राजस्थान मूल निवास प्रमाण पत्र 2026: 10 वर्ष नियम, Documents, eMitra Process, Duplicate Rules और पूरा सरकारी आदेश
राजस्थान में सरकारी नौकरी, छात्रवृत्ति, कॉलेज प्रवेश, भर्ती परीक्षा, आरक्षण, जाति प्रमाण पत्र, सरकारी योजनाओं और अनेक प्रशासनिक कार्यों में मूल निवास प्रमाण पत्र (Bonafide / Domicile Certificate) आवश्यक होता है। लेकिन सबसे बड़ा प्रश्न यही रहता है कि राजस्थान का मूल निवासी कौन माना जाएगा? 10 वर्ष निवास नियम क्या है? कौन अधिकारी प्रमाण पत्र जारी करेगा? किरायेदार, विवाहित महिला और सरकारी कर्मचारी के लिए क्या नियम हैं? इस लेख में राजस्थान गृह विभाग का पूरा सरकारी आदेश, पात्रता, दस्तावेज, eMitra प्रक्रिया, duplicate rules और practical workflow सरल भाषा में दिए गए हैं।
Quick Summary:
📌 जारी विभाग — गृह (ग्रुप-9) विभाग, राजस्थान सरकार
📌 प्रमाण पत्र — मूल निवास / Bonafide / Domicile Certificate
📌 प्रमुख नियम — 10 वर्ष निवास नियम
📌 जारी करने वाले अधिकारी — Collector, SDM, ADM, Tehsildar
📌 आवेदन माध्यम — eMitra / SDM Office
📌 Duplicate Certificate — Allowed
📌 TSP Area Marking — Applicable
1. मूल निवास प्रमाण पत्र क्या है?
मूल निवास प्रमाण पत्र राजस्थान सरकार द्वारा जारी एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है जिसके माध्यम से यह प्रमाणित किया जाता है कि संबंधित व्यक्ति राजस्थान राज्य का निवासी है। इसे Bonafide Certificate या Domicile Certificate भी कहा जाता है।
इसका उपयोग कहाँ होता है?
✔ सरकारी नौकरी भर्ती
✔ कॉलेज एवं विश्वविद्यालय प्रवेश
✔ छात्रवृत्ति योजनाएं
✔ जाति प्रमाण पत्र
✔ प्रतियोगी परीक्षाएं
✔ सरकारी योजनाएं
✔ निवास आधारित आरक्षण
✔ दस्तावेज सत्यापन
2. कौन अधिकारी मूल निवास प्रमाण पत्र जारी करेगा?
| क्रम | अधिकृत अधिकारी | स्तर |
|---|---|---|
| 1 | जिला कलक्टर | जिला स्तर |
| 2 | उप खण्ड अधिकारी (SDM) | उपखण्ड स्तर |
| 3 | सहायक जिलाधीश | प्रशासनिक स्तर |
| 4 | तहसीलदार | तहसील स्तर |
3. राजस्थान का मूल निवासी कौन माना जाएगा?
निम्न व्यक्ति सामान्यतः राजस्थान का मूल निवासी माना जाएगा:
- जिसके माता-पिता राजस्थान के मूल निवासी हों
- जो स्वयं या उसके माता-पिता राजस्थान में 10 वर्षों या अधिक अवधि से रह रहे हों
- जो राजस्थान में किराये के मकान में 10 वर्षों या अधिक अवधि से निवास कर रहे हों
- राजस्थान के मूल निवासी पुरुष से विवाह करने वाली महिला
- राज्य सरकार या राजस्थान के राजकीय उपक्रम में 3 वर्षों से कार्यरत व्यक्ति/परिवार
4. 10 वर्ष निवास नियम क्या है?
यदि आवेदक या उसके माता-पिता राजस्थान में 10 वर्षों या अधिक समय से निवास कर रहे हैं, तो यह मूल निवास प्रमाण पत्र हेतु एक महत्वपूर्ण आधार माना जाएगा।
इसके लिए लगातार निवास के प्रमाण जैसे बिजली बिल, पानी बिल, टेलीफोन बिल, किरायानामा, पहचान पत्र आदि मांगे जा सकते हैं।
5. आवश्यक दस्तावेज (Documents Checklist)
| स्थिति | आवश्यक दस्तावेज |
|---|---|
| माता-पिता राजस्थान निवासी हों |
✔ जन्म प्रमाण पत्र ✔ माता-पिता का मूल निवास प्रमाण पत्र |
| 10 वर्ष निवास |
✔ आधार / वोटर ID / पासपोर्ट / DL ✔ बिजली/पानी/टेलीफोन बिल |
| किरायेदार |
✔ 10 वर्षों का निरंतर किरायानामा ✔ पहचान पत्र |
| विवाहित महिला |
✔ पति का मूल निवास प्रमाण पत्र ✔ विवाह प्रमाण पत्र ✔ पहचान पत्र |
| सरकारी कर्मचारी |
✔ सेवा प्रमाण पत्र ✔ पदस्थापन प्रमाण पत्र |
6. eMitra से मूल निवास प्रमाण पत्र कैसे बनवाएं? (Step-by-Step Process)
Step 1: नजदीकी eMitra / CSC केंद्र या SDM कार्यालय जाएं।
Step 2: मूल निवास प्रमाण पत्र आवेदन भरें।
Step 3: आवश्यक दस्तावेज स्कैन एवं अपलोड करवाएं।
Step 4: आवश्यक होने पर शपथ पत्र (Affidavit) जमा करें।
Step 5: आवेदन का स्थानीय सत्यापन किया जाएगा।
Step 6: तहसीलदार/SDM स्तर पर approval होगा।
Step 7: प्रमाण पत्र डाउनलोड / प्राप्त करें।
7. Practical Cases (महत्वपूर्ण उदाहरण)
| स्थिति | सामान्य नियम |
|---|---|
| किरायेदार | 10 वर्षों का निरंतर किरायानामा आवश्यक हो सकता है। |
| विवाहित महिला | पति के मूल निवास आधार पर सामान्यतः पात्र मानी जा सकती है। |
| सरकारी कर्मचारी | 3 वर्ष सेवा/पदस्थापन आधार माना जा सकता है। |
| Duplicate Certificate | गुम/क्षतिग्रस्त होने पर पुनः जारी हो सकता है। |
8. सत्यापन प्रक्रिया कैसे होगी?
प्रमाण पत्र जारी करने वाले अधिकारी को यह सुनिश्चित करना होगा कि आवेदक वास्तव में राजस्थान का निवासी है।
Verification हेतु निम्न प्रमाण लिए जा सकते हैं:
✔ शपथ पत्र (Affidavit)
✔ सांसद / विधायक प्रमाण पत्र
✔ राजपत्रित अधिकारी प्रमाण पत्र
✔ सरपंच / ग्राम सेवक / पटवारी प्रमाण
✔ पुलिस बीट प्रभारी प्रमाण
9. TSP Area के लिए विशेष नियम
अनुसूचित जनजातीय क्षेत्र (TSP Area) हेतु जारी मूल निवास प्रमाण पत्रों पर अनुसूचित क्षेत्र अंकित किया जाएगा।
10. Duplicate / Correction / Renewal Rules
✔ प्रमाण पत्र गुम होने पर duplicate प्रति जारी हो सकती है।
✔ नाम/पता बदलने पर संशोधित प्रमाण पत्र जारी हो सकता है।
✔ नवीन फोटो के साथ renewal certificate जारी हो सकता है।
11. मूल आदेश का Word-by-Word पाठ
राजस्थान सरकार
गृह (ग्रुप-9) विभाग
प.सं.15(1)गृह-9/2026 जयपुर, दिनांक:- यथा ई-हस्ताक्षर
आज्ञा
विषय:- मूल निवास (Bonafide) प्रमाण पत्र।
इस विभाग की समसंख्यक आज्ञा दिनांक 14.11.1968, 11.01.1974, 20.05.1978, 07.09.1978, 10.04.1990, 01.07.2006 एवं 28.08.2012 को अधिक्रमित करते हुए मूल निवास प्रमाण पत्र जारी करने हेतु निम्न अधिकारियों को अधिकृत किया जाता है—
- जिला कलक्टर
- उप खण्ड अधिकारी
- सहायक जिलाधीश
- तहसीलदार
यह भी निर्देशित किया जाता है कि मूल निवासी वह होगा जिसके माता-पिता राजस्थान के मूल निवासी हों या स्वयं या उसके माता-पिता राजस्थान में 10 वर्षों से अधिक समय से रह रहा/रहे हों।
आवेदक या उसके माता-पिता 10 वर्षों या अधिक अवधि से राजस्थान में किराये के मकान में रह रहे हों तो कम से कम 10 वर्षों का निरंतर किरायानामा आवश्यक होगा।
उन महिलाओं की दशा में जो राजस्थान की मूल निवासी नहीं हैं और ऐसे व्यक्ति से विवाह कर लेती हैं जो राजस्थान का मूल निवासी है तथा अपने पति के साथ राजस्थान में रहती हो, सामान्यतः राजस्थान की मूल निवासी मान ली जायेगी।
राज्य सरकार या राजस्थान सरकार के राजकीय उपक्रम में तीन वर्ष से स्वयं या उसका पति/पत्नी या माता-पिता कार्यरत हों तो संबंधित प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा।
प्रमाण पत्र जारी करने वाले प्राधिकारी को इस बात से पूर्ण आश्वस्त होना चाहिए कि आवेदक वास्तव में राजस्थान का निवासी है।
इसके लिए आवेदक से शपथ पत्र प्राप्त करना होगा तथा सांसद सदस्य, विधानसभा सदस्य, राजपत्रित अधिकारी, जिला प्रमुख, प्रधान, जिला परिषद सदस्य, सरपंच, ग्राम सेवक, पटवारी, महापौर, नगर पालिका अध्यक्ष, नगर निगम सदस्य, पुलिस बीट प्रभारी आदि के प्रमाण पत्र प्राप्त किए जा सकते हैं।
अनुसूचित जनजातीय क्षेत्र (TSP) के लिए जारी किए जाने वाले मूल निवास प्रमाण पत्रों पर अनुसूचित क्षेत्र अंकित किया जायेगा।
कोई भी अभ्यर्थी एक बार ही मूल निवास प्रमाण पत्र बनवा सकेगा। लेकिन निम्न परिस्थितियों में पुनः उसी स्थान से मूल निवास प्रमाण पत्र की डुप्लीकेट प्रति, संशोधित प्रमाण पत्र एवं नवीनीकृत प्रमाण पत्र जारी किया जा सकता है—
- प्रमाण पत्र गुम हो जाने, क्षतिग्रस्त हो जाने अथवा खराब हो जाने पर डुप्लीकेट प्रति।
- प्रमाण पत्र में नाम या पता बदलने पर संशोधित प्रमाण पत्र।
- आयु वृद्धि के अनुसार पहचान हेतु नवीन फोटो के साथ नवीनीकृत प्रमाण पत्र।
प्रमाण पत्र पर किसी अधिकारी के प्रति हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं है।
राज्यपाल की आज्ञा से,
(गोविन्द प्रसाद)
शासन उप सचिव
12. आवेदन से पहले गलती न करें: Final Checklist
- नाम, पिता/माता का नाम और जन्मतिथि सभी दस्तावेजों में मिलान कर लें।
- 10 वर्ष निवास वाले दस्तावेज क्रम से रखें।
- किरायेदार हैं तो निरंतर किरायानामा तैयार रखें।
- विवाहित महिला के केस में पति का मूल निवास और विवाह प्रमाण पत्र रखें।
- आवेदन से पहले आधार/जनआधार/स्कूल रिकॉर्ड में नाम की spelling जांच लें।
- गलत जानकारी देने से आवेदन निरस्त हो सकता है।
13. संबंधित उपयोगी लेख
FAQ: Rajasthan Domicile / Bonafide Certificate
प्रश्न 1. राजस्थान मूल निवास प्रमाण पत्र कौन जारी करता है?
जिला कलक्टर, उपखण्ड अधिकारी, सहायक जिलाधीश और तहसीलदार मूल निवास प्रमाण पत्र जारी करने हेतु अधिकृत अधिकारी हैं।
प्रश्न 2. राजस्थान मूल निवास प्रमाण पत्र के लिए 10 वर्ष नियम क्या है?
यदि आवेदक या उसके माता-पिता राजस्थान में 10 वर्षों या अधिक समय से रह रहे हैं, तो यह मूल निवास प्रमाण पत्र हेतु महत्वपूर्ण आधार माना जाता है।
प्रश्न 3. क्या किराये के मकान में रहने वाला व्यक्ति मूल निवास प्रमाण पत्र बनवा सकता है?
हाँ, यदि वह राजस्थान में 10 वर्षों या अधिक अवधि से निरंतर रह रहा है और 10 वर्षों का निरंतर किरायानामा/अन्य साक्ष्य उपलब्ध करवा सकता है।
प्रश्न 4. क्या विवाहित महिला पति के आधार पर राजस्थान मूल निवास प्रमाण पत्र बनवा सकती है?
यदि महिला राजस्थान की मूल निवासी नहीं है, लेकिन राजस्थान के मूल निवासी पुरुष से विवाह कर राजस्थान में रहती है, तो आदेश के अनुसार सामान्यतः उसे राजस्थान की मूल निवासी माना जा सकता है।
प्रश्न 5. Duplicate मूल निवास प्रमाण पत्र कब जारी हो सकता है?
प्रमाण पत्र गुम, क्षतिग्रस्त या खराब हो जाने पर डुप्लीकेट प्रमाण पत्र जारी किया जा सकता है।
प्रश्न 6. क्या नाम या पता बदलने पर नया प्रमाण पत्र मिल सकता है?
हाँ, नाम या पता बदलने की स्थिति में संशोधित प्रमाण पत्र जारी किया जा सकता है।
प्रश्न 7. क्या प्रमाण पत्र पर प्रति हस्ताक्षर जरूरी है?
आदेश के अनुसार प्रमाण पत्र पर किसी अधिकारी के प्रति हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं है।






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