जीव जनन कैसे करते हैं (How Do Organisms Reproduce)
RBSE/CBSE कक्षा 10 विज्ञान - अध्याय 8 | NCERT Chapter 7 (New Syllabus 2024-25)
जीव जनन कैसे करते हैं (How Do Organisms Reproduce) NCERT कक्षा 10 विज्ञान का एक महत्वपूर्ण अध्याय है। इस अध्याय में हम जानेंगे कि जीव अपनी संतान कैसे उत्पन्न करते हैं। जनन से जीव अपनी प्रजाति की निरंतरता बनाए रखते हैं।
1. जनन क्या है? (What is Reproduction?)
जनन का महत्व:
- प्रजाति की निरंतरता बनाए रखना
- पृथ्वी पर जीवन की निरंतरता
- विभिन्नताओं का उत्पन्न होना (विकास के लिए)
जनन के प्रकार
| अलैंगिक जनन | लैंगिक जनन |
|---|---|
| एकल जीव भाग लेता है | दो जीव (नर-मादा) भाग लेते हैं |
| युग्मकों का निर्माण नहीं | युग्मकों का निर्माण और संलयन |
| संतान जनक के समान | संतान में विभिन्नताएँ |
| उदाहरण: अमीबा, यीस्ट | उदाहरण: मनुष्य, पुष्पी पादप |
2. अलैंगिक जनन के प्रकार (Types of Asexual Reproduction)
2.1 विखंडन (Fission)
- जीव दो समान भागों में विभाजित होता है
- उदाहरण: अमीबा, पैरामीशियम, जीवाणु
- अनुकूल परिस्थितियों में होता है
- जीव एक साथ अनेक संतति कोशिकाओं में विभाजित
- उदाहरण: प्लैज्मोडियम (मलेरिया परजीवी)
- प्रतिकूल परिस्थितियों में सिस्ट बनाता है
2.2 खंडन (Fragmentation)
जीव छोटे-छोटे टुकड़ों में टूट जाता है और प्रत्येक टुकड़ा नए जीव में विकसित हो जाता है।
उदाहरण: स्पाइरोगाइरा (शैवाल)
2.3 पुनरुद्भवन/पुनर्जनन (Regeneration)
जीव के कटे हुए भाग से पूर्ण जीव का विकास होना।
उदाहरण: प्लेनेरिया, हाइड्रा
2.4 मुकुलन (Budding)
जनक के शरीर पर एक उभार (मुकुल) बनता है जो विकसित होकर नया जीव बनता है।
उदाहरण: हाइड्रा, यीस्ट
2.5 बीजाणु समासंघ (Spore Formation)
बीजाणुधानी में बीजाणु बनते हैं जो वृद्धि कर नए जीव उत्पन्न करते हैं।
उदाहरण: राइजोपस (ब्रेड फफूंद)
2.6 कायिक प्रवर्धन (Vegetative Propagation)
| विधि | पौधे का भाग | उदाहरण |
|---|---|---|
| जड़ द्वारा | जड़ | डहेलिया, शकरकंद |
| तने द्वारा | भूमिगत तना | आलू, अदरक, हल्दी |
| पत्ती द्वारा | पत्ती | ब्रायोफिलम |
कृत्रिम कायिक प्रवर्धन:
- कर्तन (Cutting): गुलाब, गन्ना
- रोपण (Grafting): आम
- लेयरिंग (Layering): चमेली
- ऊतक संवर्धन: आर्किड, सजावटी पौधे
3. पुष्पी पादपों में लैंगिक जनन
3.1 पुष्प की संरचना
🌸 पुष्प के भाग:
सहायक अंग: बाह्यदल (Sepals) + दल (Petals)
जनन अंग: पुंकेसर (Stamen) + स्त्रीकेसर (Pistil/Carpel)
| भाग | प्रकृति | कार्य |
|---|---|---|
| बाह्यदल (Sepals) | हरे, सुरक्षात्मक | कली की सुरक्षा |
| दल (Petals) | रंगीन | कीटों को आकर्षित करना |
| पुंकेसर (Stamen) | नर जनन अंग | परागकण बनाना |
| स्त्रीकेसर (Pistil) | मादा जनन अंग | बीजांड में अंडाणु बनाना |
पुंकेसर (नर जनन अंग) के भाग:
- परागकोश (Anther): परागकण बनते हैं
- पुंतंतु (Filament): परागकोश को सहारा
स्त्रीकेसर (मादा जनन अंग) के भाग:
- वर्तिकाग्र (Stigma): परागकण ग्रहण करता है
- वर्तिका (Style): मध्य भाग
- अंडाशय (Ovary): बीजांड (Ovule) होते हैं
3.2 पुष्पों के प्रकार (Types of Flowers)
| आधार | प्रकार | विशेषता | उदाहरण |
|---|---|---|---|
| जनन अंग | उभयलिंगी (Bisexual) | पुंकेसर और स्त्रीकेसर दोनों | सरसों, गुलाब, मटर |
| एकलिंगी (Unisexual) | केवल एक जनन अंग | पपीता, मक्का, तरबूज | |
| पौधे पर | उभयलिंगाश्रयी (Monoecious) | नर-मादा एक ही पौधे पर | मक्का, कद्दू |
| एकलिंगाश्रयी (Dioecious) | नर-मादा अलग पौधों पर | पपीता, खजूर |
3.3 परागण (Pollination)
| गुण | स्व-परागण (Self) | पर-परागण (Cross) |
|---|---|---|
| परिभाषा | एक ही पुष्प/पौधे में | दो भिन्न पौधों के बीच |
| विभिन्नता | कम | अधिक |
| बाह्य कारक | आवश्यक नहीं | वायु, कीट, जल, पक्षी |
| उदाहरण | मटर, गेहूँ | सरसों, मक्का |
परागण के माध्यम (Agents):
- वायु परागण: मक्का, गेहूँ (परागकण हल्के, अधिक संख्या)
- कीट परागण: गुलाब, सरसों (रंगीन पुष्प, मकरंद)
- जल परागण: वैलिसनेरिया, हाइड्रिला
3.3 निषेचन (Fertilization)
🔬 निषेचन के बाद:
युग्मनज (Zygote) → भ्रूण (Embryo)
बीजांड → बीज (Seed)
अंडाशय → फल (Fruit)
4. मानव में जनन (Human Reproduction)
4.1 यौवनारंभ (Puberty)
वह अवस्था जब जनन अंग परिपक्व होते हैं और जनन क्षमता विकसित होती है।
- लड़कों में: 13-14 वर्ष
- लड़कियों में: 10-12 वर्ष
4.2 नर जनन तंत्र (Male Reproductive System)
| अंग | कार्य |
|---|---|
| वृषण (Testis) | शुक्राणु और टेस्टोस्टेरोन का निर्माण |
| अधिवृषण | शुक्राणुओं का भंडारण और परिपक्वन |
| शुक्रवाहिका | शुक्राणुओं का परिवहन |
| शुक्राशय | वीर्य द्रव का निर्माण |
| प्रोस्टेट ग्रंथि | वीर्य द्रव में योगदान |
| शिश्न | मैथुन अंग |
4.3 मादा जनन तंत्र (Female Reproductive System)
| अंग | कार्य |
|---|---|
| अंडाशय (Ovary) | अंडाणु और एस्ट्रोजन का निर्माण |
| अंडवाहिनी/फैलोपियन नलिका | अंडाणु का परिवहन, निषेचन स्थल |
| गर्भाशय (Uterus) | भ्रूण का विकास |
| योनि (Vagina) | मैथुन मार्ग, जन्म नाल |
4.4 ऋतुस्राव/मासिक धर्म (Menstruation)
- चक्र: लगभग 28 दिन
- अवधि: 3-5 दिन
- प्रारंभ: यौवनारंभ पर
- समाप्ति: 45-50 वर्ष (रजोनिवृत्ति)
4.5 निषेचन और भ्रूण विकास
🔬 मानव में निषेचन:
स्थान: अंडवाहिनी (फैलोपियन नलिका)
शुक्राणु + अंडाणु → युग्मनज → भ्रूण
भ्रूण गर्भाशय की दीवार में रोपित होता है
अपरा/प्लेसेंटा (Placenta):
- भ्रूण को पोषण प्रदान करता है
- ऑक्सीजन और पोषक पदार्थ माँ से भ्रूण को
- CO₂ और अपशिष्ट भ्रूण से माँ को
- गर्भावधि: लगभग 9 महीने (280 दिन)
5. जनन स्वास्थ्य और गर्भनिरोधक
5.1 गर्भनिरोधक विधियाँ
| विधि | प्रकार | उदाहरण |
|---|---|---|
| अवरोधक विधि | यांत्रिक | कंडोम, डायाफ्राम |
| रासायनिक विधि | हार्मोनल | गर्भनिरोधक गोलियाँ |
| IUCD | उपकरण | कॉपर-T, लूप |
| शल्य क्रिया | स्थायी | नसबंदी (पुरुष), ट्यूबेक्टॉमी (महिला) |
- HIV/AIDS, सिफलिस, गोनोरिया
- कंडोम का उपयोग STD से बचाव में सहायक
6. महत्वपूर्ण अंतर सारणी
अलैंगिक और लैंगिक जनन में अंतर
| गुण | अलैंगिक जनन | लैंगिक जनन |
|---|---|---|
| जनकों की संख्या | एक | दो (नर और मादा) |
| युग्मक निर्माण | नहीं | हाँ |
| निषेचन | नहीं | हाँ |
| विभिन्नता | बहुत कम | अधिक |
| संतान | जनक के समान | जनकों से भिन्न |
परागण और निषेचन में अंतर
| गुण | परागण | निषेचन |
|---|---|---|
| प्रक्रिया | परागकण का स्थानांतरण | युग्मकों का संलयन |
| स्थान | परागकोश से वर्तिकाग्र | बीजांड में |
| परिणाम | परागकण वर्तिकाग्र पर | युग्मनज बनता है |
7. बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
8. लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answer Questions)
9. दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answer Questions)
(1) पुष्प की संरचना: पुष्प में नर जनन अंग (पुंकेसर) और मादा जनन अंग (स्त्रीकेसर) होते हैं। पुंकेसर के परागकोश में परागकण बनते हैं। स्त्रीकेसर के अंडाशय में बीजांड होते हैं जिनमें अंडाणु होता है।
(2) परागण: परागकणों का परागकोश से वर्तिकाग्र तक स्थानांतरण परागण कहलाता है। यह वायु, कीट, जल या पक्षियों द्वारा होता है।
(3) परागनलिका का विकास: वर्तिकाग्र पर पहुँचकर परागकण अंकुरित होता है और परागनलिका बनती है जो वर्तिका से होकर बीजांड तक पहुँचती है।
(4) निषेचन: परागनलिका द्वारा नर युग्मक बीजांड में पहुँचता है और अंडाणु से मिलकर युग्मनज बनाता है।
(5) बीज और फल निर्माण: युग्मनज से भ्रूण, बीजांड से बीज और अंडाशय से फल बनता है।
(1) वृषण (Testis): ये प्राथमिक जनन अंग हैं जो वृषणकोष में स्थित होते हैं। इनमें शुक्राणुओं और टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का निर्माण होता है।
(2) अधिवृषण (Epididymis): वृषण से जुड़ी कुंडलित नलिका जहाँ शुक्राणु परिपक्व होते हैं और संग्रहित रहते हैं।
(3) शुक्रवाहिका (Vas deferens): शुक्राणुओं को मूत्रमार्ग तक ले जाने वाली नलिका।
(4) सहायक ग्रंथियाँ: शुक्राशय, प्रोस्टेट ग्रंथि और काउपर ग्रंथि जो वीर्य द्रव बनाती हैं।
(5) शिश्न (Penis): बाह्य जनन अंग जो मैथुन में सहायक है।
[चित्र: नर जनन तंत्र का नामांकित चित्र बनाएँ]
(1) द्विखंडन: जीव दो समान भागों में विभाजित होता है। उदाहरण: अमीबा, जीवाणु।
(2) बहुखंडन: जीव एक साथ अनेक संतति कोशिकाओं में विभाजित होता है। उदाहरण: प्लैज्मोडियम।
(3) मुकुलन: जनक के शरीर पर मुकुल (Bud) बनता है जो नए जीव में विकसित होता है। उदाहरण: हाइड्रा, यीस्ट।
(4) खंडन: जीव छोटे टुकड़ों में टूटता है और प्रत्येक टुकड़ा नया जीव बनता है। उदाहरण: स्पाइरोगाइरा।
(5) बीजाणु निर्माण: बीजाणुधानी में बीजाणु बनते हैं जो नए जीव उत्पन्न करते हैं। उदाहरण: राइजोपस।
(6) कायिक प्रवर्धन: पौधों के कायिक भागों (जड़, तना, पत्ती) से नए पौधे बनते हैं। उदाहरण: आलू, ब्रायोफिलम।
(1) अवरोधक विधि: कंडोम, डायाफ्राम आदि यांत्रिक अवरोध शुक्राणु और अंडाणु के मिलने को रोकते हैं। कंडोम STD से भी बचाव करता है।
(2) रासायनिक विधि: गर्भनिरोधक गोलियाँ हार्मोन युक्त होती हैं जो अंडोत्सर्ग को रोकती हैं।
(3) IUCD: कॉपर-T या लूप गर्भाशय में लगाया जाता है जो निषेचित अंडे के रोपण को रोकता है।
(4) शल्य क्रिया विधि:
- पुरुषों में (Vasectomy): शुक्रवाहिका को काटकर बाँधना
- महिलाओं में (Tubectomy): अंडवाहिनी को काटकर बाँधना
ये स्थायी विधियाँ हैं जो युग्मकों के परिवहन को रोकती हैं।
Quick Revision
🎯 याद रखें:
- जनन = DNA प्रतिकृति
- अमीबा = द्विखंडन
- यीस्ट, हाइड्रा = मुकुलन
- स्पाइरोगाइरा = खंडन
- ब्रायोफिलम = पत्ती द्वारा
- आलू = तने द्वारा
- पुंकेसर = नर, स्त्रीकेसर = मादा
- निषेचन = अंडवाहिनी में
- ऋतुस्राव = 28 दिन चक्र
सरकारी संसाधन
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⚠️ अस्वीकरण
- यह सामग्री केवल शैक्षिक उद्देश्य के लिए है।
- यह NCERT/RBSE पाठ्यपुस्तक का विकल्प नहीं है।
- परीक्षा से पहले आधिकारिक पाठ्यपुस्तक अवश्य पढ़ें।
- सभी जानकारी NCERT/RBSE पाठ्यक्रम 2024-25 के अनुसार है।
RBSE/CBSE Class 10 Science Chapter 8 – How Do Organisms Reproduce | जीव जनन कैसे करते हैं नोट्स
कक्षा 10 विज्ञान अध्याय 8 “जीव जनन कैसे करते हैं – How Do Organisms Reproduce” में अलैंगिक जनन, लैंगिक जनन तथा मानव जनन तंत्र का अध्ययन किया जाता है। यह अध्याय बोर्ड परीक्षा में अत्यधिक महत्वपूर्ण है और लगभग हर वर्ष 5–7 अंक के प्रश्न पूछे जाते हैं। नीचे पूरा अध्याय आसान भाषा में, परीक्षा-उपयोगी नोट्स के रूप में उपलब्ध है।
📌 अलैंगिक जनन (Asexual Reproduction)
जब संतान के निर्माण में केवल एक जनक भाग लेता है और संतान बिल्कुल जनक के समान होती है, तो इसे अलैंगिक जनन कहते हैं।
- अमीबा — द्विखंडन (Binary Fission)
- हाइड्रा — अंकुरण (Budding)
- यीस्ट — अंकुरण (Budding)
- आलू — वनस्पतिक प्रसार (Vegetative Propagation)
📌 लैंगिक जनन (Sexual Reproduction)
लैंगिक जनन में दो जनकों की भागीदारी होती है तथा नर एवं मादा युग्मकों के संलयन से ज़ाइगोट बनता है। इस प्रक्रिया से संतान में आनुवंशिक विविधता उत्पन्न होती है।
- नर युग्मक — शुक्राणु (Sperm)
- मादा युग्मक — डिंब (Ovum)
- युग्मकों के संलयन को — निषेचन (Fertilization)
📌 मानव प्रजनन तंत्र (Human Reproductive System)
🔹 पुरुष जनन तंत्र (Male Reproductive System)
पुरुष जनन तंत्र में वृषण, शुक्रवाहिनी नलियाँ, मूत्रमार्ग, प्रोस्टेट ग्रंथि एवं लिंग शामिल हैं। वृषण में शुक्राणुओं का निर्माण होता है।
🔹 स्त्री जनन तंत्र (Female Reproductive System)
स्त्री जनन तंत्र में अंडाशय, डिंबवाही नलियाँ, गर्भाशय, योनि एवं गर्भमुख शामिल हैं। डिंब का निषेचन डिंबवाही नली में तथा भ्रूण का विकास गर्भाशय में होता है।
📌 Important Questions & Answers (Exam Booster)
Q1: अलैंगिक जनन क्या है? उदाहरण सहित समझाइए।
Ans: एक जनक द्वारा समान संतान उत्पन्न करने की प्रक्रिया अलैंगिक जनन कहलाती है। उदाहरण – अमीबा में द्विखंडन, हाइड्रा में अंकुरण।
Q2: लैंगिक जनन के दो लाभ लिखिए।
Ans: (1) आनुवंशिक विविधता मिलती है (2) पर्यावरण के अनुसार अनुकूलन आसान।
Q3: मानव में निषेचन कहाँ होता है?
Ans: डिंबवाही नली (Fallopian Tube) में।
📌 MCQ – Multiple Choice Questions (With Answers)
- यीस्ट में जनन किससे होता है? — ✔ अंकुरण
- अमीबा में जनन — ✔ द्विखंडन
- निषेचन कहाँ होता है? — ✔ डिंबवाही नली
- पुरुष प्रजनन अंग — ✔ वृषण
- लैंगिक जनन में — ✔ दो जनकों की भागीदारी
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📘 Class 10 Science – Chapter 8 Worksheet (How Do Organisms Reproduce | जीव जनन कैसे करते हैं)
यह वर्कशीट RBSE/CBSE बोर्ड परीक्षा 2025–26 के लिए अत्यंत उपयोगी है। इसमें MCQ, Fill in the blanks, True/False, Short Questions तथा Assertion–Reason आधारित प्रश्न शामिल हैं।
📝 Section A — Fill in the Blanks
- अमीबा में जनन की प्रक्रिया __________ कहलाती है।
- हाइड्रा में जनन __________ के द्वारा होता है।
- डिंब और शुक्राणु के संलयन को __________ कहते हैं।
- मानव में निषेचन __________ में होता है।
- भ्रूण का विकास __________ में होता है।
✔ Section B — True / False
- लैंगिक जनन में केवल एक जनक भाग लेता है। ( )
- यीस्ट में अंकुरण द्वारा जनन होता है। ( )
- वृषण पुरुष जनन तंत्र का अंग है। ( )
- अंडाशय में शुक्राणु बनते हैं। ( )
- परागण पौधों में युग्मक स्थानांतरण की प्रक्रिया है। ( )
✍ Section C — Very Short Questions (1–2 Marks)
- प्रतिकृति (Cloning) क्या है?
- स्पोर्स क्या हैं?
- वनस्पतिक प्रसार (Vegetative Propagation) क्या है?
- जाइगोट किसे कहते हैं?
- गर्भाशय का कार्य लिखिए।
📌 Section D — Short Questions (3–4 Marks)
- अलैंगिक और लैंगिक जनन में दो अंतर लिखिए।
- हाइड्रा में अंकुरण प्रक्रिया को समझाइए।
- मानव में निषेचन की प्रक्रिया समझाइए।
- पौधों में कटिंग और ग्राफ्टिंग द्वारा जनन कैसे होता है?
🧾 Section E — Long Questions (5–7 Marks)
- पुरुष एवं स्त्री प्रजनन तंत्र का चित्र बनाकर वर्णन कीजिए।
- “लैंगिक जनन आनुवंशिक विविधता प्रदान करता है”— स्पष्ट कीजिए।
🎯 MCQ – Expected Board Questions (With Answers)
| Q.No | Question | Options | Answer |
|---|---|---|---|
| 1 | यीस्ट में कैसे जनन होता है? | A) कटिंग B) ग्राफ्टिंग C) अंकुरण D) विखंडन | C |
| 2 | अमीबा में जनन कौन-सी प्रक्रिया से? | A) द्विखंडन B) स्पोर निर्माण C) अंकुरण D) परागण | A |
| 3 | डिंब का निषेचन कहाँ होता है? | A) गर्भाशय B) फैलोपियन ट्यूब C) योनि D) अंडाशय | B |
| 4 | शुक्राणु कहाँ बनते हैं? | A) गर्भाशय B) अंडाशय C) वृषण D) पिट्यूटरी | C |
| 5 | लैंगिक जनन में क्या आवश्यक है? | A) एक जनक B) दो जनक C) स्पोर निर्माण D) कटिंग | B |
💠 Assertion – Reason Questions (CBSE Pattern)
Format: नीचे दिए गए प्रश्नों में कथन (Assertion) और कारण (Reason) दिए गए हैं। सही विकल्प चुनिए:
A — दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है।
B — दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
C — A सही है लेकिन R गलत है।
D — A गलत है लेकिन R सही है।
- A: लैंगिक जनन आनुवंशिक विविधता पैदा करता है।
R: लैंगिक जनन में युग्मकों का संलयन होता है। - A: यीस्ट द्विखंडन द्वारा जनन करता है।
R: यीस्ट एक एककोशीय जीव है। - A: मानव में भ्रूण का विकास गर्भाशय में होता है।
R: गर्भाशय पोषण प्रदान करता है।
1 — A
2 — C
3 — A
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