आदेश संख्या 72 दिनांक 22 मई 2019 — आकस्मिक अवकाश (Casual Leave) पूर्व स्वीकृति नियम | Rajasthan Service Rules 1951 Order 72 Explained

📅 मंगलवार, 3 मार्च 2026 📖 3-5 min read
आदेश 72 दि. 22.05.2019 | आकस्मिक अवकाश बिना स्वीकृति = सेवाकाल जब्त | RSR 1951 नियम 86
🔴 सरकारी आदेश | SIPF राजस्थान

आदेश 72 दि. 22.05.2019 — बिना स्वीकृति अवकाश पर जाना = सेवाकाल जब्त!

आकस्मिक अवकाश की पूर्व स्वीकृति अनिवार्य — RSR 1951 नियम 86 की सम्पूर्ण व्याख्या एवं कर्मचारी मार्गदर्शन

📅 प्रकाशित: 22 मई 2019 ✏️ अपडेट: 22 मई 2025 🏛️ SIPF, राजस्थान 👤 Sarkari Service Prep
राजस्थान सरकार के निदेशालय, राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग ने आदेश संख्या 72 दिनांक 22.05.2019 जारी कर स्पष्ट किया है कि राजस्थान सेवा नियम (RSR) 1951 के नियम 86 एवं परिशिष्ट-I, अनुभाग-III के तहत किसी भी कर्मचारी या अधिकारी को आकस्मिक अवकाश (CL) या उपार्जित अवकाश (EL) पर जाने से पूर्व सक्षम अधिकारी की लिखित स्वीकृति लेना अनिवार्य है। बिना स्वीकृति के अनुपस्थित रहने पर उसे "जानबूझकर अनुपस्थिति" माना जाएगा और पिछला सेवाकाल जब्त किया जा सकता है। यह आलेख इस आदेश की शब्द-दर-शब्द व्याख्या एवं कर्मचारियों के लिए व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रस्तुत करता है।
📋 आदेश का परिचय (At a Glance)
जारीकर्ता विभागनिदेशालय, राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग, राजस्थान, जयपुर
क्रमांकएफ.1(ए)125/पार्ट-3/संस्था/बीमा/2019/
आदेश संख्या72
दिनांक22 मई 2019
विषयआकस्मिक / उपार्जित अवकाश की पूर्व स्वीकृति एवं विभागाध्यक्ष को सूचना अनिवार्य
सम्बंधित नियमRSR 1951 — खण्ड-I भाग-IV अध्याय 10-11 | खण्ड-II परिशिष्ट-I अनुभाग-III | नियम 86
हस्ताक्षरकर्ताके.एन. दुजिवा, अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन)
PDF स्रोतsipf.rajasthan.gov.in — Order 72

1. मूल आदेश — शब्द-दर-शब्द आलेख

नीचे आदेश संख्या 72 दिनांक 22-05-2019 का सम्पूर्ण मूल पाठ प्रस्तुत किया जा रहा है —

निदेशालय, राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग, राजस्थान, जयपुर

बीमा भवन, सवाई जयसिंह हाइवे, बनीपार्क, जयपुर

क्रमांक : एफ.1(ए)125/पार्ट-3/संस्था/बीमा/2019/    दिनांक : 22-05-2019

–:आदेश:– 72

राजस्थान सेवा नियम, 1951 खण्ड–प्रथम के भाग–IV अध्याय–10 एवं 11 में अवकाश स्वीकृत किये जाने के सम्बन्ध में सामान्य शर्तों का उल्लेख किया हुआ है। प्रायः यह देखा गया है कि राज्य के अधिकारियों एवम् कर्मचारियों द्वारा निजी कार्यों के लिए आकस्मिक अवकाश/उपार्जित अवकाश का आवेदन सक्षम अधिकारी की स्वीकृति से पूर्व ही अवकाश पर प्रस्थान कर दिया जाता है अथवा अवकाश का उपभोग किया जाकर कार्य पर लौटने पर अवकाश स्वीकृति हेतु आवेदन प्रस्तुत किया जाता है। इस प्रकार यह नियम/आदेशों का उल्लंघन स्पष्ट है। यह स्थिति राजकार्य को सुगमता एवं कार्यपद्धति से कार्य निष्टारण में आकस्मिक रूकावट उत्पन्न करती है, जो कि प्रशासनिक दृष्टि से उचित नहीं है।
राजस्थान सेवा नियम 1951 खण्ड द्वितीय के परिशिष्ट–1 के अनुभाग–III आकस्मिक अवकाश में दिये गये स्पष्टीकरण के अनुसार किसी राज्य कर्मचारी को आकस्मिक अवकाश का उपभोग करने से पूर्व अपवाद स्वरूप परिस्थितियों के अतिरिक्त ऐसे अवकाश की पूर्व स्वीकृति प्राप्त करना आवश्यक होता है। इसी प्रकार राजस्थान सेवा नियम 1951 के नियम 86 में प्रावधान है कि एक कर्मचारी बिना अवकाश अथवा सक्षम प्राधिकारी द्वारा उसके आवेदित अवकाश को स्वीकृत करने से पूर्व ही अपने पद/कर्तव्य से अनुपस्थित रहता है तो उसे "कर्तव्य से जानबूझकर अनुपस्थित रहा" माना जावेगा और ऐसी अनुपस्थिति के सेवा में व्यवधान मानते हुए पिछले सेवाकाल को जब्त किया जा सकेगा जब तक संतोषप्रद कारण बताने पर उक्त अनुपस्थिति को अवकाश स्वीकृतकर्ता प्राधिकारी द्वारा उसे देय अवकाश स्वीकृत कर नियमित नहीं कर दिया जाता है अथवा असाधारण अवकाशों में परिवर्तित नहीं कर दिया जाता है।
यह भी देखा गया है कि अवकाश स्वीकृतकर्ता प्राधिकारी द्वारा राज्य के अधिकारियों के उपार्जित अवकाश स्वीकृत किये जाने की जानकारी विभागाध्यक्ष को नहीं होती है और अधिकारी के अवकाश पर प्रस्थान किये जाने के पश्चात् उनके अवकाश पर होने की सूचना दी जाती है, यह एक गम्भीर लापरवाही एवं अनुशासनहीन कृत्य है। अतः समस्त अवकाश स्वीकृतकर्ता प्राधिकारी को व्यादिष्ट किया जाता है कि अधिकारी के अवकाश पर प्रस्थान किये जाने से पूर्व इसकी सूचना विभागाध्यक्ष को दिया जाना सुनिश्चित करें।
अतः सभी कार्यालयाध्यक्षों/संभागीय अधिकारियों को व्यादिष्ट किया जाता है कि उनके अधीन पदस्थापित अधिकारियों/कर्मचारियों के अवकाश स्वीकृत करते समय उक्त निर्देशों की कड़ाई से पालना सुनिश्चित करावें।
(के.एन. दुजिवा)
अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन),
राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग,
राजस्थान, जयपुर।

2. प्रतिलिपि वितरण

क्रमांक : एफ.1(ए)125/पार्ट-3/संस्था/बीमा/2019/2344–34   दिनांक : 22-05-2019

प्रतिलिपि निम्नांकित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित है :

  1. निजी सचिव, निदेशक महोदय, राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग, मुख्यालय, जयपुर।
  2. समस्त अधिकारीगण, राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग, मुख्यालय जयपुर/साधारण बीमा योजना/संभागीय कार्यालय/जिला कार्यालय को भेजकर लेख है कि उक्त आदेश की एक प्रति नोटिस बोर्ड पर भी प्रदर्शित करने का श्रम करें।
  3. सिस्टम्स एनालिस्ट/संयुक्त निदेशक, सिस्टम मुख्यालय को भेजकर लेख है कि उक्त आदेश को विभाग की वेब साइट http://sipf.rajasthan.gov.in पर अपलोड करावें।
  4. नोटस बोर्ड मुख्यालय/जिला कार्यालय
  5. रक्षित पत्रावली
(रामपाल परसोया)

3. राजस्थान सेवा नियम 1951 — क्या है समस्या?

राजस्थान सरकार के विभिन्न कार्यालयों में यह प्रवृत्ति बढ़ती जा रही थी कि कर्मचारी बिना किसी पूर्व सूचना के अवकाश पर चले जाते थे। इससे तीन प्रमुख समस्याएँ उत्पन्न हो रही थीं —

🚨 समस्याएँ जिनके कारण यह आदेश जारी हुआ :

🔴 समस्या 1 : कर्मचारी पहले अवकाश पर जाते थे, बाद में आवेदन करते थे — नियमों का खुला उल्लंघन।
🔴 समस्या 2 : अवकाश स्वीकृत होने के बाद विभागाध्यक्ष को सूचना ही नहीं दी जाती थी — गम्भीर लापरवाही।
🔴 समस्या 3 : राजकार्य में अप्रत्याशित बाधा — प्रशासनिक कुशलता पर प्रतिकूल प्रभाव।

4. राजस्थान सेवा नियम 1951 — सम्बंधित धाराएँ एवं व्याख्या

📘 RSR 1951, खण्ड-I, भाग-IV, अध्याय 10-11 — अवकाश की सामान्य शर्तें

यह अध्याय निर्धारित करता है कि राज्य सेवा में किसी भी प्रकार का अवकाश — चाहे आकस्मिक हो, उपार्जित हो या अर्ध वेतन अवकाश — लेने से पूर्व सक्षम अधिकारी की स्वीकृति अनिवार्य है। बिना स्वीकृति के अवकाश पर जाना नियम-विरुद्ध है।

📘 RSR 1951, खण्ड-II, परिशिष्ट-1, अनुभाग-III — आकस्मिक अवकाश (Casual Leave)

इस अनुभाग में स्पष्ट प्रावधान है कि किसी राज्य कर्मचारी को आकस्मिक अवकाश (CL) का उपभोग करने से पूर्व, अपवाद स्वरूप परिस्थितियों को छोड़कर, पूर्व स्वीकृति प्राप्त करना अनिवार्य है। केवल अचानक बीमारी या पारिवारिक आपात जैसी असाधारण परिस्थितियों में उसी दिन सूचित कर बाद में स्वीकृति ली जा सकती है।

📘 RSR 1951, नियम 86 — बिना स्वीकृति अनुपस्थिति के कानूनी परिणाम

यह नियम राजस्थान सेवा के सबसे महत्वपूर्ण अनुशासन नियमों में से एक है। इसके अनुसार —

  • बिना स्वीकृति अनुपस्थिति = "कर्तव्य से जानबूझकर अनुपस्थित"
  • ऐसी अनुपस्थिति = सेवा में व्यवधान (Break in Service)
  • पिछला सेवाकाल जब्त किया जा सकता है
  • संतोषजनक स्पष्टीकरण पर नियमित (Regularize) या असाधारण अवकाश (EOL) में परिवर्तित
  • पेंशन, ग्रेच्युटी एवं सेवानिवृत्ति लाभ पर गम्भीर प्रतिकूल प्रभाव
नियम/प्रावधानमुख्य विषयपरिणाम
RSR 1951, भाग-IV, अध्याय 10-11अवकाश स्वीकृति की सामान्य शर्तेंपूर्व स्वीकृति अनिवार्य
RSR 1951, परिशिष्ट-I, अनुभाग-IIIआकस्मिक अवकाश (CL)अपवाद को छोड़ पूर्व अनुमति जरूरी
RSR 1951, नियम 86बिना स्वीकृति अनुपस्थितिसेवाकाल जब्त, Break in Service
आदेश 72 दि. 22.05.2019विभागाध्यक्ष को पूर्व सूचना अनिवार्यउल्लंघन पर अनुशासनात्मक कार्यवाही

5. कर्मचारियों के लिए व्यावहारिक मार्गदर्शन

क्या करें (Do's) :

🟢 अवकाश पर जाने से पूर्व सक्षम अधिकारी से लिखित/ऑनलाइन स्वीकृति अवश्य लें।
🟢 आकस्मिक परिस्थिति में तुरन्त फोन/SMS/WhatsApp से सूचित करें और अगले कार्य दिवस पर लिखित आवेदन दें।
🟢 उपार्जित अवकाश (EL) की स्थिति में स्वीकृतकर्ता अधिकारी विभागाध्यक्ष को पूर्व सूचना दें।
🟢 कार्यालयाध्यक्ष इस आदेश की एक प्रति नोटिस बोर्ड पर अवश्य प्रदर्शित करें।
🟢 किसी भी अनुपस्थिति को तत्काल Regularize करवाएँ।
क्या न करें (Don'ts) :

🔴 बिना स्वीकृति के अवकाश पर कभी प्रस्थान न करें
🔴 अवकाश उपभोग के बाद बाद में आवेदन देने की परिपाटी से बचें।
🔴 EL स्वीकृत करने के बाद विभागाध्यक्ष को अंधेरे में न रखें
🔴 बिना अनुमति की अनुपस्थिति को हल्के में न लें — यह सेवाकाल जब्ती का कारण बन सकती है।
🔴 मौखिक अनुमति को पर्याप्त न समझें — लिखित स्वीकृति लेना सुरक्षित है।

6. उल्लंघन के परिणाम

उल्लंघन का प्रकारRSR नियमसम्भावित परिणाम
बिना स्वीकृति अनुपस्थितिनियम 86जानबूझकर अनुपस्थिति — सेवा में व्यवधान
बाद में अवकाश आवेदनअध्याय 10-11आवेदन अस्वीकृत, वेतन कटौती
पिछली सेवा की जब्तीनियम 86पेंशन, ग्रेच्युटी पर प्रतिकूल असर
विभागाध्यक्ष को सूचना न देनाआदेश 72/2019अनुशासनात्मक कार्यवाही
बार-बार उल्लंघनCCA Rulesविभागीय जाँच, निलम्बन सम्भव

7. सामान्य प्रश्नोत्तर (FAQ)

क्या आकस्मिक अवकाश (CL) के लिए भी पूर्व स्वीकृति जरूरी है?
हाँ। RSR 1951 के परिशिष्ट-I, अनुभाग-III के अनुसार आकस्मिक अवकाश लेने से पहले भी पूर्व स्वीकृति आवश्यक है। केवल अपवाद स्वरूप परिस्थितियों (जैसे अचानक बीमारी, पारिवारिक आपात) में उसी दिन या अगले दिन सूचना देकर बाद में स्वीकृति ली जा सकती है।
बिना स्वीकृति के अवकाश पर जाने पर क्या दण्ड होता है?
RSR 1951 के नियम 86 के तहत ऐसी अनुपस्थिति को "कर्तव्य से जानबूझकर अनुपस्थिति" माना जाता है। सेवा में व्यवधान माना जाता है और पिछला सेवाकाल जब्त किया जा सकता है। इससे पेंशन और सेवानिवृत्ति लाभ भी प्रभावित होते हैं।
विभागाध्यक्ष को EL की पूर्व सूचना देने की जिम्मेदारी किसकी है?
अवकाश स्वीकृतकर्ता प्राधिकारी की। आदेश 72 दि. 22.05.2019 स्पष्ट करता है कि अधिकारी के अवकाश पर प्रस्थान से पूर्व विभागाध्यक्ष को सूचना देना स्वीकृतकर्ता अधिकारी का दायित्व है।
यदि अनुपस्थिति को नियमित न किया जाए तो क्या होगा?
नियम 86 के तहत संतोषजनक कारण न देने पर अनुपस्थिति को अवकाश में नियमित नहीं किया जाएगा। इसे असाधारण अवकाश (EOL) में बदला जा सकता है, अन्यथा पिछला सेवाकाल जब्त होगा — जो पेंशन और ग्रेच्युटी पर सीधा प्रभाव डालता है।
क्या यह आदेश सभी राजस्थान कर्मचारियों पर लागू होता है?
यह आदेश SIPF विभाग के लिए जारी हुआ है, परन्तु RSR 1951 के नियम 86 एवं परिशिष्ट-III समस्त राजस्थान राज्य सेवा के कर्मचारियों पर समान रूप से लागू होते हैं।
📅 मूल आदेश दिनांक: 22 मई 2019 ✏️ आलेख अपडेट: मई 2025 ✍️ लेखक: Sarkari Service Prep 🏛️ स्रोत: SIPF राजस्थान

8. कीवर्ड्स / टैग्स

आकस्मिक अवकाश Casual Leave RSR RSR 1951 नियम 86 आदेश 72 दिनांक 22.05.2019 राजस्थान सेवा नियम 1951 SIPF Rajasthan बिना स्वीकृति अनुपस्थिति उपार्जित अवकाश Earned Leave विभागाध्यक्ष सूचना सेवाकाल जब्ती Break in Service Leave Rules Rajasthan जानबूझकर अनुपस्थिति असाधारण अवकाश EOL Sarkari Service Prep

स्रोत : निदेशालय, राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग, राजस्थान — आदेश संख्या 72, दिनांक 22.05.2019 | PDF डाउनलोड करें
यह आलेख शैक्षणिक एवं कर्मचारी मार्गदर्शन उद्देश्य से तैयार किया गया है। किसी विधिक सलाह के लिए सक्षम अधिकारी से सम्पर्क करें।

📤 शेयर करें:

💼

सरकारी नौकरी की तैयारी करें!

SSC, Railway, Bank, UPSC के लिए

Visit Now →

💬 टिप्पणियाँ

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

कृपया टिप्पणी करते समय मर्यादित भाषा का प्रयोग करें। किसी भी प्रकार का स्पैम, अपशब्द या प्रमोशनल लिंक हटाया जा सकता है। आपका सुझाव हमारे लिए महत्वपूर्ण है!