आयकर कटौती प्रमाण पत्र 2025-26 (जी-44) | DDO Income Tax Deduction Certificate Order FY 2025-26

📅 सोमवार, 23 फ़रवरी 2026 📖 3-5 min read
कार्यालय ..............................................................

क्रमांक :
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"आयकर कटौती प्रमाण–पत्र"

(वित्तीय वर्ष 2025–26)

प्रमाणित किया जाता है कि सामान्य वित्तीय एवं लेखा नियम भाग प्रथम के नियम 158(1)(2)159 के अनुसार कार्यालय के अधीनस्थ समस्त कार्मिकों का जी–44 (आयकर गणना प्रपत्र) मय संबंधित दस्तावेजों का आयकर अधिनियम 1961 की धारा 192 यह उपबंध के अनुसार रिकॉर्ड संधारित कर लिया गया है।

अतः ऐसा कोई कार्मिक नहीं है, जिसका आयकर बकाया हो। जी–44 नियमानुसार जांच कर कार्यालय में सुरक्षित रख लिये गये हैं।

आयकर गणना नियमानुसार नहीं पाये जाने पर मेरी व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी।



डी डी ओ हस्ताक्षर मय मुहर
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आयकर कटौती प्रमाण–पत्र 2025–26 (जी-44 सत्यापन आदेश)

वित्तीय वर्ष 2025–26 | DDO Income Tax Deduction Certificate

📄 आधिकारिक आदेश (Word by Word Copy)

कार्यालय ..............................................................

क्रमांक :
दिनांक : ........................

"आयकर कटौती प्रमाण–पत्र"
(वित्तीय वर्ष 2025–26)

प्रमाणित किया जाता है कि सामान्य वित्तीय एवं लेखा नियम भाग प्रथम के नियम 158(1)(2) व 159 के अनुसार कार्यालय के अधीनस्थ समस्त कार्मिकों का जी–44 (आयकर गणना प्रपत्र) मय संबंधित दस्तावेजों का आयकर अधिनियम 1961 की धारा 192 यह उपबंध के अनुसार रिकॉर्ड संधारित कर लिया गया है।

अतः ऐसा कोई कार्मिक नहीं है, जिसका आयकर बकाया हो। जी–44 नियमानुसार जांच कर कार्यालय में सुरक्षित रख लिये गये हैं।

आयकर गणना नियमानुसार नहीं पाये जाने पर मेरी व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी।


डी डी ओ हस्ताक्षर मय मुहर

📌 आदेश का अर्थ और महत्व

यह प्रमाण–पत्र कार्यालय के आहरण एवं वितरण अधिकारी (DDO) द्वारा जारी किया जाता है, जिसमें यह प्रमाणित किया जाता है कि सभी कर्मचारियों का आयकर निर्धारण एवं कटौती आयकर अधिनियम 1961 की धारा 192 के अंतर्गत नियमानुसार की गई है।

  • जी-44 आयकर गणना प्रपत्र का सत्यापन अनिवार्य है।
  • कोई भी आयकर बकाया लंबित नहीं होना चाहिए।
  • रिकॉर्ड कार्यालय में सुरक्षित रखा जाता है।
  • त्रुटि पाए जाने पर DDO व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी होगा।

📚 संबंधित कानूनी प्रावधान

  • आयकर अधिनियम 1961 – धारा 192
  • सामान्य वित्तीय एवं लेखा नियम भाग प्रथम
  • नियम 158(1)(2) एवं 159

❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

Q1. जी-44 क्या है?
A. यह आयकर गणना प्रपत्र है जिसमें कर्मचारी की वार्षिक कर देनदारी दर्ज की जाती है।

Q2. यह प्रमाण-पत्र कौन जारी करता है?
A. संबंधित कार्यालय का DDO (Drawing & Disbursing Officer)।

Q3. यह कब आवश्यक होता है?
A. वित्तीय वर्ष समाप्ति पर या ऑडिट/निरीक्षण के समय।

Q4. आयकर अधिनियम की कौन सी धारा लागू है?
A. धारा 192।


⚠️ अस्वीकरण (Disclaimer)

यह लेख केवल शैक्षणिक एवं सूचना उद्देश्य से प्रकाशित किया गया है। आधिकारिक सत्यापन हेतु संबंधित विभाग द्वारा जारी मूल आदेश का ही अनुसरण करें।

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