नियम 9: नवीन नियुक्ति पर स्वस्थता-प्रमाण-पत्र
विषय: नवीन नियुक्ति पर स्वस्थता-प्रमाण-पत्र
अंग्रेजी नाम: Health Certificate on First Appointment
जारीकर्ता: वित्त विभाग, राजस्थान
लागू: सभी सरकारी कर्मचारी
अंतिम संशोधन: 1968
नियम का पाठ
व्याख्या
नियम का उद्देश्य
इस नियम का मुख्य उद्देश्य राज्य सेवा में प्रवेश करने वाले कर्मचारियों के स्वास्थ्य की पुष्टि करना है। नई नियुक्ति से पहले यह सुनिश्चित किया जाता है कि व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से सरकारी कार्य करने के लिए योग्य है। यह नियम कर्मचारी और सरकार दोनों के हित में है।
लागू होने का दायरा
यह नियम निम्नलिखित सभी व्यक्तियों पर लागू होता है:
- स्थायी कर्मचारी
- अस्थायी कर्मचारी
- अनुबन्ध आधार पर नियुक्त व्यक्ति
- अंशकालीन कर्मचारी
- राजप्रशासनिक अधिकारी
- अन्य सभी सरकारी कर्मचारी
चाहे कर्मचारी की नियुक्ति किसी भी आधार पर हो, स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र सभी के लिए अनिवार्य है।
प्रमाण-पत्र कब प्रस्तुत करना होता है
स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र कर्मचारी के प्रथम वेतन बिल के साथ प्रस्तुत किया जाना अनिवार्य है। नियुक्ति पत्र प्राप्ति के तुरंत बाद ही स्वास्थ्य परीक्षा करानी चाहिए। विभाग द्वारा निर्धारित स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र प्रपत्र का उपयोग किया जाना चाहिए।
अंशकालीन कर्मचारियों के लिए विशेष बात
अंशकालीन कर्मचारियों को भी पूर्णकालीन कर्मचारियों के समान ही स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होता है। इस नियम में कोई छूट नहीं है। यह सरकार का निर्णय है कि कार्य की प्रकृति चाहे कोई भी हो, स्वास्थ्य परीक्षा सभी के लिए समान है।
प्राधिकार से मुक्ति
व्यक्तिगत और विशेष परिस्थितियों में सरकार द्वारा स्वास्थ्य परीक्षा से मुक्ति दी जा सकती है। लेकिन यह केवल सक्षम प्राधिकार की विशेष अनुमति से ही संभव है। साधारण परिस्थितियों में यह मुक्ति प्राप्त नहीं होती। मुक्ति का निर्णय संबंधित विभाग के सचिव या अन्य सक्षम प्राधिकार द्वारा ही लिया जाता है।
सरकारी निर्णय एवं स्पष्टीकरण
निर्णय 1: अंशकालीन कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य परीक्षा
प्रश्न: एक अंशकालीन (पार्ट-टाइम) कर्मचारी को शारीरिक स्वस्थता के लिए किसी चिकित्सक से परीक्षा कराना आवश्यक है?
सरकार का निर्णय: हाँ, ऐसे कर्मचारी को अपनी शारीरिक स्वस्थता का प्रमाण-पत्र उसी प्रकार प्रस्तुत करना होगा जैसा पूर्णकालीन कर्मचारी को करना पड़ता है। अंशकालीन कर्मचारी को भी पूर्णकालीन कर्मचारी के समान ही स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र की आवश्यकता है। कोई भेदभाव नहीं है।
निर्णय 2: प्रमाण-पत्र का अंकन और ऑडिट प्रक्रिया
संदर्भ: वित्त विभाग की अधिसूचना संख्या एफ.1(26) वि.वि. (नियम)/67-I, दिनांक 21 जून 1968
स्वास्थ्य सम्बन्धी प्रमाण-पत्र सम्बन्धित कर्मचारी के प्रथम वेतन बिल के साथ सीधे संलग्न नहीं किया जाता है। अपेक्षा (ऑडिट) की दृष्टि से निम्नलिखित प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए:
प्रथम वेतन बिल के साथ एक अलग प्रमाण-पत्र संलग्न किया जाना चाहिए जिसमें लिखा हो:
"सरकारी कर्मचारी के स्वास्थ्य सम्बन्धी प्रमाण-पत्र को प्राप्त कर रिकार्डे में रख लिया गया है।"
निर्णय 3: राजप्रशासनिक अधिकारियों के मामले में
राजप्रशासनिक अधिकारियों के लिए अलग प्रक्रिया है। उनके मामले में सक्षम-प्राधिकारी को चिकित्सा-सम्बन्धी प्रमाण-पत्र प्रस्तुत किया जाता है। प्राधिकारी द्वारा निर्धारित प्रपत्र में प्रमाण-पत्र प्रथम वेतन बिल में अंकित किया जाना चाहिए। ऑडिट के लिए आवश्यक सभी दस्तावेज कर्मचारी की व्यक्तिगत फाइल में रखे जाने चाहिए।
प्रक्रिया
राजप्रशासनिक अधिकारियों के लिए प्रक्रिया
- नियुक्ति पत्र मिलने के बाद कर्मचारी को स्वास्थ्य परीक्षा के लिए जाना होता है
- प्राधिकार द्वारा निर्धारित स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र प्रपत्र में चिकित्सक द्वारा परीक्षा की जाती है
- प्रमाण-पत्र को प्रथम वेतन बिल के साथ संलग्न किया जाता है
- कर्मचारी की व्यक्तिगत फाइल में यह दस्तावेज स्थायी रूप से रख दिया जाता है
- ऑडिट के समय इसे प्रस्तुत किया जा सकता है
अन्य कर्मचारियों के लिए प्रक्रिया
- नियुक्ति के बाद कर्मचारी को स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र परीक्षा के लिए भेजा जाता है
- निर्धारित प्रपत्र में चिकित्सा परीक्षा की जाती है
- प्रमाण-पत्र प्राप्ति के बाद एक अलग पत्र तैयार किया जाता है जिसमें कहा जाता है कि स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र प्राप्त कर लिया गया है
- यह पत्र और स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र दोनों प्रथम वेतन बिल के साथ भेजे जाते हैं
- कर्मचारी की स्थायी फाइल में ये सभी दस्तावेज रखे जाते हैं
प्रश्न एवं उत्तर
प्र. स्वास्थ्य परीक्षा कौन करता है?
स्वास्थ्य परीक्षा विभाग द्वारा नियुक्त या संबंधित सरकारी अस्पताल के चिकित्सक द्वारा की जाती है। सामान्यतः जिला मुख्यालय के सरकारी अस्पताल में यह परीक्षा की जाती है।
प्र. यदि प्रथम वेतन बिल के साथ प्रमाण-पत्र न भेजा जाए तो क्या होता है?
यह एक प्रशासनिक कमी मानी जाती है। ऑडिट करते समय समस्या उत्पन्न हो सकती है। नियमानुसार यह प्रमाण-पत्र प्रथम वेतन बिल के साथ अवश्य संलग्न किया जाना चाहिए। विलंब होने पर विभाग को ऑडिट में कठिनाई का सामना करना पड़ता है।
प्र. क्या कोई निश्चित प्रमाण-पत्र प्रपत्र है?
हाँ, प्रत्येक विभाग के पास निर्धारित स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र प्रपत्र होता है। राजप्रशासनिक अधिकारियों के लिए अलग प्रपत्र और अन्य कर्मचारियों के लिए अलग प्रपत्र का उपयोग किया जाता है। विभाग के कार्यालय में इसकी प्रति मांगी जा सकती है।
प्र. क्या स्वास्थ्य परीक्षा की लागत कर्मचारी को देनी पड़ती है?
सामान्यतः सरकारी अस्पताल में की गई परीक्षा के लिए कर्मचारी को कोई खर्च नहीं देना पड़ता। यदि निजी डॉक्टर से परीक्षा कराई जाए तो खर्च कर्मचारी को ही देना पड़ता है।
प्र. यदि स्वास्थ्य परीक्षा में कोई समस्या पाई जाए तो?
यदि परीक्षा में कोई गंभीर स्वास्थ्य समस्या पाई जाए जो कर्मचारी को सरकारी काम करने के योग्य न बनाती हो, तो विभाग इस आधार पर नियुक्ति को निरस्त कर सकता है। लेकिन साधारण समस्याओं को अनदेखा किया जा सकता है।
प्र. क्या महिला कर्मचारियों के लिए अलग नियम है?
नहीं, महिला कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य परीक्षा के नियम पुरुष कर्मचारियों के समान हैं। लेकिन महिला कर्मचारी को महिला चिकित्सक से परीक्षा कराने का अधिकार है।
संबंधित नियम
- नियम 7 — परिभाषाएँ
- नियम 8 — नियुक्ति की शर्तें
- नियम 10 — स्वास्थ्य-प्रमाण-पत्र का प्रेषण
- नियम 11 — अवधूत नियम 10


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