Shala Darpan Portal Result Entry Order 2019: कक्षा 6 से 8 परीक्षा परिणाम की ऑनलाइन प्रविष्टि पर राजस्थान का महत्वपूर्ण आदेश

📅 सोमवार, 30 मार्च 2026 📖 पूरा लेख
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Shala Darpan Portal Result Entry Order 2019: कक्षा 6 से 8 परीक्षा परिणाम की ऑनलाइन प्रविष्टि पर राजस्थान का महत्वपूर्ण आदेश

निर्देशक, प्रारम्भिक शिक्षा, राजस्थान, बीकानेर द्वारा जारी आदेश के आधार पर कक्षा 6, 7 और 8 के परीक्षा परिणाम की शाला दर्पण पोर्टल पर ऑनलाइन प्रविष्टि, ग्रीन शीट डाउनलोड, संस्थाप्रमुख प्रमाणीकरण और विद्यालय रिकॉर्ड संधारण की विस्तृत हिंदी गाइड
मुख्य सार
10 अप्रैल 2019 को जारी इस महत्वपूर्ण आदेश में राजस्थान के प्रारम्भिक शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया कि प्रारम्भिक शिक्षा के अंतर्गत संचालित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों की कक्षा 6 से 8 के विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम शाला दर्पण पोर्टल पर ऑनलाइन तैयार और प्रदर्शित किया जाएगा। इसके लिए विद्यालय स्तर पर परिणाम प्रविष्टि, ग्रीन शीट डाउनलोड, संस्थाप्रमुख द्वारा प्रमाणीकरण और विद्यालय रिकॉर्ड में सुरक्षित संधारण की प्रक्रिया अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जानी थी।
विषय-सूची

आदेश किस कार्यालय से जारी हुआ

यह आदेश कार्यालय निदेशक, प्रारम्भिक शिक्षा, राजस्थान, बीकानेर द्वारा जारी किया गया। पत्रांक में शाला दर्शन/पोर्टल मॉनीटरिंग से संबंधित संदर्भ दर्ज है और आदेश दिनांक 10/04/2019 अंकित है। पत्र की प्रतिलिपि मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय) प्रारम्भिक शिक्षा, आयुक्त राजस्थान प्रारम्भिक शिक्षा परिषद जयपुर तथा उपनिदेशक, शाला दर्पण प्रकोष्ठ को भी प्रेषित की गई है। इससे स्पष्ट होता है कि यह केवल एक विद्यालय-स्तरीय सूचना नहीं, बल्कि एक व्यापक प्रशासनिक निर्देश था।

आदेश का विषय क्या है

आदेश का विषय था — प्रारम्भिक शिक्षा अंतर्गत संचालित उच्च प्राथमिक विद्यालयों की कक्षा 6 से 8 के परीक्षा परिणाम की शाला दर्पण पोर्टल पर ऑनलाइन प्रविष्टि। यानी विभाग ने स्पष्ट किया कि इन कक्षाओं के परिणाम को पोर्टल-आधारित प्रणाली से तैयार, प्रदर्शित और रिकॉर्ड करना है।

सामान्य प्रशासनिक भाषा में इसका अर्थ यह है कि परिणाम रजिस्टर, अंकतालिका और विद्यालय रिकॉर्ड की पारंपरिक व्यवस्था के साथ-साथ एक डिजिटल, सत्यापित और संस्थाप्रमुख-प्रमाणित ऑनलाइन रिकॉर्ड भी तैयार किया जाना अनिवार्य था। यह कदम शाला दर्पण को केवल छात्र सूचना पोर्टल नहीं, बल्कि परिणाम प्रबंधन और विद्यालयीय जवाबदेही के डिजिटल माध्यम के रूप में स्थापित करता है।

आदेश की पृष्ठभूमि और प्रशासनिक उद्देश्य

आदेश में उल्लेख है कि शासन के निर्देशों की अनुपालना में प्रारम्भिक शिक्षा के अंतर्गत संचालित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों की कक्षा 6 से 8 में अध्ययनरत विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन तैयार कर प्रदर्शित किया जाना था। शाला दर्पण पोर्टल पर परिणाम प्रविष्टि हेतु ऑनलाइन मॉड्यूल उपलब्ध करवाया गया और राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद, जयपुर स्तर से समय-समय पर दिशा-निर्देश भी जारी किए गए।

इसका मूल प्रशासनिक उद्देश्य तीन स्तर पर समझा जा सकता है। पहला, परिणाम प्रविष्टि में एकरूपता आए। दूसरा, विद्यालय द्वारा दर्ज अंकों और परिणाम के बीच स्पष्ट डिजिटल ट्रैक रहे। तीसरा, विद्यालय स्तर पर प्रमाणित और सुरक्षित परिणाम रिकॉर्ड उपलब्ध रहे, ताकि भविष्य में विवाद, निरीक्षण, सत्यापन या अभिलेखीकरण में कठिनाई न हो।

सरल समझ
यह आदेश मूल रूप से कहता है कि कक्षा 6, 7 और 8 के परिणाम अब केवल कागजी प्रक्रिया तक सीमित न रहकर शाला दर्पण पोर्टल पर दर्ज, सत्यापित और रिकॉर्ड किए जाएँ

कक्षा 6 से 8 परिणाम प्रविष्टि के लिए क्या निर्देश दिए गए

आदेश में बिंदुवार महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। सबसे प्रमुख बात यह है कि सत्र 2018-19 हेतु कक्षा 6 एवं 7 की शाला दर्पण पोर्टल से जनरेटेड ऑनलाइन अंकतालिका होगी, जिसे शाला दर्पण पोर्टल से print लेने के बाद संस्था प्रधान के प्रमाणीकरण के उपरांत जारी किया जाएगा। इसका स्पष्ट अर्थ यह है कि विद्यालयों को वार्षिक परीक्षा से पूर्व तक के समस्त प्राप्तांकों की ऑनलाइन प्रविष्टि पूर्ण करनी थी।

आदेश यह भी कहता है कि जिन विद्यालयों द्वारा अब तक वार्षिक परीक्षा से पूर्व तक की परीक्षाओं के प्राप्तांकों की ऑनलाइन प्रविष्टि पूर्ण नहीं की गई है, उन्हें अविलंब यह कार्य पूरा करना होगा। यह भाषा अपने आप में बताती है कि यह केवल सुझाव नहीं, बल्कि अनुपालन अपेक्षित निर्देश था।

आदेश के मुख्य कार्यकारी निर्देश
  1. कक्षा 6 एवं 7 के लिए शाला दर्पण पोर्टल से जनरेटेड ऑनलाइन अंकतालिका जारी होगी।
  2. वार्षिक परीक्षा से पूर्व तक के समस्त प्राप्तांकों की ऑनलाइन प्रविष्टि अनिवार्य रूप से पूर्ण की जाए।
  3. वार्षिक परीक्षा तक के समस्त प्राप्तांकों की प्रविष्टि के बाद पोर्टल से ग्रीन शीट डाउनलोड की जा सकेगी।
  4. ग्रीन शीट का print लेकर प्रमाणीकरण के बाद विद्यालय रिकॉर्ड में परीक्षा परिणाम रजिस्टर के रूप में सुरक्षित रखा जाएगा।
  5. जहाँ कक्षा 6 से 8 तक CCE संचालित है, वहाँ परिणाम व्यवस्था पूर्व की भांति ही रहेगी।
  6. कक्षा 8 के वार्षिक परीक्षा से पूर्व तक के प्राप्तांकों की भी शाला दर्पण पोर्टल पर ऑनलाइन प्रविष्टि आवश्यक है।

ग्रीन शीट डाउनलोड और प्रमाणीकरण का महत्व

आदेश का सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक भाग ग्रीन शीट से जुड़ा है। इसमें कहा गया कि वार्षिक परीक्षा तक के समस्त प्राप्तांकों की प्रविष्टि के बाद शाला दर्पण पोर्टल से ग्रीन शीट डाउनलोड की जा सकेगी। यह ग्रीन शीट मात्र एक print नहीं, बल्कि विद्यालयीय परीक्षा परिणाम का व्यवस्थित और डिजिटल रूप से समर्थित दस्तावेज है।

ग्रीन शीट का print लेकर संस्था प्रधान द्वारा प्रमाणीकरण किया जाना था, और इसके बाद उसे विद्यालय रिकॉर्ड में परीक्षा परिणाम रजिस्टर के रूप में संधारित किया जाना था। इसका अर्थ यह है कि ऑनलाइन परिणाम प्रविष्टि और विद्यालयीय स्थायी रिकॉर्ड — दोनों को एक-दूसरे से जोड़ा गया। यानी शाला दर्पण पर दर्ज अंकों का अंतिम प्रमाणित दस्तावेज विद्यालय के अभिलेखों में भी सुरक्षित रहे।

ग्रीन शीट क्यों महत्वपूर्ण है
ग्रीन शीट ऑनलाइन प्रविष्टि, परिणाम सत्यापन और विद्यालय रिकॉर्ड — तीनों के बीच सेतु का काम करती है। यही कारण है कि उसका प्रमाणीकरण और सुरक्षित संधारण आदेश का केंद्रीय भाग है।

सीसीई संचालित विद्यालयों के लिए क्या स्थिति बताई गई

आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया कि ऐसे विद्यालय, जिनमें कक्षा 6 से 8 तक सी.सी.ई. संचालित है, उनमें परीक्षा परिणाम की व्यवस्था पूर्व की भांति ही रहेगी। यह एक महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण है क्योंकि इससे पता चलता है कि विभाग ने सभी विद्यालयों के लिए एक ही यांत्रिक व्यवस्था लागू नहीं की, बल्कि शैक्षिक मूल्यांकन प्रणाली की प्रकृति के अनुसार लचीलापन रखा।

लेकिन साथ ही यह भी लिखा गया कि कक्षा 8 के वार्षिक परीक्षा से पूर्व तक के प्राप्तांकों की ऑनलाइन प्रविष्टि शाला दर्पण पोर्टल पर आवश्यक रूप से की जानी है। इसलिए यह नहीं माना जा सकता कि CCE विद्यालयों को पूरी तरह पोर्टल प्रविष्टि से छूट थी। मूल बात यह है कि परिणाम व्यवस्था का ढाँचा भले पूर्ववत रहे, लेकिन रिकॉर्ड-आधारित ऑनलाइन प्रविष्टि का दायित्व बना रहता है।

विद्यालय स्तर पर आगे क्या कार्यवाही होनी चाहिए

यदि इस आदेश को व्यावहारिक कार्यवाही में बदलें, तो विद्यालय स्तर पर चार प्रमुख चरण बनते हैं। पहला, कक्षा 6, 7 और 8 के परिणाम रिकॉर्ड का संकलन। दूसरा, वार्षिक परीक्षा से पूर्व तक के समस्त प्राप्तांकों की ऑनलाइन प्रविष्टि का सत्यापन। तीसरा, ग्रीन शीट डाउनलोड और संस्थाप्रमुख द्वारा प्रमाणीकरण। चौथा, प्रमाणित प्रति को विद्यालय रिकॉर्ड में परिणाम रजिस्टर के रूप में सुरक्षित संधारित करना।

इसका सर्वोत्तम प्रशासनिक तरीका यह होगा कि विद्यालय परिणाम कार्यवाही के लिए एक छोटा-सा internal compliance register भी रखे, जिसमें यह लिखा जाए कि किस कक्षा के अंक कब पोर्टल पर प्रविष्ट किए गए, किस तिथि को ग्रीन शीट डाउनलोड हुई, किस अधिकारी ने प्रमाणीकरण किया, और रिकॉर्ड किस फाइल/रजिस्टर में सुरक्षित रखा गया। इससे भविष्य में निरीक्षण अथवा सत्यापन के समय बहुत सुविधा रहती है।

विद्यालय स्तर की व्यावहारिक कार्यवाही
  • कक्षा 6, 7 और 8 के विषयवार प्राप्तांक एकत्र करें।
  • वार्षिक परीक्षा से पूर्व तक की सभी प्रविष्टियों का मिलान करें।
  • शाला दर्पण पोर्टल पर छूटी हुई प्रविष्टि हो तो तुरंत पूर्ण करें।
  • ग्रीन शीट डाउनलोड करें और उसका print लें।
  • संस्था प्रधान से प्रमाणित करवाएँ।
  • उसे विद्यालय रिकॉर्ड में परीक्षा परिणाम रजिस्टर के रूप में सुरक्षित रखें।

संस्था प्रधान, प्रधानाध्यापक और रिकॉर्ड प्रभारी के लिए इसका महत्व

यह आदेश संस्था प्रधान और विद्यालय प्रशासन की जिम्मेदारी को सीधे रेखांकित करता है। यहाँ केवल डेटा एंट्री ऑपरेटर की भूमिका नहीं है; बल्कि अंतिम जिम्मेदारी उस संस्था प्रमुख की है जो प्रमाणित परिणाम जारी करता है और विद्यालय रिकॉर्ड का संरक्षक होता है। यदि पोर्टल प्रविष्टि अधूरी रह जाए, ग्रीन शीट प्रमाणित न हो, या रिकॉर्ड सुरक्षित संधारित न हो, तो यह प्रशासनिक कमी मानी जा सकती है।

विशेष रूप से उन विद्यालयों के लिए यह आदेश एक महत्वपूर्ण reference document है जो आज भी शाला दर्पण आधारित परिणाम, रिकॉर्ड प्रमाणीकरण, TC, छात्र सत्यापन, मार्क्स मिलान और निरीक्षण संबंधी कार्यों में historical compliance records का उपयोग करते हैं। इसलिए यह आदेश केवल 2019 का archival document नहीं, बल्कि डिजिटल विद्यालय प्रशासन के विकासक्रम को समझने वाला एक महत्वपूर्ण संदर्भ भी है।

प्रमुख बिंदुओं का त्वरित सार

बिंदु सार
जारी कार्यालय निदेशक, प्रारम्भिक शिक्षा, राजस्थान, बीकानेर
आदेश दिनांक 10 अप्रैल 2019
मुख्य विषय कक्षा 6 से 8 परीक्षा परिणाम की शाला दर्पण पर ऑनलाइन प्रविष्टि
विशेष निर्देश कक्षा 6 एवं 7 के लिए पोर्टल जनरेटेड अंकतालिका, ग्रीन शीट डाउनलोड, प्रमाणीकरण
रिकॉर्ड व्यवस्था ग्रीन शीट का print लेकर परीक्षा परिणाम रजिस्टर के रूप में संधारण
CCE विद्यालय परिणाम व्यवस्था पूर्ववत, पर रिकॉर्ड प्रविष्टि का महत्व बना रहता है

FAQ

प्रश्न 1: यह आदेश किन कक्षाओं से संबंधित है?
यह आदेश प्रारम्भिक शिक्षा अंतर्गत संचालित उच्च प्राथमिक विद्यालयों की कक्षा 6, 7 और 8 के परीक्षा परिणाम से संबंधित है।
प्रश्न 2: कक्षा 6 और 7 की अंकतालिका कैसे जारी होनी थी?
आदेश के अनुसार कक्षा 6 एवं 7 की शाला दर्पण पोर्टल से जनरेटेड ऑनलाइन अंकतालिका print लेकर संस्था प्रधान के प्रमाणीकरण के बाद जारी की जानी थी।
प्रश्न 3: ग्रीन शीट का क्या उपयोग है?
ग्रीन शीट परिणाम प्रविष्टि के बाद पोर्टल से डाउनलोड की जाने वाली प्रमाणित आधार शीट है, जिसे print लेकर विद्यालय रिकॉर्ड में परीक्षा परिणाम रजिस्टर के रूप में सुरक्षित रखा जाना था।
प्रश्न 4: क्या CCE विद्यालयों पर यह व्यवस्था अलग थी?
आदेश में उल्लेख है कि जहाँ कक्षा 6 से 8 तक CCE संचालित है, वहाँ परिणाम व्यवस्था पूर्व की भांति रहेगी। फिर भी ऑनलाइन प्राप्तांक प्रविष्टि का महत्व बना रहता है।
प्रश्न 5: विद्यालय प्रशासन के लिए सबसे महत्वपूर्ण अनुपालन क्या है?
सबसे महत्वपूर्ण अनुपालन है — प्राप्तांकों की ऑनलाइन प्रविष्टि पूर्ण करना, ग्रीन शीट डाउनलोड करना, संस्था प्रधान से प्रमाणित करवाना और विद्यालय रिकॉर्ड में सुरक्षित रखना।

अस्वीकरण

यह लेख साझा आदेश-पत्र के आधार पर व्याख्यात्मक और शैक्षिक उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें वर्णित बिंदु आदेश की सामग्री को सरल और व्यवस्थित रूप में समझाने के लिए प्रस्तुत किए गए हैं।

चूँकि यह आदेश वर्ष 2019 से संबंधित है, इसलिए वर्तमान समय में लागू प्रक्रिया, पोर्टल इंटरफ़ेस, परिणाम मॉड्यूल, CCE व्यवस्था या रिकॉर्ड संधारण के नियमों में परिवर्तन संभव है। अतः किसी वर्तमान प्रशासनिक कार्यवाही के लिए नवीनतम विभागीय आदेश, शाला दर्पण निर्देश और सक्षम कार्यालय की ताज़ा गाइडलाइन का मिलान अवश्य करें।

विद्यालय स्तर पर कोई भी अंतिम निर्णय लेने से पहले आधिकारिक पत्र, पोर्टल निर्देश और स्थानीय प्रशासनिक आदेशों का संदर्भ लेना सबसे सुरक्षित और उचित रहेगा।

निष्कर्ष

10 अप्रैल 2019 का यह आदेश राजस्थान में विद्यालयी परिणाम प्रबंधन के डिजिटलीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था। इसने स्पष्ट किया कि कक्षा 6 से 8 के परिणाम केवल ऑफलाइन रजिस्टर तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि शाला दर्पण पोर्टल पर ऑनलाइन प्रविष्टि, ग्रीन शीट प्रमाणीकरण और विद्यालयीय रिकॉर्ड संधारण के साथ एक व्यवस्थित प्रक्रिया के रूप में संचालित होंगे। इसलिए यह आदेश आज भी शाला दर्पण प्रशासन, परिणाम रिकॉर्ड, विद्यालयीय अभिलेख और compliance culture को समझने के लिए अत्यंत उपयोगी संदर्भ है।

✍️ लेखक: सुरेंद्र सिंह चौहान
पूर्व शिक्षा अधिकारी, राजस्थान · 1991–2025 · शिक्षण, प्रशिक्षण एवं प्रशासन · परिचय
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