नियम 10, 11, 12: स्वास्थ्य-प्रमाण-पत्र का प्रेषण, हस्ताक्षर और छूट
विषय: स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र प्रेषण
नियम 10: प्रमाण-पत्र प्रेषण
नियम 11: हस्ताक्षर प्राधिकारी
नियम 12: छूट की श्रेणियाँ
लागू: नई नियुक्तियाँ
संशोधन: 1968-1976
नियम 10: स्वास्थ्य-प्रमाण-पत्र का प्रेषण
राज्य सेवा के लिये निकृष्ट का स्वास्थ्य-प्रमाण-पत्र का प्रेषण निम्न प्रकार होगा :
प्रमाण-पत्र का प्रपत्र
यह प्रमाण-पत्र नियम 9 के अनुसार तैयार किया जाता है और निकृष्ट (नई नियुक्ति के लिए आने वाले व्यक्ति) के स्वास्थ्य की पुष्टि करता है।
नियम 11: हस्ताक्षर अधिकारी और प्रक्रिया
उपयुक्त नियम 10 द्वारा निर्धारित स्वास्थ्य परीक्षा-प्रमाण-पत्र पर जिल्ता प्रमुख चिकित्सा अधिकारी तथा उसके उच्च पद के चिकित्सा अधिकारी द्वारा हस्ताक्षर किये जाने चाहिए।
हस्ताक्षर के प्राधिकारी
- मुख्य चिकित्सा अधिकारी (Chief Medical Officer) — जिल्ता स्तर पर
- अन्य योग्य चिकित्सा अधिकारी — सरकारी अस्पताल के
- महिला चिकित्सक (महिलाओं के मामले में) — अनिवार्य नहीं, लेकिन वरीयता
विशेष परिस्थितियाँ
अस्थायी नियुक्तियों के लिए: जिन व्यक्तियों को अस्थायी रूप से निर्युक्त किया जा सकता है, उन्हें अपनी निर्युक्ति के समय किसी चिकित्सा स्नातक या लाइसेंसियेट से एक स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना आवश्यक है।
नियम 12: स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र से मुक्त किये हुए कर्मचारी
निम्नांकित कर्मचारी स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र से मुक्त किये जाते हैं :
मुक्ति की श्रेणियाँ
(1) प्रतियोगी परीक्षा से चयनित कर्मचारी
एक कर्मचारी जिसे प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से निर्युक्त किया गया हो एवं जिसकी चिकित्सा परीक्षा उस सेवा के नियमों के अनुसार पूष्क से हो गयी हो।
(2) उच्च सेवा का अस्थायी कर्मचारी
उच्च सेवा का एक कर्मचारी जो 3 माह से कम समय के लिये अस्थायी रूप से रिक्त पद पर निर्युक्त किया गया हो।
(3) चतुर्थ श्रेणी का अस्थायी कर्मचारी
चतुर्थ श्रेणी सेवा का एक कर्मचारी जो अस्थायी रिक्त पद पर 6 माह से कम अवधि के लिये निर्युक्त किया गया हो।
(4) एक विभाग से दूसरे को स्थानांतरित कर्मचारी
एक अस्थायी राज्य कर्मचारी जिसकी चिकित्सा परीक्षा पूर्वे ही किसी कार्यालय में हो चुकी हो और अब सेवा में व्यवधान के बिना उसका दूसरे कार्यालय में स्थानांतरण हुआ हो।
(5) सेवा-निर्वृत्त कर्मचारी
एक सेवा-निर्वृत्त कर्मचारी जो सेवा-निर्वृत्ति के पश्चात् तुरंत ही पुनः निर्युक्त किया गया हो।
(6) शारीरिक दृष्टि से अशक्त कर्मचारी
शारीरिक दृष्टि से अशक्त एक राज्य कर्मचारी जो विशिष्ट विषयों कार्यालय द्वारा भिजवाने पर निर्युक्त किया गया हो और जिसकी स्वास्थ्य परीक्षा किसी राजकीय अस्पताल के अधीक्षक, प्रधान चिकित्सक एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा गडित चिकित्सा बोर्ड द्वारा कर ली गयी थी।
व्याख्या और स्पष्टीकरण
इन तीनों नियमों का संबंध
नियम 9, 10, 11 और 12 सभी एक-दूसरे से संबंधित हैं:
- नियम 9: स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य है
- नियम 10: प्रमाण-पत्र का प्रपत्र और सामग्री
- नियम 11: किन अधिकारियों के द्वारा हस्ताक्षर होने चाहिए
- नियम 12: किन स्थितियों में यह अनिवार्य नहीं है
3 माह और 6 माह की अवधि
नियम 12 में 3 माह (उच्च सेवा के लिए) और 6 माह (चतुर्थ श्रेणी के लिए) की अवधि का निर्धारण इसलिए किया गया है क्योंकि अस्थायी नियुक्तियों में स्वास्थ्य परीक्षा की आवश्यकता कम होती है। केवल लम्बी अवधि की नियुक्तियों के लिए ही स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र अनिवार्य है।
चिकित्सा बोर्ड (Medical Board)
शारीरिक दृष्टि से अशक्त कर्मचारियों के मामले में, एक विशेष चिकित्सा बोर्ड (Medical Board) द्वारा परीक्षा की जाती है जिसमें अस्पताल के अधीक्षक, प्रधान चिकित्सक और स्वास्थ्य अधिकारी होते हैं।
प्रक्रिया
सामान्य नियुक्ति के लिए प्रक्रिया
- नियुक्ति पत्र के बाद कर्मचारी को स्वास्थ्य परीक्षा के लिए भेजा जाता है
- निर्धारित प्रपत्र में चिकित्सक द्वारा परीक्षा की जाती है
- चिकित्सा अधिकारी या महिला चिकित्सक द्वारा हस्ताक्षर किए जाते हैं
- प्रमाण-पत्र को प्रथम वेतन बिल के साथ संलग्न किया जाता है
- स्थायी फाइल में दस्तावेज रखे जाते हैं
अस्थायी नियुक्ति (3 माह से कम) के लिए
- चिकित्सा स्नातक या लाइसेंसियेट से प्रमाण-पत्र ले सकते हैं
- मुख्य चिकित्सा अधिकारी के हस्ताक्षर अनिवार्य नहीं हैं
- यदि चिकित्सक को संदेह हो तो मुख्य चिकित्सा अधिकारी को भेजा जा सकता है
प्रश्न एवं उत्तर
प्र. क्या निजी डॉक्टर के प्रमाण-पत्र को स्वीकार किया जा सकता है?
अस्थायी नियुक्तियों के लिए चिकित्सा स्नातक या लाइसेंसियेट के प्रमाण-पत्र स्वीकार किए जा सकते हैं। लेकिन स्थायी नियुक्तियों के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी के हस्ताक्षर अनिवार्य हैं।
प्र. यदि कोई कर्मचारी 2.5 माह के लिए अस्थायी नियुक्त हो तो?
3 माह से कम समय के लिए अस्थायी नियुक्ति होने पर नियम 12(2) लागू होता है। स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र अनिवार्य नहीं है, लेकिन ले सकते हैं।
प्र. सेवा-निर्वृत्त कर्मचारी को फिर से काम देने पर क्या होगा?
नियम 12(5) के अनुसार, यदि सेवा-निर्वृत्त कर्मचारी को तुरंत पुनः नियुक्त किया जाता है, तो नया स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र अनिवार्य नहीं है। पुरानी परीक्षा पर्याप्त है।
प्र. महिला कर्मचारी को महिला चिकित्सक से ही परीक्षा कराना पड़ता है?
नहीं, महिला कर्मचारी को महिला चिकित्सक से परीक्षा कराने का अधिकार है, लेकिन यह अनिवार्य नहीं है। यदि महिला चिकित्सक उपलब्ध न हो तो पुरुष चिकित्सक से भी परीक्षा की जा सकती है।
संदर्भ
संबंधित नियम
नियम 9: नवीन नियुक्ति पर स्वस्थता-प्रमाण-पत्र
विषय: नवीन नियुक्ति पर स्वस्थता-प्रमाण-पत्र
अंग्रेजी: Health Certificate on First Appointment
प्रकाशक: वित्त विभाग, राजस्थान
लागू: सभी नई नियुक्तियाँ
संशोधन: 1968
स्रोत: RSR 1951
नियम का पाठ
व्याख्या
उद्देश्य
इस नियम का मुख्य उद्देश्य राज्य सेवा में नई नियुक्ति के लिए आने वाले व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य की पुष्टि करना है। स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र सरकार को यह आश्वस्त करता है कि व्यक्ति सरकारी काम करने के लिए योग्य है।
लागू श्रेणियाँ
- स्थायी कर्मचारी
- अस्थायी कर्मचारी
- अनुबन्ध आधार पर नियुक्त
- अंशकालीन कर्मचारी
- राजप्रशासनिक अधिकारी
- अन्य सभी सरकारी कर्मचारी
प्रमाण-पत्र कब प्रस्तुत करें
प्रथम वेतन बिल के साथ स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र संलग्न करना अनिवार्य है। नियुक्ति के बाद तुरंत स्वास्थ्य परीक्षा करानी चाहिए।
अंशकालीन कर्मचारियों के लिए
अंशकालीन कर्मचारियों को भी पूर्णकालीन कर्मचारियों के समान स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होता है। इसमें कोई छूट नहीं है।
प्राधिकार से मुक्ति
व्यक्तिगत मामलों में सरकार द्वारा स्वास्थ्य परीक्षा से मुक्ति दी जा सकती है, लेकिन केवल सक्षम प्राधिकार की विशेष अनुमति से।
सरकारी निर्णय
निर्णय 1: अंशकालीन कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य परीक्षा
प्रश्न: क्या अंशकालीन कर्मचारी को स्वास्थ्य परीक्षा करानी पड़ती है?
उत्तर: हाँ, अंशकालीन कर्मचारी को भी पूर्णकालीन कर्मचारी के समान स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होता है।
निर्णय 2: प्रमाण-पत्र का अंकन
संदर्भ: एफ.1(26) वि.वि. (नियम)/67-I, 21.6.1968
प्रथम वेतन बिल के साथ एक अलग प्रमाण-पत्र संलग्न किया जाना चाहिए जिसमें लिखा हो: "स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र प्राप्त कर रिकार्डे में रख लिया गया है।"
निर्णय 3: राजप्रशासनिक अधिकारियों के लिए
राजप्रशासनिक अधिकारियों के मामले में सक्षम-प्राधिकारी को चिकित्सा सम्बन्धी प्रमाण-पत्र प्रस्तुत किया जाता है।
प्रक्रिया
राजप्रशासनिक अधिकारियों के लिए
- नियुक्ति पत्र मिलने के बाद स्वास्थ्य परीक्षा करवाएँ
- निर्धारित प्रपत्र में चिकित्सक द्वारा परीक्षा
- प्रमाण-पत्र को प्रथम वेतन बिल के साथ संलग्न करें
- व्यक्तिगत फाइल में स्थायी रूप से रखें
अन्य कर्मचारियों के लिए
- नियुक्ति के बाद स्वास्थ्य परीक्षा के लिए भेजें
- निर्धारित प्रपत्र में परीक्षा करवाएँ
- प्राप्ति के बाद पृथक प्रमाण-पत्र तैयार करें
- दोनों को प्रथम वेतन बिल के साथ भेजें
- स्थायी फाइल में दस्तावेज रखें
प्रश्न एवं उत्तर
प्र. स्वास्थ्य परीक्षा कौन करता है?
विभाग द्वारा नियुक्त चिकित्सक या सरकारी अस्पताल के चिकित्सक द्वारा परीक्षा की जाती है।
प्र. यदि प्रथम वेतन बिल के साथ प्रमाण-पत्र न भेजा जाए?
यह प्रशासनिक कमी मानी जाती है। ऑडिट में समस्या उत्पन्न हो सकती है।
प्र. क्या कोई निश्चित प्रपत्र है?
हाँ, प्रत्येक विभाग के पास निर्धारित स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र प्रपत्र होता है।
प्र. क्या महिला कर्मचारियों के लिए अलग नियम है?
नहीं, महिला कर्मचारियों के लिए नियम पुरुषों के समान हैं, लेकिन महिला चिकित्सक से परीक्षा कराने का अधिकार है।
संबंधित नियम
- नियम 7 — परिभाषाएँ
- नियम 8 — नियुक्ति की शर्तें
- नियम 10 — प्रमाण-पत्र का प्रेषण
- नियम 11 — अवधूत नियम 10


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