जाति प्रमाण-पत्र दिशा निर्देश 2015 — राजस्थान सरकार
SC · ST · OBC · SBC — सम्पूर्ण गाइड | भाग 1 : परिचय एवं बिंदु 1 से 5 | सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, राजस्थान | दिनांक 09 सितम्बर 2015
राज्य सरकार द्वारा अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) एवं विशेष पिछड़ा वर्ग (SBC) के व्यक्तियों को जाति प्रमाण-पत्र जारी करने के सम्बन्ध में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा दिनांक 09 सितम्बर 2015 को क्रमांक एफ 11/एससी एसटी ओबीसी एसबीसी/जा.प्र.प/सान्याअवि/15/54159 से आधिकारिक दिशा निर्देश जारी किए गए।
ये दिशा निर्देश प्रमुख शासन सचिव श्री सुदर्शन सेठी के हस्ताक्षर से जारी हुए तथा तुरन्त प्रभाव से लागू हो गए। इनके अंतर्गत जाति प्रमाण-पत्र की परिभाषा, जारीकर्ता प्राधिकारी, आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, वैधता, सत्यापन, छानबीन समितियाँ एवं ऑनलाइन आवेदन की समस्त प्रक्रिया निर्धारित की गई है।
यह लेख उक्त दिशा निर्देशों का शब्दशः एवं विस्तृत हिंदी विश्लेषण है जो राजस्थान के सरकारी कर्मचारियों, आवेदकों, DDO तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए उपयोगी है। 5 भागों में विभाजित इस श्रृंखला का यह प्रथम भाग — बिंदु 1 से 5 को कवर करता है।
1. जाति प्रमाण-पत्र — परिभाषा
जाति प्रमाण-पत्र से तात्पर्य भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं विशेष पिछड़ा वर्ग के लिए समय-समय पर जारी किये गये गजट नोटिफिकेशन / अधिसूचनाओं में शामिल जातियों को राज्य सरकार द्वारा अधिकृत प्राधिकारी द्वारा भारत सरकार / राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रारूप में जारी किये गये प्रमाण-पत्र से है।
इस परिभाषा के अनुसार जाति प्रमाण-पत्र की मान्यता के लिए दो शर्तें आवश्यक हैं —
- जाति अधिसूचित होनी चाहिए — भारत सरकार / राज्य सरकार के गजट नोटिफिकेशन में जाति का उल्लेख होना चाहिए।
- अधिकृत प्राधिकारी द्वारा जारी होना चाहिए — निर्धारित प्रारूप में, अधिकृत अधिकारी के हस्ताक्षर एवं मुहर सहित।
2. जाति प्रमाण-पत्र जारी करने वाला सक्षम प्राधिकारी
जाति प्रमाण-पत्र उपखण्ड मजिस्ट्रेट द्वारा जारी किये जायेंगे।
3. जाति प्रमाण-पत्र जारी करने की प्रक्रिया
बिंदु 3 में जाति प्रमाण-पत्र जारी करने की समस्त प्रक्रिया को चार उप-खण्डों (A, B, C, D) में विस्तार से निर्धारित किया गया है।
(A) आवेदक — पात्रता
(i) राजस्थान राज्य के मूल निवासी
ऐसा व्यक्ति जो अनुसूचित जाति / जनजाति / अन्य पिछड़ा वर्ग / विशेष पिछड़ा वर्ग का राजस्थान राज्य का मूल निवासी हो।
(ii) अन्य राज्यों से माईग्रेट होकर आए व्यक्तियों के सम्बन्ध में
यदि आवेदक मूल रूप से राजस्थान राज्य से बाहर किसी अन्य राज्य का निवासी है तथा माईग्रेट होकर शिक्षा / रोजगार आदि प्राप्त करने के लिए राजस्थान राज्य में स्थायी रूप से निवास कर रहा है तथा यहीं से मूल निवास प्रमाण-पत्र प्राप्त किया हो, तो उस व्यक्ति की संतान को राजस्थान राज्य में जन्म के आधार पर जाति प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के लिए आवेदन हेतु पात्र होगी।
- अन्य राज्य से माईग्रेट होकर आया हो
- राजस्थान में स्थायी रूप से निवास कर रहा हो
- राजस्थान से मूल निवास प्रमाण-पत्र प्राप्त किया हो
- जाति प्रमाण-पत्र केवल राजस्थान में जन्मी संतान को मिलेगा
(B) आवेदन-पत्र का प्रारूप एवं संलग्न किये जाने वाले दस्तावेज
▸ SC/ST हेतु आवेदन — परिशिष्ट 'अ' अनुसार
▸ OBC/SBC हेतु आवेदन — परिशिष्ट 'क' अनुसार
संलग्न दस्तावेज सूची
| # | दस्तावेज | विवरण |
|---|---|---|
| (i) | पहचान एवं निवास प्रमाण | राशनकार्ड / मतदाता सूची / अचल सम्पत्ति के मालिकाना हक सम्बन्धी दस्तावेज / किरायोनामा / गैस कनेक्शन / बिजली, पानी, टेलीफोन का बिल / शिक्षा प्रमाण-पत्र |
| (ii) | जाति साक्ष्य | पिता की जाति का साक्ष्य हेतु प्रमाण-पत्र (जाति प्रमाण-पत्र यदि उपलब्ध हो तो) भूमि की जमाबंदी, आय प्रमाण-पत्र हेतु (जिनके पास आईटीआर एवं राज्य / केन्द्रीय सरकार के अधिकारी / कर्मचारी की वेतन पत्र / पे-स्लिप नहीं है तो निर्धारित प्रमाण-पत्र में दो अलग-अलग राज्य / केन्द्रीय अधिकारी / कर्मचारी के द्वारा जारी प्रमाण-पत्र सलंग्न करें) आयकर रिटर्न सम्बन्धी दस्तावेज / मूल निवास प्रमाण-पत्र / जन्म प्रमाण-पत्र जिसमें जाति का उल्लेख हो यदि उपलब्ध हो तो आवेदन-पत्र के साथ सलंग्न किया जावेगा। |
| (iii) | OBC/SBC उत्तरदायी व्यक्ति का साक्ष्य | परिशिष्ट 'ब' अनुसार। उत्तरदायी व्यक्ति — संसद सदस्य / विधानसभा सदस्य / जिला प्रमुख / प्रधान / जिला परिषद सदस्य / सरपंच / राजकीय अधिकारी / कर्मचारी। |
| (iv) | आधार / भामाशाह | आवेदन-पत्र में आवेदक के पास आधार नम्बर / भामाशाह कार्ड होने की स्थिति में उक्त नम्बर का अंकन करना आवश्यक होगा। यदि परिवार का मुखिया नहीं है तो मुखिया को जारी भामाशाह कार्ड की प्रति लगानी आवश्यक होगी। |
(C) आवेदन जाँच एवं जारी किये जाने वाले प्रमाण-पत्र का प्रारूप
सक्षम अधिकारी द्वारा अपने अधीनस्थ कार्मिक यथा पटवारी / गिरदावर आदि से गृह मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जारी किये गये पत्रांक संख्या BC.12025/2/76-SCT.I 22 मार्च 1977 (प्रति संलग्न परिशिष्ट-क) आवेदक के पैतृक / स्वयं के राजस्व रिकार्ड आदि में उसके जाति का परीक्षण करवाया जायेगा। इसके अतिरिक्त यदि आवश्यक हो तो शैक्षणिक रिकार्ड / नगरपालिका / ग्राम पंचायत के रिकार्ड का भी जाँच / परीक्षण किया जा सकेगा जिसमें उनके स्वयं / पैतृक जाति की पुष्टि होती हो। परीक्षण उपरान्त जाति प्रमाण-पत्र हिन्दी एवं अंग्रेजी द्विभाषा में एक साथ ही जारी किया जायेगा।
| वर्ग | प्रमाण-पत्र का प्रारूप | विशेष नोट |
|---|---|---|
| SC / ST | परिशिष्ट 'ब', 'ख', 'ग' अनुसार | यही प्रारूप मान्य होगा |
| OBC / SBC | परिशिष्ट 'ख' व 'ग' अनुसार | क्रीमीलेयर में न होने संबंधी पैरा 3 को काटकर (Delete) कर जारी किया जायेगा |
| भारत सरकार नियुक्ति | परिशिष्ट 'घ' अनुसार | Central Govt. posts के लिए English प्रारूप |
(D) जाति प्रमाण-पत्र की संशोधित एवं दोहरी प्रति
सक्षम प्राधिकारी द्वारा निम्नांकित परिस्थितियों में दुबारा जाति प्रमाण-पत्र जारी किया जायेगा:
| परिस्थिति | क्या जारी होगा |
|---|---|
| (i) प्रमाण-पत्र गुम हो जाने, कट-फट जाने या खराब हो जाने पर | दोहरी प्रति (Duplicate Copy) जारी की जा सकेगी |
| (ii) नाम बदलने पर | संशोधित प्रमाण-पत्र जारी किया जा सकेगा |
| (iii) कालान्तर में आयु वृद्धि के अनुसार पहचान के लिए मांग करने पर | नये फोटो युक्त नवीन प्रमाण-पत्र (Revised Certificate) जारी किया जावेगा |
| (iv) यदि जाति प्रमाण-पत्र जारी करने वाला सक्षम अधिकारी आवेदक के आवेदन को खारिज / निरस्त करता है | आवेदक जिला स्तरीय जाति प्रमाण-पत्र छानबीन एवं सतर्कता समिति के अध्यक्ष को लिखित में समस्त साक्ष्यों सहित आवेदन कर सकेगा |
4. जाति प्रमाण-पत्र की वैधता अवधि
SC/ST: अनुसूचित जाति / जनजाति के लिए जारी किये गये जाति प्रमाण-पत्रों की अवधि जीवन पर्यन्त होगी।
OBC: OBC के लिए सम्बन्धी प्रमाण-पत्र एक बार ही जारी किया जायेगा परन्तु क्रीमीलेयर में नहीं होने का प्रमाण-पत्र एक वर्ष के लिए मान्य होगा।
क्रीमीलेयर विशेष प्रावधान: एक बार क्रीमीलेयर में नहीं होने का प्रमाण-पत्र जारी होने के उपरान्त अगर प्रार्थी आगामी वर्ष में भी क्रीमीलेयर में नहीं है तो ऐसी स्थिति में उससे सत्यापित शपथ-पत्र (परिशिष्ट-इ) लेकर पूर्व में जारी प्रमाण-पत्र को ही मान लिया जावे — ऐसा अधिकतम तीन वर्ष तक किया जा सकता है।
| वर्ग | जाति प्रमाण-पत्र वैधता | क्रीमीलेयर प्रमाण-पत्र वैधता |
|---|---|---|
| अनुसूचित जाति (SC) | जीवन पर्यन्त ✅ | लागू नहीं |
| अनुसूचित जनजाति (ST) | जीवन पर्यन्त ✅ | लागू नहीं |
| अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) | एक बार जारी (Permanent) | 1 वर्ष (अधिकतम 3 वर्ष शपथ-पत्र से) |
| विशेष पिछड़ा वर्ग (SBC) | एक बार जारी (Permanent) | 1 वर्ष (अधिकतम 3 वर्ष शपथ-पत्र से) |
5. जाति प्रमाण-पत्रों का सत्यापन
अनुसूचित जाति / जनजाति / अन्य पिछड़ा वर्ग / विशेष पिछड़ा वर्ग के आवेदक को जाति प्रमाण-पत्र जारी होने के पश्चात यदि आवेदक द्वारा उक्त जाति प्रमाण-पत्र के आधार पर किसी शैक्षणिक संस्थान में प्रवेश लेने, किसी नियोक्ता के अधीन सेवा में नियोजित होने या अन्य किसी प्रयोजन के लिए यदि उक्त जाति प्रमाण-पत्र के आधार पर कोई आरक्षण / रियायत प्राप्त की गयी हो तो शैक्षणिक संस्थान, नियोक्ता या अन्य किसी प्राधिकारी द्वारा उक्त जाति प्रमाण-पत्र के सत्यापन करवाये जाने की स्थिति में जिला कलक्टर द्वारा उक्त जाति प्रमाण-पत्र का सत्यापन करवाया जाकर सत्यापन रिपोर्ट सम्बन्धित प्राधिकारी को उनकी वांछितानुसार भिजवायी जा सकेगी।
उक्त सत्यापन रिपोर्ट 6 माह में आवश्यक रूप से भिजवाई जानी आवश्यक होगी। यदि कोई प्रकरण सतर्कता समिति एवं छानबीन समिति में विचाराधीन है तथा उसमें अन्तिम निर्णय में विलम्ब हो रहा हो तथा शैक्षणिक संस्था / नियोक्ता के यहाँ पर निर्धारित अन्तिम तिथि निकल गयी हो तो शैक्षणिक संस्था / नियोक्ता द्वारा अस्थायी (PROVISIONAL) प्रवेश / नियुक्ति दी जाएगी तथा वह प्रवेश / नियुक्ति छानबीन समिति के निर्णय के अधीन रहेगी।
अगले भाग की झलक — भाग 2
- बिंदु 6 — जिला स्तरीय जाति प्रमाण-पत्र छानबीन एवं सतर्कता समिति
- बिंदु 7 — जिला स्तरीय समिति के निर्णय के विरुद्ध राज्य स्तरीय छानबीन समिति में अपील
- बिंदु 8 — राज्य सतर्कता प्रकोष्ठ
- बिंदु 9 — झूठे जाति प्रमाण-पत्रों के सम्बन्ध में दण्डात्मक कार्यवाही
- बिंदु 10 — रिकार्ड संधारण
- बिंदु 11 — ऑन लाईन आवेदन
जाति प्रमाण-पत्र दिशा निर्देश 2015 — भाग 2
बिंदु 6 से 11 — छानबीन समितियाँ · सतर्कता प्रकोष्ठ · दण्डात्मक कार्यवाही · रिकार्ड संधारण · ऑनलाइन आवेदन | सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, राजस्थान | दिनांक 09 सितम्बर 2015
यह भाग 2 राजस्थान सरकार के जाति प्रमाण-पत्र दिशा निर्देश 2015 के बिंदु 6 से 11 को विस्तारपूर्वक प्रस्तुत करता है। इनमें जिला स्तरीय एवं राज्य स्तरीय छानबीन समितियों की संरचना एवं कार्य, राज्य सतर्कता प्रकोष्ठ, झूठे जाति प्रमाण-पत्रों पर दण्डात्मक कार्यवाही, जाति प्रमाण-पत्रों का रिकार्ड संधारण तथा ऑन-लाईन आवेदन की प्रक्रिया सम्मिलित है।
यह समझना अत्यन्त आवश्यक है कि इन समितियों का गठन फर्जी / झूठे जाति प्रमाण-पत्रों को रोकने के लिए माननीय सर्वोच्च न्यायालय तथा उच्च न्यायालयों के निर्णयों के अनुपालन में किया गया है।
6. जिला स्तरीय जाति प्रमाण-पत्र छानबीन एवं सतर्कता समिति
अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति / अन्य पिछड़ा वर्ग / विशेष पिछड़ा वर्ग के शंकास्पद, फर्जी / झूठा जाति प्रमाण-पत्र जारी हो जाने की स्थिति में एवं जाति प्रमाण-पत्र की शिकायत प्राप्त होने पर उक्त जाति प्रमाण-पत्र के परीक्षण / जाँच हेतु प्रत्येक जिले में एक जिला स्तरीय जाति प्रमाण-पत्र सतर्कता समिति का प्रशासनिक सुधार विभाग राजस्थान सरकार द्वारा आदेश क्रमांक प.6(10)प्र0सु0./अनु.3/2011 दिनांक 23.07.15 को गठन किया गया है।
6.1 जिला स्तरीय समिति — संगठन संरचना
| क्र.सं. | अधिकारी | पदनाम |
|---|---|---|
| 1 | जिला कलक्टर | अध्यक्ष |
| 2 | अतिरिक्त जिला कलक्टर (राजस्व) | समन्वयक |
| 3 | अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं पदेन प्रभारी अधिकारी (माडा), जिला परिषद | सदस्य |
| 4 | संबन्धित उप जिला मजिस्ट्रेट / उपखण्ड अधिकारी | सदस्य |
| 5 | जिला अधिकारी सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग | सदस्य |
6.2 जिला स्तरीय समिति के कार्य एवं शक्तियाँ
- समिति में झूठे, फर्जी एवं शंकास्पद जाति प्रमाण-पत्रों के मामले दर्ज किये जा सकेंगे तथा समिति जारी किये गये जाति प्रमाण-पत्रों की अपने स्तर पर परीक्षण करेगी तथा परीक्षण उपरान्त सत्यता का निष्कर्ष सहित अपना निर्णय लिया जाकर जाति प्रमाण-पत्र की वैधता / अवैधता के सम्बन्ध में समुचित आदेश दो माह में जारी करेगी। तथा संबन्धित पक्षों को उक्त निर्णय से पंजीकृत डाक द्वारा अविलम्ब सूचना दी जायेगी।
- जाति प्रमाण-पत्र की सत्यता का परीक्षण करने के समय सम्बन्धित पक्षों यथा शिकायतकर्ता एवं जिसका जाति प्रमाण-पत्र है उसको अपना पक्ष रखने हेतु समुचित अवसर प्रदान करने हेतु नोटिस जारी किया जायेगा।
- जाति प्रमाण-पत्र के सम्बन्ध में शिकायतकर्ता एवं वह पक्ष जिसके विरुद्ध शिकायत की गयी है — जिला स्तरीय समिति के निर्णय से असन्तुष्ट होने पर राज्य स्तरीय छानबीन समिति में जिला समिति के निर्णय दिनांक से 30 दिवस में अपील की जा सकेगी।
- शंकास्पद प्रमाण-पत्रों की छानबीन करना, सुनवाई करना, प्रमाण-पत्र रद्द करने की कार्यवाही करना।
- गैरकानूनी प्रमाणपत्र धारण करने वाले व्यक्ति के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही करना।
- गैरकानूनी प्रमाणपत्र धारण करने के कारण जिसे सजा हुई हो उस उम्मीदवार को चुनाव में उम्मीदवारी दर्ज करने से गैरलायक (Unfit) घोषित करना।
- गलत प्रमाण-पत्र के मामले में नियोक्ता / शैक्षिक संस्थाओं के संस्था प्रधान को इसके बारे में जानकारी देकर सम्बन्धित व्यक्ति को वर्तमान पद से बर्खास्त करने के आदेश करना।
- विजिलेन्स सेल के सतर्कता अधिकारी को सम्बन्धित जगह पर जाँच करने की सूचना देना और उसका ब्यौरा प्राप्त करना।
- विजिलेन्स सेल के कामकाज / कर्मचारियों की नियुक्ति आदि करना।
7. जिला स्तरीय समिति के निर्णय के विरुद्ध राज्य स्तरीय छानबीन एवं सतर्कता समिति में अपील
जाति प्रमाण-पत्र के सम्बन्ध में शिकायतकर्ता एवं वह पक्ष जिसके विरुद्ध शिकायत की गयी है — जिला स्तरीय समिति के निर्णय से असन्तुष्ट होने पर राज्य स्तरीय छानबीन समिति में जिला समिति के निर्णय दिनांक से 30 दिवस में अपील की जा सकेगी।
झूठे एवं शंकास्पद / फर्जी जाति प्रमाण-पत्रों को जारी होने तथा दुरूपयोग करने के प्रकरणों को रोकने के लिए राज्य सरकार के आदेश क्रमांक प 6(10)प्र.सु.वि./अनु-3/2011 जयपुर दिनांक 18.03.2011 द्वारा निम्न प्रकार से राज्य स्तरीय छानबीन समिति का गठन किया गया है —
7.1 राज्य स्तरीय छानबीन समिति — संगठन संरचना
| क्र.सं. | अधिकारी | पदनाम |
|---|---|---|
| 1 | प्रमुख शासन सचिव, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग | अध्यक्ष |
| 2 | आयुक्त / निदेशक, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग | सदस्य |
| 3 | शासन सचिव, जनजातीय विकास विभाग | सदस्य |
7.2 राज्य स्तरीय छानबीन समिति की शक्तियाँ
- प्राधिकृत अधिकारी द्वारा SC/ST/OBC/SBC के व्यक्तियों के लिए शंकास्पद / फर्जी एवं अनधिकृत रूप से जारी जाति प्रमाण-पत्रों की छानबीन करके उसे यथावत रखने या रद्द करने की सम्पूर्ण शक्तियाँ समिति को होंगी।
- शंकास्पद प्रमाण-पत्रों के मामले में बचाव का उचित मौका देना होगा।
- बचाव की समय-मर्यादा में बढ़ोत्तरी की जा सकती है।
- पेश किये गये आधार / प्रमाण अमान्य करना।
- गलत प्रमाणपत्र धारण करने के मामले में नैतिक अधःपतन मानकर ऐसा प्रमाणपत्र प्राप्त करने वाले उम्मीदवार को चुनाव में उम्मीदवारी दर्ज करने से गैरलायक (Unfit) घोषित करना।
- सजा के लिए कानूनी शिकायत दर्ज करवाना।
- जो प्रमाण-पत्र छानबीन समिति के समक्ष छानबीन हेतु प्रस्तुत किये जायें उनका निस्तारण छानबीन समिति यथासम्भव शीघ्र किन्तु अधिकतम दो माह की अवधि में करेगी। यदि किसी मामले का निपटारा दो माह की अवधि में नहीं हो सकता हो तो छानबीन समिति उक्त अवधि को कारण अभिलेखित करते हुए अधिकतम छः माह तक और बढ़ा सकेगी।
8. राज्य सतर्कता प्रकोष्ठ
जाति प्रमाण-पत्रों के सम्बन्ध में आवश्यक जाँच पड़ताल करने बाबत राज्य सरकार के आदेश क्रमांक एफ 11(1)/छा0स0/आरएणडपी/सान्याअवि/12/40560 दिनांक 04.0814 द्वारा निम्न प्रकार से एक राज्य प्रकोष्ठ का गठन किया गया है —
| क्र.सं. | अधिकारी | पद |
|---|---|---|
| 1 | उपनिदेशक (पिजा0), मुख्यालय | प्रभारी |
| 2 | विधिअधिकारी / विधि सहायक, मुख्यालय | सदस्य |
| 3 | सम्बन्धित समाज कल्याण अधिकारी | सदस्य |
| 4 | सम्बन्धित संयुक्त शासन सचिव / उप शासन सचिव, जनजातीय क्षेत्रीय विभाग, जयपुर | सदस्य |
9. झूठे जाति प्रमाण-पत्रों के सम्बन्ध में दण्डात्मक कार्यवाही
किसी भी व्यक्ति द्वारा प्राप्त किये गये जाति प्रमाण-पत्र के सम्बन्ध में जाँच के पश्चात यह पाया जाता है कि आवेदक द्वारा गलत तथ्यों / साक्ष्यों के आधार पर जाति प्रमाण-पत्र प्राप्त किया है तो उसके विरुद्ध आवश्यक रूप से कानूनी कार्यवाही की जा सकेगी। इसके अलावा जाति प्रमाण-पत्र जारी करने वाले सक्षम अधिकारी एवं कर्मचारी द्वारा यदि निर्धारित प्रक्रिया एवं नियमों का उल्लंघन करके अवैध प्रमाण-पत्र जारी किया है तो उन दोषी कार्मिकों / प्राधिकारियों के विरुद्ध भी आवश्यक रूप से कानूनी कार्यवाही की जायेगी।
| दोषी | कार्यवाही का आधार | प्रकार की कार्यवाही |
|---|---|---|
| आवेदक / प्रमाण-पत्र धारक | गलत तथ्यों / साक्ष्यों के आधार पर प्रमाण-पत्र प्राप्त करना | कानूनी कार्यवाही (FIR + Criminal Prosecution) |
| जारीकर्ता अधिकारी / कर्मचारी | निर्धारित प्रक्रिया एवं नियमों का उल्लंघन करके अवैध प्रमाण-पत्र जारी करना | कानूनी कार्यवाही अनिवार्य |
| चुनावी प्रत्याशी | गलत / फर्जी प्रमाण-पत्र के आधार पर चुनाव लड़ना | Unfit घोषित — उम्मीदवारी दर्ज करने से वंचित |
| नियोजित व्यक्ति | गलत जाति प्रमाण-पत्र के आधार पर नौकरी / प्रवेश प्राप्त करना | वर्तमान पद से बर्खास्तगी के आदेश |
10. रिकार्ड संधारण
जाति प्रमाण-पत्र एक बहुत ही महत्वपूर्ण दस्तावेज है जो कि व्यक्ति के पूर्वजों एवं भावी पीढ़ी की पहचान का आधार होता है। जाति प्रमाण-पत्र के सम्बन्ध में प्रत्येक तहसील कार्यालय में एक संकलित स्थायी रजिस्टर का संधारण करते हुए उक्त समस्त रिकार्ड साफ-सुथरे एवं अच्छी सुरक्षा में रखे जायेंगे तथा उक्त जाति प्रमाण-पत्रों का आजीवन स्थाई रिकार्ड संधारित किया जायेगा। उक्त रिकार्ड निरीक्षण के लिए सदैव उपलब्ध करवाये जायेंगे।
10(ii) रिकार्ड रखरखाव अवधि
| रिकार्ड का प्रकार | रखरखाव की अवधि | विशेष प्रावधान |
|---|---|---|
| (क) जारी किये गये जाति प्रमाण-पत्रों का संकलित रजिस्टर / रिकार्ड | स्थायी रूप से आजीवन | प्रत्येक तहसील कार्यालय में संधारित — निरीक्षण हेतु सदैव उपलब्ध |
| (ख) व्यक्तिगत जाति प्रमाण-पत्रों की एक प्रति कार्यालय रिकार्ड में | न्यूनतम 30 वर्ष | कार्यालय रिकार्ड में सुरक्षित रखी जायेगी |
11. ऑन-लाईन आवेदन
अनुसूचित जाति / जनजाति / अन्य पिछड़ा वर्ग / विशेष पिछड़ा वर्ग के आवेदक द्वारा निर्धारित प्रारूप में समस्त दस्तावेजों सहित सम्पूर्ण राज्य में कार्यरत ई-मित्र केन्द्रों (एकीकृत नागरिक सेवा केन्द्र) एवं जिले में नेशनल ई-गवर्नेंस प्लान के तहत स्थापित किये जाने वाले सीएससी केन्द्रों (एकीकृत नागरिक सेवा केन्द्र) के माध्यम से जाति प्रमाण-पत्र प्राप्त करने हेतु आवेदन किया जायेगा। सभी जाति प्रमाण-पत्र राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित वेबसाइट से ऑन-लाईन जारी किये जायेंगे।
- ई-मित्र केन्द्र (Emitra / एकीकृत नागरिक सेवा केन्द्र) — पूरे राजस्थान में उपलब्ध
- CSC केन्द्र (Common Service Centre / नेशनल ई-गवर्नेंस प्लान)
- आवेदन-पत्र में आधार नम्बर / भामाशाह कार्ड का अंकन करना आवश्यक
- परिवार का मुखिया न होने पर मुखिया का भामाशाह कार्ड की प्रति अनिवार्य
- जाति प्रमाण-पत्र राज्य सरकार की अधिसूचित वेबसाइट से ऑनलाईन जारी किये जायेंगे
जाति प्रमाण-पत्र — सम्पूर्ण प्रक्रिया फ्लोचार्ट
परिशिष्ट — भारत सरकार पत्र BC.12025/2/76-SCT.I (22 मार्च 1977)
इस पत्र में भारत सरकार ने SC/ST प्रमाण-पत्र जारी करने की प्रक्रिया के सम्बन्ध में राज्यों / केन्द्र शासित प्रदेशों को महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण दिए। मुख्य बिंदु —
- "निवास" (Residence) की परिभाषा: SC/ST का दर्जा उस क्षेत्र से सम्बन्धित है जहाँ व्यक्ति का स्थायी निवास था जब राष्ट्रपति का आदेश अधिसूचित हुआ। यदि कोई व्यक्ति अस्थायी रूप से कहीं और रह रहा है तो वह उस क्षेत्र के SC/ST नहीं माना जा सकता।
- अन्तर-राज्यीय प्रतिबन्ध: एक राज्य का SC/ST व्यक्ति दूसरे राज्य में SC/ST का दर्जा प्राप्त नहीं कर सकता।
- राजस्व अधिकारियों की भूमिका: SC/ST प्रमाण-पत्र जाँच का काम मुख्यतः राजस्व रिकार्ड के आधार पर होना चाहिए। Revenue Authority ही सक्षम है।
- Gazetted Officer द्वारा प्रमाण-पत्र: Gazetted Officer द्वारा जारी प्रमाण-पत्र के आधार पर अन्य Revenue Authorities द्वारा SC/ST प्रमाण-पत्र जारी करना उचित सत्यापन के बाद ही सम्भव है।
- सक्षम अधिकारियों की सूची: जिला मजिस्ट्रेट, Additional DM, SDM, तहसीलदार (न्यूनतम 1st Class Stipendary Magistrate), Revenue Officers — Tehsildar से नीचे नहीं।
जाति प्रमाण-पत्र — परिशिष्ट 'अ' एवं 'ब' | SC/ST आवेदन एवं प्रमाण-पत्र प्रारूप
राजस्थान जाति प्रमाण-पत्र दिशा निर्देश 2015 — भाग 3 | SC/ST आवेदन पत्र (परिशिष्ट अ) · हल्का पटवार जाँच रिपोर्ट · शपथ-पत्र · जाति प्रमाण-पत्र प्रारूप (परिशिष्ट ब) | सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, राजस्थान
यह भाग 3 राजस्थान जाति प्रमाण-पत्र दिशा निर्देश 2015 के परिशिष्ट 'अ' (अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति हेतु आवेदन पत्र का प्रारूप) एवं परिशिष्ट 'ब' (SC/ST जाति प्रमाण-पत्र का प्रारूप), हल्का पटवार जाँच रिपोर्ट तथा शपथ-पत्र का विस्तृत एवं पूर्ण विवरण प्रस्तुत करता है।
SC/ST जाति प्रमाण-पत्र हेतु आवेदन Court Fee Stamp ₹2/- के साथ परिशिष्ट 'अ' प्रारूप में करना होता है। इसके साथ हल्का पटवार की जाँच रिपोर्ट एवं दो गवाहों के शपथ-पत्र संलग्न करने होते हैं।
आवेदन के साथ संलग्न करने वाले दस्तावेज — नोट
- आवेदक की नवीनतम फोटो — आवेदन पत्र पर दिये गये स्थान पर चिपकाएं (स्टेपल नहीं करना है) तथा उसे अभिशंसा करने वाले उत्तरदायी व्यक्ति से सत्यापित कराएं।
- आवेदन पत्र में दिये गये शपथ पत्र को अभिशंसा करने वाले उत्तरदायी व्यक्ति से सत्यापित कराएं।
- राशन कार्ड / मतदाता सूची / अचल सम्पत्ति के मालिकाना हक सम्बन्धी / किरायोनामा / गैस कनेक्शन / बिजली, पानी, टेलीफोन बिल की प्रमाणित प्रति।
- पिता की जाति के साक्ष्य हेतु प्रमाण-पत्र (जाति प्रमाण-पत्र यदि उपलब्ध हो), भूमि की जमाबंदी, आय प्रमाण-पत्र, मूल निवास प्रमाण-पत्र / जन्म प्रमाण-पत्र।
- दो उत्तरदायी व्यक्तियों के प्रमाण-पत्र — संसद सदस्य / विधानसभा सदस्य / जिला परिषद सदस्य / राजकीय अधिकारी / कर्मचारी / पटवारी / महापौर / नगर निगम सदस्य / नगर पालिका अध्यक्ष / स्कूल के हैड मास्टर / डॉक्टर / सहायक अभियन्ता।
परिशिष्ट 'अ' — जाति प्रमाण-पत्र हेतु आवेदन-पत्र (SC/ST)
यह प्रारूप अनुसूचित जाति / अनुसूचित जन-जाति के लिए जाति प्रमाण-पत्र हेतु आवेदन करते समय भरा जाता है।
2/— रुपया
(पासपोर्ट साईज)
(अभिशंसा करने वाले उत्तरदायी व्यक्ति से फोटो सत्यापित कराएं)
हल्का पटवार जाँच रिपोर्ट
श्रीमान् मुताबिक जाँच, गवाहों एवं शपथ-पत्र के आधार पर आवेदक श्री / श्रीमती / कुमारी पुत्र / पुत्री श्री निवासी
के / की है। यह अनुसूचित जाति / जनजाति की उपजाति का / की हैं।
हलका नं. ...............
(i) गवाह* :
कार्यरत हूँ एवं शपथ पूर्वक बयान करता हूँ कि,
को भली प्रकार से जानता हूँ ये अनुसूचित जाति / जनजाति की उपजाति का / की हैं, तथा उनके द्वारा संलग्न बयान मेरे समक्ष दिया गया है जो पूर्ण सत्य है।
(ii) गवाह* :
कार्यरत हूँ एवं शपथ पूर्वक बयान करता हूँ कि,
को भली प्रकार से जानता हूँ ये अनुसूचित जाति / जनजाति की उपजाति का / की हैं, तथा उनके द्वारा संलग्न बयान मेरे समक्ष दिया गया है जो पूर्ण सत्य है।
शपथ-पत्र (SC/ST आवेदन के साथ)
राजस्थान का / की हूँ। मैं शपथ पूर्वक बयान करता / करती हूँ कि :
- मैं राजस्थान के अनुसूचित जाति / जनजाति वर्ग की अधिकृत सूची में सम्मिलित जाति का / की सदस्य हूँ।
- मैं उपरोक्त प्रकरणों की साक्ष्य हेतु आवश्यक प्रमाण / साक्ष्य उपलब्ध कराने को तैयार हूँ।
- मैं और मेरा परिवार अन्य राज्य से राजस्थान राज्य में माईग्रेट (विस्थापित) होकर नहीं आये हैं।
- यह कि मैंने किसी भी जिले / प्रदेश से जाति का प्रमाण-पत्र नहीं बनवाया है।
मैं सत्यापित करता हूँ / करती हूँ कि सूचना सं. 1 से 4 की उपर्युक्त विशिष्टियाँ मेरे सर्वोत्तम ज्ञान और विश्वास के अनुसार सही व सत्य हैं, ईश्वर मेरा साक्षी है।
परिशिष्ट 'ब' — SC/ST जाति प्रमाण-पत्र का प्रारूप
यह प्रारूप अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित आदिम जातियों के उम्मीदवारों द्वारा अपने दावे के समर्थन में प्रस्तुत किये जाने वाले प्रमाण-पत्र का आधिकारिक प्रारूप है।
प्रमाणित किया जाता है कि श्री / श्रीमती / कुमारी
सुपुत्र / पुत्री गांव / नगर
जिला / डिवीजन राज्य / संघ राज्य क्षेत्र
जाति / समुदाय का है जिसे निम्नलिखित के अनुसार जाति / अनुसूचित जाति जनजाति के रूप में मान्यता दी गई है :—
संवैधानिक / विधिक आधार (लागू न होने वाले शब्द काट दीजिए):
संविधान (अनुसूचित जाति) आदेश, 1950 · संविधान (अनुसूचित जन-जाति) आदेश, 1950 · संविधान (अनुसूचित जाति) (संघ राज्य क्षेत्र) आदेश, 1951 · संविधान (अनुसूचित जनजाति) (संघ राज्य क्षेत्र) आदेश, 1951 · अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति सूचियाँ (संशोधन) आदेश 1956 · बम्बई पुनर्गठन अधिनियम 1960 · पंजाब पुनर्गठन अधिनियम 1966 · हिमाचल प्रदेश राज्य अधिनियम 1970 · उत्तर पूर्वीय क्षेत्र (पुनर्गठन) अधिनियम 1971 · अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति आदेश (संशोधन) अधिनियम 1976 द्वारा यथा संशोधित · संविधान (जम्मू व कश्मीर) अनुसूचित जाति आदेश 1956 · संविधान (अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति) (संशोधन) अधिनियम 1976 द्वारा यथा संशोधित · संविधान (अण्डमान तथा निकोबार द्वीप समूह) अनुसूचित जाति आदेश 1959 · संविधान (दादरा तथा नागर हवेली) अनुसूचित जन-जाति, आदेश 1962 · संविधान (पांडेचेरी) अनुसूचित जाति आदेश 1964 · संविधान (अनुसूचित जन-जाति) (उत्तर प्रदेश) आदेश 1967 · संविधान (गोआ, दमन तथा दीव) अनुसूचित जाति आदेश 1968 · संविधान (गोआ, दमन तथा दीव) अनुसूचित जन-जाति आदेश 1968 · संविधान (नागालैण्ड) अनुसूचित जन-जाति आदेश 1970
2. श्री / श्रीमती / कुमारी और अथवा उसी परिवार
गांव / नगर जिला / डिवीजन
राज्य। संघ राज्य क्षेत्र में सामान्यतया रहता है।
विशेष ध्यान दें। यहाँ प्रयुक्त हुए सामान्यतया रहता है। शब्दों का अर्थ वहीँ होगा जो जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 20 में है।
SC/ST जाति प्रमाण-पत्र — सम्पूर्ण दस्तावेज सूची
| # | दस्तावेज | अनिवार्यता |
|---|---|---|
| 1 | परिशिष्ट 'अ' — भरा हुआ आवेदन पत्र (Court Fee ₹2/- सहित) | अनिवार्य |
| 2 | Passport Size फोटो (उत्तरदायी व्यक्ति से सत्यापित) | अनिवार्य |
| 3 | शपथ-पत्र (उत्तरदायी व्यक्ति से अभिशंसित) | अनिवार्य |
| 4 | हल्का पटवार जाँच रिपोर्ट (2 गवाहों के शपथ-पत्र सहित) | अनिवार्य |
| 5 | आधार कार्ड / भामाशाह कार्ड (परिवार मुखिया का) | अनिवार्य |
| 6 | राशनकार्ड / मतदाता सूची / बिजली-पानी बिल / गैस कनेक्शन | अनिवार्य (कोई एक) |
| 7 | पिता का जाति प्रमाण-पत्र (यदि उपलब्ध हो) | यदि उपलब्ध |
| 8 | भूमि की जमाबंदी / मूल निवास प्रमाण-पत्र / जन्म प्रमाण-पत्र | यदि उपलब्ध |
| 9 | आयकर रिटर्न / वेतन पर्ची (आय प्रमाण के लिए) — न हो तो दो राजकीय कर्मचारियों के प्रमाण-पत्र | एक अनिवार्य |
| 10 | दो उत्तरदायी व्यक्तियों के साक्ष्य (MP/MLA/पटवारी/नगर पालिका अध्यक्ष/डॉक्टर आदि) | अनिवार्य |
OBC / SBC जाति प्रमाण-पत्र — परिशिष्ट 'क', 'ख', 'ग', 'घ' | राजस्थान 2015 (भाग 4)
OBC/SBC आवेदन पत्र (परिशिष्ट क) · OBC प्रमाण-पत्र (परिशिष्ट ख) · SBC प्रमाण-पत्र (परिशिष्ट ग) · Central Govt. Certificate (परिशिष्ट घ) | भाग 4 of 5
यह भाग 4 राजस्थान जाति प्रमाण-पत्र दिशा निर्देश 2015 के OBC (अन्य पिछड़ा वर्ग) एवं SBC (विशेष पिछड़ा वर्ग) से सम्बन्धित चारों परिशिष्टों — 'क', 'ख', 'ग' एवं 'घ' — का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करता है।
OBC/SBC प्रमाण-पत्र की विशेषता यह है कि इसमें क्रीमीलेयर (Creamy Layer) की जाँच भी होती है। जाति प्रमाण-पत्र एक बार जारी होता है परन्तु क्रीमीलेयर में न होने का प्रमाण-पत्र प्रतिवर्ष (अधिकतम 3 वर्ष तक शपथ-पत्र से) नवीनीकृत करना होता है।
परिशिष्ट 'क' — OBC/SBC आवेदन पत्र
महोदय, मैं निवेदन करता हूँ कि मुझे राजस्थान सरकार के अधीन के सिविल पदों और सेवाओं में अन्य पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण के सम्बन्ध में प्रमाण-पत्र मंजूर किया जाए। मैं आवश्यक विशिष्टयाँ नीचे दे रहा हूँ:—
| विवरण | पिता | माता | पति |
|---|---|---|---|
| (क) संवैधानिक पद | |||
| (ख) पद नाम | |||
| (ग) सरकारी सेवायें (i) सेवा (केन्द्रीय / राज्य) (ii) पद नाम (iii) वेतनमान, वर्गीकरण सहित |
(भरें) | ||
| (iv) पद पर नियुक्ति की तारीख | |||
| (v) वर्ग / पद पर पदोन्नति के समय आयु (यदि लागू न हो) | |||
| (ii) अन्तर्राष्ट्रीय संगठन जैसे UN, UNICEF, WHO में नियोजन (i) संगठन का नाम (ii) पद नाम (iii) सेवा की कालावधि | |||
| (III) मृत्यु / स्थाई अक्षमता (यदि लागू हो) (i) मृत्यु / अक्षमता की तारीख (ii) स्थायी अक्षमता का ब्यौरा | |||
| (ग) पब्लिक सेक्टर उपक्रम (i) संगठन का नाम (ii) पद का नाम (iii) पद पर नियुक्ति की तारीख | |||
| (घ) पैरा मिलिटरी बलों सहित सशस्त्र बल (i) पद नाम (ii) वेतनमान | |||
| (ड़) व्यवसाय वर्ग (व्यापार, कारोबार, उद्योग) (i) उप-जीविका / वृत्ति | |||
| विवरण | ब्यौरा |
|---|---|
| (1) अवस्थिति | |
| (2) जोत का आकार | |
| (3) क — सिंचित (सिंचित भूमि का प्रकार: 1. 2. 3.) | |
| (ख) असिंचित | |
| (4) राज्य भूमि अधिकतम सीमा क्षेत्र विषयों के अधीन कानूनी अधिकतम सीमा क्षेत्र में सिंचित जोत का प्रतिशत | |
| (5) यदि जोत सिंचित / असिंचित दोनों प्रकार — कुल सिंचित जोत | |
| (6) 4, 5 के अनुसार कानून अधिकतम सीमा क्षेत्र में कुल सिंचित जोत का प्रतिशत | |
| (ग) बागान: (1) फसल/फल (2) अवस्थिति (3) बागान का क्षेत्र | |
| (घ) नगरीय क्षेत्रों या नगर बस्ती में रिक्त भूमि और/या भवन (1) सम्पत्ति की अवस्थिति (2) सम्पत्ति का ब्यौरा (3) उपयोग जिसके लिए रखी गयी | |
| (ड) आय / धन: (च) 1. समस्त स्रोतों से कुटुम्ब की वार्षिक आय 2. क्या करदाता है (हाँ/नहीं) — यदि हाँ तो गत 3 वर्षों की विवरणी की प्रति 3. क्या धन कर अधिनियम के अंतर्गत आता है | |
| (छ) अन्य कोई अभियुक्तियाँ |
मैं प्रमाणित करता हूँ कि उपर्युक्त विशिष्टियां मेरे सर्वोत्तम ज्ञान और विश्वास के अनुसार सत्य हैं और कि मैं अन्य पिछड़े वर्गों की क्रीमीलेयर का नहीं हूँ और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षित पदों के लिए विचार किये जाने का पात्र हूँ। चयन के पूर्व या पश्चात् किसी भी सूचना के मिथ्या या गलत पाये जाने की दशा में या अपात्रता का पता चलने पर मैं समझता हूँ कि अभ्युक्ति नियुक्ति रद्दीकरणीय होगी और मैं ऐसी कार्यवाही के लिये भी उत्तरदायी होउंगा जो विधि और या नियमों के उपाबंधित की जायें।
परिशिष्ट 'ख' — OBC (अन्य पिछड़ा वर्ग) जाति एवं क्रीमीलेयर प्रमाण-पत्र
आवेदक / परिवार के मुखिया का भामाशाह कार्ड संख्या:
यह प्रमाणित किया जाता है कि :
1. श्री / श्रीमती / कुमारी —————————— पुत्र / पुत्री
राजस्थान राज्य के जिला में ग्राम / नगर ——————— की निवासी हैं तथा ये / और या इनका कुटुम्ब यहाँ स्थाई रूप से निवास करता / करती / करते हैं।
2. उक्त श्री / श्रीमती / कुमारी राज्य सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की अधिसूचना सं. प.11 (164)आर एण्ड पी / एसजेईडी / 09 / 47032 दिनांक 25.8.2009 से अधिसूचित राजस्थान राज्य के पिछड़े वर्गों की अधिकृत व अधिसूचित सूची में सम्मिलित वर्गों में से ———————————————— वर्ग / जाति के / की सदस्य हैं।
3. उक्त श्री / श्रीमती / कुमारी आरक्षण हेतु उक्त वर्ग के क्रीमीलेयर सम्बन्धी राज्य सरकार के कार्मिक (क-2) विभाग की अधिसूचना संख्या प/7(8)कार्मिक/क-2/2008 दिनांक 25.8.2009 में उल्लेखित श्रेणियों के मापदण्ड के अनुसार क्रीमीलेयर (सम्पन्न वर्ग) का / की नहीं हैं।
परिशिष्ट 'ग' — SBC (विशेष पिछड़ा वर्ग) जाति एवं क्रीमीलेयर प्रमाण-पत्र
भामाशाह कार्ड संख्या:
यह प्रमाणित किया जाता है कि :
1. श्री / श्रीमती / कुमारी ——————————— पुत्र / पुत्री
राजस्थान राज्य के जिला में ग्राम / नगर ——————— की निवासी हैं तथा ये / और या इनका कुटुम्ब यहाँ स्थाई रूप से निवास करता / करती / करते हैं।
2. उक्त श्री / श्रीमती / कुमारी राज्य सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की अधिसूचना सं. प.11 (164)आर एण्ड पी / एसजेईडी / 09 / 46855 दिनांक 25.8.2009 से अधिसूचित राजस्थान राज्य के विशेष पिछड़े वर्गों की अधिकृत व अधिसूचित सूची में सम्मिलित वर्गों में से ————————————— वर्ग / जाति के / की सदस्य हैं।
3. उक्त श्री / श्रीमती / कुमारी आरक्षण हेतु उक्त वर्ग के क्रीमीलेयर सम्बन्धी राज्य सरकार के कार्मिक (क-2) विभाग की अधिसूचना संख्या प/7(8)कार्मिक/क-2/2008 दिनांक 25.8.2009 में उल्लेखित श्रेणियों के मापदण्ड के अनुसार क्रीमीलेयर (सम्पन्न वर्ग) का / की नहीं हैं।
परिशिष्ट 'घ' — Central Govt. OBC Certificate (English)
This is to certify that Shri/Smt/Kumari son/daughter of of village/town in District/Division in the State/Union Territory belong to the community which is recognised as a backward class under the Government of India, Ministry of Social Justice and Empowerment's resolution no dated *
Shri/Smt/Kumari and/or his/her family ordinarily reside(s) in the District/division of the the State/Union Territory.
This is also to certify that he/she does not belong to the person/section (Creamy Layer) mentioned in Column 3 of the scheduled to the Government of India, Department of Personnel & Training O.M. No. 36012/22/93-Estt (SCT) dated 8.9.1993**
*The authority issuing the certificate may have to mention the detail of Resolution of Government of India, in which the caste of the candidate is mentioned as OBC.
**As amended form time to time
NOTE :- The term "Ordinarily" used here will have the same meaning as in Section 20 of the Representation of the People Act, 1950.
OBC / SBC / SC / ST — तुलनात्मक विश्लेषण
| बिंदु | SC/ST | OBC (अन्य पिछड़ा) | SBC (विशेष पिछड़ा) |
|---|---|---|---|
| आवेदन प्रारूप | परिशिष्ट 'अ' | परिशिष्ट 'क' | परिशिष्ट 'क' |
| प्रमाण-पत्र प्रारूप | परिशिष्ट 'ब' | परिशिष्ट 'ख' | परिशिष्ट 'ग' |
| Central Govt. प्रारूप | परिशिष्ट 'ब' (English version) | परिशिष्ट 'घ' | परिशिष्ट 'घ' |
| क्रीमीलेयर जाँच | नहीं | हाँ — अनिवार्य | हाँ — अनिवार्य |
| जाति प्रमाण-पत्र वैधता | जीवन पर्यन्त | एक बार (Permanent) | एक बार (Permanent) |
| क्रीमीलेयर प्रमाण वैधता | लागू नहीं | 1 वर्ष (Max 3 शपथ से) | 1 वर्ष (Max 3 शपथ से) |
| अधिसूचना संख्या | Presidential Orders 1950+ | प.11(164)/47032, 25.8.2009 | प.11(164)/46855, 25.8.2009 |
| Creamy Layer Order | लागू नहीं | प/7(8)कार्मिक/क-2/2008, 25.8.2009 | |
| Central GOI Reference | BC.12025/2/76-SCT.I, 22.3.1977 | 36012/22/93-Estt(SCT), 8.9.1993 | |
| जारीकर्ता प्राधिकारी | SDM | SDM | SDM |
| गवाह | 2 (शपथ सहित) | 2 (परिशिष्ट च से) | 2 (परिशिष्ट च से) |
जाति प्रमाण-पत्र — परिशिष्ट 'ङ' व 'च' + छानबीन समिति आदेश | भाग 5 (अंतिम)
OBC शपथ-पत्र (परिशिष्ट ङ) · गवाह प्रारूप (परिशिष्ट च) · राज्य/जिला छानबीन समिति · राज्य सतर्कता प्रकोष्ठ · Master Reference Table | राजस्थान 2015
यह भाग 5 (अंतिम) राजस्थान जाति प्रमाण-पत्र दिशा निर्देश 2015 के परिशिष्ट 'ङ' (OBC/SBC शपथ-पत्र / बयान) एवं परिशिष्ट 'च' (पिछड़ा वर्ग साक्ष्य — गवाह प्रारूप) का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करता है। साथ ही तीनों समिति आदेशों का सारांश, सम्पूर्ण श्रृंखला का Master Reference Table तथा परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण बिंदु भी दिए गए हैं।
परिशिष्ट 'ङ' — OBC/SBC शपथ-पत्र / बयान
राजस्थान का / की हूँ। मैं शपथ पूर्वक बयान करता / करती हूँ कि :
- मैं राजस्थान के पिछड़े वर्ग की अधिकृत सूची दिनांक 17.8.1993 में सम्मिलित वर्ग अन्य / विशेष पिछड़ा वर्ग की जाति का / की सदस्य हूँ।
- मेरे माता / पिता राज्य सरकार की अधिसूचना दिनांक 28.9.1993 के साथ उपाबद्ध अनुसूची के स्तम्भ 3 में उल्लेखित संवैधानिक पद केन्द्रीय व राज्य सेवाओं के समूह 'क' वर्ग-1, समूह 'ख' वर्ग-2 के अधिकारी तथा भारतीय स्थल / जल / वायु सेवा के कर्नल के समान पदों पर नहीं हैं / नहीं थे।
- मेरे माता / पिता सरकारी / निजी क्षेत्र में पद पर कार्यरत है / थे।
- मेरे माता / पिता की समस्त स्रोतों से मासिक आय रुपये हैं।
- मैं उपरोक्त प्रकरणों की साक्ष्य हेतु आवश्यक प्रमाण / साक्ष्य उपलब्ध कराने को तैयार हूँ।
- मैं और मेरा परिवार अन्य राज्य से राजस्थान राज्य में माईग्रेट (विस्थापित) होकर नहीं आये हैं।
- यह कि मैंने किसी भी जिले / प्रदेश से जाति का प्रमाण-पत्र नहीं बनवाया है।
मैं सत्यापित करता हूँ / करती हूँ कि उपर्युक्त विशिष्टियां मेरे सर्वोत्तम ज्ञान और विश्वास के अनुसार सत्य हैं, और मैं अन्य पिछड़े वर्गों की क्रीमीलेयर का हूँ / नहीं हूँ और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षित पदों के लिए विचार किये जाने का पात्र हूँ। चयन के पूर्व या पश्चात् किसी भी सूचना के मिथ्या या गलत पाये जाने की दशा में या अपात्रता का पता चलने पर मैं समझता हूँ कि अभ्यर्थता / नियुक्ति रद्द कर दी जावेगी और मैं ऐसी कार्यवाही के लिये और उत्तरदायी होउंगा जो विधि और या नियमों के उपाबंधित की जायें।
परिशिष्ट 'च' — पिछड़ा वर्ग साक्ष्य द्वारा उत्तरदायी व्यक्ति (गवाह प्रारूप)
(i) गवाह* :
को भली प्रकार से जानता हूँ ये अन्य / विशेष पिछड़े वर्ग की जाति का / की हैं, तथा उनके द्वारा संलग्न बयान मेरे समक्ष दिया गया है जो पूर्ण सत्य है।
(ii) गवाह* :
को भली प्रकार से जानता हूँ ये अन्य / विशेष पिछड़े वर्ग की जाति का / की हैं, तथा उनके द्वारा संलग्न बयान मेरे समक्ष दिया गया है जो पूर्ण सत्य है।
छानबीन समिति आदेश — सारांश
परिशिष्ट 'ई' — राज्य स्तरीय छानबीन एवं सतर्कता समिति (2011)
अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति / पिछड़ा वर्ग एवं विशेष पिछड़ा वर्ग के व्यक्तियों द्वारा शंकास्पद / फर्जी एवं अनाधिकृत रूप से जाति प्रमाण-पत्र प्राप्त कर सरकारी नौकरियों, शैक्षणिक संस्थाओं में प्रवेश तथा राजनैतिक चुनाव एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं का लाभ लेने की समस्या को रोकने हेतु निम्नानुसार राज्य स्तरीय छानबीन समिति (State Level Scrutiny Committee) का गठन किया जाता है:
| # | सदस्य | पद |
|---|---|---|
| 1 | प्रमुख शासन सचिव, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग | अध्यक्ष |
| 2 | आयुक्त / निदेशक, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग | सदस्य |
| 3 | शासन सचिव, जनजातीय विकास विभाग | सदस्य |
राज्य स्तरीय छानबीन समिति के कार्य (Functions):
1. जाति प्रमाण-पत्र जारी करने के मामले में समय-समय पर नीति निर्धारित करना। 2. शंकास्पद प्रमाण-पत्रों की छानबीन, सुनवाई, रद्द करने की कार्यवाही। 3. गैरकानूनी प्रमाणपत्र धारण के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही। 4. गलत प्रमाण-पत्र से चुनाव लड़ने वाले को Unfit घोषित। 5. गलत नौकरी — बर्खास्त करने के आदेश। 6. विजिलेन्स सेल को जाँच हेतु निर्देश। 7. कानूनी शिकायत दर्ज करवाना।
परिशिष्ट 'बी' — जिला स्तरीय छानबीन समिति (2015)
| # | सदस्य | पद |
|---|---|---|
| 1 | जिला कलक्टर | अध्यक्ष |
| 2 | अतिरिक्त जिला कलक्टर (राजस्व) | समन्वयक |
| 3 | अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं पदेन प्रभारी अधिकारी (माडा), जिला परिषद | सदस्य |
| 4 | संबन्धित उप जिला मजिस्ट्रेट / उपखण्ड अधिकारी | सदस्य |
| 5 | जिला अधिकारी सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग | सदस्य |
मुख्य प्रावधान: बैठक प्रतिमाह अनिवार्य। रजिस्टर में नियमित संधारण। निर्णय 2 माह में (अधिकतम 6 माह)। पक्षकारों को नोटिस अनिवार्य। जिला समिति के निर्णय से असन्तुष्ट → 30 दिन में राज्य समिति में अपील।
परिशिष्ट 'सी' — राज्य सतर्कता प्रकोष्ठ (2014)
| # | सदस्य | पद |
|---|---|---|
| 1 | उप निदेशक (पिजा0), मुख्यालय | प्रभारी |
| 2 | विधिअधिकारी / विधि सहायक, मुख्यालय | सदस्य |
| 3 | सम्बन्धित समाज कल्याण अधिकारी | सदस्य |
| 4 | सम्बन्धित संयुक्त शासन सचिव / उप शासन सचिव, जनजातीय क्षेत्रीय विभाग, जयपुर | सदस्य |
कार्य: झूठे / शंकास्पद जाति प्रमाण-पत्रों से प्राप्त शिकायतों एवं जिला कलक्टर्स से प्राप्त जाँच रिपोर्ट को राज्य स्तरीय छानबीन समिति के समक्ष प्रस्तुत करना। प्रभारी: उप निदेशक (पिछड़ी जाति)।
Master Reference Table — सम्पूर्ण श्रृंखला
| परिशिष्ट | नाम | वर्ग | विवरण | भाग |
|---|---|---|---|---|
| अ | आवेदन पत्र | SC/ST | Court Fee ₹2/-, फोटो, शपथ-पत्र, 11 प्रश्न | 3 |
| ब | जाति प्रमाण-पत्र | SC/ST | 14 Presidential Orders सूची, SDM जारी, जीवन पर्यन्त | 3 |
| क | आवेदन पत्र | OBC/SBC | माता-पिता/पति आय-सम्पत्ति विवरण अनिवार्य | 4 |
| ख | OBC प्रमाण-पत्र | OBC | Notification 47032/2009, Creamy Layer न होने की पुष्टि | 4 |
| ग | SBC प्रमाण-पत्र | SBC | Notification 46855/2009, Creamy Layer न होने की पुष्टि | 4 |
| घ | Central Govt. Certificate | OBC/SBC | English, GOI O.M. 36012/22/93-Estt(SCT) dt.8.9.1993 | 4 |
| ङ | OBC/SBC शपथ-पत्र | OBC/SBC | 7 बिंदु — क्रीमीलेयर न होने की शपथ सहित | 5 |
| च | पिछड़ा वर्ग गवाह | OBC/SBC | 2 सरकारी कर्मचारी गवाह — शपथ पूर्वक पुष्टि | 5 |
| ई | राज्य छानबीन समिति | सभी | 3 सदस्य, प्र.शा.सचिव अध्यक्ष, आदेश 18.03.2011 | 2+5 |
| बी | जिला छानबीन समिति | सभी | 5 सदस्य, जिला कलक्टर अध्यक्ष, आदेश 23.07.2015 | 2+5 |
| सी | राज्य सतर्कता प्रकोष्ठ | सभी | 4 सदस्य, उप निदेशक प्रभारी, आदेश 04.08.2014 | 2+5 |
| की | GOI Letter 1977 | SC/ST | BC.12025/2/76-SCT.I, 22.03.1977 — Residence परिभाषा | 2+3 |
परीक्षा उपयोगी — महत्वपूर्ण MCQ Points
| # | महत्वपूर्ण बिंदु | उत्तर |
|---|---|---|
| 1 | जाति प्रमाण-पत्र दिशा निर्देश कब जारी हुए? | 09 सितम्बर 2015 |
| 2 | परिपत्र क्रमांक क्या है? | एफ 11/एससी एसटी ओबीसी एसबीसी/जा.प्र.प/सान्याअवि/15/54159 |
| 3 | जाति प्रमाण-पत्र कौन जारी करता है? | उपखण्ड मजिस्ट्रेट (SDM) |
| 4 | SC/ST जाति प्रमाण-पत्र की वैधता? | जीवन पर्यन्त |
| 5 | OBC क्रीमीलेयर प्रमाण-पत्र वैधता? | 1 वर्ष (अधिकतम 3 वर्ष शपथ से) |
| 6 | SC/ST आवेदन किस परिशिष्ट में? | परिशिष्ट 'अ' |
| 7 | OBC आवेदन किस परिशिष्ट में? | परिशिष्ट 'क' |
| 8 | जिला छानबीन समिति का अध्यक्ष? | जिला कलक्टर |
| 9 | राज्य छानबीन समिति का अध्यक्ष? | प्रमुख शासन सचिव, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग |
| 10 | जिला समिति के निर्णय के विरुद्ध अपील कब तक? | 30 दिवस में |
| 11 | जिला समिति का निर्णय कितने माह में? | 2 माह (अधिकतम 6 माह) |
| 12 | राज्य समिति का निर्णय किस आधार पर? | अनुच्छेद 226 — अन्तिम एवं बाध्यकारी |
| 13 | जाति प्रमाण-पत्र का रिकार्ड कितने वर्ष रखना होगा? | न्यूनतम 30 वर्ष (स्थायी रजिस्टर आजीवन) |
| 14 | ऑनलाइन आवेदन का माध्यम? | ई-मित्र / CSC केन्द्र |
| 15 | GOI 1977 पत्र संख्या? | BC.12025/2/76-SCT.I, 22 मार्च 1977 |
| 16 | OBC क्रीमीलेयर Order? | प/7(8)कार्मिक/क-2/2008, 25.8.2009 |
| 17 | Central Govt. OBC Certificate का GOI reference? | O.M. No. 36012/22/93-Estt(SCT) dated 8.9.1993 |
| 18 | राज्य सतर्कता प्रकोष्ठ का प्रभारी? | उप निदेशक (पिछड़ी जाति), मुख्यालय |
| 19 | जाति प्रमाण-पत्र कितनी भाषाओं में जारी होता है? | दो — हिन्दी एवं अंग्रेजी (एक साथ) |
| 20 | SC/ST आवेदन Court Fee? | ₹2/- रुपया |
| 21 | OBC शपथ-पत्र में कितने बिंदु? | 7 बिंदु (परिशिष्ट ङ) |
| 22 | SC/ST शपथ-पत्र में कितने बिंदु? | 4 बिंदु |
| 23 | Provisional (अस्थायी) प्रवेश/नियुक्ति कब? | जब छानबीन समिति का निर्णय लम्बित हो और संस्था की अन्तिम तिथि निकल रही हो |
| 24 | माईग्रेट व्यक्ति की संतान को जाति प्रमाण-पत्र कब? | जब राजस्थान में जन्मी हो, माता-पिता का राजस्थान में स्थायी निवास हो और मूल निवास प्रमाण-पत्र हो |
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