राजस्थान विद्यालय पोर्टल गाइड | संस्था प्रधान को कौन-से पोर्टल चलाने हैं

📅 शुक्रवार, 24 जुलाई 2026 📖 पूरा लेख

राजस्थान के एक राजकीय विद्यालय के संस्था प्रधान को आज एक नहीं, दर्जन भर से अधिक सरकारी पोर्टलों पर काम करना पड़ता है। हर पोर्टल का अपना लॉगिन, अपनी समय-सीमा और अपना उत्तरदायी अनुभाग है। किसी एक पर चूक हो जाए तो विद्यालय की रैंकिंग, अनुदान या कार्मिकों का वेतन तक प्रभावित हो सकता है।

यह पृष्ठ उन सभी पोर्टलों का एक ही जगह नक्शा है — कौन सा पोर्टल किस काम का है, उस पर लॉगिन किसके पास होना चाहिए, कब उसका काम आता है, और समस्या आने पर किससे संपर्क करें। इसे एक बार बुकमार्क कर लीजिए; पूरे सत्र यही एक पृष्ठ काम आएगा।

यह पृष्ठ किसके लिए है:
संस्था प्रधान, PEEO/UCEEO, कार्यालय कार्मिक तथा वे शिक्षक जिन्हें विद्यालय का डिजिटल कार्य सौंपा गया है। प्रत्येक पोर्टल के आगे उसकी विस्तृत गाइड का लिंक भी दिया गया है।
राजस्थान विद्यालय — डिजिटल पोर्टल तंत्र
एक नज़र में
केंद्रीय पोर्टल (विद्यालय)एकीकृत शाला दर्पण
राष्ट्रीय आँकड़ा प्रणालीUDISE+
विद्यार्थी पहचानAPAAR ID / PEN
शिक्षक प्रशिक्षणदीक्षा (DIKSHA)
निगरानी एवं डैशबोर्डविद्या समीक्षा केंद्र (VSK)
निजी विद्यालयपृथक निजी विद्यालय पोर्टल
उप-पोर्टल20 से अधिक (छात्रवृत्ति, खेल, निर्माण, इंटर्नशिप आदि)

1. पोर्टल तंत्र का नक्शा

राजस्थान की स्कूली शिक्षा का डिजिटल तंत्र तीन परतों में बँटा है। यह समझ लेने पर आधी उलझन वहीं खत्म हो जाती है।

राजस्थान विद्यालय — पोर्टल तंत्र की तीन परतें परत 1 — राष्ट्रीय स्तर (भारत सरकार) UDISE+ विद्यालय-विद्यार्थी आँकड़े APAAR / PEN विद्यार्थी पहचान दीक्षा शिक्षक प्रशिक्षण VSK डेटा डैशबोर्ड परत 2 — राज्य स्तर (राजस्थान) एकीकृत शाला दर्पण मुख्य आधार — 20+ उप-पोर्टल समग्र शिक्षा अनुदान एवं योजना ज्ञान संकल्प जनसहभागिता / CSR निजी विद्यालय पृथक पोर्टल परत 3 — विद्यालय स्तर (आपका काम) School / Office Login  •  Staff Window  •  PEEO / UCEEO Login  •  शिक्षक ऐप  •  शाला सम्बलन ऐप यहीं से ऊपर की दोनों परतों में डेटा जाता है — इसलिए विद्यालय स्तर की एक चूक पूरे तंत्र में दिखती है
मूल बात: डेटा नीचे से ऊपर जाता है। विद्यालय स्तर पर जो प्रविष्ट होगा, वही शाला दर्पण से होते हुए UDISE+ और VSK तक पहुँचेगा। इसीलिए एक ही जानकारी दो पोर्टलों पर अलग-अलग दर्ज करने से मिसमैच की समस्याएँ पैदा होती हैं — जैसे IFMS और शाला दर्पण में पद का अंतर।

2. शाला दर्पण एवं उसका परिवार

एकीकृत शाला दर्पण राजस्थान की स्कूली शिक्षा का केंद्रीय आधार है। इसे राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद् के लिए NIC राजस्थान ने विकसित किया है। इसके नीचे बीस से अधिक विशिष्ट उप-पोर्टल जुड़े हैं।[1]

पोर्टल / मॉड्यूल किस काम का विस्तृत गाइड
मुख्य लॉगिन
School / Office Loginविद्यालय प्रोफाइल, नामांकन, प्रपत्र, रिपोर्टसंपूर्ण गाइड — प्रपत्र PDF सहित
Staff Windowव्यक्तिगत विवरण, अवकाश, स्थानांतरण, ACPप्रोफ़ाइल अपडेटसर्विस बुक
PEEO / UCEEO Loginअधीनस्थ विद्यालयों की निगरानी, हेल्प डेस्क टोकनPEEO कर्तव्य एवं दायित्व
Citizen Windowविद्यालय खोज, परिणाम — लॉगिन नहीं चाहिएलॉगिन एवं सेवाएँ
विद्यार्थी एवं परीक्षा
शाला संवादविद्यार्थी-केंद्रित सेवाएँ
कक्षा 5वीं/8वीं परीक्षापंजीकरण एवं परिणाम
MGGS प्रवेशमहात्मा गांधी राजकीय विद्यालयों में प्रवेश
NMMSसाधन-सह-मेधा छात्रवृत्ति परीक्षा
डिजिटल प्रवेशोत्सवहाउसहोल्ड सर्वे एवं नामांकन अभियानप्रवेशोत्सव सघन अभियान 2026-27
कल्याण एवं वितरण
छात्रवृत्ति एवं DBTछात्रवृत्ति, यूनिफॉर्म DBT, पालनहार
नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकपुस्तक माँग एवं वितरण
ज्ञान संकल्पविद्यालय हेतु दान एवं CSR
गुणवत्ता एवं प्रशासन
समग्र शिक्षाकेंद्रीय छत्र-योजना — अनुदान एवं निर्माणसमग्र शिक्षा गाइड
मिशन बुनियादआधारभूत दक्षता कार्यक्रम
निर्माणविद्यालय निर्माण कार्यों की निगरानीउपयोगिता प्रमाण-पत्र
इंटर्नशिपबी.एड./डी.एल.एड. प्रशिक्षणार्थी आवंटन
खेल पोर्टलविद्यालयी खेल प्रतियोगिताएँ
ELCनिर्वाचन साक्षरता क्लब
संस्कृत शिक्षासंस्कृत शिक्षा विभाग का पृथक खंड
निजी विद्यालय पोर्टलनिजी विद्यालयों के लिए पृथक व्यवस्थाशाला दर्पण मुखपृष्ठ से लिंक
ध्यान दें: निजी विद्यालय शाला दर्पण के दायरे में नहीं आते। उनके लिए शिक्षा विभाग का पृथक पोर्टल है, जिसका लिंक शाला दर्पण मुखपृष्ठ पर ही दिया गया है।[1]

3. राष्ट्रीय पोर्टल — UDISE+, APAAR, दीक्षा

ये तीनों भारत सरकार के पोर्टल हैं, पर काम विद्यालय स्तर पर ही होता है। इनकी अपनी समय-सीमाएँ चलती हैं जो शाला दर्पण से अलग होती हैं — यही सबसे बड़ी उलझन का कारण है।

पोर्टल विद्यालय को क्या करना है विस्तृत गाइड
UDISE+विद्यालय प्रोफाइल, शिक्षक प्रोफाइल, विद्यार्थी प्रोफाइल एवं Student Progression — प्रतिवर्ष कैलेंडर के अनुसारUDISE+ 2026-27 कैलेंडर आदेश
APAAR / PENप्रत्येक विद्यार्थी की स्थायी शैक्षणिक आईडी — आधार सत्यापन एवं अभिभावकीय सहमति/असहमति पत्रAPAAR ID राजस्थान — आदेश एवं सहमति पत्र
दीक्षा (DIKSHA)शिक्षकों का ऑनलाइन प्रशिक्षण एवं पाठ्य-सामग्रीविभागीय परिपत्र के अनुसार निर्धारित घंटे
सबसे आम गलती: यह मान लेना कि शाला दर्पण पर प्रविष्टि करने से UDISE+ अपने-आप भर जाएगा। दोनों अलग प्रणालियाँ हैं और दोनों पर अलग-अलग कार्य करना पड़ता है। शाला दर्पण मुखपृष्ठ पर भी UDISE+ का कार्य पूर्ण करने संबंधी अलग सूचना प्रदर्शित होती है।[1]

4. निगरानी — विद्या समीक्षा केंद्र (VSK)

विद्या समीक्षा केंद्र एक डेटा-आधारित निगरानी तंत्र है जो विद्यार्थी नामांकन, उपस्थिति, शैक्षणिक प्रदर्शन एवं शिक्षक प्रशिक्षण जैसे आँकड़ों को एकत्र कर उनका विश्लेषण करता है, ताकि प्रशासक विद्यालयी शिक्षा की प्रगति की प्रभावी निगरानी कर सकें। यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के डेटा-आधारित निर्णय के दृष्टिकोण के अनुरूप है।[2]

राजस्थान का अपना VSK डैशबोर्ड शाला दर्पण मुखपृष्ठ से जुड़ा हुआ है।[1]

विद्यालय स्तर पर इसका क्या अर्थ है?
VSK में आपको अलग से कुछ नहीं भरना पड़ता — यह वही डेटा दिखाता है जो आपने शाला दर्पण और UDISE+ पर दर्ज किया है। यही कारण है कि उपस्थिति या नामांकन की प्रविष्टि में लापरवाही सीधे जिला एवं राज्य स्तर के डैशबोर्ड पर दिखने लगती है। जिला रैंकिंग पैरामीटर में भी इन्हीं आँकड़ों का उपयोग होता है।

5. कौन सा लॉगिन किसके पास हो

यह प्रश्न व्यवहार में सबसे अधिक समस्या पैदा करता है — विशेषकर संस्था प्रधान के स्थानांतरण के समय। नीचे स्पष्ट विभाजन दिया गया है।

लॉगिन किसके पास स्थानांतरण पर क्या करें
School / Office Loginसंस्था प्रधान (पद के साथ जुड़ा)कार्यभार हस्तांतरण के साथ पासवर्ड भी बदलवाएँ
Staff Windowप्रत्येक कार्मिक — व्यक्तिगतयह व्यक्ति के साथ जाता है, विद्यालय के साथ नहीं
PEEO / UCEEOपदेन — संस्था प्रधान को दायित्वनए PEEO को मैपिंग एवं लॉगिन दोनों अद्यतन कराने होंगे
UDISE+विद्यालय (पद के साथ जुड़ा)चार्ज के साथ सौंपें — भूल जाने पर कैलेंडर की तिथि निकल जाती है
दीक्षाप्रत्येक शिक्षक — व्यक्तिगतव्यक्ति के साथ जाता है
स्थानांतरण के समय सबसे बड़ी चूक: केवल रजिस्टर और चाबियाँ सौंप देना, और डिजिटल लॉगिन का हस्तांतरण भूल जाना। बाद में नए संस्था प्रधान को पता चलता है कि UDISE+ का पासवर्ड किसी को मालूम नहीं और तिथि निकल चुकी है। कार्यभार हस्तांतरण की विधिवत प्रक्रिया हेतु देखें: राजस्थान शिक्षा विभाग कार्यभार नियम

6. सत्र भर का समय-सीमा कैलेंडर

अलग-अलग पोर्टलों की समय-सीमाएँ अलग-अलग महीनों में आती हैं। मोटा क्रम यह रहता है — सटीक तिथियाँ प्रत्येक वर्ष विभागीय आदेश एवं शिविरा पंचांग से तय होती हैं।

कौन सा पोर्टल कब — मोटा क्रम सत्र आरंभ प्रवेशोत्सव सर्वे नामांकन, पाठ्यपुस्तक शाला दर्पण प्रथम तिमाही UDISE+ प्रोफाइल APAAR / PEN UDISE+ पूरे सत्र उपस्थिति, CBA, ORF अनुदान एवं UC ऐप + समग्र शिक्षा सत्रांत अंक फीडिंग, परिणाम HPC, उपयोगिता प्रमाण शाला दर्पण वर्ष भर चलने वाला काम — कार्मिक प्रपत्र-10, स्टाफ उपस्थिति एवं अवकाश इनकी तिथियाँ विभागीय आदेश से कभी भी बढ़ाई या घटाई जा सकती हैं — पोर्टल की सूचना-पट्टी ही अंतिम प्रमाण है
व्यावहारिक सुझाव: विद्यालय में एक साधारण रजिस्टर या फ़ाइल बनाइए जिसमें हर पोर्टल के आगे "अंतिम बार कब काम हुआ" दर्ज हो। महीने में एक बार पाँच मिनट में उसे देख लेने से कोई तिथि नहीं छूटेगी। मासिक कार्य-सूची के लिए देखें: विद्यालय कार्य सूची

7. लॉगिन सुरक्षा — व्यावहारिक नियम

एक संस्था प्रधान के पास आधा दर्जन लॉगिन होते हैं। व्यवहार में लोग सुविधा के लिए ऐसी आदतें अपना लेते हैं जो बाद में महँगी पड़ती हैं।

आम आदत इसके बजाय
सभी पोर्टलों पर एक ही पासवर्डकम से कम व्यक्तिगत (Staff Window) और संस्थागत (School Login) पासवर्ड अलग रखें
कंप्यूटर ऑपरेटर या किसी शिक्षक को अपना Staff Window पासवर्ड देनाStaff Window व्यक्तिगत अभिलेख है — अवकाश, ACP, APAR इसी से होते हैं। यह किसी और को न दें
पासवर्ड कहीं दर्ज ही न करनासंस्थागत लॉगिन का विवरण चार्ज रजिस्टर में सुरक्षित रूप से दर्ज हो, ताकि स्थानांतरण पर हस्तांतरित हो सके
स्थानांतरण के बाद पुराना पासवर्ड वैसा ही छोड़ देनाकार्यभार ग्रहण करते ही संस्थागत पासवर्ड बदलें
किसी भी वेबसाइट पर लॉगिन डाल देनाकेवल .gov.in पर समाप्त होने वाले सरकारी पते पर ही लॉगिन करें
प्रपत्र-10 में पुरानी ईमेल आईडी छोड़े रखनाOTP इसी पते पर आता है — इसे अद्यतन रखें, वरना पासवर्ड रीसेट तक अटक जाएगा
मिलते-जुलते नाम वाली निजी वेबसाइटें: "शाला दर्पण" जैसे नामों से दर्जनों निजी वेबसाइटें मौजूद हैं, जिनमें से कई खोज परिणामों में ऊपर दिखती हैं। किसी भी गैर-सरकारी पृष्ठ पर अपना यूज़र आईडी/पासवर्ड कभी न डालें। पहचान का सरल नियम — सरकारी पता .rajasthan.gov.in या .gov.in पर समाप्त होता है। मोबाइल ऐप डाउनलोड करते समय भी प्रकाशक का नाम अवश्य जाँचें।

8. समस्या आने पर क्रम

हर पोर्टल की समस्या के लिए अलग रास्ता है। सीधे किसी अधिकारी को फोन लगाना सबसे धीमा रास्ता साबित होता है।

किस पोर्टल की समस्या सही क्रम
शाला दर्पणपहले PEEO/UCEEO लॉगिन के हेल्प डेस्क टैब से टोकन जनरेट करें, फिर आवश्यक हो तो टोकन संख्या एवं दिनांक बताकर संबंधित अनुभाग से कार्यालय समय में संपर्क करें[3]पूरी प्रक्रिया
UDISE+ब्लॉक/जिला के UDISE प्रभारी से — राज्य स्तर पर UDISE अनुभाग है
APAAR / PENआधार मिलान की समस्या विद्यालय स्तर पर; शेष के लिए विद्यार्थी संबंधी अनुभाग
पद मिसमैच / IFMS अंतरविद्यालय स्तर पर हल नहीं होता — निदेशालय (बीकानेर) का माध्यमिक अनुभाग[3]
छात्रवृत्ति / DBTराज्य प्रकोष्ठ का छात्रवृत्ति एवं DBT अनुभाग
अनुदान एवं उपयोगिता प्रमाण-पत्रजिला परियोजना समन्वयक कार्यालय — समग्र शिक्षा प्रक्रिया

9. सामान्य प्रश्न

प्र. क्या शाला दर्पण पर प्रविष्टि करने से UDISE+ अपने-आप भर जाता है?

नहीं। दोनों अलग प्रणालियाँ हैं और दोनों पर अलग-अलग कार्य करना पड़ता है। शाला दर्पण मुखपृष्ठ पर भी UDISE+ का कार्य पूर्ण करने संबंधी पृथक सूचना प्रदर्शित होती है।[1]

प्र. VSK पर विद्यालय को क्या भरना होता है?

अलग से कुछ नहीं। विद्या समीक्षा केंद्र वही डेटा दिखाता है जो शाला दर्पण एवं UDISE+ पर पहले से दर्ज है। इसीलिए मूल प्रविष्टि की शुद्धता सबसे महत्वपूर्ण है।

प्र. निजी विद्यालय किस पोर्टल पर काम करेंगे?

शाला दर्पण पर नहीं। निजी विद्यालयों के लिए शिक्षा विभाग का पृथक पोर्टल है, जिसका लिंक शाला दर्पण मुखपृष्ठ पर उपलब्ध है। हाँ, UDISE+ पर राजकीय एवं गैर-राजकीय दोनों प्रकार के विद्यालयों की सूचनाएँ संकलित होती हैं।

प्र. स्थानांतरण पर कौन से लॉगिन सौंपने होंगे?

संस्थागत लॉगिन — School/Office Login, UDISE+, तथा PEEO/UCEEO (यदि लागू हो)। व्यक्तिगत लॉगिन — Staff Window एवं दीक्षा — आपके साथ जाते हैं, सौंपे नहीं जाते।

प्र. एक ही व्यक्ति के पास इतने लॉगिन कैसे संभालें?

व्यावहारिक तरीका — संस्थागत लॉगिन का विवरण चार्ज रजिस्टर में सुरक्षित रूप से दर्ज रखें और व्यक्तिगत लॉगिन कभी साझा न करें। साथ ही एक मासिक जाँच-सूची बना लें कि किस पोर्टल पर अंतिम बार कब काम हुआ।

प्र. सबसे पहले किस पोर्टल की समय-सीमा आती है?

सामान्यतः सत्र आरंभ पर प्रवेशोत्सव एवं नामांकन, फिर UDISE+ कैलेंडर के अनुसार प्रोफाइल कार्य। किंतु कार्मिक प्रपत्र-10 जैसी समय-सीमाएँ वर्ष में कभी भी घोषित हो सकती हैं — इसीलिए पोर्टल की सूचना-पट्टी नियमित देखें।

प्र. शाला दर्पण की तकनीकी समस्या पर सबसे पहले क्या करें?

सीधे फोन नहीं। पहले संबंधित PEEO/UCEEO लॉगिन के हेल्प डेस्क टैब से "समस्या-समाधान" लिंक द्वारा टोकन जनरेट करें, फिर आवश्यक होने पर टोकन संख्या एवं दिनांक के साथ संपर्क करें।[3]

प्र. क्या पोर्टल से डाउनलोड किया दस्तावेज़ विधिक रूप से मान्य है?

शाला दर्पण स्वयं कहता है कि यहाँ की सूचनाएँ केवल सन्दर्भ एवं निगरानी हेतु हैं और विधि का कथन नहीं मानी जानी चाहिए।[1] विधिक प्रयोजन हेतु विभाग से प्रमाणित मूल अभिलेख लें।

विस्तृत गाइड — विषय के अनुसार

पोर्टल एवं प्रक्रिया

कार्मिक एवं सेवा

प्रशासन एवं अनुदान

विभागीय आदेश एवं विद्यालय संचालन

वेतन, कटौती एवं सेवा-वित्त

पोर्टल का काम और वेतन-कटौती का काम अक्सर एक ही व्यक्ति के ज़िम्मे होता है — इसलिए ये कड़ियाँ यहीं दे दी गई हैं।

विद्यार्थी एवं परीक्षा

नीति एवं विधि

सन्दर्भ

  1. एकीकृत शाला दर्पण, राजस्थान — आधिकारिक मुखपृष्ठ. उप-पोर्टल सूची (समग्र शिक्षा, ज्ञान संकल्प, निजी विद्यालय पोर्टल, शाला संवाद, विद्या समीक्षा केंद्र, मिशन बुनियाद, निर्माण, इंटर्नशिप, खेल, NMMS, ELC, नि:शुल्क पाठ्यपुस्तक, संस्कृत शिक्षा आदि); UDISE+ कार्य पूर्ण करने संबंधी सूचना; पोर्टल का अस्वीकरण; पादलेख — "ShalaDarpan I4S-Raj, Portal is designed and developed for Rajasthan Council of School Education by National Informatics Centre, Rajasthan."
  2. विद्या समीक्षा केंद्र — डिजिटल अवसंरचना आधारित निगरानी तंत्र, जो छात्र नामांकन, उपस्थिति, शैक्षणिक प्रदर्शन एवं शिक्षक प्रशिक्षण संबंधी डेटा को ट्रैक एवं विश्लेषित करता है; राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के डेटा-आधारित निर्णय दृष्टिकोण के अनुरूप।
  3. एकीकृत शाला दर्पण — "Contact Us" पृष्ठ. PEEO/UCEEO लॉगिन के हेल्प डेस्क टैब से टोकन जनरेट करने संबंधी निर्देश; राज्य प्रकोष्ठ एवं निदेशालय (बीकानेर) के अनुभागों का मॉड्यूल-वार कार्य-विभाजन; कार्यालय समय में ही संपर्क करने का निर्देश।
  4. एकीकृत शाला दर्पण — Download Formats. प्रपत्र 1 से 15 की आधिकारिक सूची।

आधिकारिक कड़ियाँ

अंतिम अद्यतन: 23 जुलाई 2026

यह पृष्ठ एक संदर्भ-मार्गदर्शिका है, आधिकारिक पोर्टल नहीं। लॉगिन एवं समस्त वास्तविक कार्य केवल संबंधित सरकारी पोर्टल पर ही करें। पोर्टलों की संरचना, समय-सीमाएँ एवं उत्तरदायी अनुभाग विभागीय आदेशों के अनुसार बदलते रहते हैं — किसी भी कार्य से पूर्व नवीनतम विभागीय निर्देश अवश्य देखें।

✍️ लेखक: सुरेंद्र सिंह चौहान
पूर्व शिक्षा अधिकारी, राजस्थान · 1991–2025 · शिक्षण, प्रशिक्षण एवं प्रशासन · परिचय
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