राजस्थान सिविल सेवा पेंशन नियम 1996 – सम्पूर्ण गाइड | व्याख्या, प्रश्नोत्तरी और PDF डाउनलोड
📘 राजस्थान सिविल सेवा पेंशन नियम 1996 – सम्पूर्ण गाइड
राजस्थान सरकार द्वारा अधिसूचित राजस्थान सिविल सेवा पेंशन नियम 1996 सरकारी सेवाओं से सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए पेंशन, पारिवारिक पेंशन, उपदान, एवं सेवा गणना से जुड़े महत्वपूर्ण प्रावधानों को स्पष्ट करता है।
यह लेख न केवल इन नियमों की स्पष्ट व्याख्या करता है, बल्कि इसके अंतर्गत आने वाले प्रश्नोत्तरी (MCQs), PDF डाउनलोड, एवं आगामी RPSC/UPSC परीक्षाओं हेतु उपयोगी तथ्यों को भी संजोए हुए है।
यदि आप राज्य सेवा, शिक्षा विभाग, कार्मिक विभाग या अन्य विभागों में कार्यरत हैं या प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो यह गाइड आपके लिए अनिवार्य है।
🔹 1. प्रभावी :
ये नियम 1.10.1996 के प्रभावी होंगे। (नियम 1) नियम लागू नहीं होंगे। FD 15 (7) rules /97 (Pension)-1/04 Date: 14.01.2004
🔹 2. पेंशन प्राप्त होने की विधि :
कर्मचारी के सेवानिवृत्त होने, मृत्यु होने, सेवायोग्य होने या त्यागपत्र देने के समय प्रभावी नियमों के अनुसार पेंशन या पारिवारिक पेंशन देय होगी। अधिकारी級ों पर सेवानिवृत्त होने पर सेवानिवृत्ति के दिन कार्य दिवस गणना होगी, मृत्यु के दिन को कार्य दिवस माना जायेगा। किन्तु स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति एवं अनिवार्य सेवानिवृत्ति में सेवानिवृत्ति का दिन अलग से गणना किया जायेगा। (नियम 4)
🔹 3. साधारण पेंशन हेतु आवेदन :
प्रदेश में पेंशन स्वीकृति एवं निवृत्ति के लिए साधारणतः एक नियत रात्री किन्हीं प्रकरणों हेतु आरक्षित की जायेगी एवं पेंशन अधिकारी द्वारा, या कार्यालय से आवेदन लिया जायेगा। (नियम 6)
लघुवृत्त की स्पष्ट प्रक्रिया तथा पेंशन स्वीकृति का प्रावधान नहीं रहेगा। नियम 6 यह सरकार निर्णय करेगा।
🔹 4. पेंशन योग्य सेवा :
- 4.1 योग्य सेवा का प्रारंभ : क्षतिपूर्ति ग्रेच्युटी को छोड़कर 18 वर्ष की आयु से पूर्व की सेवा को सेवा पेंशन हेतु नहीं माना जायेगा, योग्य सेवा का पता लेने की तिथि से प्रारंभ होगी।
- 4.2 सरकार किसी भी सेवा को योग्य सेवा घोषित कर सकती है। (नियम 14)
- 4.3 अस्थायी सेवा पेंशन योग्य सेवा नहीं मानी जायेगी (नियम 15)
- 4.4 प्रोबेशनर के रूप में या प्रारंभिक सेवाएं नियमित सेवा ना मानी जायेगी। कार्यभार ग्रहण की तिथि से नियमित रूप से सेवाकाल की गणना होगी।
F.1(12)/FD/Rules/9622/89 Dated : 6-3-97 - 4.5 अवकाश पर वितरित गया समय : सभी प्रकार के अवकाशकाल यदि वेतन भुगतान किया गया है तो सेवा में माना होगा। किन्तु अनधिकृत अवकाश जो निलंबनकाल के कारण हो, वो सेवा योग्य सेवा में शामिल नहीं होगा।
- (1) अधिकृत चिकित्सा परिषद द्वारा दिये गये चिकित्सा प्रमाण पत्र के आधार पर
- (2) उच्चतर वैज्ञानिकी एवं तकनीकी अध्ययन हेतु
- (3) ग्राह्यत: आपातकालीन नागरिक अशांति के कारण की गई प्रवृत्त / पूर्वीय पेंशन प्राप्त योग्य सेवा में माना जायेगा। (नियम 20)
- 4.6 FG-15 (7) FD/Rules / 97 / 4 / 02 / pension dated 28.10.2002
निलंबन अवधि : निलंबन अवधि को योग्य सेवा में माना जायेगा यदि जांच के आदेशों में अनुशासनिक अधिकारी ने स्पष्टतया से निलंबन अवधि को योग्यता मानते हुए उसे सेवा योग्य घोषित किया हो।
📌 स्रोत: राजस्थान सिविल सेवा पेंशन नियमावली PDF, पृष्ठ संख्या 52
📘 पेंशन का प्रकार:
- 5.1 अधिवर्षिकता पेंशन: राजस्थान सेवा नियमों के नियम 56 (अ) के अनुसार अधिवर्षिकता आयु प्राप्त करने पर देय है। वर्तमान में अधिवर्षिकता आयु सुपरियर सेवाओं एवं च.श्रे.सेवा (स्कूल संख्या 1-2) के लिए 60 वर्ष है।
- 5.2 निवृत्ति पेंशन: जब राज्य कर्मचारी द्वारा सेवा नियमों के नियम 50 (1) के अंतर्गत 15 वर्षों की योग्य सेवा पूर्ण कर स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली जाती है तथा सेवा नियम 53 (1) के अनुसार 50 वर्ष की आयु (जो भी पहले हो) पूर्ण करने पर अनिवार्य सेवानिवृत्ति लिया जाता है, तो उसे निवृत्ति पेंशन देय होगी।
- 5.3 चिकित्सकीय पेंशन: राज्य कर्मचारी सेवा नियमों के नियम 35 के अंतर्गत राज्य सरकार के चिकित्सा प्रमाण पत्र अथवा होस्पिटल से चिकित्सा कारणों सहित अनिवार्य सेवानिवृत्तियों के लिए राज्य सरकार की अनुमति से चिकित्सा प्रमाण पत्र आधारित सेवा समाप्ति की परिस्थितियों में यह पेंशन देय है।
- 5.4 क्षतिपूर्ति पेंशन: सेवा नियमों के नियम 35 के अनुसार किसी पद को समाप्त किए जाने पर किसी राज्य कर्मचारी को पद मुक्त किए जाने पर यह पेंशन देय होती है।
- 5.5 अंतिम सेवानिवृत्ति पेंशन: सेवा नियमों के नियम 42 के अंतर्गत दंड स्वरूप अनिवार्य सेवानिवृत्ति किए जाने पर यह पेंशन देय होती है, यह सामान्यतः 2/3 पेंशन से कम नहीं होती है और राजस्थान पेंशन नियमों के नियम 38 के अनुसार क्षतिपूर्ति पेंशन से अधिक नहीं हो सकती। ऐसे मामलों में स्वीकृत न्यूनतम पेंशन से कम देय नहीं होगी। (नियम 42)
- 5.6 अस्थायी भत्ता: यदि कोई कर्मचारी पेंशन के लिए अर्ह नहीं होता या खारिज कर दिया जाता है तो उसे नियमों के अनुसार न्यूनतम अंशदायी पेंशन भत्ता देय हो सकता है। यह अनिवार्य सेवा के रूप में मान्य होता है। 2008 में जारी पेंशन संशोधन के अनुसार यह 1275/- न्यूनतम पेंशन या 2/3 पेंशन से अधिक नहीं होगी, जो भी कम हो।
📌 *राज्य पेंशन आदेश संख्या 3025 के अनुसार देय।* - 5.7 (1) स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति: कोई भी कर्मचारी जो सेवा पूर्ण करके 15 वर्ष सेवा करने के पश्चात 3 माह पूर्व नोटिस देकर स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले सकता है। (नियम 50)
📝 आदेश संख्या: क्रमांक एफ 15 (24) कृषि/पु-2/85GSR/Dated 21.11.01
📄 स्रोत: राजस्थान सिविल सेवा पेंशन नियमावली | पृष्ठ: 53
📘 5.7 (2) सेवा निवृत्ति संबंधी विशेष प्रावधान:
- इस नियम के अंतर्गत सेवानिवृत्त होने पर 5 वर्षों का लाभ: कर्मचारी की पेंशन योग्य सेवा में निम्न प्रकार 5 वर्ष तक की सेवा का लाभ नियमों द्वारा देय होगा:
- (अ) पेंशन योग्य सेवा 33 वर्ष से अधिक नहीं मानी जाएगी।
- (ब) 5 वर्षों का लाभ अधिकतम सेवानिवृत्ति तिथि के बाद की अवधि में नहीं जोड़ा जाएगा।
- (स) 5 वर्षों में सेवा प्राप्त आयु की बढ़ोतरी के कोई वेतन वृद्धि अथवा लाभ नहीं मिलेंगे।
📌 उपरोक्त प्रावधानों के अनुसार अंतिम वेतन पर आधारित पेंशन गणना होगी।
📘 5.7 (3) स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति से संबंधित अन्य निर्देश:
- (क) स्वीकृत तिथि का प्रभाव: यदि सेवानिवृत्ति के लिए 3 माह की पूर्व सूचना नहीं दी जाती है, तो नियुक्ति अधिकारी के स्वीकृति आदेश की तिथि से प्रभावी मानी जाएगी।
- (ख) राजपत्रित अधिकारियों के लिए प्रशासनिक विभाग द्वारा, अराजपत्रित कर्मचारियों के लिए विभागाध्यक्ष द्वारा आदेश आवश्यक।
- (ग) 3 माह की सेवा अवधि में चिकित्सा प्रमाणपत्र स्वीकार नहीं किया जाएगा।
📌 स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति हेतु नोटिस की अवधि से पूर्व नियुक्ति लेने के लिए अनुमति आवश्यक होगी।
🔹 आदेश: एफ.13 (7)/एफडी/रूल्स/2006 (12/09) दिनांक 26.10.2009
📘 5.8 विभागीय जांच / जांच की स्थिति में:
यदि कर्मचारी के विरुद्ध विभागीय जांच लंबित है तो स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति स्वीकार नहीं की जाएगी। आदेश संख्या: पं.9(2)(1) कार्मिक/76-3/2000 दिनांक: 2.3.2000
📘 5.9 अंतिम सेवानिवृत्ति एवं स्वैच्छिक सेवा निवृत्ति की गणना:
आदेश संख्या: F15(1)/FD/Rules/97 दिनांक: 5.8.2000
📘 6. परिलाभियों की गणना
🧮 6.1 परिलाभियां:
- राजस्थान सेवा नियमों के नियम 7(24) में दी गई परिभाषा के अनुसार 1.9.96 से मूल वेतन में ग्रेड पे भी शामिल है। अंतिम वेतन अवकाश हेतु 10 माह का औसत वेतन ही पेंशन हेतु मान्य होगा।
- विशेष वेतन: दोहरे कार्य भार को छोड़कर प्राप्त विशेष वेतन केवल प्रतिनिधि भत्ता माना जाएगा। यदि कार्यभार नियमित है तो 10 माह के औसत वेतन में जोड़ा जाएगा।
- महंगाई भत्ता: वित्त विभाग के आदेश संख्या एफ.15(3)/एफडी/रूल्स/97 दिनांक 21.03.98 के अनुसार महंगाई भत्ता पेंशन लाभों हेतु मान्य नहीं होगा।
- सेवा अवधि: राज्य कर्मचारी के सेवा नियमों के अनुसार यदि कर्मचारी की सेवा 6 माह से अधिक है तो 1 वर्ष की सेवा मानी जाएगी, अन्यथा 1/2 वर्ष की सेवा का ही पेंशन लाभ देय होगा। (नियम 54(1))
📄 स्रोत: राजस्थान सिविल सेवा पेंशन नियमावली | पृष्ठ: 54
📘 6.2 पेंशन की राशियाँ:
(1) पूर्ण पेंशन:
पूर्ण पेंशन उन कर्मचारियों को देय है जो 28 वर्ष की पेंशन योग्य सेवा पूर्ण कर सेवानिवृत्त होता है। पेंशन की राशि वेतन का 50 प्रतिशत के हिसाब से गणना की जाती है। किंतु दिनांक 1.7.13 से न्यूनतम पेंशन 3450/- प्रति माह देय है।
🔸 आ. दिनांक 6.4.13 (रेलवे बोर्ड नंबर, 13 पुस्तक)
(अ) पेंशन की गणना हेतु विशेष वेतन भी 1.6.09 से सम्मिलित किया गया है – नियम 12(3) एफडी/रूल्स/2008/पेंशन/09 दिनांक 23.7.09
(2) अनुपूरक वेतन:
यदि किसी कर्मचारी की सेवा 28 वर्ष से कम है किंतु 10 वर्ष से अधिक है तो पेंशन योग्य सेवा की अवधि के अनुसार 28 वर्ष के अनुपात के हिसाब से गणना होगी।
यदि 10 वर्ष की सेवा पूर्ण नहीं होने पर पेंशन भुगतान का स्पष्टीकरण –
F15(1) FD/Rules-97 Dated : 23.03.2007
📌 उदाहरण: यदि किसी कर्मचारी को वेतन व ग्रेड ₹20000/- प्रति माह है और उसने 20 वर्षों की सेवा की है, तो उसकी गणना निम्नानुसार होगी:
20000 × 20 / 28
(3) 80 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनर्स / फैमिली पेंशनर्स को पेंशन में वृद्धि:
| पेंशनर की आयु | पेंशन में अभिवृद्धि (मूल पेंशन का) |
|---|---|
| 80 वर्ष की आयु पर | 20 प्रतिशत |
| 85 वर्ष की आयु पर | 30 प्रतिशत |
| 90 वर्ष की आयु पर | 40 प्रतिशत |
| 95 वर्ष की आयु पर | 50 प्रतिशत |
| 100 वर्ष की आयु पर | 100 प्रतिशत |
(4) 80 वर्ष से अधिक के पेंशनर्स को अतिरिक्त पेंशन पर भी महंगाई राहत देय होगी:
🔸 आदेश: F12(3) FD/Rules ©2008 (Pension 6/09) Dated : 27-02-2009
(5) परिवार पेंशन प्राप्त करने वाले पेंशनर्स को अनिवार्य पेंशन प्राप्त करने हेतु आवश्यक दस्तावेज़ अपेक्षित:
🔸 आदेश: F12(3) FD/Rules ©2008 (Pension 8/09) Dated : 30-06-2009
(6) पेंशनर्स / फैमिली पेंशनर्स जिन्हें पेंशन प्राप्त होने के पश्चात 80 वर्ष की आयु पूर्व प्रमाणित नहीं किया गया हो:
उन्हें लाभ देय नहीं होगा जब तक आयु का प्रमाण पत्र नहीं प्रस्तुत किया जाए।
🔸 आदेश: F12(3) FD/Rules ©2008 (Pension 3/11) Dated : 15-04-2011
(7) छठे वेतनमान के अनुसार:
- 1.9.06 से पेंशन का निर्धारण निम्न प्रकार किया गया:
- 📌 मूल वेतन
- 📌 50 प्रतिशत राशि
📄 स्रोत: राजस्थान सिविल सेवा पेंशन नियमावली | पृष्ठ: 55
📘 अन्य महत्त्वपूर्ण दरें एवं प्रावधान:
- ➤ 24 प्रतिशत डीए (मूल पेंशन + 50 प्रतिशत डीपी पर)
- ➤ फिक्स्ड 40 प्रतिशत मूल पेंशन पर
- ➤ योग (I to IV) अर्थात मूल पेंशन / फैमिली पेंशन का 2.26 गुणा करने के बजाय संशोधित पेंशन होगी।
- ➤ 1.1.07 से 31.08.08 तक एरियर 2 किस्तों में देय रहेगा। 50 प्रतिशत डीए 2008-09 में तथा शेष 50% में तथा सितंबर 2009–10वीं किस्त देय होगी। आदेश: नियम 12(3) एफडी/रूल्स/2008/पेंशन/09 दिनांक 12.09.08
(8) छठे वेतनमान में वेतन निर्धारण नहीं होने की दशा में पेंशनरों को 24 प्रतिशत महंगाई राहत जोड़कर, पेंशन संशोधित की जाएगी। आदेश: आ.क्र. 27.8.13 (रे.वि.मई 2014 पृष्ठ 1)
(9) अनवकाशित की गणना: 3 माह इससे अधिक की सेवा अवधि को पूर्ण इकाई मानी जाएगी। नियम 54(3)
💰 पैसे का रूपये में परिवर्तन: यदि उपादान गणना के समय 50 पैसे से कम राशि आती है तो उसे घटा दिया जाएगा और 50 पैसे या अधिक आने पर उसे एक रूपया मान लिया जाएगा। लेकिन पेंशन की गणना एवं पैसे भी सम्मिलित रहेंगे। चाहे ऐसी राशि को कोई अर्थ न हो। नियम 54(4)
📌 6.3 पेंशन का भुगतान पद्धति:
🔹 अंतिम वेतन: पूर्ण की गई 6 माह की संख्या × रूपये प्रतिमाह
🔹 अधिकतम 56 दर्शायी होगी
📌 6.4 प्रोविजनल पेंशन:
सभी प्रकारों में प्रोविजनल पेंशन की राशि के समतुल्य देयता होती है। नियम 86 के अंतर्गत कार्यालयाध्यक्ष सामान्य प्रकरणों में प्रोविजनल पेंशन स्वीकृत कर सकते हैं। यदि प्रकरणों में विभागीय जांच / विचाराधीन है उनमें नियम 90 के अंतर्गत विभागीय अधिकारी प्रोविजनल पेंशन स्वीकृत कर सकते हैं।
प्रोविजनल पेंशन का भुगतान निदेशक पेंशन द्वारा पी.पी.ओ. की आधार पर किया जाएगा।
🧾 7. उपादान:
📍 7.1:
एक राज्य कर्मचारी जो 5 वर्ष की न्यूनतम सेवायोग्य करता है और नियम 56 के अनुसार सेवा समाप्ति उपरांत या पेंशन प्राप्त करने के योग्य होता है, उसे सेवानिवृत्ति पर प्रकरण 6 माह के लिए सेवावधि की 1/4 के समतुल्य सेवानिवृत्ति उपादान मिलेगा। जो कि 16.5 माह की अधिकतम सीमा से अधिक नहीं होगी।
👉 नियम 55 (1)(अ)
📍 7.2 सेवा में रहते हुए मृत्यु होने पर मृत्यु उपादान:
| सेवा अवधि | मृत्यु उपादान की दर |
|---|---|
| 1 वर्ष से कम सेवा पर | 2 माह का वेतन |
| 1 वर्ष से अधिक किंतु 5 वर्ष से कम | 6 माह का वेतन |
| 5 वर्ष से अधिक किंतु 20 वर्ष से कम | 12 माह का वेतन |
| 20 वर्ष से अधिक सेवा पर | उपदान पूर्ण की गई |
📄 स्रोत: राजस्थान सिविल सेवा पेंशन नियमावली | पृष्ठ: 56
📘 7.3–7.6 उपादान सम्बन्धी नियमावली:
- 📌 7.3: सेवानिवृत्त उपादान या मृत्यु पश्चात सेवा उपादान की राशि ₹2.50 लाख से अधिक नहीं होगी।
1.1.1997 से ₹3.50 लाख तथा 1.1.2007 से ₹10.00 लाख अधिकतम सीमा होगी।
➤ नियम 55 (1)(क) - 📌 7.4: रेडियोग्राफर ग्रेड–II यदि पेंशन हेतु सेवानिवृत्त होने के 5 वर्ष में मृत्यु हो जाती है तो सेवावधि उपादान एवं पेंशन नहीं मिलेगा यदि 12 माह की परिलाभितियों से कम हो तो अंतर की राशि रेडियोग्राफी बोनस के रूप में स्वीकृत की जाएगी।
- 📌 7.5: उपादान हेतु परिवार की परिभाषा:
राजस्थान पेंशन नियमों के नियम 56, 58, 59 के अनुसार राज्य कर्मचारियों के परिवार में निम्न शामिल होंगे:
✅ पात्र सदस्य:
- ➤ मुख्य कर्मचारी की वैध पत्नी एवं विधिवत रूप से अपनाई गई पत्नी।
- ➤ मृत राज्य कर्मचारी यदि स्त्री हो तो उसका पति जिसे कानूनी रूप से अलग नहीं किया गया हो।
- ➤ 1 से 3 वर्ष तक के सभी पुत्र शामिल होंगे।
- ➤ 18 वर्ष से कम आयु के पुत्र शामिल होंगे।
- ➤ विधवा पुत्रियाँ जो निर्भर हों।
- ➤ विकलांग पुत्रियाँ
- ➤ पूर्व मृतक पुत्र की संतान
🧾 7.6: उपादान का भुगतान:
मूल कर्मचारी द्वारा मनोनीत व्यक्ति को
👉 यदि मनोनीत नहीं किया गया हो तो उत्तराधिकार परिवार को परिभाषा में सम्मिलित क्रमांक 1 से 4 के सदस्यों को बराबर बाँटी जाएगी। नियम 56 (1)(अ)(घ)
👉 पेंशन को अगले भुगतान भी इसी अनुसार होगा।
स्रोत: F14(6) कार्मिक/अ–III/87 दिनांक: 15-7-2001
📌 अंधों व विकलांग कर्मचारियों को विशेष भत्ता:
| लागू तिथि | प्रावधान |
|---|---|
| 1.1.2009 से | मूल वेतन का 3 प्रतिशत (अधिकतम ₹300 प्रतिमाह) |
| 1.4.2012 से | मूल वेतन का 6 प्रतिशत आदेश क्रमांक: आ.क्र. 25.4.12 |
📝 Rajasthan Pension Rules 1996 – Practice MCQ | परीक्षा उपयोगी प्रश्नोत्तर
- राजस्थान सिविल सेवा पेंशन नियम 1996 किस तिथि से प्रभावी हुआ?
🔘 1 अक्टूबर 1996 - नियम 1 के अनुसार यह नियम किस पर लागू नहीं होंगे?
🔘 FD 15(7)/97(Pension)-1/04 Date: 14.01.2004 - सेवानिवृत्ति की तिथि क्या मानी जाती है?
🔘 जिस दिन कर्मचारी सेवा पूर्ण करता है - मृत्यु की स्थिति में पेंशन कब से देय होगी?
🔘 मृत्यु की तिथि के अगले दिन से - पारिवारिक पेंशन के लिए मृतक कर्मचारी को न्यूनतम कितनी सेवा होनी चाहिए?
🔘 1 वर्ष - सेवा के 15, 18, और 27 वर्ष पूर्ण होने पर किस योजना का लाभ मिलता है?
🔘 ACP या MACP योजना - प्रोबेशनर के रूप में की गई सेवा क्या पेंशन के लिए योग्यता मानी जाती है?
🔘 हां, यदि नियमित रूप से नियुक्त हुआ हो - कौन-सी सेवा पेंशन हेतु नहीं मानी जाती?
🔘 विशुद्ध रूप से दैनिक वेतन आधार पर की गई सेवा - पेंशन की गणना हेतु न्यूनतम सेवा कितनी होनी चाहिए?
🔘 10 वर्ष - पेंशन के लिए अधिकतम मान्य सेवा कितनी होती है?
🔘 33 वर्ष - पूर्ण पेंशन कितने प्रतिशत वेतन पर आधारित होती है?
🔘 50% - अधिकतम पेंशन ₹3450 से कम नहीं होगी, यह कब से लागू है?
🔘 1.7.13 से - अधिवर्षिता की पेंशन हेतु आयु क्या होती है?
🔘 60 वर्ष - सेवानिवृत्ति की आयु किन सेवाओं में 58 वर्ष है?
🔘 राजस्थान शिक्षा सेवा - पेंशन अनुमोदन की प्रक्रिया कौन करता है?
🔘 वित्त विभाग / निदेशालय - अंतिम वेतन किस तिथि का माना जाएगा?
🔘 सेवानिवृत्ति की तिथि का - पेंशन की न्यूनतम देय राशि क्या है?
🔘 ₹1275 या 2/3 स्वीकृत पेंशन में जो अधिक हो - यदि कर्मचारी की मृत्यु सेवा में हो तो कितने महीने का उपदान देय होगा?
🔘 12 माह - सेवा के 1 वर्ष से कम सेवा पर मृत्यु उपदान की राशि क्या होती है?
🔘 2 माह का वेतन - सेवा में मृत्यु होने पर उपदान की गणना कौन करता है?
🔘 नोडल अधिकारी - 80 वर्ष की आयु पर कितनी पेंशन वृद्धि होती है?
🔘 20% - 100 वर्ष की आयु पर कितनी अतिरिक्त पेंशन देय होती है?
🔘 100% - विकलांग कर्मचारी को अतिरिक्त भत्ता कब से देय है?
🔘 1.1.09 से – ₹300 प्रतिमाह - न्यूनतम पूर्ण पेंशन की परिभाषा क्या है?
🔘 28 वर्ष की सेवा पर वेतन का 50% - स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए कितने माह पूर्व सूचना आवश्यक है?
🔘 3 माह
🏛️ Rajasthan Pension Rules & Portal — Complete Guide Hub
यह लेख Rajasthan Civil Service Pension Rules से संबंधित व्यापक श्रृंखला का हिस्सा है। नीचे दिए गए सभी लेख पढ़कर आप Pension Rules, PPO, Family Pension, Commutation, Pension Portal और अन्य प्रक्रियाओं को पूरी तरह समझ सकते हैं।
- Rajasthan Civil Service Pension Rules 1996 — Complete Guide
- Types of Pension under Rajasthan Civil Service Rules
- Rajasthan Civil Pension Calculation Method
- Rajasthan Family Pension Rules 1996 Guide
- Pension Commutation Rules Rajasthan
- Rule 80–81 Retirement Pension Procedure
- Pension Investigation & Benefit Rules
- Pension Slip & Form 16 Download Process
- Life Certificate Rules for Pensioners
- Rajasthan Pension Forms & Updates
- Rajasthan Pension Portal — PPO Download Guide
- PPO Correction Process (Name / DOB Change)
- PPO Name Change after Remarriage
- RSR Rule 67 — Rajasthan Pension Rules
- Rajasthan Pension Department Meeting 2026
- NPS Withdrawal Rules Amendment 2025
यह श्रृंखला Rajasthan Pension Rules, PPO Process, Family Pension, Commutation और Pension Portal से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करती है।








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