APAAR ID Rajasthan 2026 Official Order | Consent Form, UDISE Process & School Instructions in Hindi

📅 बुधवार, 22 अप्रैल 2026 📖 पूरा लेख

APAAR ID Rajasthan 2026: संशोधित सहमति/असहमति पत्र, UDISE प्रक्रिया, विद्यालय-स्तर कार्य एवं आधिकारिक निर्देश

राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद, जयपुर द्वारा राज्य के समस्त राजकीय एवं गैर-राजकीय विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों की APAAR (Automated Permanent Academic Account Registry) ID जनरेशन प्रक्रिया को गति देने तथा शेष विद्यार्थियों के लिए संशोधित सहमति/असहमति पत्र के उपयोग संबंधी निर्देश जारी किए गए हैं। आदेश में UDISE+ पोर्टल पर छात्र डेटा सत्यापन, आधार मिलान, अभिभावकीय सहमति अथवा असहमति दर्ज करने, विद्यालय-स्तर एवं ब्लॉक/जिला स्तर पर किए जाने वाले कार्य तथा रिकॉर्ड संधारण की स्पष्ट व्यवस्था दी गई है।

निर्देशों के अनुसार वर्ष 2024-25 से One Nation, One Student ID की अवधारणा के अंतर्गत विद्यार्थियों की APAAR ID तैयार की जा रही है। वर्ष 2025-26 में शेष विद्यार्थियों की APAAR ID जनरेशन प्रगति को शत-प्रतिशत तक ले जाने के उद्देश्य से विद्यालयों को संशोधित प्रपत्र के अनुसार अभिभावकीय सहमति/असहमति प्राप्त कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करनी है।

एक नजर में

  • राज्य के समस्त राजकीय एवं गैर-राजकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों की APAAR ID जनरेशन प्रक्रिया पर निर्देश जारी किए गए हैं।
  • विद्यालयों को संशोधित सहमति/असहमति पत्र का उपयोग करना है।
  • UDISE+ पोर्टल पर छात्र डेटा, PEN, आधार सत्यापन और अभिभावकीय विकल्प दर्ज करना आवश्यक है।
  • अभिभावक की सहमति होने पर APAAR ID जनरेट की जाएगी।
  • अभिभावक की असहमति होने पर भी असहमति पत्र प्राप्त कर सुरक्षित रखना अनिवार्य है।
  • विद्यालय, ब्लॉक और जिला स्तर पर दैनिक समीक्षा, सत्यापन और रिकॉर्ड जांच का निर्देश दिया गया है।

आधिकारिक आदेश का सार

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि वर्ष 2024-25 से वन नेशन एवं वन स्टूडेंट आईडी व्यवस्था के अंतर्गत विद्यार्थियों की APAAR ID बनाई जा रही है। वर्ष 2025-26 में शेष विद्यार्थियों के लिए यह कार्य लंबित है, इसलिए सभी विद्यालयों को निर्देशित किया गया है कि वे शेष विद्यार्थियों के माता-पिता/वैधानिक अभिभावकों से संशोधित सहमति/असहमति पत्र प्राप्त कर APAAR जनरेशन की प्रक्रिया पूर्ण कराएं।

आदेश में यह भी रेखांकित किया गया है कि UDISE+ पोर्टल पर उपलब्ध डेटा तथा आधार डेटा का समान होना आवश्यक है। अभिभावक की लिखित सहमति प्राप्त होने के बाद ही पोर्टल पर Request Generate की जाएगी। यदि अभिभावक सहमत नहीं हैं, तो विद्यालय को असहमति पत्र आवश्यक रूप से प्राप्त कर सुरक्षित रखना होगा, जिससे प्रत्येक विद्यार्थी की स्थिति अभिलेखों में स्पष्ट बनी रहे।

संबंधित विस्तृत लेख

APAAR ID की मूल अवधारणा, उपयोगिता, शिक्षक-विद्यार्थी संदर्भ और परीक्षा/शैक्षणिक दृष्टिकोण को विस्तार से समझने हेतु यह लेख भी देखें:

APAAR ID क्या है? राजस्थान शिक्षक, विद्यार्थी और परीक्षा व्यवस्था हेतु विस्तृत गाइड

APAAR ID क्या है

APAAR का पूर्ण रूप Automated Permanent Academic Account Registry है। यह विद्यार्थियों के लिए एक अद्वितीय शैक्षणिक पहचान व्यवस्था है, जिसका उद्देश्य उनके शैक्षणिक रिकॉर्ड, उपलब्धियों, प्रमाण-पत्रों और शिक्षा यात्रा से संबंधित सूचना को जीवनपर्यंत डिजिटल रूप में संरक्षित और उपलब्ध रखना है।

इस व्यवस्था को One Nation, One Student ID की अवधारणा से जोड़ा गया है। विद्यालय स्तर पर जनरेट की गई APAAR ID आगे कॉलेज, विश्वविद्यालय और अन्य शैक्षणिक प्रणालियों में शैक्षणिक डेटा की निरंतरता बनाए रखने में उपयोगी हो सकती है। आदेश में यह भी संकेतित है कि यह व्यवस्था DigiLocker तथा Academic Bank of Credit जैसी सेवाओं से भी जुड़ सकती है।

APAAR ID जनरेशन की आधिकारिक प्रक्रिया

  1. विद्यालय द्वारा UDISE+ पोर्टल पर विद्यार्थी का डेटा अपलोड एवं सत्यापित किया जाता है।
  2. विद्यार्थी के लिए PEN (Permanent Education Number) उपलब्ध या जनरेट किया जाता है।
  3. विद्यालय छात्र के आधार संबंधी विवरण का प्रवेश एवं सत्यापन करता है।
  4. विद्यालय विद्यार्थी के माता-पिता/वैधानिक अभिभावक को APAAR की उपयोगिता समझाकर लिखित सहमति/असहमति पत्र प्राप्त करता है।
  5. UDISE+ पोर्टल पर consent या refusal की स्थिति दर्ज की जाती है।
  6. यदि डेटा और आधार रिकॉर्ड मेल खाते हैं तथा सहमति प्राप्त है, तो APAAR ID जनरेट की जाती है।
  7. यदि आधार सत्यापन नहीं हो पाता या अभिभावक असहमत हैं, तो उस स्थिति का रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाता है और प्रक्रिया नियमानुसार वहीं रोकी जाती है।

संशोधित सहमति/असहमति पत्र की आवश्यकता

आदेश के साथ संलग्न संशोधित प्रपत्र इस पूरी प्रक्रिया का केंद्रीय आधार है। विद्यालयों को पूर्व प्रचलित प्रपत्र के स्थान पर संशोधित सहमति/असहमति पत्र का उपयोग सुनिश्चित करना है। इसमें अभिभावक को स्पष्ट रूप से दो विकल्प दिए गए हैं — सहमति देना अथवा सहमति से इंकार करना।

सहमति पत्र का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अभिभावक को APAAR ID, आधार सत्यापन, DigiLocker संबंध और डिजिटल शैक्षणिक रिकॉर्ड की उपयोगिता के बारे में पर्याप्त जानकारी दी गई है। इसी प्रकार असहमति पत्र का उद्देश्य यह दर्ज करना है कि अभिभावक इस समय APAAR ID जनरेशन के पक्ष में नहीं है। प्रशासनिक दृष्टि से दोनों स्थितियों का लिखित रिकॉर्ड आवश्यक माना गया है।

विशेष प्रशासनिक बिंदु: यदि किसी विद्यार्थी के माता-पिता/वैधानिक अभिभावक APAAR ID जनरेशन के लिए सहमत नहीं हैं, तो भी विद्यालय को असहमति पत्र अनिवार्य रूप से प्राप्त कर सुरक्षित रखना होगा। केवल मौखिक असहमति पर्याप्त नहीं मानी जानी चाहिए।

सहमति देने और असहमति देने की स्थिति में क्या होगा

1. यदि अभिभावक सहमति देते हैं

  • विद्यालय UDISE+ पोर्टल पर consent status दर्ज करेगा।
  • आधार व छात्र रिकॉर्ड मिलान होने पर APAAR ID जनरेशन प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
  • आवश्यक शर्तें पूरी होने पर विद्यार्थी की APAAR ID जनरेट की जाएगी।

2. यदि अभिभावक असहमति देते हैं

  • विद्यालय को विधिवत असहमति पत्र प्राप्त करना होगा।
  • UDISE+ database में refusal/denied की स्थिति नियमानुसार अंकित की जाएगी।
  • ऐसी स्थिति में APAAR ID जनरेशन की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी।
  • असहमति का भौतिक रिकॉर्ड भविष्य के निरीक्षण एवं सत्यापन हेतु सुरक्षित रखा जाएगा।

विद्यालय स्तर पर किए जाने वाले कार्य

  • पिछले वर्ष में प्रदर्शित विद्यार्थियों को परीक्षा परिणाम और उपस्थिति के आधार पर प्रोमोट करना।
  • अन्य विद्यालय से आए विद्यार्थियों को ड्रॉपबॉक्स से इम्पोर्ट करना।
  • यदि विद्यार्थी पुराने विद्यालय से रिलीज नहीं हुआ है, तो Student Release Request के माध्यम से कार्रवाई करना।
  • प्रथम बार नामांकित विद्यार्थियों का डेटा UDISE+ पोर्टल पर अपलोड करना।
  • सभी विद्यार्थियों की प्रोफाइल GP, EP, FP के अनुसार वेरिफाई करना।
  • सभी विद्यार्थियों की आधार संबंधी जानकारी एकत्रित कर पोर्टल पर अद्यतन करना।
  • जिन विद्यार्थियों की APAAR ID नहीं बनी है, उनके अभिभावकों से संशोधित सहमति/असहमति पत्र प्राप्त करना।
  • पीटीएम अथवा अन्य बैठकों में अभिभावकों को APAAR की उपयोगिता, विकल्प और प्रक्रिया की जानकारी देना।
  • विद्यालय रिकॉर्ड और आधार रिकॉर्ड में अंतर होने पर पहले नियमानुसार रिकॉर्ड अद्यतन करना, उसके बाद ही पोर्टल अपडेट करना।
  • सहमति और असहमति दोनों के भौतिक अभिलेख सुरक्षित रखना।

ब्लॉक एवं जिला स्तर पर किए जाने वाले कार्य

  • विद्यालयवार विद्यार्थियों की प्रोफाइल वेरिफिकेशन की नियमित समीक्षा करना।
  • आधार सत्यापन और APAAR ID जनरेशन प्रगति की प्रतिदिन मॉनिटरिंग करना।
  • जिन विद्यालयों में आधार कवरेज कम है, वहां आवश्यकतानुसार सहयोग, मार्गदर्शन या शिविर आयोजित करवाना।
  • विद्यालय निरीक्षण के दौरान सहमति/असहमति पत्रों के रिकॉर्ड तथा APAAR जनरेशन स्थिति की जांच करना।
  • विद्यालयों को आवश्यकतानुसार निर्देश जारी कर लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करना।

हिंदी एवं अंग्रेजी परिशिष्ट का महत्व

आदेश के साथ हिंदी में अभिभावकीय सहमति/असहमति प्रपत्र तथा अंग्रेजी में Parental Consent / Refusal Form for APAAR ID Generation संलग्न किया गया है। इससे विद्यालयों को अभिभावकों को भाषा-सुलभ रूप में प्रक्रिया समझाने में सुविधा मिलती है। विद्यालयों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि प्रपत्र भरवाने से पहले अभिभावक संबंधित विकल्पों को समझ लें।

प्रशासनिक रूप से यह भी आवश्यक है कि विद्यालय उपयोग हेतु प्रपत्र में दर्ज consent given अथवा consent refused की स्थिति UDISE+ database में की गई प्रविष्टि से मेल खाए। अभिलेखों और पोर्टल प्रविष्टियों के बीच असंगति निरीक्षण या सत्यापन के समय आपत्ति का कारण बन सकती है।

रिकॉर्ड संधारण और सावधानियां

  • सहमति एवं असहमति पत्रों पर अभिभावक के हस्ताक्षर स्पष्ट और दिनांक सहित होने चाहिए।
  • विद्यालय उपयोग हेतु भाग को नियमानुसार भरा जाए।
  • प्रपत्रों को कक्षा/विद्यालय-वार व्यवस्थित फाइल में सुरक्षित रखना उचित होगा।
  • मात्र आधार रिकॉर्ड देखकर विद्यालय रिकॉर्ड में मनमाना परिवर्तन नहीं किया जाए; विभागीय नियमों के अनुसार ही रिकॉर्ड अद्यतन कराया जाए।
  • जिस विद्यार्थी की स्थिति consent refused है, उसके प्रकरण को भी रिकॉर्ड में पूर्ण माना जाए, बशर्ते असहमति पत्र उपलब्ध हो।

FAQ

1. APAAR ID क्या है?

APAAR ID विद्यार्थियों की एक स्थायी डिजिटल शैक्षणिक पहचान व्यवस्था है, जिसके माध्यम से जीवनपर्यंत अकादमिक रिकॉर्ड संरक्षित और व्यवस्थित रखा जा सकता है।

2. APAAR ID बनाने के लिए क्या अभिभावक की सहमति आवश्यक है?

हां, आदेश के अनुसार अभिभावकीय सहमति अथवा असहमति का लिखित प्रपत्र आवश्यक है। विद्यालय को किसी एक स्थिति का रिकॉर्ड अवश्य प्राप्त करना है।

3. यदि अभिभावक सहमति नहीं दें तो क्या करना होगा?

विद्यालय को असहमति पत्र प्राप्त कर सुरक्षित रखना होगा और UDISE+ database में संबंधित refusal/denied स्थिति नियमानुसार दर्ज करनी होगी।

4. क्या असहमति की स्थिति में भी रिकॉर्ड रखना जरूरी है?

हां, यही इस आदेश का महत्वपूर्ण बिंदु है। सहमति और असहमति दोनों स्थितियों का अभिलेख आवश्यक है।

5. APAAR ID जनरेशन से पहले कौन-कौन से सत्यापन आवश्यक हैं?

छात्र डेटा सत्यापन, PEN उपलब्धता, आधार डेटा मिलान और अभिभावकीय सहमति — ये प्रमुख चरण हैं।

6. विद्यालय रिकॉर्ड और आधार रिकॉर्ड अलग हों तो क्या करें?

विद्यालय को विभागीय नियमों के अनुसार रिकॉर्ड अद्यतन करवाना चाहिए। केवल आधार रिकॉर्ड के अनुसार बिना नियमानुसार सुधार के विद्यालय रिकॉर्ड नहीं बदला जाना चाहिए।

7. consent form पर किसके हस्ताक्षर आवश्यक हैं?

प्रपत्र पर विद्यार्थी के माता-पिता अथवा वैधानिक अभिभावक के हस्ताक्षर अपेक्षित हैं। विद्यालय उपयोग हेतु प्रधानाचार्य/प्रधानाध्यापक का भाग भी नियमानुसार भरा जाना चाहिए।

8. क्या हिंदी और अंग्रेजी दोनों में प्रपत्र उपलब्ध हैं?

हां, आदेश के साथ हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में consent/refusal form संलग्न है।

निष्कर्ष

राजस्थान में APAAR ID जनरेशन संबंधी यह निर्देश केवल तकनीकी पोर्टल-प्रक्रिया नहीं, बल्कि विद्यालय रिकॉर्ड प्रबंधन, अभिभावकीय सहमति, आधार सत्यापन, दस्तावेजी प्रमाण और प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़ी समन्वित कार्यवाही है। विद्यालयों को चाहिए कि वे प्रत्येक विद्यार्थी की स्थिति स्पष्ट रूप से दर्ज करें, संशोधित प्रपत्र का ही उपयोग करें और पोर्टल प्रविष्टि तथा भौतिक रिकॉर्ड में पूर्ण सामंजस्य बनाए रखें।

जिन विद्यालयों में APAAR ID जनरेशन का कार्य लंबित है, वहां इस आदेश के अनुसार शेष विद्यार्थियों के अभिभावकों से सहमति या असहमति प्राप्त कर रिकॉर्ड पूरा किया जाना चाहिए। प्रशासनिक दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण बिंदु यही है कि कोई भी प्रकरण बिना लिखित स्थिति के लंबित न रहे।

अस्वीकरण: यह लेख उपलब्ध आधिकारिक आदेश, संलग्न निर्देशों तथा हिंदी-अंग्रेजी सहमति/असहमति प्रपत्र के आधार पर तैयार किया गया है। अंतिम एवं बाध्यकारी स्थिति के लिए संबंधित विद्यालय, ब्लॉक/जिला शिक्षा कार्यालय, UDISE+ पोर्टल तथा सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी मूल आदेश/निर्देशों का अवलोकन किया जाना चाहिए।

✍️ लेखक: सुरेंद्र सिंह चौहान
पूर्व शिक्षा अधिकारी, राजस्थान · 1991–2025 · शिक्षण, प्रशिक्षण एवं प्रशासन · परिचय
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