और उस माध्यम में प्रकाश की चाल का अनुपात है।
🔢 अपवर्तनांक के सूत्र:

निरपेक्ष अपवर्तनांक:
n = c/v
c = निर्वात में वेग, v = माध्यम में वेग
सापेक्ष अपवर्तनांक:
n₂₁ = n₂/n₁ = v₁/v₂
माध्यम 1 के सापेक्ष माध्यम 2 का

9.1 विभिन्न माध्यमों के अपवर्तनांक

माध्यमअपवर्तनांक (n)प्रकाश वेग (m/s)
निर्वात/वायु1.003 × 10⁸
जल1.332.25 × 10⁸
काँच (क्राउन)1.521.97 × 10⁸
हीरा2.421.24 × 10⁸
केरोसिन1.442.08 × 10⁸
तारपीन का तेल1.472.04 × 10⁸
⚡ याद रखें:
• अपवर्तनांक जितना अधिक, माध्यम उतना सघन (optically denser)
• अपवर्तनांक जितना अधिक, प्रकाश की चाल उतनी कम
• हीरे का अपवर्तनांक सबसे अधिक (2.42) इसलिए यह सबसे अधिक चमकता है

10. गोलीय लेंस (Spherical Lenses)

📘 लेंस (Lens): दो वक्र पृष्ठों से घिरा पारदर्शी माध्यम जो प्रकाश का अपवर्तन करता है, लेंस कहलाता है।

10.1 लेंस के प्रकार

📊 उत्तल लेंस और अवतल लेंस की तुलना
उत्तल लेंस (Convex Lens) अभिसारी लेंस (Converging) O F₁ F₂ 2F₁ 2F₂ किरणें F₂ पर मिलती हैं विशेषताएँ: • बीच में मोटा, किनारों पर पतला • वास्तविक फोकस (F₂) • f = धनात्मक (+) अवतल लेंस (Concave Lens) अपसारी लेंस (Diverging) O F₁ F₂ F₁ से आती प्रतीत विशेषताएँ: • बीच में पतला, किनारों पर मोटा • आभासी फोकस (F₁) • f = ऋणात्मक (-)

10.2 लेंस की शब्दावली

शब्दसंकेतपरिभाषा
प्रकाशिक केंद्रOलेंस का केंद्र बिंदु जहाँ से गुजरने वाली किरण सीधी निकलती है
मुख्य अक्ष-दोनों वक्रता केंद्रों से गुजरने वाली रेखा
मुख्य फोकसFसमांतर किरणों के अभिसरण/अपसरण का बिंदु
फोकस दूरीfO से F की दूरी
द्वारक-लेंस का प्रभावी व्यास
📝 लेंस में दो फोकस:
F₁: बिंब की ओर का फोकस
F₂: प्रतिबिंब की ओर का फोकस
• उत्तल लेंस में: F₂ वास्तविक, F₁ आभासी
• अवतल लेंस में: दोनों आभासी

10.3 उत्तल लेंस द्वारा प्रतिबिंब निर्माण

बिंब की स्थितिप्रतिबिंब की स्थितिप्रकृतिआकार
अनंत पर (∞)F₂ परवास्तविक, उलटाअत्यंत छोटा (बिंदु)
2F₁ से परेF₂ और 2F₂ के बीचवास्तविक, उलटाछोटा
2F₁ पर2F₂ परवास्तविक, उलटासमान
F₁ और 2F₁ के बीच2F₂ से परेवास्तविक, उलटाबड़ा
F₁ परअनंत पर (∞)वास्तविक, उलटाअत्यधिक बड़ा
O और F₁ के बीचबिंब की ओरआभासी, सीधाबड़ा

10.4 अवतल लेंस द्वारा प्रतिबिंब

⚠️ अवतल लेंस का नियम:
अवतल लेंस द्वारा बना प्रतिबिंब सदैव:
  • O और F₁ के बीच (लेंस की उसी ओर जिस ओर बिंब है)
  • आभासी (Virtual)
  • सीधा (Erect)
  • छोटा (Diminished)
यह उत्तल दर्पण के समान व्यवहार करता है!

11. लेंस सूत्र (Lens Formula)

🔢 लेंस सूत्र (Lens Formula):

1/v - 1/u = 1/f

जहाँ: v = प्रतिबिंब दूरी, u = बिंब दूरी, f = फोकस दूरी

🔢 लेंस में आवर्धन (Magnification):

m = h'/h = v/u

ध्यान दें: लेंस में m = v/u (दर्पण में m = -v/u)

⚡ दर्पण और लेंस सूत्र में अंतर:
दर्पणलेंस
1/v + 1/u = 1/f1/v - 1/u = 1/f
m = -v/um = v/u

12. लेंस की क्षमता (Power of Lens)

📘 लेंस की क्षमता (Power): किसी लेंस की प्रकाश किरणों को अभिसरित या अपसरित करने की क्षमता को लेंस की क्षमता कहते हैं। यह फोकस दूरी के व्युत्क्रम के बराबर होती है।
🔢 लेंस की क्षमता का सूत्र:

P = 1/f

जहाँ: P = क्षमता (डायोप्टर, D), f = फोकस दूरी (मीटर में)

लेंसf का चिह्नP का चिह्नउदाहरण
उत्तल लेंसधनात्मक (+)धनात्मक (+)+2D, +3D
अवतल लेंसऋणात्मक (-)ऋणात्मक (-)-2D, -3D
📝 संयुक्त लेंस की क्षमता:
जब दो या अधिक लेंस सटाकर रखे जाएँ:
P = P₁ + P₂ + P₃ + ...
उदाहरण: यदि +3D और -1D के लेंस सटाकर रखें, तो कुल क्षमता = +3 + (-1) = +2D

13. संख्यात्मक प्रश्न (Numerical Problems)

🔢 प्रश्न 1: दर्पण सूत्र पर आधारित

एक अवतल दर्पण की फोकस दूरी 15 cm है। एक बिंब को दर्पण से 30 cm दूर रखा गया है। प्रतिबिंब की स्थिति, प्रकृति और आवर्धन ज्ञात कीजिए।

हल:
दिया गया: f = -15 cm (अवतल दर्पण), u = -30 cm

दर्पण सूत्र: 1/v + 1/u = 1/f
1/v + 1/(-30) = 1/(-15)
1/v = -1/15 + 1/30 = (-2 + 1)/30 = -1/30
v = -30 cm

आवर्धन: m = -v/u = -(-30)/(-30) = -1
m = -1

उत्तर: प्रतिबिंब C पर (30 cm दूर), वास्तविक, उलटा, बिंब के बराबर आकार का।
🔢 प्रश्न 2: लेंस सूत्र पर आधारित

एक उत्तल लेंस की फोकस दूरी 20 cm है। एक 5 cm ऊँची वस्तु को लेंस से 30 cm दूर रखा गया है। प्रतिबिंब की स्थिति और ऊँचाई ज्ञात कीजिए।

हल:
दिया गया: f = +20 cm (उत्तल), u = -30 cm, h = 5 cm

लेंस सूत्र: 1/v - 1/u = 1/f
1/v - 1/(-30) = 1/20
1/v + 1/30 = 1/20
1/v = 1/20 - 1/30 = (3 - 2)/60 = 1/60
v = +60 cm

आवर्धन: m = v/u = 60/(-30) = -2
h' = m × h = -2 × 5 = -10 cm

उत्तर: प्रतिबिंब लेंस से 60 cm दूर (दूसरी ओर), वास्तविक, उलटा, 10 cm ऊँचा।
🔢 प्रश्न 3: लेंस की क्षमता

एक उत्तल लेंस की फोकस दूरी 25 cm है। इसकी क्षमता ज्ञात कीजिए।

हल:
दिया गया: f = 25 cm = 0.25 m

क्षमता: P = 1/f = 1/0.25 = +4 D

उत्तर: लेंस की क्षमता = +4 डायोप्टर
🔢 प्रश्न 4: अपवर्तनांक

यदि प्रकाश की चाल निर्वात में 3 × 10⁸ m/s और काँच में 2 × 10⁸ m/s है, तो काँच का अपवर्तनांक ज्ञात कीजिए।

हल:
दिया गया: c = 3 × 10⁸ m/s, v = 2 × 10⁸ m/s

अपवर्तनांक: n = c/v = (3 × 10⁸)/(2 × 10⁸) = 1.5

उत्तर: काँच का अपवर्तनांक = 1.5
🔢 प्रश्न 5: संयुक्त लेंस

+4D और -2D क्षमता के दो लेंस सटाकर रखे गए हैं। संयुक्त लेंस की क्षमता और फोकस दूरी ज्ञात कीजिए।

हल:
दिया गया: P₁ = +4D, P₂ = -2D

कुल क्षमता: P = P₁ + P₂ = +4 + (-2) = +2D

फोकस दूरी: f = 1/P = 1/2 = 0.5 m = 50 cm

उत्तर: संयुक्त क्षमता = +2D, फोकस दूरी = 50 cm (उत्तल लेंस जैसा व्यवहार)

14. बहुविकल्पीय प्रश्न (20 MCQs)

प्रश्न 1: प्रकाश का वेग निर्वात में कितना होता है?
(A) 3 × 10⁶ m/s (B) 3 × 10⁷ m/s (C) 3 × 10⁸ m/s (D) 3 × 10⁹ m/s
✅ उत्तर: (C) 3 × 10⁸ m/s
प्रश्न 2: परावर्तन में आपतन कोण और परावर्तन कोण में क्या संबंध है?
(A) ∠i > ∠r (B) ∠i < ∠r (C) ∠i = ∠r (D) कोई संबंध नहीं
✅ उत्तर: (C) ∠i = ∠r
प्रश्न 3: अवतल दर्पण की फोकस दूरी और वक्रता त्रिज्या में संबंध है:
(A) f = R (B) f = 2R (C) f = R/2 (D) f = R/4
✅ उत्तर: (C) f = R/2
प्रश्न 4: दर्पण सूत्र है:
(A) 1/v + 1/u = 1/f (B) 1/v - 1/u = 1/f (C) v + u = f (D) v - u = f
✅ उत्तर: (A) 1/v + 1/u = 1/f
प्रश्न 5: उत्तल दर्पण द्वारा बना प्रतिबिंब सदैव होता है:
(A) वास्तविक, उलटा (B) आभासी, उलटा (C) वास्तविक, सीधा (D) आभासी, सीधा, छोटा
✅ उत्तर: (D) आभासी, सीधा, छोटा
प्रश्न 6: वाहनों के साइड मिरर में किस दर्पण का उपयोग होता है?
(A) समतल दर्पण (B) अवतल दर्पण (C) उत्तल दर्पण (D) इनमें से कोई नहीं
✅ उत्तर: (C) उत्तल दर्पण (विस्तृत दृश्य क्षेत्र के लिए)
प्रश्न 7: अपवर्तन में प्रकाश किरण जब विरल से सघन माध्यम में जाती है तो:
(A) अभिलंब से दूर मुड़ती है (B) अभिलंब की ओर मुड़ती है (C) सीधी जाती है (D) वापस लौट जाती है
✅ उत्तर: (B) अभिलंब की ओर मुड़ती है
प्रश्न 8: हीरे का अपवर्तनांक है:
(A) 1.33 (B) 1.52 (C) 2.42 (D) 1.00
✅ उत्तर: (C) 2.42
प्रश्न 9: लेंस सूत्र है:
(A) 1/v + 1/u = 1/f (B) 1/v - 1/u = 1/f (C) v/u = f (D) v × u = f
✅ उत्तर: (B) 1/v - 1/u = 1/f
प्रश्न 10: उत्तल लेंस को कहते हैं:
(A) अपसारी लेंस (B) अभिसारी लेंस (C) समतल लेंस (D) इनमें से कोई नहीं
✅ उत्तर: (B) अभिसारी लेंस (Converging Lens)
प्रश्न 11: यदि लेंस की फोकस दूरी 50 cm है, तो इसकी क्षमता होगी:
(A) +2D (B) -2D (C) +0.5D (D) -0.5D
✅ उत्तर: (A) +2D (P = 1/0.5 = 2D)
प्रश्न 12: अवतल लेंस द्वारा बना प्रतिबिंब सदैव होता है:
(A) वास्तविक, बड़ा (B) आभासी, छोटा (C) वास्तविक, छोटा (D) आभासी, बड़ा
✅ उत्तर: (B) आभासी, छोटा, सीधा
प्रश्न 13: शेविंग दर्पण के रूप में प्रयोग होता है:
(A) समतल दर्पण (B) उत्तल दर्पण (C) अवतल दर्पण (D) इनमें से कोई नहीं
✅ उत्तर: (C) अवतल दर्पण (बड़ा प्रतिबिंब बनाने के लिए)
प्रश्न 14: जल का अपवर्तनांक है:
(A) 1.00 (B) 1.33 (C) 1.52 (D) 2.42
✅ उत्तर: (B) 1.33
प्रश्न 15: यदि आवर्धन m = -2 है, तो प्रतिबिंब:
(A) सीधा और बड़ा (B) उलटा और बड़ा (C) सीधा और छोटा (D) उलटा और छोटा
✅ उत्तर: (B) उलटा और बड़ा (m ऋणात्मक = उलटा, |m| > 1 = बड़ा)
प्रश्न 16: टॉर्च में किस दर्पण का उपयोग होता है?
(A) समतल (B) उत्तल (C) अवतल (D) इनमें से कोई नहीं
✅ उत्तर: (C) अवतल (बल्ब F पर रखने से समांतर किरण पुंज)
प्रश्न 17: लेंस की क्षमता का SI मात्रक है:
(A) मीटर (B) सेंटीमीटर (C) डायोप्टर (D) वाट
✅ उत्तर: (C) डायोप्टर (D)
प्रश्न 18: +3D और -1D के दो लेंस सटाकर रखने पर संयुक्त क्षमता होगी:
(A) +4D (B) +2D (C) -2D (D) +3D
✅ उत्तर: (B) +2D (P = +3 + (-1) = +2D)
प्रश्न 19: स्नेल के नियम के अनुसार:
(A) sin i / sin r = स्थिरांक (B) sin i × sin r = स्थिरांक (C) sin i + sin r = स्थिरांक (D) sin i - sin r = स्थिरांक
✅ उत्तर: (A) sin i / sin r = n (अपवर्तनांक)
प्रश्न 20: जब बिंब अवतल दर्पण के F और P के बीच हो, तो प्रतिबिंब:
(A) F और C के बीच वास्तविक (B) C से परे वास्तविक (C) दर्पण के पीछे आभासी (D) F पर
✅ उत्तर: (C) दर्पण के पीछे आभासी, सीधा, बड़ा

15. लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answer Questions)

प्रश्न 1: परावर्तन के दो नियम लिखिए।
उत्तर: (1) प्रथम नियम: आपतन कोण सदैव परावर्तन कोण के बराबर होता है (∠i = ∠r)। (2) द्वितीय नियम: आपतित किरण, परावर्तित किरण और आपतन बिंदु पर अभिलंब तीनों एक ही तल में होते हैं।
प्रश्न 2: अवतल और उत्तल दर्पण में दो अंतर लिखिए।
उत्तर: अवतल दर्पण: (1) परावर्तक सतह अंदर की ओर धँसी होती है (2) किरणों को अभिसारित करता है (3) वास्तविक और आभासी दोनों प्रतिबिंब बना सकता है। उत्तल दर्पण: (1) परावर्तक सतह बाहर की ओर उभरी होती है (2) किरणों को अपसारित करता है (3) सदैव आभासी, सीधा और छोटा प्रतिबिंब बनाता है।
प्रश्न 3: गोलीय दर्पण की फोकस दूरी और वक्रता त्रिज्या में संबंध लिखिए।
उत्तर: फोकस दूरी (f) और वक्रता त्रिज्या (R) में संबंध: f = R/2 या R = 2f। अर्थात् फोकस दूरी, वक्रता त्रिज्या की आधी होती है। फोकस (F), ध्रुव (P) और वक्रता केंद्र (C) के ठीक बीच में स्थित होता है।
प्रश्न 4: उत्तल दर्पण का उपयोग वाहनों के साइड मिरर में क्यों किया जाता है?
उत्तर: उत्तल दर्पण का उपयोग वाहनों के साइड मिरर में इसलिए किया जाता है क्योंकि: (1) यह सदैव सीधा प्रतिबिंब बनाता है (2) यह छोटा प्रतिबिंब बनाता है जिससे विस्तृत दृश्य क्षेत्र (wide field of view) मिलता है (3) पीछे के अधिक क्षेत्र को एक साथ देखा जा सकता है।
प्रश्न 5: प्रकाश का अपवर्तन क्या है? इसका कारण बताइए।
उत्तर: अपवर्तन: जब प्रकाश एक पारदर्शी माध्यम से दूसरे पारदर्शी माध्यम में जाता है, तो दोनों माध्यमों के अंतरापृष्ठ पर प्रकाश किरण की दिशा में परिवर्तन हो जाता है। कारण: विभिन्न माध्यमों में प्रकाश की चाल भिन्न-भिन्न होती है। विरल माध्यम में प्रकाश तेज और सघन माध्यम में धीमा चलता है।
प्रश्न 6: अपवर्तनांक क्या है? हीरे का अपवर्तनांक अधिक होने से क्या होता है?
उत्तर: अपवर्तनांक: किसी माध्यम का अपवर्तनांक, निर्वात में प्रकाश की चाल और उस माध्यम में प्रकाश की चाल का अनुपात है (n = c/v)। हीरे का अपवर्तनांक 2.42 है जो बहुत अधिक है। इसके कारण: (1) हीरे में प्रकाश बहुत धीमा चलता है (2) पूर्ण आंतरिक परावर्तन अधिक होता है (3) हीरा बहुत चमकता है।
प्रश्न 7: उत्तल और अवतल लेंस में अंतर बताइए।
उत्तर: उत्तल लेंस: बीच में मोटा, किनारों पर पतला, अभिसारी लेंस, वास्तविक फोकस, f धनात्मक (+), आवर्धक लेंस। अवतल लेंस: बीच में पतला, किनारों पर मोटा, अपसारी लेंस, आभासी फोकस, f ऋणात्मक (-), सदैव छोटा प्रतिबिंब।
प्रश्न 8: लेंस की क्षमता से क्या तात्पर्य है? इसका SI मात्रक लिखिए।
उत्तर: लेंस की क्षमता: किसी लेंस की प्रकाश किरणों को अभिसरित या अपसरित करने की क्षमता को लेंस की क्षमता कहते हैं। यह फोकस दूरी के व्युत्क्रम के बराबर होती है। P = 1/fSI मात्रक: डायोप्टर (D)। 1 D = 1 m⁻¹

16. दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answer Questions - 5 Marks)

प्रश्न 1: अवतल दर्पण द्वारा प्रतिबिंब निर्माण की विभिन्न स्थितियों का वर्णन कीजिए। किरण आरेख भी बनाइए। (5 अंक)
उत्तर: अवतल दर्पण द्वारा प्रतिबिंब निर्माण की 6 स्थितियाँ:

(1) बिंब अनंत पर: प्रतिबिंब F पर, वास्तविक, उलटा, अत्यंत छोटा (बिंदु)।
(2) बिंब C से परे: प्रतिबिंब F और C के बीच, वास्तविक, उलटा, छोटा।
(3) बिंब C पर: प्रतिबिंब C पर ही, वास्तविक, उलटा, समान आकार।
(4) बिंब F और C के बीच: प्रतिबिंब C से परे, वास्तविक, उलटा, बड़ा।
(5) बिंब F पर: प्रतिबिंब अनंत पर, वास्तविक, उलटा, अत्यधिक बड़ा।
(6) बिंब P और F के बीच: प्रतिबिंब दर्पण के पीछे, आभासी, सीधा, बड़ा

[किरण आरेख के लिए ऊपर दिए गए SVG diagrams देखें]
प्रश्न 2: दर्पण सूत्र क्या है? एक संख्यात्मक उदाहरण द्वारा समझाइए। (5 अंक)
उत्तर: दर्पण सूत्र: 1/v + 1/u = 1/f
जहाँ v = प्रतिबिंब दूरी, u = बिंब दूरी, f = फोकस दूरी

उदाहरण: एक अवतल दर्पण की फोकस दूरी 10 cm है। एक बिंब 15 cm दूरी पर रखा है। प्रतिबिंब कहाँ बनेगा?

हल: f = -10 cm, u = -15 cm (चिह्न परिपाटी)
1/v + 1/(-15) = 1/(-10)
1/v = -1/10 + 1/15 = (-3 + 2)/30 = -1/30
v = -30 cm

उत्तर: प्रतिबिंब दर्पण के सामने 30 cm दूरी पर बनेगा (वास्तविक)।
प्रश्न 3: प्रकाश के अपवर्तन के नियम लिखिए और स्नेल के नियम को समझाइए। (5 अंक)
उत्तर:
अपवर्तन के नियम:
(1) प्रथम नियम: आपतित किरण, अपवर्तित किरण और दोनों माध्यमों के अंतरापृष्ठ पर अभिलंब तीनों एक ही तल में होते हैं।

(2) द्वितीय नियम (स्नेल का नियम): किन्हीं दो माध्यमों के लिए आपतन कोण की sine और अपवर्तन कोण की sine का अनुपात स्थिर होता है।
sin i / sin r = n₂₁ = स्थिरांक

यहाँ n₂₁ = माध्यम 1 के सापेक्ष माध्यम 2 का अपवर्तनांक
n₂₁ = n₂/n₁ = v₁/v₂

विशेष स्थितियाँ:
• जब प्रकाश विरल से सघन में जाए: अभिलंब की ओर मुड़ती है (∠r < ∠i)
• जब प्रकाश सघन से विरल में जाए: अभिलंब से दूर मुड़ती है (∠r > ∠i)
प्रश्न 4: लेंस की क्षमता क्या है? दो लेंसों की संयुक्त क्षमता का सूत्र लिखिए और एक उदाहरण दीजिए। (5 अंक)
उत्तर:
लेंस की क्षमता: किसी लेंस की प्रकाश किरणों को अभिसरित या अपसरित करने की क्षमता को लेंस की क्षमता कहते हैं।

सूत्र: P = 1/f (जहाँ f मीटर में)
मात्रक: डायोप्टर (D)

संयुक्त क्षमता: जब दो या अधिक लेंस सटाकर रखे जाएँ:
P = P₁ + P₂ + P₃ + ...

उदाहरण:
एक उत्तल लेंस (f₁ = 20 cm = 0.2 m) और अवतल लेंस (f₂ = -25 cm = -0.25 m) सटाकर रखे गए।
P₁ = 1/0.2 = +5D
P₂ = 1/(-0.25) = -4D
संयुक्त क्षमता P = +5 + (-4) = +1D
संयुक्त फोकस दूरी f = 1/P = 1/1 = 1 m = 100 cm

Quick Revision - सूत्र सारणी

सूत्रविवरणइकाई
R = 2fवक्रता त्रिज्या और फोकस दूरी संबंधcm या m
1/v + 1/u = 1/fदर्पण सूत्रcm या m
1/v - 1/u = 1/fलेंस सूत्रcm या m
m = h'/h = -v/uदर्पण में आवर्धनकोई इकाई नहीं
m = h'/h = v/uलेंस में आवर्धनकोई इकाई नहीं
n = c/vअपवर्तनांककोई इकाई नहीं
sin i / sin r = nस्नेल का नियम-
P = 1/fलेंस की क्षमताडायोप्टर (D)
P = P₁ + P₂संयुक्त क्षमताडायोप्टर (D)
⁸ m/s है। यह ब्रह्मांड में सबसे तीव्र गति है। अन्य माध्यमों (जल, काँच आदि) में प्रकाश की चाल इससे कम होती है।" } } ] }
✍️ लेखक: सुरेंद्र सिंह चौहान
पूर्व शिक्षा अधिकारी, राजस्थान · 1991–2025 · शिक्षण, प्रशिक्षण एवं प्रशासन · परिचय
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