परिचय
राजस्थान सरकार द्वारा राज्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों को दुर्घटना की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से कई वर्षों से समूह व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजना संचालित की जाती रही है। इसी क्रम में वित्त (बीमा) विभाग, राजस्थान सरकार ने दिनांक 27 मार्च 2026 को एक नया आदेश जारी किया है, जिसके अनुसार 01 मई 2026 से 30 अप्रैल 2027 तक की अवधि के लिए राज्य कर्मचारियों को तीन अलग-अलग बीमा श्रेणियों में से एक विकल्प चुनने का अवसर दिया गया है।
यह आदेश केवल एक औपचारिक सरकारी सूचना नहीं है, बल्कि वेतन कटौती, IFMS/SIPF पोर्टल, DDO स्तर की प्रक्रिया, पूर्व विकल्प, नामांकन, नए कर्मचारियों और विशेष श्रेणियों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं को स्पष्ट करता है। इसलिए यह अपडेट राज्य कर्मचारियों, विभागाध्यक्षों, आहरण एवं वितरण अधिकारियों तथा प्रशासनिक कार्मिकों के लिए अत्यंत उपयोगी है।
आदेश का संक्षिप्त सार
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| विभाग | वित्त (बीमा) विभाग, राजस्थान सरकार |
| आदेश दिनांक | 27 मार्च 2026 |
| पॉलिसी अवधि | 01 मई 2026 से 30 अप्रैल 2027 |
| प्रीमियम कटौती | अप्रैल देय मई 2026 के वेतन से |
| चयन माध्यम | कर्मचारी चयन + IFMS / SIPF आधारित प्रक्रिया |
बीमा विकल्प और प्रीमियम राशि
आदेश में कर्मचारियों को तीन अलग-अलग बीमा श्रेणियां उपलब्ध कराई गई हैं। कर्मचारी अपनी आवश्यकता, पारिवारिक सुरक्षा और आर्थिक प्राथमिकता के अनुसार इनमें से किसी एक श्रेणी का चयन कर सकते हैं।
| श्रेणी | बीमाधन | कार्मिक के वेतन से प्रीमियम कटौती |
|---|---|---|
| 1 | 10 लाख रुपये | 700 रुपये |
| 2 | 20 लाख रुपये | 1400 रुपये |
| 3 | 30 लाख रुपये | 2100 रुपये |
यह आदेश किन पर लागू होगा
यह व्यवस्था राज्य सरकार के समस्त अधिकारियों और कर्मचारियों पर लागू होगी। आदेश में यह भी उल्लेखित है कि राजस्थान कैडर के अखिल भारतीय सेवा के अधिकारी भी इस प्रक्रिया के दायरे में आते हैं। साथ ही, 01 मई 2026 या उसके पश्चात राज्य सेवा में नियुक्त होने वाले कार्मिकों पर भी यह योजना लागू होगी।
प्रीमियम कब और कैसे कटेगा
आदेश के अनुसार चयनित बीमा श्रेणी का प्रीमियम अप्रैल देय मई 2026 के वेतन से काटा जाएगा। इसका अर्थ यह है कि संबंधित कर्मचारी तथा उनके DDO/कार्यालय को वेतन बिल तैयार होने से पहले आवश्यक विकल्प प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए।
सभी आहरण एवं वितरण अधिकारी अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के वेतन से IFMS पोर्टल / SIPF पोर्टल के माध्यम से प्रीमियम कटौती सुनिश्चित करेंगे। यदि किसी कर्मचारी का वेतन किसी कारणवश समय पर आहरित नहीं हो पाता, तो उस स्थिति में कर्मचारी को अपने चयनित विकल्प के अनुसार प्रीमियम राशि सामान्य बीमा निधि में नियत तिथि तक जमा करानी होगी।
DDO और विभागीय कार्यालयों के लिए मुख्य निर्देश
- कर्मचारियों/अधिकारियों से उपलब्ध श्रेणियों में से विकल्प लेना सुनिश्चित करें।
- IFMS/SIPF पोर्टल पर प्रस्ताव पत्र/विकल्प प्रविष्टि प्रक्रिया पूरी कराएं।
- अप्रैल देय मई 2026 के वेतन बिल में सही प्रीमियम कटौती सुनिश्चित करें।
- जिनका वेतन आहरित न हो सके, उन्हें नियत समय में प्रीमियम जमा कराने के लिए सूचित करें।
- पुराने विकल्प वाले कर्मचारियों की स्थिति की पुष्टि कर लें ताकि अनावश्यक पुनः प्रक्रिया से बचा जा सके।
पुराने विकल्प वाले कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण राहत
आदेश के अनुसार जिन कर्मचारियों ने पिछले वर्ष SIPF पोर्टल पर ऑनलाइन प्रस्ताव पत्र भर दिया था और वर्तमान वर्ष में उन्हें न तो नामांकन (Nomination) में परिवर्तन करना है और न ही बीमा श्रेणी बदलनी है, उन्हें फिर से नया प्रस्ताव पत्र भरने की आवश्यकता नहीं होगी। ऐसी स्थिति में पूर्व विकल्प के अनुसार ही प्रीमियम कटौती की जा सकती है।
क्या वर्ष के बीच में बीमा विकल्प बदला जा सकता है
नहीं। यह आदेश का सबसे महत्वपूर्ण प्रावधान है। यदि किसी कर्मचारी ने एक बार अपनी श्रेणी चुन दी और उसके अनुसार प्रीमियम कटौती हो गई, तो बीमित वर्ष के दौरान उस विकल्प में परिवर्तन नहीं किया जा सकेगा। इसका अर्थ यह है कि बाद में उच्च श्रेणी लेने के लिए केवल अंतर राशि जमा कराकर भी विकल्प परिवर्तन संभव नहीं होगा।
यदि कोई कर्मचारी कोई विकल्प नहीं चुनता
आदेश स्पष्ट करता है कि यदि कोई कर्मचारी उपलब्ध विकल्पों में से किसी का चयन नहीं करता और प्रीमियम कटौती नहीं चाहता, तो उसकी प्रीमियम कटौती नहीं की जाएगी। यानी यह व्यवस्था कर्मचारी के विकल्प पर आधारित है।
नए नियुक्त कर्मचारियों के लिए व्यवस्था
01.05.2026 एवं उसके पश्चात राज्य सेवा में नियुक्त कार्मिकों के लिए भी यह योजना लागू रहेगी। यदि वे 10 लाख, 20 लाख या 30 लाख में से कोई श्रेणी चुनते हैं, तो उनके प्रथम वेतन से 2026-27 हेतु देय प्रीमियम नियमानुसार काटा जाएगा।
कर्मचारियों के लिए क्या करना जरूरी है
- अपनी बीमा आवश्यकता के अनुसार सही श्रेणी का चयन करें।
- यदि nominee/नामांकन बदलना है तो समय रहते प्रक्रिया पूर्ण करें।
- पुराने विकल्प की पुष्टि अवश्य करें।
- वेतन आहरण में देरी होने पर प्रीमियम जमा करने की अंतिम तिथि पर ध्यान दें।
- विकल्प चयन में जल्दबाजी न करें, क्योंकि वर्ष के बीच में परिवर्तन संभव नहीं होगा।
निष्कर्ष
राजस्थान कर्मचारी दुर्घटना बीमा योजना 2026-27 से संबंधित यह आदेश राज्य कर्मचारियों को दुर्घटना की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। 10 लाख, 20 लाख और 30 लाख रुपये तक के विकल्प कर्मचारियों को अपनी जरूरत के अनुसार कवरेज चुनने का अवसर देते हैं। अब आवश्यक है कि कर्मचारी और DDO दोनों समय रहते सही प्रक्रिया पूरी करें, ताकि प्रीमियम कटौती और योजना कवरेज में कोई त्रुटि न रहे।

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