राजस्थान में T.C. (स्थानांतरण प्रमाण-पत्र) से जुड़े नियम: हस्ताक्षर, जन्मतिथि संशोधन, डुप्लीकेट T.C. व फीस विवाद – पूर्ण सरकारी मार्गदर्शिका
Government Orders | School Education Department, Rajasthan
भूमिका
राजस्थान में विद्यालय बदलने, बोर्ड परीक्षा आवेदन, RTE/PSP पोर्टल, तथा उच्च कक्षा में प्रवेश के लिए स्थानांतरण प्रमाण-पत्र (Transfer Certificate – T.C.) एक अनिवार्य दस्तावेज है।
T.C. के नाम पर विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को अनावश्यक रूप से परेशान किये जाने, फीस विवाद के कारण T.C. रोके जाने, डुप्लीकेट T.C. में अड़चन, तथा जन्मतिथि/नाम संशोधन जैसे मामलों को देखते हुए राजस्थान शिक्षा विभाग द्वारा समय-समय पर स्पष्ट आदेश जारी किये गये हैं।
यह लेख इन सभी आदेशों को एक साथ समाहित कर एक अंतिम, प्रामाणिक एवं संदर्भ योग्य मार्गदर्शिका के रूप में प्रस्तुत करता है।
1. T.C. पर हस्ताक्षर व संशोधन का अधिकार किसे है?
निदेशक, माध्यमिक शिक्षा राजस्थान, बीकानेर (दिनांक 22.11.2021) के आदेशानुसार:
- विद्यालयों में विद्यार्थियों की T.C. पर हस्ताक्षर
- नाम / जन्मतिथि संशोधन
- अन्य संबंधित प्रशासनिक कार्य
अब जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय) के स्थान पर मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (CBEO) को अधिकृत किये गये हैं।
उद्देश्य: विद्यार्थियों को जिला मुख्यालय तक भटकने से बचाना और कार्यों का त्वरित निस्तारण।
2. प्रति-हस्ताक्षर (Countersignature) कब आवश्यक है?
जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय), झुंझुनूं – आदेश दिनांक 02.07.2019 के अनुसार:
- सामान्य परिस्थितियों में T.C. पर प्रति-हस्ताक्षर आवश्यक नहीं
- केवल विशेष मामलों में:
- राजकीय विद्यालय का छात्र राज्य से बाहर प्रवेश ले
- सरकारी विद्यालय से अन्य राज्य में प्रवेश
निजी विद्यालयों द्वारा अनावश्यक रूप से CBEO/DEO के पास भेजना गलत प्रथा मानी गई है।
3. फीस बकाया होने पर T.C. या अंकतालिका रोकना – पूर्णतः अवैध
कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी, माध्यमिक शिक्षा, बीकानेर द्वारा स्पष्ट निर्देश:
❌ फीस बकाया होने के आधार पर ❌ निजी विवाद के कारण ❌ दबाव बनाने हेतु
किसी भी छात्र/छात्रा की T.C. या अंकतालिका रोकी नहीं जा सकती।
ऐसा करने पर संबंधित निजी विद्यालय के विरुद्ध राजस्थान गैर-सरकारी शिक्षण संस्था अधिनियम, 1989 एवं नियम 1993 के अंतर्गत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
4. डुप्लीकेट T.C. जारी करने के नियम
सरकारी निर्देशों के अनुसार:
- डुप्लीकेट T.C. मूल T.C. के बाद अधिकतम दो बार ही दी जा सकती है
- डुप्लीकेट T.C. जारी करने का अधिकार संस्था प्रधान को है
- अनावश्यक शपथ पत्र (Affidavit) की मांग नहीं की जाएगी
- जहाँ आवश्यक हो, सादा कागज पर्याप्त माना जाएगा
5. T.C. के साथ संलग्न किया जाने वाला प्रपत्र
T.C. जारी करते समय एक निर्धारित सहायक प्रपत्र संलग्न किया जाता है, जिसमें निम्न विवरण होते हैं:
- छात्र/छात्रा का नाम
- पिता व माता का नाम
- जन्मतिथि (अंकों व शब्दों में)
- विद्यालय में प्रवेश व छोड़ने की तिथि
- पूर्व एवं वर्तमान कक्षा
- परिणाम
- पूरा पता
यह प्रपत्र संस्था प्रधान द्वारा हस्ताक्षरित व मुहर सहित प्रमाणित किया जाना अनिवार्य है।
6. T.C., PSP पोर्टल व RTE से संबंध
निदेशक, प्रारंभिक शिक्षा राजस्थान (03.09.2020) के आदेशानुसार:
- विद्यालयों को PSP पोर्टल पर छात्र प्रोफाइल समय पर अपडेट करनी होगी
- डेटा अपडेट नहीं होने पर:
- RTE पुनर्भरण राशि में विलंब
- मान्यता पर प्रतिकूल प्रभाव
PSP पोर्टल अपडेट नहीं होने की स्थिति में T.C., बोर्ड परीक्षा फॉर्म एवं अन्य शैक्षणिक प्रक्रियाएं प्रभावित होती हैं।
समेकित निष्कर्ष (Final Authority View)
राजस्थान सरकार का स्पष्ट दृष्टिकोण है कि:
- विद्यार्थी को T.C. के नाम पर परेशान नहीं किया जाएगा
- फीस विवाद को शैक्षणिक दस्तावेजों से नहीं जोड़ा जाएगा
- ब्लॉक स्तर पर त्वरित समाधान सुनिश्चित होगा
- निजी विद्यालयों की मनमानी पर कानूनी कार्रवाई होगी
यह सभी आदेश संयुक्त रूप से आज भी लागू हैं और विद्यालय, अभिभावक एवं अधिकारी सभी के लिए बाध्यकारी हैं।








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